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MP News: प्रदेश की सभी बसाहटों को अगले तीन वर्ष में सड़कों से जोड़ा जाए-मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें। सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे सुनिश्चित कर कार्य-योजना बनाई जाए। सड़कों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए। राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके उन्नयन की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए। सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए। सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। सड़कों के संधारण और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में प्रदेश, देश में प्रथम रहा है। प्रदेश में मार्गों के संधारण के लिए वर्ष 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केन्द्र सरकार द्वारा इसे सम्पूर्ण देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है।
बताया गया कि प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।
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MP News: कुएं में जहरीली गैस ने ली 8 लोगों की जान, एक शख्स को बचाने में हुई सभी की मौत

Khandwa: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक कुएं के अंदर जहरीली गैस से 8 लोगों की मौत हो गई है। घटना गुरुवार शाम को जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गणगौर विसर्जन को लेकर गांव के बीच स्थित एक कुंए की सफाई के लिए उतरा एक शख्स सबसे पहले जहरीली गैस की चपेट में आकर बेसुध होकर डूब गया। इसके बाद उसे बचाने उतरे एक के बाद एक सात लोग भी जहरीली गैस के चलते कुएं के अंदर ही जान गंंवा बैठे।
घटना की जानकारी लगते ही पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा और वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। करीब 3 घंटे चल बचाव अभियान के बाद SDERF ने सभी 8 शव कुएं से बाहर निकाल लिए गए हैं। शुक्रवार को सभी मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में हुए दुखद हादसे पर शोक प्रकट किया है। सीएम मोहन यादव ने X पर लिखा- “खंडवा जिले अंतर्गत छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गणगौर विसर्जन के लिए कुएं की सफाई हेतु उतरे एक व्यक्ति के दलदल में फंसने पर बचाने के प्रयास में एक के बाद एक कुएं में उतरे अन्य सात व्यक्ति भी अंदर फंस गए, कुएं में जहरीली गैस से दम घुटने के कारण सभी आठ व्यक्तियों के काल कवलित होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है।”
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा- “घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस, प्रशासन, होम गार्ड्स एवं SDERF की टीम द्वारा जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दुःख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजनों के साथ मेरी गहरी शोक संवेदनाएं हैं। सभी मृतकों के परिवारजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि सभी पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
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MP Cabinet: ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ को मंजूरी, कंपनी बनाकर सरकार चलवाएगी बसें, कर्मचारियों के भत्ते बढ़े

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के शासकीय सेवकों को वर्तमान में देय विभिन्न भत्तों का पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई। शासकीय सेवकों को वर्तमान में देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण के फलस्वरूप राज्य शासन पर अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार लगभग 1500 करोड़ रूपये आयेगा। शासकीय सेवकों के लिये सातवें वेतनमान में देय मूल वेतन के आधार पर A श्रेणी के नगरों के लिए 10%, B श्रेणी के नगरों के लिए 7%, C एवं D श्रेणी के नगरों के लिए 5% के आधार पर गृह भाडा भत्ता प्रदान किया जायेगा।
दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, मील भत्ता, ठहरने की पात्रता, प्रदेश के बाहर यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन, स्थानांतरण पर घरेलू समान का परिवहन एवं स्थानांतरण अनुदान, स्थायी यात्रा भत्ता में मूल्य सूचकांक के आधार पर वृद्धि, की जायेगी। इसके साथ ही अतिरिक्त कार्य के लिए दोहरा भत्ता, राज्य शासन के पात्र चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों को दिये जाने वाला अव्यवसायिक भत्ता, सचिवालयीन भत्ता एवं मंत्रालयीन अधिकारियों के लिए विशेष भत्ता की स्वीकृति दी गयी है। इसके साथ ही शासकीय सेवकों की मृत्यु पर परिवार को देय अनुग्रह अनुदान वर्तमान में निर्धारित पात्रता का 2.57 गुणक के आधार पर अधिकतम 1 लाख 25 हजार रूपये तक दिया जाएगा।
मंत्रालय भवन में संचालित वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली संचालनालय एवं राज्य सत्कार अधिकारी कार्यालय में पदस्थ शासकीय सेवकों को भी मंत्रालय के समकक्ष अधिकारियों के समतुल्य मंत्रालय भत्ता दिया जायेगा।
कंपनी बनाकर सरकार चलवाएगी बसें
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” शुरू करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में तीन स्तर पर होगी मॉनिटरिंग
यात्री परिवहन सेवा की शुरू करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन किया जायेगा। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
संभाग स्तर पर क्षेत्रीय सहायक कंपनी और जिला स्तर पर परिवहन समिति का होगा गठन
त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई।
होल्डिंग कंपनी के गठन उपरांत उक्त सात संभागीय मुख्यालयों की कंपनी में इस होल्डिंग कंपनी के शेयर बहुसंख्यक आधार पर लिये जाने पर यह सातों कंपनी इस राज्य स्तरीय कम्पनी की सहायक कम्पनी की श्रेणी में आ जायेगी। भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा संभागीय मुख्यालयों पर मौजूद इन कंपनियों के माध्यम से, उनके कार्यक्षेत्र में यात्री बस परिवहन सेवा को संचालित किया जायेगा। क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के दायित्व मूल रुप से राज्य स्तरीय कंपनी के अनुरुप रहेंगे तथा यह सहायक कंपनी दैनिंदिनी बस ऑपरेशन, राजस्व आय एवं होल्डिंग कंपनी के निर्देशों के अधीन काम करेंगी।
जिला स्तरीय समिति के समन्वयक जिला कलेक्टर रहेंगे तथा इस समिति में जिले के सांसद, समस्त विधायकगण, महापौर / अध्यक्ष नगर पालिका, जिला पंचायत अध्यक्ष, आयुक्त नगर निगम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका/नगर परिषद, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण तथा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रह सकेंगे।
समिति के दायित्व में संभाग स्तरीय यात्री परिवहन कंपनी द्वारा साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर किये जा रहे बसों के संचालन की प्रभावी मॉनिटरिंग, रूट की लंबाई अथवा रुट में संशोधन, स्टापेज, बस फ्रीक्वेंसी, आई.टी. प्लेट फार्म का सुचारु रुप से संचालन, साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी सुझाव, के साथ जिले के बस ऑपरेटर्स के मध्य आवश्यक समन्वय का कार्य किया जायेगा।
पीपीपी मोड में पारदर्शी तरीके से होगा परिवहन सेवा का संचालन
“मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके।
निजी बस ऑपरेटर्स के साथ भी होगा अनुबंध
होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा।
होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे
(1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स के लिए वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर के लिए साध्य न हों।
(2) मार्ग सर्वे के बाद बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा के लिए संभागवार स्कीम तैयार करने के लिए शासन को आवश्यक सहयोग करना।
(3) शासन द्वारा मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना ।
(4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई. टी. प्लेटफार्म को संचालित करना।
(5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से यात्रियों के लिए ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सकेगी। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंन्फोर्मेशन सिस्टम आदि उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर एप, वीडियो ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./ डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पोट सहित), ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाइन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य / संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए ट्रेवल एप तैयार किया जाना, जिसमें बस, ऑटो, टेक्सी, ई-स्कूटर, मेट्रो आदि संकलित हो। पैसेंजर इन्फोर्मेशन सिस्टम की स्थापना भी बस स्टैण्ड, यात्री बसों पर रीयल टाइम बेसिस पर की जा सकती है। यह जानकारी मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे यात्रीगणों को मोबाईल पर मुहैया कराई जायेगी ।
