Connect with us

ख़बर छत्तीसगढ़

महादेव सट्टा ऐप का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया, CM साय बोले- पूछताछ में खुलेंगे कई राज

Published

on

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के आरोपी सौरभ चंद्राकर के भारत प्रत्यर्पण से जुड़ी तस्वीर
image source- @ANI

रायपुर: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के प्रमुख आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष टीम उसे रविवार को भारत लेकर पहुंची। सोमवार को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में महादेव सट्टा ऐप के अवैध कारोबार, उसके पूरे नेटवर्क और कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी प्राप्त करने वाले लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।

रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में पकड़ा गया था

CBI के अनुसार, इंटरपोल की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने सौरभ चंद्राकर को तलाश कर हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतीय जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के साथ ओमान को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे।

भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। CBI की विशेष टीम उसे भारत लेकर आई है। मेडिकल जांच और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

Advertisement

दो CBI मामलों और ED केस में आरोपी

सौरभ चंद्राकर के खिलाफ दो CBI मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल है। CBI ने महादेव ऑनलाइन बुक मामले की जांच छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर अपने हाथ में ली थी।

जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क विदेश से संचालित होने वाला बड़ा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और अन्य आयोजनों पर सट्टा लगाया जाता था। देशभर में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाओं के माध्यम से यूजर्स को जोड़ा जाता था और उनसे दांव की रकम जमा कराई जाती थी।

म्यूल खातों और हवाला के जरिए रकम विदेश भेजने का आरोप

CBI की जांच में आरोप है कि सट्टेबाजी से जुटाई गई रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन में घुमाया गया और फिर हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजा गया। एजेंसी का यह भी आरोप है कि इस रकम का एक हिस्सा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में दिया जाता था, ताकि अवैध कारोबार बिना बाधा चलता रहे।

Advertisement

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इसी पहलू का उल्लेख करते हुए कहा कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित तौर पर किन लोगों को प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी और इस पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी।

ED ने 1,700 करोड़ की संपत्तियां अटैच की थीं

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में ED भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है। एजेंसी ने मार्च 2026 में इस मामले में दुबई और नई दिल्ली स्थित 20 अचल संपत्तियों को अटैच किया था। ED के अनुसार, इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,700 करोड़ रुपये था। इनमें दुबई की कई लग्जरी संपत्तियां भी शामिल थीं।

पूछताछ से नेटवर्क और पैसों के लेनदेन पर मिल सकती है जानकारी

सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद अब जांच एजेंसियों की पूछताछ पर नजर है। इससे कथित सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन, पैसों के लेनदेन, विदेशी ठिकानों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच आगे बढ़ सकती है। हालांकि, इन आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

Advertisement

Continue Reading
Advertisement

ख़बर छत्तीसगढ़

नवा रायपुर के आसमान में सारंग टीम का जलवा, पांच हेलीकॉप्टरों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, 2 नवंबर को होगा मुख्य एयर शो

Published

on

नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के सेंध लेक का आसमान भारतीय वायु सेना के शौर्य और उड़ान कौशल का गवाह बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल देखी। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, आकाशगंगा टीम की स्काईडाइविंग और गरुड़ कमांडोज के साहसिक प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया।

हवाई प्रदर्शन के दौरान आसमान में तिरंगे की फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। सारंग टीम के कॉकपिट से ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का उद्घोष भी सुनाई दिया।

आकाशगंगा टीम ने पैराशूट से दिखाई सटीक लैंडिंग

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने की। टीम के जवानों ने ऊंचाई से छलांग लगाकर पैराशूट के जरिए निर्धारित स्थान पर उतरने का प्रदर्शन किया। हवा में पैराशूट को नियंत्रित करते हुए उनकी सटीक लैंडिंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

गरुड़ कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से किया स्लिदरिंग प्रदर्शन

Advertisement

इसके बाद गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया। जवानों ने रस्सियों के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरकर रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का अभ्यास दिखाया। इस प्रदर्शन में विशेष बलों की तत्परता, समन्वय और कठिन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की क्षमता की झलक देखने को मिली।

पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन ने दर्शकों को किया रोमांचित

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में सारंग टीम का प्रदर्शन रहा। टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने एक साथ उड़ान भरकर अलग-अलग फॉर्मेशन और हवाई करतब दिखाए।

