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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव: अमित शाह ने 36 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से किया सम्मानित

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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 36 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित करने का दृश्य

छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण 2026: नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश की 36 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, शिक्षा, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मान प्रदान किया गया।

राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ की लोककला, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक विकास में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को पहचान मिली। सम्मानित होने वालों में कलाकार, लेखक, पत्रकार, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाएं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट व्यक्ति शामिल हैं।

जानिए, किसे कौन-सा राज्य अलंकरण मिला

राज्य सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, 36 राज्य अलंकरणों के सम्मानित व्यक्तियों और संस्थाओं का विवरण इस प्रकार है:

सामाजिक सेवा, जनजातीय उत्थान और महिला सशक्तिकरण

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1. शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान: आदिवासी सामाजिक चेतना और उत्थान के लिए धमतरी के डुमन लाल ध्रुव।
2. यति यतनलाल सम्मान: अहिंसा और गोरक्षा के क्षेत्र में कार्य के लिए दुर्ग की विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी।
3. मिनीमाता सम्मान: महिला उत्थान और जनजागृति के लिए गरियाबंद की लोक आस्था सेवा संस्थान (सुश्री लता नेताम)।
4. गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान: कबीरधाम के सुखचंद भास्कर।
5. पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान: सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए बिलासपुर की तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान।
6. महाराजा अग्रसेन सम्मान: सामाजिक समरसता के लिए रायगढ़ के बाबूलाल अग्रवाल।
7. डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा पुरस्कार: आदिवासी सेवा और आर्थिक उत्थान के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर (श्री सी. श्रीनिवास यंगम)।
8. छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान: सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए दंतेवाड़ा की दीपाली सरावगी।
9. माता बहादुर कलारिन सम्मान: महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष और नारी उत्थान के लिए कांकेर की बुलबुल बैदया।
10. संत रविदास सम्मान: सामाजिक समरसता, साहित्य और काव्य के लिए बालोद के जगदीश प्रसाद देशमुख।
साहित्य, पत्रकारिता और भाषा
11. पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान: हिंदी साहित्य के लिए रायगढ़ के डॉ. बिहारीलाल साहू।
12. चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी प्रिंट मीडिया): रायपुर के प्रमोद कुमार साहू।
13. चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया): रायपुर के बरुण सखाजी और रसिका पांडेय को संयुक्त रूप से।
14. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार: अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के लिए रायपुर के शिशिर रॉय चौधरी।
15. राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा पुरस्कार: रायपुर के डॉ. बहुरन सिंह पटेल।
16. लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार: आंचलिक साहित्य और लोक कविता के लिए दुर्ग के दुर्गा प्रसाद पारकार।
17. पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान: रचनात्मक लेखन और हिंदी भाषा के लिए गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय।
18. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान: विधि के क्षेत्र में योगदान के लिए दिल्ली के कौस्तुभ शुक्ला और रायपुर के हेमन्त कुमार मिश्र को संयुक्त रूप से।
कला, संस्कृति, संगीत और सिनेमा
19. हबीब तनवीर सम्मान: समकालीन रंगकर्म और हिंदी, छत्तीसगढ़ी सहित अन्य भाषा के नाटकों के लिए रायपुर के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर।
20. चक्रधर सम्मान: शास्त्रीय संगीत और नृत्य के लिए रायपुर के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति।
21. दाऊ मंदराजी सम्मान: लोक नाट्य और लोक शिल्प के लिए रायपुर की रेखा जलक्षत्री।
22. किशोर साहू सम्मान: हिंदी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय और निर्माण के लिए रायपुर के सैयद ताहिर अली (करन खान)।
23. लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान: छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए दुर्ग की साधना यादव।
24. देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार: पंथी नृत्य के लिए रायपुर जिले के आरंग के सी.एल. रात्रे।
25. खुमान साव सम्मान: छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के लिए रायपुर के चंद्रभूषण वर्मा।
26. किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण: हिंदी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए रायपुर के मोहन सुंदरानी।
27. डॉ. तीज़न बाई सम्मान: पंडवानी कला के लिए दुर्ग जिले के पाहंदा के चेतन लाल देवांगन।
खेल, कृषि, सहकारिता और अन्य क्षेत्र
28. गुण्डाधूर सम्मान: खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा की संजू देवी।
29. महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान: खेल, विशेषकर तीरंदाजी के लिए बालोद के टोमन कुमार।
30. ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार: सहकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए बस्तर की प्राथमिक कुडुक मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट (श्री धनसिंह बघेल)।
31. डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार: कृषि के लिए कबीरधाम के पुन्नीदास भट्ट।
32. धन्वन्तरि सम्मान: आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा, शोध और अनुसंधान के लिए धमतरी के डॉ. दिनेश कुमार नाग।
33. श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार: मछली पालन के लिए बालोद के प्रदीप कुमार सोनी।
34. स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार: श्रम क्षेत्र में योगदान के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह, सीमेंट वर्क्स, सरकीपार।
35. पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान: अपराध अनुसंधान के लिए रायपुर के उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव।
36. चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार: ग्रामीण पर्यटन के लिए कबीरधाम के सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय ‘सन्नी’।
राज्य की प्रतिभाओं और संस्थाओं को मिला सम्मान