(6) क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए विभिन्न गतिविधियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) एवं पॉलिसी तैयार करना तथा दिन-प्रतिदिन के आपरेशन में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना आदि।
(7) अनुबंधित बस ऑपरेटर्स को आवश्यक अधोसंरचना जैसे डिपो, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप, बुकिंग सेंटर्स आदि की सुविधा मुहैया करायी जायेगी। नगरीय क्षेत्रों में बस डिपो, बस स्टैण्ड, बस स्टाप का विकास/निर्माण कार्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा कराया जाकर संधारण एवं संचालन के लिए होल्डिंग कंपनी को अंतरित किया जायेगा। कंपनी पुनर्घनत्वीकरण योजना में भी प्रदेश में परिवहन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का कार्य कर सकेगीं।
(8) आपरेटर्स को, बसों का सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा मुहैया करायी जायेगी।
(9) क्षेत्रीय स्तर पर कैपिसिटी बिल्डिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर्स का गठन किया जायेगा। जिसमें निजी, शासकीय, अर्ध शासकीय स्टाफ की ट्रेनिंग शामिल होगी।
(10) पर्यावरण हितैषी कार्य जैसे ई-बस, इलेक्ट्रिक चार्जिंग आदि का सेटअप साथ-साथ प्रमोट किया जायेगा।
(11) विभिन्न स्टेक होल्डर्स जैसे बस ऑपरेटर, आमजन आदि से संपर्क रखते हुये इस आई.टी. प्लेटफार्म पर एग्रीगेटर रोल के तहत अन्य इन्टरमिडिएट पैरा ट्रांजिस्ट (IPT) ऑपरेटर्स एवं अन्य गैर अनुबंधित प्रायवेट बस ऑपरेटर्स को भी इस सिंगल आई.टी. प्लेटफार्म पर लाने की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी ।
(12) ग्रीन फंडिंग एवं केन्द्र शासन / राज्य शासन की योजना का लाभ लेते हुये बस ऑपरेशन सिस्टम को सुदृढ़ किया जायेगा।
(13) कंपनी के राज्य में उपलब्ध अचल संपत्तियों का संधारण एवं आवश्यकतानुसार नवीन संपत्तियों का अधिग्रहण तथा इनका उपयोग परिवहन सेवाओं तथा राजस्व आय के रुप में किया जायेगा।
छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित
मंत्रि-परिषद द्वारा छतरपुर जिले के ग्राम लवकुशनगर में माता बम्बरबैनी प्राचीन स्थल मंदिर खसरा नं. 2157 रकवा 0.012 हेक्टेयर एवं खसरा नं 2158 रकवा 30.375 हेक्टेयर पहाड़ क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया गया।
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MP News: प्रदेश के 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 1 अप्रैल से बंद हो जाएंगी शराब की दुकानें, मुख्यमंत्री की घोषणा पर हुआ अमल

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में की गई शराब बंदी की घोषणा पर एक अप्रैल 2025 से अमल शुरू हो जायेगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को 24 जनवरी 2025 को लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में हुई केबिनेट ने मंजूरी दी थी। निर्णय अनुसार उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त मदिरा दुकानों एवं बार को बंद किया जाएगा। प्रदेश के इन 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों को पूर्णतः पवित्र घोषित करते हुए एक अप्रैल 2025 से पूर्ण शराब बंदी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशामुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। यह कदम जन-आस्था और धार्मिक दृष्टि से श्रृद्धा के 19 नगरीय क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों में प्रभावशाली होगा। जिन धार्मिक स्थान पर शराब बंदी का निर्णय लिया, उसमें एक नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद और 6 ग्राम पंचायतें हैं।
1 अप्रैल 2025 से जिन प्रमुख पवित्र नगरों में शराबबंदी लागू की जा रही है उनमें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, प्रदेश की जीवन रेखा मानी जाने वाली नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक, महेश्वर, ओरछा रामराजा मंदिर क्षेत्र, ओंकारेश्वर, मंडला में सतधारा क्षेत्र, मुलताई में ताप्ती उद्गम क्षेत्र, पीतांबरा देवीपीठ दतिया, जबलपुर भेड़ाघाट क्षेत्र, चित्रकूट, मैहर, सलकनपुर, सांची, मंडलेश्वर, वान्द्रावान, खजुराहो, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र मंदसौर, बरमान घाट और पन्ना शामिल हैं। एक अप्रैल 2025 से इन सभी क्षेत्र में पूर्ण शराब बंदी रहेगी।
