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उज्जैन के होटल में चैंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत, बचाव के लिए उतरे दो अन्य की तबीयत बिगड़ी

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शनिवार रात चैंबर में सफाई के लिए उतरे चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। उन्हें बचाने के लिए चैंबर में उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी में चैंबर के भीतर जहरीली गैस की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, सफाई के दौरान एक के बाद एक चार लोग चैंबर के भीतर फंस गए। सूचना मिलने पर माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।
कटर मशीन से काटना पड़ा चैंबर का गेट
चैंबर का गेट खोलने में परेशानी होने पर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटर मशीन मंगवाई। इसकी मदद से गेट काटकर बचाव अभियान चलाया गया। चैंबर के फर्श पर काफी फिसलन होने के कारण रेस्क्यू टीम को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
पांचवां सफाईकर्मी भी चैंबर में गया, घबराहट होने पर लौटा
चार लोगों के अंदर फंसने के बाद हेमराज नाम का पांचवां सफाईकर्मी भी चैंबर में गया था। उसे घबराहट और बेहोशी महसूस होने लगी, जिसके बाद वह बाहर आ गया। वहीं, अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए चैंबर में उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी प्रदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू टीम को जरूरी निर्देश दिए।
मृतकों में कमलेश, नितिन और मनोज की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कमलेश तंबोली, नितिन, मनोज मीणा और वाहिद के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं। चैंबर में गैस बनने की वजह और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने 4-4 लाख रुपए की सहायता के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि चैंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए राज्य शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
होटल संचालक की ओर से 30-30 लाख रुपए देने की बात
हादसे के बाद सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि होटल संचालक की ओर से मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन की जांच में अब यह स्पष्ट किया जाएगा कि चैंबर के भीतर जहरीली गैस कैसे बनी, सफाई के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
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खजुराहो के जवारी मंदिर की विष्णु प्रतिमा को नवंबर तक मिलेगा मस्तक, ASI करेगा पुनर्स्थापना

मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित 11वीं सदी के जवारी वामन मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित प्रतिमा को जल्द ही उसका मूल स्वरूप मिलने जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) नवंबर 2026 तक प्रतिमा के मस्तक को उसके धड़ से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। करीब सात फीट ऊंची बलुआ पत्थर की इस प्रतिमा का धड़, चारों भुजाएं और पैर सुरक्षित हैं, लेकिन इसका सिर लंबे समय से गायब था।
ASI के महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत के मुताबिक, प्रतिमा का मस्तक खजुराहो में ही विभाग के सुरक्षित स्टोर रूम में रखा हुआ था। हाल में इसकी पहचान प्रतिमा के पुराने चित्रों और मस्तक की बनावट का मिलान करने के बाद हुई। पत्थर की संरचना, रंग, अनुपात और भगवान विष्णु के मुकुट की विशिष्ट शैली ने इसकी पहचान की पुष्टि की।
हमला या तस्करी, मस्तक अलग होने का कारण अब भी रहस्य
प्रतिमा का मस्तक कब और किन परिस्थितियों में धड़ से अलग हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक हमलों से जोड़ते हैं, जबकि कुछ इसे मूर्ति तस्करी की कोशिश मानते हैं।
ASI महानिदेशक के अनुसार, यह संभावना भी जताई गई है कि किसी ने मस्तक को चुराने के लिए प्रतिमा से अलग करने की कोशिश की हो, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही प्रतिमा के मस्तक को जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रतिमा के संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
भगवान विष्णु की इस प्रतिमा के संरक्षण और मूल स्वरूप बहाल करने की मांग को लेकर मूर्ति संरक्षण फाउंडेशन के अध्यक्ष और अधिवक्ता राकेश दलाल ने 13 जून 2025 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में प्रतिमा की मरम्मत, संरक्षण और पुनर्स्थापना की मांग की गई थी। इस मांग को लेकर संस्था ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया, केंद्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन सौंपा और खजुराहो में जागरूकता अभियान भी चलाया था।
CJI की टिप्पणी के बाद हुआ था विवाद