हेलीकॉप्टरों के क्रॉसओवर करतब, एक-दूसरे के करीब से गुजरने और फिर निर्धारित फॉर्मेशन में लौटने के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित किया। पायलटों के बीच सटीक तालमेल और हेलीकॉप्टरों पर नियंत्रण प्रदर्शन का खास हिस्सा रहा।

कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’

Advertisement

प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने कॉकपिट से ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ कहकर प्रदेशवासियों का अभिवादन किया। इस उद्घोष पर दर्शकों ने उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी।

हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन के बीच तिरंगे की रंगत वाली आकर्षक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। इस दृश्य ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की अनुभूति कराई।

मुख्यमंत्री ने कहा- अनुशासन और टीम भावना का उदाहरण है सारंग

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वायु सेना के जवानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन अनुशासन, आपसी विश्वास, टीम भावना और उत्कृष्टता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इन करतबों के पीछे कठिन प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास, एकाग्रता और सटीक समन्वय होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने की कामना की।

Advertisement

2 नवंबर को होगा मुख्य एयर शो

फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन होगा। राज्योत्सव के दौरान होने वाला यह कार्यक्रम दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। उल्लेखनीय है कि सारंग टीम पांच हेलीकॉप्टरों के साथ एयरोबेटिक प्रदर्शन करती है। टीम जर्मनी, ब्रिटेन, मॉरीशस, रूस और मिस्र सहित कई देशों में अपने हवाई करतब दिखा चुकी है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधि, वायु सेना के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

PM मोदी का CM विष्णु देव साय को पत्र: छत्तीसगढ़ की संस्कृति, बस्तर में बदलाव और विकास योजनाओं का किया उल्लेख

Published

on

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखे पत्र का प्रतीकात्मक दृश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के साथ अपने पुराने जुड़ाव, राज्य की सांस्कृतिक विरासत, बस्तर में आए बदलाव और विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री ने पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इस फैसले से प्रदेश के लाखों लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाएं पूरी हुईं और विकास की नई यात्रा शुरू हुई।

सरगुजा से बस्तर तक की यात्राओं को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि संगठन के दिनों से ही उनका प्रदेश से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें यहां आने के कई अवसर मिले। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर तक की यात्राओं में उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और जनजीवन को करीब से समझा।

उन्होंने प्रदेश की सरलता, सहजता, मेहनत और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को प्रेरणादायक बताया। पिछले वर्ष राज्य की रजत जयंती के अवसर पर अपने छत्तीसगढ़ दौरे और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण का भी उल्लेख किया।

Advertisement

बस्तर में बदलाव और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान का जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों की पहचान नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में होती थी, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई संभावनाएं उभर रही हैं।

उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग का उल्लेख करते हुए बस्तर में आए बदलाव की सराहना की। प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों का भी जिक्र किया।

रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में आधुनिक अधोसंरचना और परिवहन सुविधाओं के विस्तार को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। पत्र के अनुसार, प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं का भी उल्लेख किया गया।

Advertisement

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय कम हुआ है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे भविष्य में व्यापार, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा दे सकते हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य में चार आधुनिक हवाई अड्डों के नेटवर्क का भी उल्लेख किया।

73 लाख परिवारों को अनाज, 22 लाख से अधिक आवासों का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। पत्र में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों के निर्माण, 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचने और करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिलने की जानकारी दी गई। उन्होंने लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया।

25 लाख से अधिक किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की बात

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

Advertisement

दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में कृषि को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया गया।

महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ

प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और परिवार तथा समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।

शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों पर जोर

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रदेश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और करियर के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। पत्र में पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर जोर देने की बात भी कही गई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने का उल्लेख किया गया।

Advertisement

नवा रायपुर को तकनीक और निवेश के केंद्र के रूप में देखा

प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने इंडिया एआई मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप तकनीक आधारित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। पत्र में फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं का उल्लेख किया गया। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट को भी प्रदेश की औद्योगिक पहचान से जोड़ा गया।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को बताया देश की धरोहर

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए इसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास की जन्मभूमि बताया। उन्होंने कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा, लोककलाओं, लोकभाषाओं और जनजातीय परंपराओं को देश की सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पत्र में पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी का भी विशेष उल्लेख किया गया।