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MP Board Result: 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, लड़कियां रहीं आगे

MP Board Result: मध्यप्रदेश में 5वीं और 8वीं बोर्ड पैटर्न की परीक्षाओं के नतीजे राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल पर दोपहर 1 बजे जारी जारी कर दिए गए हैं। राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल का रिजल्ट बटन क्लिक कर घोषित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के समस्त विद्यालयों का कक्षा 5वीं का परीक्षा परिणाम 92.70 प्रतिशत रहा, जो कि, विगत वर्ष के परिणाम प्रतिशत 90.97 से लगभग 2 प्रतिशत अधिक है। वहीं कक्षा 8वीं का परीक्षा परिणाम 90.02 रहा है जो कि पिछले वर्ष के परिणाम प्रतिशत 87.71 से लगभग 3 प्रतिशत अधिक रहा है।
यहां चेक करें रिजल्ट
विद्यार्थियों को अपना परिणाम जानने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल www.rskmp.in/result.aspx पर जाना होगा। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर क्लिक करके पोर्टल के होम पेज पर जाएं। इसके बाद ‘MP Board 5th 8th Result 2025’ लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद विद्यार्थी को अपना लॉगिन विवरण जैसे- रोल नंबर/समग्र आईडी दर्ज करनी है। इसके बाद सबमिट पर क्लिक करें। इसके कुछ सेकंड बाद आपका रिजल्ट आपके सामने होगा। इसके अलावा, परिणाम की लिंक एक QR कोड के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा रही है।
लड़कियों का प्रदर्शन रहा बेहतर
कक्षा 5वीं में छात्राओं के पास होने का प्रतिशत 94.12 रहा, जबकि छात्रों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 91.38 रहा। वहीं कक्षा 8वीं में छात्राओं के पास होने का प्रतिशत 91.72 रहा, जबकि छात्रों के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 88.41 रहा है।
रिजल्ट के हिसाब से टॉप 10 संभाग
घोषित परीक्षा परिणामों में कक्षा 5वीं में टॉप 10 संभाग क्रमशः शहडोल, चंबल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर और भोपाल रहे। वहीं कक्षा 8वीं के परिणामों में टॉप 10 जिले क्रमशः नरसिंहपुर, अलीराजपुर, रीवा, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, डिंडोरी, बड़वानी और मंडला जिले रहे।
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Earthquake: मध्यप्रदेश के कई इलाकों में भूकंप के झटके, सिंगरौली में था भूकंप का केंद्र

Bhopal: मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, सिंगरौली और उसके आस-पास के जिलोंं में भूकंप के झटके लगे। भूकंप का केंद्र सिंगरौली था और रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई।
गुरुवार दोपहर लगे भूकंप के झटके
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि गुरुवार दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सिंगरौली और आस-पास के जिलों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र सिंगरौली में जमीन में 10 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप हल्का होने की वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि भूकंप के झटके महसूस होते ही भय के मारे कई लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
इस वजह से आते हैं भूकंंप
धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर टिकी हुई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये प्लेटें हर साल लगभग 4 से 5 मिलीमीटर तक अपनी स्थिति बदलती हैं। भूकंप उस समय आता है जब पृथ्वी की चट्टानें अचानक टूटती या खिसकती हैं। इससे उर्जा पैदा होती और भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। इसकी वजह से धरती हिलने लगती है। टैक्टोनिक प्लेटों की हलचल की वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
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Chhattisgarh: परिवहन पोर्टल से घर बैठे बनवाएं लायसेंस और कराएं वाहनों का पंजीयन, कुल 42 सेवाएं शामिल
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Waqf Bill: राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक का पास होना तय, बीजद के फैसले से बदला गणित