ख़बर यूपी / बिहार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोतीगंज का नाम क्या लिया, कार्रवाई हुई और तेज, 25 पर एक साथ लगेगा गैंगस्टर एक्ट

मेरठ: प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा एक्सप्रेस वे के शिलान्यास के मौके पर शनिवार को मेरठ के सोतीगंज का जिक्र करते हुए चोरी का वाहन खरीदने वाले कबाड़ियों पर योगी सरकार की कार्रवाई की तारीफ की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई और भी तेज कर दी है। पुलिस अब 25 वाहन चोरों और कबाड़ियों पर एक साथ गैंगस्टर की तैयारी कर चुकी है। इनकी फाइल तैयार हो चुकी है और जल्द गैंगस्टर लगा दी जाएगी। मेरठ एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सोतीगंज के वाहन चोरों और कबाड़ियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पांच माह पहले अभियान शुरू किया था। वाहनों चोरों और कबाड़ियों की धरपकड़, इनकी प्रॉपर्टी की जांच, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीट की कार्रवाई समेत पुराने चोरी के मामलों में इंजन रिकवर करते हुए आरोपी बनाने का काम शुरू किया गया। जिसके चलते चोरी की गाड़ियों के कटने के लिए मशहूर बाजार अब अंतिम सांसें गिन रहा है।
मेरठ के सोतीगंज का कबाड़ मार्केट अब बंद हो चुका है। चोरी के वाहन और पार्ट्स खरीदने में 100 कबाड़ियों के नाम सामने आए हैं। इन्हें हाल ही में नोटिस दिए और इनके खिलाफ जांच की जा रही है। इनकी प्रॉपर्टी से लेकर तमाम जानकारी पुलिस जुटा रही है। पुलिस ने हाजी गल्ला, इकबाल कबाड़ी, मन्नू कबाड़ी और जीशान पव्वा के खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई की थी। इन सभी आरोपियों की करीब 40 करोड़ की प्रॉपर्टी को कुर्क किया था। अभी भी इन आरोपियों की बेनामी प्रॉपर्टी की तलाश जारी है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: यूपी में मिड-डे मील रसोइयों का मानदेय बढ़ा, अब हर महीने मिलेंगे ₹3 हजार, 3.53 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा

लखनऊ: योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले रसोइयों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने उनका मासिक मानदेय ₹2 हजार से बढ़ाकर ₹3 हजार कर दिया है। यानी रसोइयों को हर महीने ₹1 हजार ज्यादा मिलेंगे। इस फैसले का फायदा उत्तर प्रदेश के 3 लाख 53 हजार से ज्यादा रसोइयों को मिलेगा। मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को योगी सरकार ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी है।
योगी सरकार में तीसरी बार बढ़ा मानदेय
योगी सरकार के कार्यकाल में रसोइयों का मानदेय लगातार तीसरी बार बढ़ाया गया है।
- 2019: ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह
- अप्रैल 2022: ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह
- अगस्त 2026: ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह
रसोइयों को इसके अलावा हर साल ₹500 यूनिफॉर्म और ₹400 दस्तानों के लिए भी दिए जाते हैं।
5 साल से नहीं बढ़ा था मानदेय
प्रदेश में करीब 3.53 लाख रसोइए हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण इलाकों में काम करती है। उनका मानदेय पिछले 5 साल से नहीं बढ़ाया गया था और वे लगातार बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।
क्या होता है कैबिनेट बाई सर्कुलेशन?