16 सितंबर 2025 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की पीठ ने याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान CJI की टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ। बाद में 18 सितंबर को उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनकी बात को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया गया और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने की घटना भी चर्चा में आई
इस मामले से जुड़ी बहस के बाद 6 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक अधिवक्ता ने तत्कालीन CJI बीआर गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी। सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को तुरंत पकड़ लिया था। यह घटना प्रतिमा से जुड़ी याचिका और अदालत में हुई टिप्पणी के बाद उपजे विवाद के संदर्भ में चर्चा में आई थी। हालांकि, याचिकाकर्ता राकेश दलाल और जूता फेंकने की घटना में शामिल अधिवक्ता अलग-अलग व्यक्ति थे।
विशेषज्ञों की निगरानी में होगा संरक्षण कार्य
ASI ने प्रतिमा के मस्तक की पहचान के बाद उसे दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित की है। यह काम पुरातात्विक संरक्षण के मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि मूल प्रतिमा और मिले हुए मस्तक को नुकसान न पहुंचे। ASI ने नवंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। खजुराहो के चंदेलकालीन मंदिर और उनकी मूर्तियां भारतीय स्थापत्य तथा कला विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जवारी मंदिर की विष्णु प्रतिमा का मस्तक फिर से जुड़ना इस विरासत के संरक्षण की दिशा में अहम कदम होगा।
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MP IPS Transfer: मध्य प्रदेश में 12 IPS अधिकारियों के तबादले, बैतूल-पन्ना-हरदा को मिले नए SP

भोपाल: मध्य प्रदेश में गृह विभाग ने बुधवार देर रात 12 IPS अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस फेरबदल में बैतूल, पन्ना, आलीराजपुर और हरदा सहित कई जिलों की पुलिस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। कुछ अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय भोपाल और विशेष सशस्त्र बल की वाहिनियों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
तबादला सूची के अनुसार, बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन को भोपाल में पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) बनाया गया है। नर्मदापुरम के SP साईकृष्ण एस. थोटा को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) पदस्थ किया गया है। उनकी जगह उज्जैन की 32वीं वाहिनी के कमांडेंट दीपक कुमार शुक्ला नर्मदापुरम के नए SP होंगे।
पन्ना और हरदा के SP भी बदले
इंदौर में साइबर SP रहे सब्यसाची सराफ को पन्ना का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, हरदा के SP शशांक को पुलिस मुख्यालय भोपाल में AIG की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह एसपी रेल, भोपाल अंकित जायसवाल को हरदा का नया एसपी पदस्थ किया गया है।
किसान आंदोलन के बाद पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
नर्मदापुरम में किसान आंदोलन को नियंत्रित करने में प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद राज्य सरकार ने पहले कलेक्टर सोमेश मिश्रा को हटाया था। अब नर्मदापुरम के SP साईकृष्ण एस. थोटा का भी तबादला कर दिया गया है।
पन्ना में केन-बेतवा परियोजना के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के बीच कलेक्टर उषा परमार को पहले ही हटाया जा चुका था। अब पन्ना के SP निवेदिता नायडू की जगह सब्यसाची सराफ को जिम्मेदारी दी गई है। हरदा के SP शशांक को भी हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजा गया है।
जहरीली शराब मामले में देवास और सागर के अधिकारियों पर कार्रवाई
जहरीली शराब से मौतों के मामलों के बीच राज्य सरकार ने इससे पहले देवास और सागर के कलेक्टर तथा SP के तबादले किए थे। देवास के SP पुनीत गहलोत और सागर के SP अनुराग सुजानिया को पुलिस मुख्यालय भोपाल में AIG पदस्थ किया गया है। सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना को देवास भेजा गया है, जबकि अंजू अरुण कुमार को सिवनी का नया कलेक्टर बनाया गया है।
अभिषेक आनंद को PTC इंदौर का अतिरिक्त प्रभार
तबादला आदेश के मुताबिक, अभिषेक आनंद को सेनानी, 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF), इंदौर पदस्थ किया गया है। उन्हें पुलिस अधीक्षक, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) इंदौर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। PTC इंदौर में पहले से SP के पद पर पदस्थ वाहिनी सिंह का तबादला इस सूची में नहीं किया गया है। उन्हें मई 2026 में SP डिंडौरी से हटाकर PTC इंदौर की जिम्मेदारी दी गई थी।
