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सत्य निकेतन हॉस्टल हादसा: HC ने MCD-DU को जिम्मेदार माना, मालिक गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र हॉस्टल की इमारत गिरने से हुई 7 मौतों के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि हादसे की जिम्मेदारी केवल बिल्डिंग मालिक तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। कोर्ट ने MCD, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, NHRC और दिल्ली यूनिवर्सिटी को 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि दूसरे राज्यों से दिल्ली पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें निजी PG में रहना पड़ता है। अदालत ने छात्र आवासों की खराब स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
हादसे में 7 मौतें, 12 लोगों को निकाला गया
सत्य निकेतन में दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी। इसमें लड़कों का PG चल रहा था। हादसे के बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 12 लोगों को मलबे से निकाला गया, जिनमें 7 की मौत हो गई। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में बेसमेंट में पानी जमा होने और मरम्मत कार्य को संभावित कारणों में शामिल किया गया है, हालांकि हादसे की अंतिम वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
25 घंटे बाद PG मालिक भिवाड़ी से गिरफ्तार
हादसे के बाद फरार हुए PG मालिक हरिराम गुप्ता को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए 10 टीमें लगाई थीं और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था।
पुलिस ने मामले में लापरवाही, ढांचे के रखरखाव में चूक और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इमारत में किस तरह का मरम्मत या निर्माण कार्य चल रहा था और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने MCD के 5 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। MCD ने आसपास की जर्जर इमारतों पर भी कार्रवाई शुरू की है। एक अन्य खतरनाक इमारत के मालिक को उसे गिराने के लिए नोटिस दिया गया है।
‘बाहर से आने वाले छात्रों के हॉस्टल की हालत खराब’
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली में बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टल और PG की स्थिति चिंता का विषय है। अदालत ने कहा कि छात्रों को रहने के लिए निजी PG पर निर्भर होना पड़ता है और ऐसे आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
कोर्ट ने MCD, दिल्ली सरकार, केंद्र, NHRC और DU से इस मामले में अलग-अलग जवाब मांगे हैं। अदालत के निर्देश के बाद दिल्ली में छात्र हॉस्टल और PG की सुरक्षा व्यवस्था पर व्यापक सवाल खड़े हो गए हैं।
करीब 27 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
रविवार दोपहर हादसे के बाद शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान सोमवार तक चला। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश की। खोज अभियान में स्निफर डॉग और भारी मशीनों का भी इस्तेमाल किया गया।
हादसे ने दिल्ली में छात्रों के लिए चल रहे निजी PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब हाईकोर्ट की निगरानी में होने वाली सुनवाई और जांच से यह तय होना है कि हादसे के लिए किसकी कितनी जिम्मेदारी थी।
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर 17.40 करोड़ का सोना जब्त: 89 बिस्किट के साथ बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया; 11.28 किलो की खेप बरामद

नादिया: पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF ने सोने की तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम की है। 32वीं बटालियन के जवानों ने हलदरपाड़ा बॉर्डर आउटपोस्ट के पास कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा। उसके पास से 89 सोने के बिस्किट बरामद हुए, जिनका कुल वजन करीब 11.28 किलो है। जब्त सोने की अनुमानित बाजार कीमत 17.40 करोड़ रुपये बताई गई है।
अंधेरे की आड़ में सीमा पार कराने की कोशिश
अधिकारियों के मुताबिक तस्करों ने शनिवार रात अंधेरे का फायदा उठाकर सोने की खेप भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने की कोशिश की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश की तरफ से बंडल को कंटीले तारों के ऊपर से भारतीय क्षेत्र में फेंकने की कोशिश की गई। BSF जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देख ली और तुरंत पीछा शुरू कर दिया। इसी दौरान एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ लिया गया। उसके पास मिले बंडल की तलाशी लेने पर 89 सोने के बिस्किट बरामद हुए।
11.28 किलो सोना, कीमत 17.40 करोड़
जांच में बरामद सोने का वजन 11,281.770 ग्राम यानी करीब 11.28 किलो पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक इसकी अनुमानित बाजार कीमत 17,40,21,302 रुपये है। सोना 24 कैरेट का बताया गया है। यह नादिया के भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में हाल के दिनों में सोने की तस्करी के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। इससे पहले भी 32वीं बटालियन ने इसी जिले में बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया था।
अब पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच
पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक से BSF की ओर से पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी खेप किसके इशारे पर भारत लाई जा रही थी और इसे यहां किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था।
अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि कहीं यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क से तो जुड़ा नहीं है। जब्त सोने को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जांच एजेंसियों को सौंपा गया है।
32वीं बटालियन की लगातार कार्रवाई
भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने के लिए BSF की 32वीं बटालियन ने विशेष निगरानी और एंटी-स्मगलिंग टीमों को सक्रिय किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन टीमों की लगातार गश्त और निगरानी के कारण सीमा पार से सोना लाने की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं।
नादिया में इससे कुछ दिन पहले भी 32वीं बटालियन ने 125 सोने के बिस्किट और 15.6 किलो से अधिक सोना बरामद किया था, जिसकी कीमत करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस मामले में एक महिला को हिरासत में लिया गया था।
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Delhi: सत्य निकेतन में PG की इमारत ढही, मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका; 3 रेस्क्यू

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां एक बहुमंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। इमारत में PG चल रहा था, इसलिए मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और अब तक 3 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। स्थानीय लोग भी राहत-बचाव में जुटे हैं। मलबे में कुछ वाहन भी दबे होने की जानकारी है।
PG में रह रहे थे छात्र, कितने फंसे अभी स्पष्ट नहीं
चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के समय कई छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था और यह लड़कों के लिए PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। इसके ठीक बगल की एक अन्य इमारत भी गिर गई।
मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसका अभी आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में छात्रों के दबे होने की आशंका जताई है, लेकिन रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
आसपास की इमारतें भी खाली कराईं
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास की इमारतों को खाली करा दिया है। लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में रहते हैं छात्र
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित प्रमुख छात्र इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान हैं। इसी वजह से इलाके में पूरे दिन छात्रों की आवाजाही रहती है। हादसे के बाद छात्र सुरक्षा और इमारतों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हादसे की वजह अभी साफ नहीं
फिलहाल प्रशासन की ओर से इमारत गिरने की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में इमारत में निर्माण/बेसमेंट से जुड़े काम की बात सामने आई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं। जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है, हादसे की वास्तविक स्थिति और प्रभावित लोगों की संख्या स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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बडगाम एनकाउंटर: मारा गया आतंकी यासिर निकला पाकिस्तानी, पुंछ अटैक में था शामिल, एयरफोर्स काफिले पर फायरिंग की थी

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में मारे गए आतंकी की पहचान हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, मारा गया आतंकी पाकिस्तानी नागरिक यासिर उर्फ अबु तल्हा था और वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। उसे बडगाम के अशदर गली इलाके में संयुक्त अभियान के दौरान मार गिराया गया।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से एक AK सीरीज राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं। इलाके में तलाशी अभियान जारी है और दूसरे संदिग्ध आतंकी की तलाश की जा रही है।
2024 के IAF काफिले पर हमले में भी नाम
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यासिर का नाम मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा था। इस हमले में एक IAF जवान शहीद हुआ था और अन्य जवान घायल हुए थे। यासिर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई मामलों में शामिल होने का संदेह था।
यासिर का नाम क्षेत्र में हुए अन्य आतंकी हमलों की जांच में भी सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और दूसरे लश्कर ऑपरेटिव से उसके संपर्कों की जांच कर रही हैं।
पहलगाम हमले की जांच से भी जोड़ा गया नाम
रिपोर्टों के मुताबिक यासिर उन आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ा था, जिसकी तस्वीर सुरक्षा एजेंसियों को पहले मिली थी। इस तस्वीर में चार आतंकियों के होने की बात सामने आई थी। इनमें से कुछ आतंकियों को बाद में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग ऑपरेशन में मार गिराया।
यासिर का नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जोड़े जाने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में विस्तृत भूमिका का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अशदर गली में ऐसे शुरू हुआ ऑपरेशन
सुरक्षा बलों को आतंकियों के एक संदिग्ध समूह के पुलवामा के पाखेरपोरा से बडगाम के यूसमर्ग की ओर बढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने अशदर गली इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को चुनौती दी। इसके बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। मौके से AK राइफल बरामद हुई।
