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Commonwealth Games 2026: भारत ने एक दिन में जीते 8 गोल्ड, बॉक्सिंग में रचा इतिहास

Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में 8 गोल्ड मेडल जीत लिए। इनमें 7 स्वर्ण पदक बॉक्सिंग और एक पैरा एथलेटिक्स से आया। इसके साथ ही भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार एक ही संस्करण में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड बना दिया।
महिला बॉक्सिंग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किए। वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली भरी।
हालांकि बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल को फाइनल में हार के बाद सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
सोमन राणा का गोल्ड, गुलवीर ने बनाया इतिहास
पैरा एथलेटिक्स की F-57 शॉटपुट स्पर्धा में सोमन राणा ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में 5000 और 10000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
ट्रिपल जंप में भी दो पदक
भारत ने पुरुष ट्रिपल जंप में भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पदकों की संख्या में और इजाफा किया।
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Commonwealth Games 2026: जैस्मिन लांबोरिया, प्रीति पवार और सोमन राणा ने जीता गोल्ड, भारत के 30 मेडल

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को भारत ने तीन और गोल्ड मेडल अपने नाम किए। बॉक्सिंग में जैस्मिन लांबोरिया और प्रीति पवार ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि पैरा शॉटपुट की F-57 कैटेगरी में सोमन राणा ने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड हासिल किया। इसके साथ ही भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या 8 और कुल पदकों की संख्या 30 हो गई है। इस प्रदर्शन के दम पर भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया है।
बॉक्सिंग के पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग में भारत के जादुमणि सिंह को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। फाइनल मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के जाई डिकसन ने हराया।
जैस्मिन और प्रीति ने बॉक्सिंग में दिलाया गोल्ड
महिला 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जैस्मिन लांबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स को हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की सवाना डोलमागो को शिकस्त देकर भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीता।
सोमन राणा का सीजन बेस्ट, शुभम को सिल्वर
पैरा शॉटपुट की F-57 कैटेगरी में सोमन राणा ने 13.40 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर गोल्ड अपने नाम किया। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। F-57 वर्ग में वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं, जबकि उनके ऊपरी शरीर की ताकत सामान्य रहती है।
ट्रिपल जंप में भी दो पदक
पुरुष ट्रिपल जंप में भारत ने दो और पदक जीते। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर हासिल किया, जबकि सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस स्पर्धा का गोल्ड जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर के जंप के साथ अपने नाम किया।
आज 7 भारतीय मुक्केबाज खेलेंगे गोल्ड मुकाबले
भारत के सात और मुक्केबाज शनिवार रात गोल्ड मेडल के लिए फाइनल मुकाबले खेलेंगे। इनमें साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90+ किग्रा) शामिल हैं।
प्रीति और जैस्मिन का शानदार रिकॉर्ड
हरियाणा की प्रीति पवार 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने 2022 एशियन चैंपियनशिप और 2023 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज, जबकि 2026 एशियन चैंपियनशिप और 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीता था।
वहीं जैस्मिन लांबोरिया मौजूदा समय में 57 किलोग्राम वर्ग की दुनिया की नंबर-1 बॉक्सर हैं। वह 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत के लिए खेल चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीत चुकी हैं। 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में भी उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया था।
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ICC Rankings: वैभव सूर्यवंशी की 230 पायदान की छलांग, पहली बार टॉप-50 में पहुंचे; शुभमन गिल बने ODI के नंबर-1 बल्लेबाज

ICC Rankings: आईसीसी की ताजा रैंकिंग में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी-20 इंटरनेशनल बल्लेबाजों की सूची में 230 स्थान की लंबी छलांग लगाई है। 536 रेटिंग अंक के साथ वह पहली बार दुनिया के 48वें नंबर के बल्लेबाज बन गए हैं। वैभव ने हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन मैचों में 151 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुने गए।
शुभमन गिल बने वनडे के नंबर-1 बल्लेबाज
वनडे रैंकिंग में भारतीय कप्तान शुभमन गिल दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए हैं। टॉप-4 बल्लेबाजों में तीन भारतीय शामिल हैं। विराट कोहली दूसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर हैं।
ईशान किशन टी-20 में नंबर-1 पर कायम
टी-20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में ईशान किशन 910 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी-20 में 29 रन बना ने के कारण उनके 6 रेटिंग अंक कम हुए हैं। इसके बावजूद उन्होंने नंबर-1 की कुर्सी बरकरार रखी है। ईशान इससे पहले 916 रेटिंग अंक तक पहुंचे थे, जो विराट कोहली (909) और सूर्यकुमार यादव (912) के करियर के सर्वश्रेष्ठ टी-20 रेटिंग अंकों से भी अधिक है।
बुमराह टेस्ट में नंबर-1, वरुण टी-20 गेंदबाजों के टॉप-10 में
टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज बने हुए हैं। वहीं टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में राशिद खान पहले, अबरार अहमद दूसरे और आदिल राशिद तीसरे स्थान पर हैं। भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती टॉप-10 में जगह बनाने वाले इकलौते गेंदबाज हैं।
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Commonwealth Games 2026: छत्तीसगढ़ की बेटी का कमाल, ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता सिल्वर

