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Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न एयर कमांड की कमान

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासन को नए ढांचे में ले जाने की दिशा में बड़ा फैसला किया है। ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं।
बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में तीन नए ट्रस्टियों के नामों पर भी मुहर लगी। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में पहली बार किसी महिला को जगह मिली है।
पूर्व एयर मार्शल को मिली मंदिर के प्रशासन की कमान
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाली है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी वे इस सैन्य अभियान से जुड़े अनुभवों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी ने लंबी प्रक्रिया के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया था। इस पद के लिए हजारों आवेदन आए थे और कई चरणों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों के इंटरव्यू किए गए थे।
तीन नए ट्रस्टी कौन हैं?
महेश भागचंदका: दिल्ली के रहने वाले महेश भागचंदका को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। वे विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए जाते हैं। 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन और 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा के धार्मिक अनुष्ठानों में भी उनकी भूमिका रही थी।
मदन मोहन पांडेय: अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय को भी ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है। वह लंबे समय से राम जन्मभूमि से जुड़े कानूनी मामलों से जुड़े रहे हैं।
निर्मला यादव: शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि ट्रस्ट के गठन के बाद पहली बार किसी महिला को इसमें शामिल किया गया है।
चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट में लगातार हो रहे बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव तेज हुए हैं। इसी क्रम में जुलाई में तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। इसके बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
पहली बार CEO की नियुक्ति क्यों अहम?
राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने की संभावना है। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों की व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं जैसे कामों के लिए एक पेशेवर प्रशासनिक ढांचे की जरूरत महसूस की जा रही थी।
CEO की नियुक्ति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब ट्रस्ट के धार्मिक और नीतिगत कामों के साथ रोजमर्रा के प्रशासनिक संचालन के लिए एक समर्पित कार्यकारी व्यवस्था होगी।
जुलाई में बदला था ट्रस्ट का प्रशासनिक ढांचा
चढ़ावे से जुड़े मामले के बाद हुई बैठक में ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए थे। कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। इसके बाद CEO की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई। अब CEO और तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव पूरा होता दिखाई दे रहा है।
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पीलीभीत: रामलीला चंदे के विवाद में 3 की हत्या, दो सगे कारोबारी भाई और राहगीर की मौत

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में रामलीला कमेटी के चंदे को लेकर हुए विवाद में दो सगे कारोबारी भाइयों समेत तीन लोगों की हत्या कर दी गई। वारदात में एक रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हुआ है। घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों गुटों के बीच लंबे समय से रामलीला कमेटी के चंदे के हिसाब को लेकर विवाद चल रहा था।
घटना सोमवार रात करीब 9:30 बजे अमरिया थाना क्षेत्र में हुई। आरोप है कि कारोबारी भाई मोहित गुप्ता (38) और अंकित गुप्ता (30) अपने साथियों के साथ दूसरे गुट के घर पहुंचे। वहां कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान लाठी-डंडे चले और फायरिंग हुई।
गोली लगने से दोनों भाई मोहित गुप्ता और अंकित गुप्ता, उनके रिश्तेदार रोज गुप्ता (20) और वहां से गुजर रहे राहगीर कुणाल श्रीवास्तव (18) घायल हो गए। चारों को अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मोहित, अंकित और कुणाल की मौत हो गई। रोज गुप्ता का बरेली में इलाज चल रहा है।
20-22 लाख रुपये के चंदे के हिसाब पर विवाद
अमरिया कस्बे में कौशल गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता के परिवारों के बीच रामलीला कमेटी के चंदे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कौशल कमेटी के सदस्य हैं, जबकि चंद्र प्रकाश का बेटा सूरज कमेटी का अध्यक्ष है। कमेटी हर साल कस्बे में रामलीला का आयोजन कराती है।
बताया गया है कि 9 अक्टूबर को हुई कमेटी की बैठक में कौशल ने सूरज से पिछले चार साल के चंदे का हिसाब मांगा था। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
शाम को फिर हुई कहासुनी
सोमवार शाम करीब 6 बजे कस्बे में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों का फिर आमना-सामना हुआ। इस बार भी उनके बीच बहस हुई, लेकिन लोगों ने समझाकर मामला शांत करा दिया। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे चंद्र प्रकाश के भाई नरेश गुप्ता के बेटे मोहित और अंकित साथियों के साथ कौशल गुप्ता के घर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि कौशल ने अपने भाई हर्षित, चाचा संतोष गुप्ता और अन्य लोगों के साथ लाइसेंसी राइफल व तमंचों से फायरिंग की। इस दौरान लाठी-डंडे भी चले।
इलाज के दौरान तीन ने तोड़ा दम
फायरिंग में मोहित और अंकित को गोली लगी। उनके परिवार के रोज गुप्ता और वहां से गुजर रहे कुणाल श्रीवास्तव भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां अंकित और कुणाल को मृत घोषित कर दिया गया।
गंभीर रूप से घायल मोहित को बरेली रेफर किया गया, लेकिन रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। चौथे घायल रोज गुप्ता का बरेली में इलाज जारी है।
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UP Board Exam 2027: 5 फरवरी से 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, टाइमटेबल जारी