ऑपरेशन में दूसरे आतंकी की तलाश जारी
सेना के मुताबिक मुठभेड़ के बाद भी इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा गया है। सुरक्षा बलों को एक और आतंकी के इलाके में छिपे होने की आशंका है। अशदर गली का इलाका पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों में है और बडगाम को पुंछ क्षेत्र से जोड़ता है। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए सर्च ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
कई महीने बाद घाटी में बड़ा एनकाउंटर
बडगाम का यह ऑपरेशन कश्मीर घाटी में कई महीनों के अंतराल के बाद हुआ प्रमुख मुठभेड़ है। इससे पहले जुलाई में शोपियां में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी को मार गिराया था।
यासिर की पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके पुराने नेटवर्क, संपर्कों और जम्मू-कश्मीर में उसकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
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Abhinandan Varthaman: पाकिस्तान का F-16 फाइटर जेट मार गिराने वाले अभिनंदन वर्धमान अब यात्री विमान उड़ाएंगे, प्राइवेट एयरलाइन FLY91 जॉइन की

नई दिल्ली: पाकिस्तान का F-16 लड़ाकू विमान मार गिराने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर की नई पारी शुरू की है। भारतीय वायुसेना छोड़कर वे क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अगस्त 2026 में एयरलाइन जॉइन की है।
अभिनंदन ने करीब 22 साल वायुसेना में सेवा देने के बाद 31 मार्च 2026 को अपनी राहें अलग कर ली थीं। अब वे सैन्य फाइटर जेट की जगह कमर्शियल यात्री विमान उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार वे फिलहाल कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। ट्रेनिंग और नियामकीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे FLY91 के ATR 72-600 विमान उड़ा सकते हैं।
हालांकि FLY91 के प्रवक्ता ने उनके कर्मचारी संबंधी व्यक्तिगत जानकारी पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अभिनंदन अगस्त में एयरलाइन से जुड़े और फिलहाल कमर्शियल उड़ानों के लिए आवश्यक ट्रेनिंग ले रहे हैं।
2019 में एक मुकाबले ने दुनिया भर में दिलाई पहचान
अभिनंदन 27 फरवरी 2019 को भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष के बाद देश-दुनिया में चर्चा में आए थे। MiG-21 Bison से उड़ान भर रहे अभिनंदन ने हवाई मुकाबले के दौरान पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया था। इसके बाद उनका विमान भी मिसाइल की चपेट में आ गया और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा।
वे पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। करीब तीन दिन बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत वापस लाया गया। इस साहसिक कार्रवाई के लिए उन्हें 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
FLY91 के बेड़े में 6 ATR विमान
FLY91 भारत की क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं। फिलहाल उसके बेड़े में छह ATR 72-600 विमान हैं। ये टर्बोप्रॉप विमान मुख्य रूप से क्षेत्रीय और अपेक्षाकृत कम दूरी के रूट पर इस्तेमाल किए जाते हैं।
एयरलाइन के प्रमुख बेस गोवा और हैदराबाद में हैं। कंपनी का फोकस क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने और छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर है।
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PM मोदी: 7.8% GDP ग्रोथ पर बोले प्रधानमंत्री- देशवासियों की मेहनत का नतीजा; गैर-जरूरी सोना न खरीदें, विदेश में शादी-हॉलिडे से भी बचें

नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की ग्रोथ दर्ज करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के लोगों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम है।
PM मोदी ने इस दौरान स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेश में शादी करने के बजाय देश में ही पर्यटन और आयोजन करने की सलाह दी।
‘कुछ लोग झूठ की गूंज से निराशा फैला रहे’
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि देश के अंदर कुछ लोग निराशा के माहौल में ‘झूठ की गूंज’ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि दुनिया में युद्ध, आर्थिक अस्थिरता और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8% की विकास दर हासिल की है। अब देश को इसी गति को बनाए रखने के साथ विकास की रफ्तार और बढ़ानी होगी।
‘विदेश जाने के बजाय भारत में ही करें खर्च’
PM मोदी ने कहा कि भारतीयों को ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी’ को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने विदेश में छुट्टियां मनाने और डेस्टिनेशन वेडिंग करने के बजाय भारत में ही पर्यटन और शादी के आयोजन को बढ़ावा देने की अपील की।
उनका कहना था कि देश के भीतर होने वाला खर्च भारतीय कारोबार, पर्यटन, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र को मजबूती देता है।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जितना अधिक जोर दिया जाएगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। उनका विश्वास है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक देश की युवा पीढ़ी को विकसित भारत सौंपा जा सकेगा।
सोना खरीदने से विदेशी मुद्रा पर क्यों पड़ता है दबाव?
