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UP News: कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या, बहू पर 6 लाख की सुपारी देने का आरोप, पुराने नौकर से कराई हत्या

कानपुर: शहर के पॉश रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की बहू शालू को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ससुर की रोक-टोक और खर्चों पर नियंत्रण से नाराज शालू ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को हत्या के लिए तैयार किया।
6 लाख रुपए में हत्या की सुपारी देने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार हत्या की कथित सुपारी 6 लाख रुपए में तय हुई थी। शालू पर आरोप है कि उसने ऐसे समय वारदात की योजना बनाई, जब वह पति सुब्रत और बच्चे के साथ पार्टी के लिए घर से बाहर थी। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले शालू और विशाल के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हत्या वाली रात दोनों के बीच 14 बार संपर्क हुआ। पुलिस ने कॉल डिटेल, CCTV फुटेज और अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड के बयान को जांच की अहम कड़ी माना है।
CCTV में फ्लैट में जाते दिखे थे दो आरोपी
पुलिस को अपार्टमेंट के CCTV फुटेज में दो संदिग्ध फ्लैट की ओर जाते और बाद में बाहर निकलते दिखाई दिए। इनमें पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम की पहचान हुई। पुलिस के अनुसार, विशाल पहले विनीत के यहां काम कर चुका था।रविवार देर रात पुलिस ने विशाल और राजकिशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। दोनों के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर शालू के कहने पर हत्या करने की जानकारी दी, जिसके बाद जांच की दिशा परिवार के भीतर पहुंच गई।
गार्ड के बयान से भी पुलिस को मिला सुराग
अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड के मुताबिक, दोनों संदिग्धों के आने पर उन्हें फ्लैट में जाने की अनुमति नहीं मिल रही थी। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर शालू से फोन पर बात की और शालू ने उन्हें अंदर आने देने को कहा। कुछ देर बाद शालू अपने पति और बच्चे के साथ अपार्टमेंट से निकल गई। उस समय विनीत मिनोचा फ्लैट में अकेले थे। पुलिस ने इसी घटनाक्रम को जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना।
26 चाकू के वार से हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, विनीत मिनोचा पर चाकू से कई वार किए गए। पोस्टमॉर्टम से 26 घाव सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। हमलावरों ने घर से सामान चोरी नहीं किया, जिससे शुरुआत से ही पुलिस को मामला लूट के बजाय किसी सुनियोजित हत्या का लगा।
खर्च और रोक-टोक को लेकर नाराजगी का दावा
पूछताछ में शालू ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि करोड़ों के कारोबार वाले परिवार में होने के बावजूद उसके और पति के खर्च पर ससुर का नियंत्रण था। छोटे खर्चों के लिए भी उन्हें उनसे पैसे मांगने पड़ते थे। पुलिस के सामने कथित तौर पर यह भी आया कि 28 जुलाई को देर रात पार्टी से लौटने को लेकर शालू और विनीत के बीच विवाद हुआ था। इसी के बाद हत्या की योजना बनाने का आरोप है।
पति सुब्रत की भूमिका की पुष्टि नहीं
पुलिस की शुरुआती जांच में फिलहाल शालू के पति सुब्रत की भूमिका सामने नहीं आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। पुलिस ने फिलहाल शालू और दोनों कथित हमलावरों की भूमिका पर जांच केंद्रित की है। विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से दवा कारोबार चलाते थे और उन्हें कानपुर के प्रमुख दवा कारोबारियों में गिना जाता था। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, पैसों के लेन-देन और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
ऐसे खुली हत्या की पूरी कहानी
शनिवार रात परिवार के घर से निकलने के बाद दो संदिग्ध फ्लैट में पहुंचे। विनीत के लौटने के बाद उन पर हमला किया गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। रविवार तड़के जब बेटा-बहू वापस लौटे तो विनीत का शव बेडरूम में मिला। पुलिस ने CCTV खंगाले, संदिग्धों की पहचान की और दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कथित तौर पर मिली जानकारी, कॉल डिटेल और गार्ड के बयान के आधार पर बहू की भूमिका भी जांच के घेरे में आई।
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पीलीभीत: रामलीला चंदे के विवाद में 3 की हत्या, दो सगे कारोबारी भाई और राहगीर की मौत