कैबिनेट बाई सर्कुलेशन में किसी प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए औपचारिक कैबिनेट बैठक जरूरी नहीं होती। प्रस्ताव की फाइल मंत्रियों के पास भेजी जाती है और उनकी सहमति के बाद फैसला मंजूर किया जाता है।
महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश में भी राहत
सरकार ने महिला कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रसूति अवकाश से जुड़ी 2 साल की बाध्यता भी खत्म कर दी है। अब दो प्रसूति अवकाश के बीच 2 साल का अंतर अनिवार्य नहीं होगा। पहले महिला कर्मचारियों को दूसरे प्रसूति अवकाश के लिए पहले अवकाश के बाद 2 साल का अंतर पूरा करना जरूरी था। अब इस शर्त को हटा दिया गया है।
ये प्रस्ताव भी मंजूर हुए
- विधानमंडल के मानसून सत्र के सत्रावसान को मंजूरी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तिरंगा अभियान के तहत लगाए गए 3 करोड़ झंडों का खर्च राज्य वित्त आयोग से वहन करने की मंजूरी।
- शहरी क्षेत्रों में लगाए गए 1 करोड़ झंडों के खर्च को भी राज्य वित्त आयोग से वहन करने की मंजूरी।
ख़बर बिहार
अशोकधाम भगदड़ की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: बिजली का पोल गिरना और कमजोर बैरिकेडिंग हादसे की मुख्य वजह

लखीसराय: बिहार के लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ मामले में जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में बिजली का पोल गिरने और कमजोर बैरिकेडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।ADM नीरज कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने करीब 7 बिंदुओं पर जांच के बाद अपनी रिपोर्ट डीएम शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया बिजली विभाग और भवन प्रमंडल की लापरवाही सामने आई है।
पोल गिरते ही मची अफरा-तफरी, बढ़ता गया भीड़ का दबाव
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। इससे भीड़ का दबाव तेजी से बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग कमजोर थी, जो बढ़ते दबाव को संभाल नहीं सकी। इसी वजह से हालात बिगड़ गए और भगदड़ की स्थिति बन गई।
बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना
जांच टीम ने प्रथम दृष्टया हादसे के लिए बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना है। रिपोर्ट में पोल गिरने और बैरिकेडिंग की मजबूती को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में हादसे के दौरान भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर कोई बड़ी जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। हालांकि, भगदड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में रही।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: यूपी में देर रात 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदले, संभल के SP केके बिश्नोई को बिजनौर भेजा; 23 नए IPS को भी मिली पहली पोस्टिंग

लखनऊ: योगी सरकार ने गुरुवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया। 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए गए हैं। मेरठ के SSP अविनाश पांडेय को पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। उनकी जगह झांसी के SP बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP बनाया गया है। वहीं, सुल्तानपुर की SP चारू निगम को हटाकर UP-112 में SP की जिम्मेदारी दी गई है। संभल के चर्चित SP केके बिश्नोई को बिजनौर की कमान सौंपी गई है। उनकी जगह विकास चंद्र त्रिपाठी संभल के नए SP होंगे।
9 जिलों में पुलिस कप्तानों का फेरबदल
- मेरठ: बीबीजीटीएस मूर्ति बने SSP, अविनाश पांडेय पुलिस मुख्यालय से अटैच।
- सुल्तानपुर: चारू निगम को UP-112 भेजा गया, विनीत जायसवाल नए SP।
- गोंडा: बिजनौर के SP अभिषेक को कमान।
- बिजनौर: केके बिश्नोई नए SP।
- संभल: विकास चंद्र त्रिपाठी को जिम्मेदारी।
- झांसी: बलरामपुर के SP विकास कुमार को भेजा गया।
- बलरामपुर: मार्तंड प्रकाश सिंह नए SP बनाए गए।
मेरठ की कमान संभालेंगे बीबीजीटीएस मूर्ति
बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। उनकी गिनती तेजतर्रार और ईमानदार छवि वाले अधिकारियों में होती है। अब उन्हें मेरठ जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की कमान दी गई है।