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 का टाइमटेबल जारी कर दिया है। परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी तक चलेंगी। बोर्ड सचिव भगवती सिंह के मुताबिक, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं एक साथ दो पालियों में कराई जाएंगी।
पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। बोर्ड की ओर से जारी विषयवार कार्यक्रम के मुताबिक, 5 फरवरी को पहली पाली में हाईस्कूल का हिंदी, प्रारंभिक हिंदी का पेपर होगा। जबकि दूसरी पाली में इंटरमीडिएट का हिंदी, सामान्य हिंदी का पेपर होगा।
वहीं, 24 फरवरी को आखिरी दिन हाईस्कूल का पहली पाली में कृषि और इंटरमीडियट का पहली पाली में कम्प्यूटर, जबकि दूसरी पाली में संस्कृत विषय का पेपर होगा।
52 लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया रजिस्ट्रेशन
यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 52,04,713 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले साल 53,37,432 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इस बार विद्यार्थियों की संख्या में 1,32,719 की कमी आई है।
फरवरी में पूरी होंगी परीक्षाएं
बोर्ड की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, परीक्षाएं फरवरी में पूरी करा ली जाएंगी। टाइमटेबल में विषयवार परीक्षा की तारीखें और पालियों का विवरण दिया गया है। परीक्षार्थी अपने विषयों के अनुसार परीक्षा कार्यक्रम देखकर तैयारी कर सकते हैं।




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UP News: यूपी कांग्रेस कार्यालय में मारपीट, आराधना मिश्रा-इमरान मसूद के पदभार ग्रहण के दौरान जूते-चप्पल चले

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आराधना मिश्रा और इमरान मसूद के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और जूते-चप्पल चलने की बात सामने आई। करीब 30 मिनट तक कार्यालय में गहमागहमी बनी रही। हंगामे के बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ बदसलूकी की गई।
अजय राय बोले- मुझे गाली दी गई
मामला बढ़ने पर सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद मौके पर पहुंचे। प्रमोद तिवारी ने अजय राय के सामने हाथ जोड़कर उन्हें मनाने की कोशिश की। इस दौरान अजय राय ने कहा कि उन्हें गाली दी गई है। इमरान मसूद ने भी उनसे बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान अजय राय की राहुल गांधी से फोन पर बात हुई। इसके बाद वह धरने से उठकर वहां से चले गए।
ममता चौधरी से कहासुनी के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेत्री ममता चौधरी और अजय राय के बीच पहले से तनातनी थी। आरोप है कि अजय राय के पार्टी कार्यालय पहुंचने पर ममता चौधरी ने उनसे वहां से चले जाने को कहा। इसके जवाब में अजय राय ने भी नाराजगी जताई। इसी दौरान उनके एक समर्थक के जूता निकालने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हंगामे में बदल गई। पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान हुए इस घटनाक्रम से पार्टी कार्यालय में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
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UP News: योगी की अखिलेश को चुनौती- अयोध्या से चुनाव लड़ो, मैं भी लड़ूंगा; बोले- आमने-सामने हो जाए मुकाबला

बलरामपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। शनिवार को बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र स्थित कालूबनकट में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कहा, “अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ें, हम भी लड़ेंगे। आमने-सामने मुकाबला हो जाए और तय हो जाए कि किसमें कितना दम है।” योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि माफिया के सामने नाक रगड़ने वाले उनसे क्या लड़ेंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान से यूपी का सियासी पारा चढ़ गया है।
अयोध्या के विकास पर भी बोले योगी
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के प्रति अपनी आस्था जाहिर करते हुए कहा कि वह बार-बार अयोध्या जाते हैं। अयोध्या उनके लिए पावन धाम है और वहां विकास कार्यों में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी और मां विंध्यवासिनी धाम में हो रहे विकास कार्यों का विरोध करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन का विरोध कर रहे हैं। योगी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने पहले जय श्रीराम के उद्घोष पर रोक लगाई थी, वे आज अयोध्या के विकास पर सवाल उठा रहे हैं।
803 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 803 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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UP Cabinet: योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, जेवर एयरपोर्ट का नाम होगा नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अग्निवीरों को 20% आरक्षण

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। इनमें नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने का प्रस्ताव प्रमुख है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। । अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
इसके अलावा अग्निवीरों को राज्य के कुछ विभागों में 20% आरक्षण देने, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने और 18 शहरों में 1,725 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने जैसे फैसले भी लिए गए।
जेवर एयरपोर्ट पर 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया था। इस परियोजना के पहले चरण पर करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
योगी बोले- प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश का रिश्ता गहरा
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश का रिश्ता आत्मीय है और समय के साथ मजबूत हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि, केंद्र सरकार ने प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दी है, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति मिली है।
अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, जेल और वन विभाग में 20% आरक्षण
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि, अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, कारागार और वन विभाग में 20% आरक्षण देने का फैसला किया गया है। उन्हें उम्र सीमा में तीन साल की छूट भी मिलेगी। भर्ती प्रक्रिया में लिखित और शारीरिक परीक्षा के बिना सीधे नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
दिवाली से पहले उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर
योगी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर एक-एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस पर सरकार करीब 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि, पहला मुफ्त सिलेंडर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 के बीच दिया जाएगा। इससे योजना के पात्र लाभार्थियों को त्योहारों के दौरान राहत मिलेगी।
18 शहरों में चलेंगी 1,725 एसी इलेक्ट्रिक बसें
राज्य सरकार 18 शहरों में कुल 1,725 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी। इनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा शामिल हैं। बसों का संचालन निजी ऑपरेटर करेंगे, जबकि किराया सरकार तय करेगी। सरकार का उद्देश्य शहरी परिवहन को बेहतर बनाना और इलेक्ट्रिक बसों के जरिए प्रदूषण कम करने में मदद करना है।
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