‘अंजोर विजन’ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा

Advertisement

पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर विजन’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की विकास यात्रा और गति पकड़ेगी तथा छत्तीसगढ़ अपनी उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेश के सभी नागरिकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक दिखेगी संस्कृति और विकास की झलक

Published

on

नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला, शिल्प, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

राज्य स्तरीय आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होगा। राज्योत्सव का शुभारंभ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। 2 नवंबर को राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे, जबकि 3 नवंबर को समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे।

2 नवंबर को सेंध लेक पर सारंग टीम का एयर शो

राज्योत्सव का प्रमुख आकर्षण 2 नवंबर को सुबह 11 बजे नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में होने वाला भारतीय वायुसेना का एयर शो होगा। वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम पांच स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ हवाई करतब दिखाएगी। टीम के पायलट सामूहिक उड़ान के जरिए विभिन्न हवाई संरचनाओं और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे।

ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। मोर से प्रेरित रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और उनका सटीक तालमेल दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगा।

Advertisement

विकास प्रदर्शनियों में योजनाओं और उपलब्धियों की झलक

राज्योत्सव परिसर में विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें शासन की प्रमुख योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रदेश में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां भी लगेंगी।

शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों के हुनर को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

तीनों दिन होंगी सांस्कृतिक संध्याएं

राज्योत्सव में प्रतिदिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

Advertisement

1 नवंबर: पार्श्व गायिका पलक मुच्छल

2 नवंबर: पार्श्व गायिका स्वस्ति मेहुल

3 नवंबर: पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य

स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शाम 4 बजे, राज्य स्तरीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शाम 7 बजे और राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां रात 8 बजे से होंगी।

सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को आयोजन

Advertisement

नवा रायपुर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव मनाया जाएगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय कला, प्रतिभाओं, सरकारी योजनाओं और जिलों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया जाएगा याद

छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुआ था। राज्योत्सव के दौरान राज्य निर्माण में उनके योगदान को याद किया जाएगा। इस वर्ष की थीम के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक विरासत, विकास की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है।

Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

चक्रवात अर्नब: फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी राहत, CM साय ने कलेक्टरों को दिए सर्वे के निर्देश

Published

on

चक्रवात अर्नब से फसल नुकसान के बाद किसानों के लिए सर्वेक्षण और राहत सहायता के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश।

रायपुर: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सर्वेक्षण और राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिले और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।

RBC 6-4 के तहत मिलेगी सहायता राशि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए हैं कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द से जल्द आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नुकसान का आकलन करने से लेकर सहायता राशि किसानों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें।

कलेक्टरों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश

Advertisement

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में वास्तविक फसल नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि सहायता के पात्र किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाताओं के हितों की रक्षा करना और संकट की घड़ी में उन्हें हरसंभव सहयोग देना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है।

चक्रवात से धान की फसलों को हुआ नुकसान

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के कारण धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अब जिला स्तर पर होने वाले सर्वेक्षण से फसल क्षति की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसके आधार पर निर्धारित नियमों के तहत पात्र किसानों को सहायता राशि दी जाएगी।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर छत्तीसगढ़

चक्रवात अर्नब: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CM साय से की बात, छत्तीसगढ़ के हालात की ली जानकारी

Published

on

चक्रवात अर्नब के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बीच फोन पर बातचीत को दर्शाता समाचार ग्राफिक

रायपुर: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फोन पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में मौसम और चक्रवात से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य में बारिश हो रही है, लेकिन अब तक कहीं से बाढ़ या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। उन्होंने प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार भी जताया।

अमित शाह ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की परेशानी कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

गृह मंत्री के मुताबिक, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने और अतिरिक्त सहायता की जरूरत तय करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भी भेजी जाएंगी।

Advertisement

प्रदेश में स्थिति पर प्रशासन की नजर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन मौसम की स्थिति और बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय किया जा रहा है। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए लोगों को भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान देने की जरूरत है।

केंद्र सरकार ने राहत कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया

केंद्र सरकार ने चक्रवात प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। केंद्रीय टीमों के जरिए नुकसान और अतिरिक्त सहायता की जरूरत का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की सहायता तय की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क है।

Advertisement
Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending