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चक्रवात अर्नब: फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी राहत, CM साय ने कलेक्टरों को दिए सर्वे के निर्देश

रायपुर: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सर्वेक्षण और राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिले और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
RBC 6-4 के तहत मिलेगी सहायता राशि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए हैं कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द से जल्द आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नुकसान का आकलन करने से लेकर सहायता राशि किसानों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें।
कलेक्टरों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में वास्तविक फसल नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि सहायता के पात्र किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाताओं के हितों की रक्षा करना और संकट की घड़ी में उन्हें हरसंभव सहयोग देना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है।
चक्रवात से धान की फसलों को हुआ नुकसान
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के कारण धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अब जिला स्तर पर होने वाले सर्वेक्षण से फसल क्षति की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसके आधार पर निर्धारित नियमों के तहत पात्र किसानों को सहायता राशि दी जाएगी।
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चक्रवात अर्नब: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CM साय से की बात, छत्तीसगढ़ के हालात की ली जानकारी

रायपुर: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फोन पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में मौसम और चक्रवात से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य में बारिश हो रही है, लेकिन अब तक कहीं से बाढ़ या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। उन्होंने प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार भी जताया।
अमित शाह ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की चर्चा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की परेशानी कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
गृह मंत्री के मुताबिक, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने और अतिरिक्त सहायता की जरूरत तय करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भी भेजी जाएंगी।
प्रदेश में स्थिति पर प्रशासन की नजर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन मौसम की स्थिति और बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय किया जा रहा है। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए लोगों को भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान देने की जरूरत है।
केंद्र सरकार ने राहत कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया
केंद्र सरकार ने चक्रवात प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। केंद्रीय टीमों के जरिए नुकसान और अतिरिक्त सहायता की जरूरत का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की सहायता तय की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क है।
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Chhattisgarh: सूरजपुर को ₹232 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, CM साय ने किए 117 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने 24.29 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 208.20 करोड़ रुपये की लागत वाले 54 कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए 2.70 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा भी की। इसमें मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक करीब दो किलोमीटर बीटी सड़क निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सरगुजा सहित हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से खेद भी जताया।
जल संरक्षण के 2,212 कार्यों पर खर्च होंगे ₹130.56 करोड़
जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर जिले की उपलब्धि की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला इस अभियान में छत्तीसगढ़ में पहले और देश में चौथे स्थान पर है। उन्होंने जिले के नागरिकों, कलेक्टर और प्रशासनिक टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र और भूजल स्तर में गिरावट के बीच जल संरक्षण की अहमियत बढ़ गई है। सूरजपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े 2,212 कार्यों पर 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में सुधार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाना है।
₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का जिक्र
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्रों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों और पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख किया।
महतारी वंदन और प्रधानमंत्री जनमन योजना पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों को पक्के आवास और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और सेवा सेतु से घर बैठे सेवाओं का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और सेवा सेतु के जरिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सरकारी सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए ‘अंजोर विजन 2047’ तैयार किया है। इसका लक्ष्य प्रदेश के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है।
मंत्रियों ने भी गिनाईं विकास की प्राथमिकताएं
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायतों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं तथा गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने सूरजपुर जिले को विकास कार्यों की सौगात मिलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय, भरत सिंह सिसोदिया, विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव; बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, घरेलू बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और बिजली बिल में राहत की अवधि बढ़ाने का निर्णय प्रमुख है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026, पर्यटन विकास मिशन और नई रेल परियोजना को लेकर भी मंजूरी दी गई।
15 नवंबर से होगी धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव
राज्य सरकार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर 2026 से किसानों से धान खरीदेगी। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जाएगी।
किसानों को पंजीयन प्रक्रिया में राहत देते हुए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान बेचने के लिए मान्य किया गया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। एग्रीस्टैक में पंजीयन होने के कारण धान विक्रय के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
धान के रकबे का निर्धारण डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किया जाएगा। वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी।
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान के नीलामी के माध्यम से निराकरण संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया।
बिजली बिल में राहत 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान यानी एम-ऊर्जा योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत जारी रहेगी। साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। इस फैसले से करीब 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को योजना के तहत मिलने वाली राहत का लाभ जारी रहने की उम्मीद है।
सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को कैशलेस इलाज
मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च पहले अपनी जेब से चुकाकर बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन तथा डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।
इस व्यवस्था से गंभीर बीमारी और आपातकाल में कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के साथ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
सड़क निर्माण के लिए डामर पर 230 करोड़ रुपये तक की राहत
बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सरकार ने सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का फैसला किया है।
छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक वास्तव में खरीदी और उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर 130.88 करोड़ रुपये की राहत बजट अनुदान के रूप में दी जाएगी।
वहीं, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण के उन अनुबंधों में, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पहले प्राप्त हुई थीं, 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक खरीदे और उपयोग किए गए डामर पर भी राहत मिलेगी। इस मद में लगभग 70 से 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का अनुमान है।
सरकार के अनुसार, इस निर्णय से लंबित डामरीकरण कार्यों को गति देने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।
पांच साल में 500 करोड़ रुपये का अधोसंरचना मिशन
प्रदेश में सड़क और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की योजना, तैयारी, गुणवत्ता और निगरानी बेहतर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ की गाइडलाइंस को मंजूरी दी गई है। यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल चलेगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये यानी हर साल 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
लोक निर्माण विभाग मिशन का नोडल विभाग होगा, जबकि छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी। मिशन में सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान, डेटा आधारित जरूरतों का आकलन, परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले से तैयार करना, GIS आधारित नियोजन, डिजिटल कार्य निगरानी, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर दिया जाएगा।
पर्यटन विकास मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को भी मंजूरी दी गई है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के उद्देश्य से यह मिशन अगले पांच वर्षों तक संचालित होगा और इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
मिशन के तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,000 करोड़ रुपये है। इसमें 25 प्रतिशत यानी करीब 2,000 करोड़ रुपये अंशपूंजी के रूप में प्रस्तावित हैं। इसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। राज्य की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, जिला खनिज न्यास (DMF) और राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी।
परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की उम्मीद है।
1000 करोड़ रुपये या अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को प्रोत्साहन
मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है।इसका उद्देश्य राज्य के कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करना है।
पांच सरकारी परिसंपत्तियों का PPP मॉडल पर पुनर्विकास
रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इनमें दुर्ग का शासकीय पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज का वेटरनरी अस्पताल परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन और रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती का बुधवारी बाजार और धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि शामिल हैं।
इन परियोजनाओं का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जर्जर परिसंपत्तियों का नियोजित पुनर्विकास, भूमि का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
राजनांदगांव में भंडारण और फल प्रसंस्करण को बढ़ावा
कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे जिले में कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। किसानों से सीधे फल खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके तहत 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है।
नगर पंचायत कूंरा का नाम अब कुंवरगढ़
मंत्रिपरिषद ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। सरकार के अनुसार, कुंवरगढ़ अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन मंदिरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इस ऐतिहासिक नाम को दोबारा स्थापित करने की मांग कर रहे थे।
राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ मामले वापस लेने की अनुमति
कैबिनेट ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगे की कार्रवाई की अनुमति दी है।
अन्य प्रमुख फैसले
कृषि और भंडारण: राजनांदगांव में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी।
फल प्रसंस्करण: सोमनी में लगभग 400 करोड़ रुपये की प्रस्तावित मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी।
प्रशासनिक व्यवस्था: सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय में तीन नए पदों के सृजन को मंजूरी-आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ का एक-एक पद।
कैबिनेट के इन फैसलों में किसानों को धान बिक्री की सुविधा, घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत, सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार और प्रदेश में सड़क, रेल, पर्यटन तथा औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
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छत्तीसगढ़: प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ को लेकर हाई अलर्ट, 5 जिलों में विशेष सतर्कता

रायपुर: छत्तीसगढ़ में संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 27 से 29 अक्टूबर तक सभी जिलों के कलेक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण बस्तर के बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य बातें
- 27 से 29 अक्टूबर तक अलर्ट: सभी जिलों के कलेक्टरों को तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश।
- दक्षिण बस्तर पर विशेष नजर: पांच जिलों में तेज हवाओं और बारिश की आशंका के मद्देनजर सतर्कता।
- 7 एसडीआरएफ टीमें तैयार: आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात रहने की तैयारी।
- राहत शिविरों की व्यवस्था: स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, परिवहन और संचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश।
- शून्य जनहानि का लक्ष्य: लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर जोर।
कैबिनेट सचिव ने मुख्य सचिवों से की वीडियो कॉन्फ्रेंस
संभावित चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सोमवार को नई दिल्ली से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने राज्यों को चक्रवात के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम करने और प्रभावी चेतावनी प्रणाली बनाए रखने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ की ओर से मंत्रालय महानदी भवन से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दक्षिण बस्तर में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
राज्य में सात एसडीआरएफ टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं। होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीमें भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन को गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी करने और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाने के उपाय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बिजली, सड़क और संचार व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, बिजली के खंभों, पेड़ों और असुरक्षित संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। पेड़ गिरने से सड़कें बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल हटाने की व्यवस्था की जाए। बिजली और दूरसंचार सेवाएं प्रभावित होने पर वैकल्पिक इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं।
होर्डिंग्स और अन्य कमजोर संरचनाओं की स्थिति का आकलन करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि तेज हवाओं के दौरान दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
शून्य जनहानि के लक्ष्य पर सरकार का जोर
कैबिनेट सचिव ने चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने पेड़ों के गिरने, दीवारें ढहने और यातायात के दौरान लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
राज्य शासन ने सभी विभागों और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा है, ताकि संभावित आपात स्थिति में लोगों को समय पर सहायता मिल सके और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।
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Durg News: पिकअप के सीक्रेट चेंबर से मिले ₹4 करोड़ कैश, 2 लोग हिरासत में

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक बोलेरो मैक्स पिकअप से ₹4 करोड़ नकद बरामद किए हैं। रकम वाहन के पिछले हिस्से में बनाए गए सीक्रेट चेंबर में छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने पिकअप में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल नकदी के मालिक, उसके स्रोत और रकम नागपुर ले जाने के उद्देश्य का पता नहीं चल पाया है।
मामला खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा का है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नकदी रायपुर के भनपुरी स्थित जीडी ट्रांसपोर्ट से लोड की गई थी और इसे नागपुर ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि रकम किसी ट्रांसपोर्टर की हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
वाहन जांच के दौरान पकड़ी गई पिकअप
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद खुर्सीपार पुलिस ने वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान रायपुर से नागपुर जा रही सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप (CG 04 QU 5996) को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पिछले हिस्से में बदलाव नजर आया। यह हिस्सा इस तरह बंद किया गया था कि अंदर रखी वस्तुएं बाहर से दिखाई नहीं दे रही थीं।
बारीकी से जांच करने पर पुलिस को एक गुप्त चेंबर मिला। इसे खोलने पर अंदर नकदी रखी मिली। गिनती के बाद कुल ₹4 करोड़ बरामद होने की जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी रकम वाहन में छिपाकर ले जाने को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पिकअप में सवार दो लोग हिरासत में
पुलिस के अनुसार, वाहन में भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे सवार थे। डाभी पिकअप चला रहा था। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किसकी है, इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था और नकदी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
मामले की जानकारी आयकर विभाग को भेजे जाने की बात कही गई है। अब नकदी के स्रोत, संभावित वित्तीय लेनदेन और रकम से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वाहन में सीक्रेट चेंबर कब और किसने बनवाया था। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि नकदी कहां से आई थी और उसे किस उद्देश्य से नागपुर ले जाया जा रहा था। फिलहाल नकदी के मालिक और उसके स्रोत की पुष्टि नहीं हुई है।
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