हाथरस कांड के दौरान सुर्खियों में आए थे विनीत जायसवाल
2014 बैच के IPS अधिकारी विनीत जायसवाल को गोंडा से सुल्तानपुर भेजा गया है। वह हाथरस कांड के दौरान SP रहते हुए सुर्खियों में आए थे। वह करीब 2 साल 8 महीने तक गोंडा में तैनात रहे। विनीत मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं और कंप्यूटर साइंस से B.Tech कर चुके हैं।
केके बिश्नोई संभालेंगे बिजनौर की कमान
2018 बैच के IPS अधिकारी केके बिश्नोई को संभल से बिजनौर भेजा गया है। कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों में सख्त रुख उनकी पुलिसिंग की पहचान रही है। राजस्थान के रहने वाले केके बिश्नोई 24 साल की उम्र में IPS बने थे। उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से मास्टर डिग्री भी की है।
विकास चंद्र त्रिपाठी बने संभल के नए SP
विकास चंद्र त्रिपाठी हाल ही में प्रमोशन पाकर PPS से IPS बने हैं। अभी वह बाराबंकी में ASP की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें संभल जिले की कमान सौंपी गई है।
अभिषेक को गोंडा, विकास कुमार को झांसी
2015 बैच के IPS अधिकारी अभिषेक को बिजनौर से गोंडा भेजा गया है। उनकी गिनती तेजतर्रार अधिकारियों में होती है। वहीं, 2017 बैच के IPS अधिकारी विकास कुमार को बलरामपुर से झांसी भेजा गया है। वह बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं और B.Tech हैं।
मार्तंड प्रकाश सिंह संभालेंगे बलरामपुर
मार्तंड प्रकाश सिंह साल 2000 में PPS अधिकारी बने थे। हाल ही में प्रमोशन के बाद वह IPS बने हैं। अब उन्हें बलरामपुर का SP नियुक्त किया गया है।
इससे पहले 23 नए IPS अधिकारियों को मिली पहली पोस्टिंग
पुलिस कप्तानों के तबादले से पहले गुरुवार शाम करीब 6 बजे 23 नए IPS अधिकारियों को रेगुलर पोस्टिंग दी गई। इनमें 2023 बैच के 12 और 2024 बैच के 11 अधिकारी शामिल हैं। सभी अधिकारी हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लौटे हैं। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में ASP और ACP के पद पर तैनात किया गया है।
IITian दिनेश गोदारा अयोध्या में ASP बने
2023 बैच के IPS अधिकारी दिनेश गोदारा को अयोध्या भेजा गया है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 150वीं रैंक हासिल की थी। राजस्थान के बीकानेर जिले के नगरासर गांव के रहने वाले दिनेश ने IIT गुवाहाटी से केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में B.Tech किया है।
शुभम जैन वाराणसी, सृष्टि जैन अलीगढ़ भेजी गईं
दिल्ली के रहने वाले शुभम जैन को वाराणसी में तैनाती मिली है। वहीं, मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली सृष्टि जैन को अलीगढ़ भेजा गया है। सृष्टि जैन ट्रेनिंग के दौरान जौनपुर में सेवाएं दे चुकी हैं।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: लखनऊ में SBI अफसर ने पत्नी और बहन को गोली मारी, फिर खुद भी कर लिया सुसाइड

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में SBI के एक फील्ड ऑफिसर ने गुरुवार को पहले अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद 2 किमी दूर घर पहुंचकर बहन को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंच पूरे मामले की जांच शुरू कर रही है।
वारदात गोमतीनगर थाना क्षेत्र की है। आरोपी मानस बाजपेई कार से ICICI बैंक पहुंचा था। उसने फोन कर पत्नी दिव्या मिश्रा को बैंक से बाहर बुलाया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, इसके बाद मानस ने दिव्या को गोली मार दी और वहां से भाग गया।
पत्नी की हत्या के बाद मानस सीधे हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने घर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर के अंदर जाने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई। पड़ोसी पहुंचे और दरवाजा तोड़ा तो अंदर मानस और उसकी बहन सीबा की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। कमरे में टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चल रही थी।
सुसाइड से पहले लगाया था WhatsApp स्टेटस
पुलिस के मुताबिक, मानस ने घटना से पहले WhatsApp पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया था और खुद तथा अपनी बहन को मारने की बात लिखी थी। उसने दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव का भी स्टेटस में जिक्र किया था।