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में रामलीला कमेटी के चंदे को लेकर हुए विवाद में दो सगे कारोबारी भाइयों समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई। वारदात में एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हुआ है। घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों गुटों के बीच लंबे समय से रामलीला कमेटी के चंदे के हिसाब को लेकर विवाद चल रहा था।
घटना सोमवार रात करीब 9:30 बजे अमरिया थाना क्षेत्र में हुई। आरोप है कि कारोबारी भाई मोहित गुप्ता (38) और अंकित गुप्ता (30) अपने साथियों के साथ दूसरे गुट के घर पहुंचे। वहां कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान लाठी-डंडे चले और फायरिंग हुई।
गोली लगने से दोनों भाई मोहित गुप्ता और अंकित गुप्ता, उनके रिश्तेदार रोज गुप्ता (20) और वहां से गुजर रहे राहगीर कुणाल श्रीवास्तव (18) घायल हो गए। चारों को अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मोहित, अंकित और कुणाल की मौत हो गई। रोज गुप्ता का बरेली में इलाज चल रहा है।
20-22 लाख रुपये के चंदे के हिसाब पर विवाद
अमरिया कस्बे में कौशल गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता के परिवारों के बीच रामलीला कमेटी के चंदे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कौशल कमेटी के सदस्य हैं, जबकि चंद्र प्रकाश का बेटा सूरज कमेटी का अध्यक्ष है। कमेटी हर साल कस्बे में रामलीला का आयोजन कराती है।
बताया गया है कि 9 अक्टूबर को हुई कमेटी की बैठक में कौशल ने सूरज से पिछले चार साल के चंदे का हिसाब मांगा था। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
शाम को फिर हुई कहासुनी
सोमवार शाम करीब 6 बजे कस्बे में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों का फिर आमना-सामना हुआ। इस बार भी उनके बीच बहस हुई, लेकिन लोगों ने समझाकर मामला शांत करा दिया। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे चंद्र प्रकाश के भाई नरेश गुप्ता के बेटे मोहित और अंकित साथियों के साथ कौशल गुप्ता के घर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि कौशल ने अपने भाई हर्षित, चाचा संतोष गुप्ता और अन्य लोगों के साथ लाइसेंसी राइफल व तमंचों से फायरिंग की। इस दौरान लाठी-डंडे भी चले।
इलाज के दौरान तीन ने तोड़ा दम
फायरिंग में मोहित और अंकित को गोली लगी। उनके परिवार के रोज गुप्ता और वहां से गुजर रहे कुणाल श्रीवास्तव भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां अंकित और कुणाल को मृत घोषित कर दिया गया।
गंभीर रूप से घायल मोहित को बरेली रेफर किया गया, लेकिन रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। चौथे घायल रोज गुप्ता का बरेली में इलाज जारी है।
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UP Board Exam 2027: 5 फरवरी से 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, टाइमटेबल जारी

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 का टाइमटेबल जारी कर दिया है। परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी तक चलेंगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह के मुताबिक, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं एक साथ दो पालियों में कराई जाएंगी।
पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। बोर्ड की ओर से जारी विषयवार कार्यक्रम के मुताबिक, 5 फरवरी को पहली पाली में हाईस्कूल का हिंदी, प्रारंभिक हिंदी का पेपर होगा। जबकि दूसरी पाली में इंटरमीडिएट का हिंदी, सामान्य हिंदी का पेपर होगा।
वहीं, 24 फरवरी को आखिरी दिन हाईस्कूल का पहली पाली में कृषि और इंटरमीडियट का पहली पाली में कम्प्यूटर, जबकि दूसरी पाली में संस्कृत विषय का पेपर होगा।
52 लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 52,04,713 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले साल 53,37,432 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इस बार विद्यार्थियों की संख्या में 1,32,719 की कमी आई है।
फरवरी में पूरी होंगी परीक्षाएं
बोर्ड की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षाएं फरवरी में पूरी करा ली जाएंगी। टाइमटेबल में विषयवार परीक्षा की तारीखें और पालियों का विवरण दिया गया है। परीक्षार्थी अपने विषयों के अनुसार परीक्षा कार्यक्रम देखकर तैयारी कर सकते हैं।