रायपुर: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का पांचवां और वेटलिफ्टिंग में चौथा पदक दिलाया।
स्नैच में बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड
23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी ने 88 किलोग्राम स्नैच उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 103, 107 और अंतिम प्रयास में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस स्पर्धा का गोल्ड नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर जीता। उन्होंने नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी बनाया।
ज्ञानेश्वरी बोलीं- पहला कॉमनवेल्थ, पहला पदक
सिल्वर मेडल जीतने के बाद ज्ञानेश्वरी ने कहा कि यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। उनका लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक जीतना था, जिसे उन्होंने हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता बेहद कड़ी थी और सभी खिलाड़ी मजबूत थीं, इसलिए स्वर्ण पदक नहीं मिल सका, लेकिन रजत पदक जीतकर वह बेहद खुश हैं।
PM मोदी और CM साय ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्ञानेश्वरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है और उनकी सफलता देश के युवाओं को प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राजनांदगांव की बेटी ने विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ और भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक के रूप में सेवा दे रहीं ज्ञानेश्वरी का समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
23 जुलाई से 2 अगस्त तक चल रहे हैं गेम्स
कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 का आयोजन स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक हो रहा है।
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FIFA World Cup 2026: 16 साल बाद फिर विश्व विजेता बना स्पेन, अर्जेंटीना को 1-0 से हराया, फेरन टोरेस ने किया निर्णायक गोल

FIFA World Cup 2026: स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैच का एकमात्र गोल फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में किया। स्पेन ने इससे पहले वर्ष 2010 में पहली बार विश्व कप जीता था। तब उसने फाइनल में नीदरलैंड को हराया था।
105 मिनट तक मार्टिनेज ने बचाई अर्जेंटीना
फाइनल में अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने शानदार प्रदर्शन किया। स्पेन ने पूरे मुकाबले में लगातार हमले किए, लेकिन मार्टिनेज ने एक के बाद एक बेहतरीन बचाव कर टीम को मैच में बनाए रखा। हालांकि, एक्स्ट्रा टाइम में निको विलियम्स के हेडर से मिली गेंद को फेरन टोरेस ने गोल में बदल दिया और स्पेन को बढ़त दिला दी। यही गोल अंत में निर्णायक साबित हुआ।
मेरिनो से चूका आसान मौका
103वें मिनट में स्पेन के मिकेल मेरिनो के पास लगभग खाली गोल में गेंद डालने का मौका था, लेकिन उनका हेडर बाहर चला गया। इसके तीन मिनट बाद निको विलियम्स ने फिर शानदार मूव बनाया और फेरन टोरेस ने गोल कर इतिहास रच दिया।
मेसी पर भारी पड़े यमाल
फाइनल को दो पीढ़ियों की टक्कर माना जा रहा था। एक ओर अनुभवी लियोनेल मेसी थे, जबकि दूसरी ओर युवा स्टार लामिन यमाल। स्पेन के मिडफील्ड और डिफेंस ने मेसी को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। वहीं यमाल लगातार अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाते रहे।
एम्बाप्पे बने गोल्डन बूट विजेता
फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट जीता। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
ड्रॉ से शुरुआत, ट्रॉफी पर खत्म हुआ सफर
स्पेन ने विश्व कप अभियान की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए सऊदी अरब, उरुग्वे, ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम और फ्रांस जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई और आखिरकार ट्रॉफी भी जीत ली।
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FIFA World Cup 2026: आज तय होगा फुटबॉल का नया बादशाह, वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला रविवार देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे शुरू होगा। दोनों टीमें विश्व कप में करीब 60 साल बाद आमने-सामने होंगी। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगा। वहीं स्पेन की नजर 2010 के बाद दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने पर होगी।
मेसी बनाम यमाल पर रहेगी नजर
फाइनल की सबसे बड़ी चर्चा लियोनेल मेसी और लामिन यमाल की टक्कर को लेकर है। करीब 19 साल पहले बार्सिलोना के एक चैरिटी फोटोशूट में युवा मेसी ने तीन महीने के यमाल को गोद में उठाया था। आज वही यमाल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने बचपन के उस आइकन के खिलाफ विश्व कप फाइनल खेलेंगे।
गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी आगे
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी टूर्नामेंट में अब तक 8 गोल और 4 असिस्ट कर गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। दूसरी ओर स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल 5 गोल के साथ टीम के सबसे सफल स्कोरर हैं, जबकि 19 वर्षीय लामिन यमाल अपने शानदार ड्रिब्लिंग प्रदर्शन से पूरे टूर्नामेंट में छाए रहे हैं।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर
दोनों टीमों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं। स्पेन और अर्जेंटीना ने 6-6 मैच जीते, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। विश्व कप में दोनों की अब तक सिर्फ एक भिड़ंत हुई थी, जिसमें 1966 में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था।
लगातार सात जीत के साथ फाइनल में अर्जेंटीना
अर्जेंटीना ने इस विश्व कप में लगातार 7 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है। टीम ने अब तक टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 19 गोल किए हैं। वहीं स्पेन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2010 के बाद पहली बार फाइनल का टिकट हासिल किया है।
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