पत्नी ने एक साल पहले तलाक के लिए कोर्ट में अपील की थी
दिव्या मिश्रा (33) ICICI बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थीं। उनकी शादी करीब 12 साल पहले मानस बाजपेई (35) से हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं थी। दिव्या ने करीब एक साल पहले मानस से तलाक के लिए कोर्ट में अपील दायर की थी। इसके बाद वह आलमबाग में अलग रह रही थीं।
मानस SBI की इंजीनियरिंग कॉलेज ब्रांच में फील्ड ऑफिसर था। वह हुसड़िया चौराहे के पास किराए के मकान में अपनी बहन सीबा (28) के साथ रहता था। मानस के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मानस की बहन सीबा मानसिक रूप से बीमार थीं।
दिव्या, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं
दिव्या मिश्रा, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं। प्रज्ञा ‘उल्टा चश्मा’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती हैं। उनके पति भरत यादव भी यूट्यूब से जुड़े हैं। प्रज्ञा और भरत ने 26 फरवरी 2020 को लव मैरिज की थी।
ख़बर बिहार
Bihar: ओपन स्कूलिंग बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर के घर EOU की रेड, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

पटना/बेगूसराय: बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार सुबह छापेमारी की। पटना स्थित घर से 30 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं, जबकि बेगूसराय के ठिकाने से 4.50 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।
EOU की कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। अजय कुमार सिंह पर आय से करीब 90% अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने करीब 3.43 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है। पटना और बेगूसराय में उनके तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी चल रही है।
पटना के घर से ज्वेलरी, लैंड डीड और निवेश के दस्तावेज मिले
EOU की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पटना के खाजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड पर चंद्रतारा भवन पहुंची और तलाशी शुरू की। छानबीन के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा कीमती ज्वेलरी, जमीन के दस्तावेज और करोड़ों रुपए के निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह छापेमारी के दौरान घर पर ही मौजूद बताए गए। टीम ने घर के सभी हिस्सों की तलाशी ली। बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्र में भी जांच की गई।
बेगूसराय में पैतृक घर और भाई की दुकान की भी जांच
बेगूसराय में EOU के करीब 10 अधिकारी तीन गाड़ियों से भारी पुलिस बल के साथ सुबह करीब 8:30 बजे साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक घर पहुंचे। इसके बाद टीम का एक हिस्सा पचवीर स्थित उनके भाई धर्मेंद्र सिंह की बालू-सीमेंट दुकान पर भी पहुंचा। वहां करीब एक घंटे तक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद अधिकारी फिर परोरा गांव स्थित पैतृक आवास पहुंच गए, जहां तलाशी जारी रही।
आलीशान कोठियों और संपत्ति की भी जांच
छापेमारी के दौरान पटना और बेगूसराय में अजय कुमार सिंह से जुड़ी आलीशान संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि बेगूसराय स्थित कोठी का निर्माण उनकी नौकरी लगने के बाद कराया गया था। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बलिया के एसडीओ, साहेबपुर कमाल के बीडीओ और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। परोरा गांव में छापेमारी की खबर फैलते ही अजय कुमार सिंह के घर के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। सुरक्षा कारणों से लोगों को घर के पास जाने से रोका गया।
ख़बर छत्तीसगढ़12 hours agoIGKV परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र, CM साय ने कहा- परीक्षाओं की शुचिता से समझौता नहीं, 5 सदस्यीय जांच समिति बनी; FIR भी दर्ज
ख़बर उत्तरप्रदेश1 hour agoUP News: यूपी में मिड-डे मील रसोइयों का मानदेय बढ़ा, अब हर महीने मिलेंगे ₹3 हजार, 3.53 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा




