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भिलाई में BSP के 3,946 आवासधारियों को राहत, किराया 75% तक घटा; अब 6 रुपए प्रति वर्गफीट

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर भिलाई इस्पात संयंत्र के आवासों का किराया घटाने का निर्णय

भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की टाउनशिप में रहने वाले हजारों परिवारों को आवास किराए में बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल के बाद बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का किराया घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह कर दिया है। इस फैसले से करीब 3,946 आवासधारियों को लाभ मिलने का अनुमान है।

बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने 2 नवंबर 2026 को संशोधित आदेश जारी किया। नई दर के अनुसार दोनों श्रेणियों के संबंधित आवासों का किराया अब समान होगा। रिटेंशन श्रेणी के आवासधारियों को 75 प्रतिशत और थर्ड पार्टी श्रेणी के लोगों को 25 प्रतिशत की राहत मिलेगी। खासतौर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह फैसला राहत भरा है।

24 रुपए से घटकर 6 रुपए हुआ रिटेंशन आवास का किराया

नई व्यवस्था से पहले रिटेंशन स्कीम के तहत आवास का किराया 24 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह था। अब इसे घटाकर 6 रुपए कर दिया गया है। इससे किराए में सीधे 75 प्रतिशत की कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर, 500 वर्गफीट के आवास का किराया पहले 12 हजार रुपए प्रतिमाह था। नई दर लागू होने के बाद यह घटकर 3 हजार रुपए रह जाएगा। यानी आवासधारी को हर महीने 9 हजार रुपए और सालभर में 1 लाख 8 हजार रुपए की बचत होगी।

थर्ड पार्टी आवासधारियों को भी 25% की राहत

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थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का किराया पहले 8 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह था। इसे घटाकर 6 रुपए कर दिया गया है। इससे इस श्रेणी के आवासधारियों को 25 प्रतिशत की राहत मिलेगी। दोनों श्रेणियों के लिए एक समान किराया दर लागू होने से आवास किराए की व्यवस्था में भी एकरूपता आएगी।

3,946 आवासधारियों को मिलेगा लाभ

बीएसपी प्रबंधन के संशोधित आदेश से कुल 3,946 आवासधारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। इनमें शामिल हैं:

  • रिटेंशन श्रेणी के 1,158 आवास।
  • थर्ड पार्टी श्रेणी के 2,788 आवास।

सेवानिवृत्ति के बाद सीमित पेंशन या अन्य आय पर निर्भर रहने वाले कर्मचारियों के लिए बढ़ा हुआ किराया आर्थिक परेशानी का कारण बन रहा था। नई दर लागू होने से इन परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक के बाद जारी हुआ आदेश

आवास किराए में बढ़ोतरी का मुद्दा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उठाया गया था। बैठक में रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों की अलग-अलग किराया दरों और उनसे प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति पर चर्चा हुई।