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UP News: यूपी कांग्रेस कार्यालय में मारपीट, आराधना मिश्रा-इमरान मसूद के पदभार ग्रहण के दौरान जूते-चप्पल चले

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आराधना मिश्रा और इमरान मसूद के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और जूते-चप्पल चलने की बात सामने आई। करीब 30 मिनट तक कार्यालय में गहमागहमी बनी रही। हंगामे के बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई।
अजय राय बोले- मुझे गाली दी गई
मामला बढ़ने पर सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद मौके पर पहुंचे। प्रमोद तिवारी ने अजय राय के सामने हाथ जोड़कर उन्हें मनाने की कोशिश की। इस दौरान अजय राय ने कहा कि उन्हें गाली दी गई है। इमरान मसूद ने भी उनसे बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान अजय राय की राहुल गांधी से फोन पर बात हुई। इसके बाद वह धरने से उठकर वहां से चले गए।
ममता चौधरी से कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी और अजय राय के बीच पहले से तनातनी थी। आरोप है कि अजय राय के पार्टी कार्यालय पहुंचने पर ममता चौधरी ने उनसे वहां से चले जाने को कहा। इसके जवाब में अजय राय ने भी नाराजगी जताई। इसी दौरान उनके एक समर्थक के जूता निकालने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हंगामे में बदल गई। पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान हुए इस घटनाक्रम से पार्टी कार्यालय में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
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UP News: योगी की अखिलेश को चुनौती- अयोध्या से चुनाव लड़ो, मैं भी लड़ूंगा; बोले- आमने-सामने हो जाए मुकाबला

बलरामपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। शनिवार को बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र स्थित कालूबनकट में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कहा, “अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ें, हम भी लड़ेंगे। आमने-सामने मुकाबला हो जाए और तय हो जाए कि किसमें कितना दम है।” योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले उनसे क्या लड़ेंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान से यूपी का सियासी पारा चढ़ गया है।
अयोध्या के विकास पर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के प्रति अपनी आस्था जाहिर करते हुए कहा कि वह बार-बार अयोध्या जाते हैं। अयोध्या उनके लिए पावन धाम है और वहां विकास कार्यों में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी और मां विंध्यवासिनी धाम में हो रहे विकास कार्यों का विरोध करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन का विरोध कर रहे हैं। योगी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने पहले जय श्रीराम के उद्घोष पर रोक लगाई थी, वे आज अयोध्या के विकास पर सवाल उठा रहे हैं।
803 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 803 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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UP Cabinet: योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, जेवर एयरपोर्ट का नाम होगा नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अग्निवीरों को 20% आरक्षण

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। इनमें नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने का प्रस्ताव प्रमुख है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। । अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
इसके अलावा अग्निवीरों को राज्य के कुछ विभागों में 20% आरक्षण देने, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने और 18 शहरों में 1,725 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने जैसे फैसले भी लिए गए।
जेवर एयरपोर्ट पर 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया था। इस परियोजना के पहले चरण पर करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
योगी बोले- प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश का रिश्ता गहरा
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश का रिश्ता आत्मीय है और समय के साथ मजबूत हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि, केंद्र सरकार ने प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दी है, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति मिली है।
अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, जेल और वन विभाग में 20% आरक्षण
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि, अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, कारागार और वन विभाग में 20% आरक्षण देने का फैसला किया गया है। उन्हें उम्र सीमा में तीन साल की छूट भी मिलेगी। भर्ती प्रक्रिया में लिखित और शारीरिक परीक्षा के बिना सीधे नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
दिवाली से पहले उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर
योगी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर एक-एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस पर सरकार करीब 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि, पहला मुफ्त सिलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 के बीच दिया जाएगा। इससे योजना के पात्र लाभार्थियों को त्योहारों के दौरान राहत मिलेगी।
18 शहरों में चलेंगी 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसें
राज्य सरकार 18 शहरों में कुल 1,725 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी। इनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा शामिल हैं। बसों का संचालन निजी ऑपरेटर करेंगे, जबकि किराया सरकार तय करेगी। सरकार का उद्देश्य शहरी परिवहन को बेहतर बनाना और इलेक्ट्रिक बसों के जरिए प्रदूषण कम करने में मदद करना है।
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