भारत अपनी घरेलू सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। सोने की अंतरराष्ट्रीय खरीद के लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इसलिए सोने का आयात बढ़ने पर डॉलर की मांग भी बढ़ती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 71.98 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो एक साल पहले के 58 अरब डॉलर के मुकाबले करीब 24% ज्यादा था। हालांकि मात्रा के लिहाज से सोने का आयात 4.76% घटकर 721.03 टन रह गया। यानी सोने की कीमत बढ़ने के कारण कम मात्रा खरीदने के बावजूद आयात बिल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
कम सोना खरीदने से रुपये पर क्या असर पड़ता है?
सोने की खरीद के लिए आयातकों को डॉलर की जरूरत होती है। ऐसे में सोने का आयात कम होने पर डॉलर की मांग घट सकती है। इससे विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
यही वजह है कि मई में भी PM मोदी ने एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। उस समय उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच खर्च में सावधानी बरतने पर जोर दिया था।
रुपया मजबूत होने पर आयातित सामान सस्ता हो सकता है
भारत कच्चे तेल समेत कई जरूरी चीजों का बड़ा आयातक है। इनका भुगतान डॉलर में किया जाता है। अगर रुपये पर दबाव कम होता है और वह डॉलर के मुकाबले मजबूत रहता है तो आयात की लागत कम हो सकती है।
इसका असर ईंधन और दूसरी आयातित वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि महंगाई पर सिर्फ रुपये की कीमत का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों और अन्य आर्थिक परिस्थितियों का भी असर होता है।
सोने का आयात घटा, लेकिन बिल बढ़ गया
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 721.03 टन सोना आयात किया, जबकि 2024-25 में यह मात्रा 757.09 टन थी। यानी मात्रा में 4.76% की कमी आई।
इसके बावजूद आयात बिल 58 अरब डॉलर से बढ़कर 71.98 अरब डॉलर हो गया। इसकी प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज वृद्धि रही।
1 सितंबर 2026 को भारत में 24 कैरेट सोने का खुदरा भाव करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। इसलिए आपके मूल कंटेंट में दिया गया ‘1.43 लाख डॉलर प्रति किलो’ आंकड़ा सही यूनिट में नहीं है; उसे खबर में शामिल नहीं किया गया है।
PM मोदी की अपील का फोकस क्या है?
प्रधानमंत्री का संदेश सिर्फ सोने की खरीद तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्वदेशी, स्थानीय कारोबार और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की है।
उनके मुताबिक अगर देशवासी स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, भारत में ही घूमते हैं और घरेलू स्तर पर बड़े आयोजन करते हैं तो इसका पैसा देश की अर्थव्यवस्था में घूमेगा। इससे रोजगार और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
भारत की 7.8% GDP ग्रोथ को इसी आर्थिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए PM मोदी ने देश से विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने की अपील की है।


