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मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य आवासधारियों की समस्याओं को देखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने पर जोर दिया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चर्चा हुई और किराया दरों में संशोधन पर सहमति बनी।

पुराने किराए की भी होगी पुनर्गणना

बीएसपी के संशोधित आदेश में नई किराया दर को पूर्व प्रभाव से लागू करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत संबंधित अवधि के किराए की दोबारा गणना की जा सकेगी।

जिन आवासधारियों ने पहले निर्धारित अधिक दर पर किराया जमा किया है, उनकी अतिरिक्त राशि का समायोजन विभागीय निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। यह संशोधित व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक अंतरिम राहत के रूप में प्रभावी रहेगी।

मुख्यमंत्री से मिले सेवानिवृत्त कर्मचारी और थर्ड पार्टी संघ के पदाधिकारी

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इस फैसले के बाद 3 नवंबर को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक ललित चंद्राकर और रिकेश सेन सहित दुर्ग-भिलाई के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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महादेव सट्टा ऐप का आरोपी सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, 4 नवंबर को CBI की स्पेशल कोर्ट में होगा पेश

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महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के आरोपी सौरभ चंद्राकर को CBI टीम ओमान से भारत लाने के बाद रायपुर पहुंची
(Pics Source: CBI)

रायपुर: सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण के बाद 1 नवंबर को भारत लाया गया था। इसके बाद सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने CBI की मांग पर उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी को 4 नवंबर 2026 या उससे पहले रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाए।

प्रत्यर्पण की शर्तों पर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष का कहना था कि भारत की ओर से ओमान को भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि CBI के मामले को मंजूरी नहीं दी गई थी।

वकील ने दलील दी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत सौरभ पर उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है। उन्होंने इसे प्रत्यर्पण के नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि CBI उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती।

यह दलील प्रत्यर्पण कानून के डॉक्ट्रिन ऑफ स्पेशियलिटी यानी प्रत्यर्पित व्यक्ति पर उन्हीं अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के सिद्धांत से जुड़ी है, जिनके लिए प्रत्यर्पण मंजूर हुआ हो।

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CBI ने कहा- रायपुर की अदालत तय करेगी मुकदमे का अधिकार क्षेत्र

CBI की ओर से अदालत में कहा गया कि सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत पहले ही ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। एजेंसी ने यह भी दलील दी कि ED और CBI के मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं।

CBI के मुताबिक, दिल्ली की अदालत के सामने फिलहाल सवाल आरोपी को रायपुर की विशेष अदालत तक ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड देने का था। प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत CBI के मामले में उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं, इस पर फैसला रायपुर की विशेष अदालत करेगी।

दिल्ली कोर्ट ने भी कहा कि प्रत्यर्पण की शर्तों और उनके कानूनी प्रभाव से जुड़े सवालों पर रायपुर की विशेष अदालत ही निर्णय लेगी। अदालत ने बचाव पक्ष की आपत्ति के बावजूद दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी।

13 FIR की जांच CBI को सौंपी गई थी

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महादेव ऑनलाइन बुक ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। CBI ने जांच के दौरान दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की है।

इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है। ED सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दाखिल कर चुकी है।

पैनल और बैंक खातों के जरिए सट्टे का नेटवर्क चलाने का आरोप

CBI के मुताबिक, महादेव बुक ऐप को सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने मिलकर प्रमोट किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि ऑनलाइन क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और दूसरे खेलों पर सट्टा लगाने के लिए अलग-अलग पैनल और ब्रांच बनाए गए थे।

आरोप है कि इन पैनलों के जरिए यूजर्स से सट्टे की रकम जुटाई जाती थी। रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाकर विदेश भेजा जाता था। CBI की जांच में UAE और हवाला नेटवर्क के जरिए पैसे के लेन-देन की बात भी सामने आई है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि सट्टे से मिली रकम का एक हिस्सा सरकारी कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में दिया जाता था।

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CM विष्णुदेव साय ने CBI को दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर के भारत लाए जाने पर CBI और केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूछताछ से महादेव सट्टा ऐप के नेटवर्क और कथित प्रोटेक्शन मनी के लेन-देन से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आएंगे।