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Rajya Sabha By-Election: भाजपा ने मध्य प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को बनाया उम्मीदवार, एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट

नई दिल्ली/भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम को मंजूरी दी। यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता एल. मुरुगन के राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर 12 नवंबर 2026 को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे एल. मुरुगन ने 14 अक्टूबर 2026 से अपना इस्तीफा दिया था, जिसे राज्यसभा के सभापति ने स्वीकार कर लिया। मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री रह चुके हैं।उन्होंने इस्तीफे के समय तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर काम करने पर ध्यान देने की बात कही थी। उनके इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट रिक्त हो गई, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है।
12 नवंबर को होगा राज्यसभा उपचुनाव
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के लिए मतदान 12 नवंबर को होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी।
कौन हैं हरदीप सिंह पुरी?
हरदीप सिंह पुरी भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राजनयिक और लेखक हैं। उनका जन्म 15 फरवरी 1952 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की। वह 1974 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी रहे और करीब चार दशक तक राजनयिक सेवाओं में काम किया।
पुरी ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल होने के बाद वह केंद्र सरकार में मंत्री बने। वह केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं।
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MP Cabinet Decisions: मोहन कैबिनेट में 2,050 करोड़ के कैंपा प्लान को मंजूरी, भ्रष्टाचार पर 392 अफसर-कर्मचारियों पर कार्रवाई

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मामलों पर चर्चा हुई। कैबिनेट ने कैंपा फंड के ₹2,050 करोड़ के प्लान को मंजूरी दी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के कार्यों के लिए ₹345 करोड़ और नर्मदा घाटी विकास विभाग की चार योजनाओं को जारी रखने के लिए ₹3,378 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
बैठक में नगरीय निकायों की खरीदी में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विभागीय जानकारी के मुताबिक, अब तक 201 मामलों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इसके अलावा दिसंबर में मंत्रियों का चिंतन शिविर आयोजित करने की तैयारी है।
कैंपा फंड के ₹2,050 करोड़ के प्लान को मंजूरी
कैबिनेट ने कैंपा फंड के तहत ₹2,050 करोड़ के प्लान को मंजूरी दी है। इस राशि का इस्तेमाल निर्धारित योजनाओं और पर्यावरण से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के कामकाज के लिए ₹345 करोड़ मंजूर किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच और संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाना है।
नर्मदा घाटी की चार योजनाओं के लिए ₹3,378 करोड़
नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से चल रही चार योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के लिए ₹3,378 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों से संबंधित हैं।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के लिए भी ₹351 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इससे संबंधित योजनाओं को आगे जारी रखने में मदद मिलेगी।
भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री सख्त, 392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई
कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में खरीद के दौरान हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक, नगरीय निकायों की खरीद में गड़बड़ियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद ली गई। विभागीय जानकारी के अनुसार, 201 मामलों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अलग-अलग मामलों में संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, वेतन वृद्धि रोकने, पदावनति, बर्खास्तगी और राशि की वसूली जैसे कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
चार नए जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
कैबिनेट ने नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इन कार्यालयों के लिए आवश्यक पदों को भी स्वीकृति दी गई है। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का चिंतन शिविर
राज्य सरकार 21 और 22 दिसंबर को मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसमें सरकार के तीन साल के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी वर्ष की प्राथमिकताओं, योजनाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा होगी।