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महादेव सट्टा ऐप का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, CM साय बोले- पूछताछ में खुलेंगे कई राज

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महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के आरोपी सौरभ चंद्राकर के भारत प्रत्यर्पण से जुड़ी तस्वीर
image source- @ANI

रायपुर: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के प्रमुख आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष टीम उसे रविवार को भारत लेकर पहुंची। सोमवार को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में महादेव सट्टा ऐप के अवैध कारोबार, उसके पूरे नेटवर्क और कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी प्राप्त करने वाले लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।

रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में पकड़ा गया था

CBI के अनुसार, इंटरपोल की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने सौरभ चंद्राकर को तलाश कर हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतीय जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के साथ ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे।

भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। CBI की विशेष टीम उसे भारत लेकर आई है। मेडिकल जांच और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

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दो CBI मामलों और ED केस में आरोपी

सौरभ चंद्राकर के खिलाफ दो CBI मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल है। CBI ने महादेव ऑनलाइन बुक मामले की जांच छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर अपने हाथ में ली थी।

जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क विदेश से संचालित होने वाला बड़ा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और अन्य आयोजनों पर सट्टा लगाया जाता था। देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं के माध्यम से यूजर्स को जोड़ा जाता था और उनसे दांव की रकम जमा कराई जाती थी।

म्यूल खातों और हवाला के जरिए रकम विदेश भेजने का आरोप

CBI की जांच में आरोप है कि सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजा गया। एजेंसी का यह भी आरोप है कि इस रकम का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में दिया जाता था, ताकि अवैध कारोबार बिना बाधा चलता रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इसी पहलू का उल्लेख करते हुए कहा कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित तौर पर किन लोगों को प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी।

ED ने 1,700 करोड़ की संपत्तियां अटैच की थीं

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में ED भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी ने मार्च 2026 में इस मामले में दुबई और नई दिल्ली स्थित 20 अचल संपत्तियों को अटैच किया था। ED के अनुसार, इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,700 करोड़ रुपये था। इनमें दुबई की कई लग्जरी संपत्तियां भी शामिल थीं।

पूछताछ से नेटवर्क और पैसों के लेनदेन पर मिल सकती है जानकारी

सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद अब जांच एजेंसियों की पूछताछ पर नजर है। इससे कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन, पैसों के लेनदेन, विदेशी ठिकानों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच आगे बढ़ सकती है। हालांकि, इन आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

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नवा रायपुर के आसमान में सारंग टीम का जलवा, पांच हेलीकॉप्टरों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, 2 नवंबर को होगा मुख्य एयर शो

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नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के सेंध लेक का आसमान भारतीय वायु सेना के शौर्य और उड़ान कौशल का गवाह बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल देखी। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, आकाशगंगा टीम की स्काईडाइविंग और गरुड़ कमांडोज के साहसिक प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया।

हवाई प्रदर्शन के दौरान आसमान में तिरंगे की फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। सारंग टीम के कॉकपिट से ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का उद्घोष भी सुनाई दिया।

आकाशगंगा टीम ने पैराशूट से दिखाई सटीक लैंडिंग

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने की। टीम के जवानों ने ऊंचाई से छलांग लगाकर पैराशूट के जरिए निर्धारित स्थान पर उतरने का प्रदर्शन किया। हवा में पैराशूट को नियंत्रित करते हुए उनकी सटीक लैंडिंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

गरुड़ कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से किया स्लिदरिंग प्रदर्शन

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इसके बाद गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया। जवानों ने रस्सियों के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरकर रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का अभ्यास दिखाया। इस प्रदर्शन में विशेष बलों की तत्परता, समन्वय और कठिन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता की झलक देखने को मिली।

पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन ने दर्शकों को किया रोमांचित

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में सारंग टीम का प्रदर्शन रहा। टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने एक साथ उड़ान भरकर अलग-अलग फॉर्मेशन और हवाई करतब दिखाए।

हेलीकॉप्टरों के क्रॉसओवर करतब, एक-दूसरे के करीब से गुजरने और फिर निर्धारित फॉर्मेशन में लौटने के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित किया। पायलटों के बीच सटीक तालमेल और हेलीकॉप्टरों पर नियंत्रण प्रदर्शन का खास हिस्सा रहा।

कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’

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प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने कॉकपिट से ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ कहकर प्रदेशवासियों का अभिवादन किया। इस उद्घोष पर दर्शकों ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी।

हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन के बीच तिरंगे की रंगत वाली आकर्षक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। इस दृश्य ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की अनुभूति कराई।

मुख्यमंत्री ने कहा- अनुशासन और टीम भावना का उदाहरण है सारंग

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वायु सेना के जवानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन अनुशासन, आपसी विश्वास, टीम भावना और उत्कृष्टता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इन करतबों के पीछे कठिन प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास, एकाग्रता और सटीक समन्वय होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने की कामना की।

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2 नवंबर को होगा मुख्य एयर शो

फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन होगा। राज्योत्सव के दौरान होने वाला यह कार्यक्रम दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। उल्लेखनीय है कि सारंग टीम पांच हेलीकॉप्टरों के साथ एयरोबेटिक प्रदर्शन करती है। टीम जर्मनी, ब्रिटेन, मॉरीशस, रूस और मिस्र सहित कई देशों में अपने हवाई करतब दिखा चुकी है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधि, वायु सेना के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

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PM मोदी का CM विष्णु देव साय को पत्र: छत्तीसगढ़ की संस्कृति, बस्तर में बदलाव और विकास योजनाओं का किया उल्लेख

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छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखे पत्र का प्रतीकात्मक दृश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के साथ अपने पुराने जुड़ाव, राज्य की सांस्कृतिक विरासत, बस्तर में आए बदलाव और विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री ने पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इस फैसले से प्रदेश के लाखों लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाएं पूरी हुईं और विकास की नई यात्रा शुरू हुई।

सरगुजा से बस्तर तक की यात्राओं को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि संगठन के दिनों से ही उनका प्रदेश से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें यहां आने के कई अवसर मिले। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर तक की यात्राओं में उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और जनजीवन को करीब से समझा।

उन्होंने प्रदेश की सरलता, सहजता, मेहनत और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को प्रेरणादायक बताया। पिछले वर्ष राज्य की रजत जयंती के अवसर पर अपने छत्तीसगढ़ दौरे और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण का भी उल्लेख किया।

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बस्तर में बदलाव और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों की पहचान नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में होती थी, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई संभावनाएं उभर रही हैं।

उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग का उल्लेख करते हुए बस्तर में आए बदलाव की सराहना की। प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों का भी जिक्र किया।

रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में आधुनिक अधोसंरचना और परिवहन सुविधाओं के विस्तार को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। पत्र के अनुसार, प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का भी उल्लेख किया गया।

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उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय कम हुआ है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे भविष्य में व्यापार, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा दे सकते हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य में चार आधुनिक हवाई अड्डों के नेटवर्क का भी उल्लेख किया।

73 लाख परिवारों को अनाज, 22 लाख से अधिक आवासों का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। पत्र में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों के निर्माण, 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचने और करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिलने की जानकारी दी गई। उन्होंने लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया।

25 लाख से अधिक किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की बात

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

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दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में कृषि को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया।

महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ

प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और परिवार तथा समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।

शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों पर जोर

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रदेश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और करियर के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। पत्र में पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर जोर देने की बात भी कही गई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने का उल्लेख किया गया।

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नवा रायपुर को तकनीक और निवेश के केंद्र के रूप में देखा

प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने इंडिया एआई मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप तकनीक आधारित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। पत्र में फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं का उल्लेख किया गया। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट को भी प्रदेश की औद्योगिक पहचान से जोड़ा गया।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को बताया देश की धरोहर

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए इसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास की जन्मभूमि बताया। उन्होंने कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा, लोककलाओं, लोकभाषाओं और जनजातीय परंपराओं को देश की सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पत्र में पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी का भी विशेष उल्लेख किया गया।

‘अंजोर विजन’ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा

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पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर विजन’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की विकास यात्रा और गति पकड़ेगी तथा छत्तीसगढ़ अपनी उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश के सभी नागरिकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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