12 जिलों में कम बारिश पर रिपोर्ट मांगी
कैबिनेट बैठक में किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग की योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रदेश के 12 जिलों में कम बारिश की स्थिति पर भी चर्चा हुई। संबंधित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर किसानों को सहायता देने के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार की ओर से प्रभावित जिलों में बारिश की स्थिति और कृषि पर उसके असर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय कुम्हारों और मिट्टी के दीयों को बढ़ावा देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को दीपावली के दौरान अपने प्रभार वाले जिलों में स्थानीय कुम्हारों और माटी कला को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। लोगों को मिट्टी के दीये और स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया, ताकि पारंपरिक कारीगरों की आमदनी बढ़ सके।
सेवा संकल्प अभियान में 17 लाख से अधिक आवेदन
बैठक में सेवा संकल्प अभियान की प्रगति की जानकारी भी साझा की गई। इसके तहत 1,345 शिविरों में 17 लाख से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। प्रदेश में 1,600 से ज्यादा सेवा ज्योति यात्राएं भी निकाली गईं।
सेमीकंडक्टर निवेश और स्थापना दिवस पर भी चर्चा
बैठक में इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव में ₹5,800 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की जानकारी दी गई। इसके अलावा धन-धान्य कृषि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश के पांच जिलों को मिले पुरस्कार, विश्व कौशल प्रतियोगिता में पन्ना के युवाओं की उपलब्धि और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 2.6 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस पर मिले सम्मान का उल्लेख किया गया।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस एक नवंबर से तीन दिन तक मनाया जाएगा। वहीं, 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां भी की जा रही हैं।
कैबिनेट बैठक में विकास योजनाओं के लिए वित्तीय मंजूरी के साथ प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी खरीद में पारदर्शिता पर जोर दिया गया। सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।
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MP SI Admit Card 2026: एमपी एसआई और सूबेदार भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, 28 अक्टूबर से परीक्षा

भोपाल: मध्य प्रदेश में सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और सूबेदार भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) ने भर्ती परीक्षा 2026 का प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इन पदों के लिए आवेदन किया था, वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
बोर्ड के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें और उस पर दर्ज परीक्षा तिथि, शिफ्ट, रिपोर्टिंग टाइम तथा परीक्षा केंद्र के पते को ध्यान से जांच लें।
एमपीईएसबी के अनुसार, सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी। आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 सितंबर 2026 थी, जबकि आवेदन पत्र में सुधार के लिए 28 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया था।
ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश पत्र
उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
- सबसे पहले एमपीईएसबी की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं।
- वेबसाइट पर Test Admit Card या संबंधित भर्ती परीक्षा का लिंक खोलें।
- Subedar & Sub-Inspector Recruitment Test 2026 का विकल्प चुनें।
- मांगी गई जानकारी, जैसे आवेदन संख्या और जन्मतिथि, दर्ज करें।
- स्क्रीन पर मांगी गई सत्यापन संबंधी जानकारी भरकर सबमिट करें।
- एडमिट कार्ड खुलने पर उसमें दर्ज सभी विवरण जांचें।
- प्रवेश पत्र डाउनलोड करके उसका प्रिंट निकाल लें।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में परेशानी होने पर उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर दोबारा प्रयास करें। लॉगिन संबंधी जानकारी भरते समय सावधानी रखें।
एडमिट कार्ड पर इन जानकारियों को जरूर जांचें
प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार को निम्नलिखित विवरणों का मिलान कर लेना चाहिए:
- उम्मीदवार का नाम और रोल नंबर
- आवेदन संख्या और जन्मतिथि
- फोटो और हस्ताक्षर
- परीक्षा की तारीख और शिफ्ट
- रिपोर्टिंग टाइम और प्रवेश से जुड़े निर्देश
परीक्षा केंद्र का नाम और पूरा पता
यदि नाम, फोटो या किसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी में गलती दिखाई देती है, तो एमपीईएसबी के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें।
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