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BPSC की चेतावनी: सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस फर्जी, अभ्यर्थी सिर्फ आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक फर्जी सूचना को लेकर अभ्यर्थियों को सतर्क किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वायरल किया जा रहा नोटिस उसकी ओर से जारी नहीं किया गया है।
बीपीएससी ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर पोस्ट कर उम्मीदवारों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें आगे साझा भी न करें। आयोग ने कहा कि परीक्षा से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी जानकारी को ही मान्य माना जाए।
फर्जी नोटिस में क्या दावा किया गया
आयोग के मुताबिक, वायरल नोटिस में 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE) प्रारंभिक परीक्षा और वर्ष 2026 में प्रस्तावित अन्य परीक्षाओं को लेकर गलत जानकारी दी गई है। बीपीएससी ने साफ किया कि इस तरह की कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अनधिकृत स्रोतों से प्रसारित सूचनाओं से सावधान रहें।
पहले ही स्थगित हो चुकी है 72वीं CCE परीक्षा
गौरतलब है कि 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा 26 जुलाई 2026 को प्रस्तावित थी। हालांकि, आयोग ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए 18 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक नोटिस के माध्यम से परीक्षा स्थगित कर दी थी।
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Bihar By Election Result 2026: बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर की बड़ी जीत, भाजपा की परंपरागत सीट पर कब्जा

पटना: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए जीत दर्ज की। वहीं मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत हासिल की, जबकि गुजरात की सीट भाजपा के खाते में गई।
भाजपा की मजबूत सीट पर प्रशांत किशोर का कब्जा
बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें 64,151 वोट (49.23%) मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,827 वोट (34.40%) हासिल हुए। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की परंपरागत सीट मानी जाती है। नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिस पर उपचुनाव कराया गया।
भाजपा और राजद के कुल वोटों से भी आगे निकले PK
चुनाव में राजद उम्मीदवार रेखा कुमारी को 14,273 वोट (10.95%) मिले और वह तीसरे स्थान पर रहीं। दिलचस्प बात यह रही कि भाजपा और राजद को मिले कुल वोट 59,100 रहे, जबकि अकेले प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। यानी उन्हें दोनों प्रमुख दलों के संयुक्त वोटों से भी 5,051 वोट ज्यादा मिले।
हर दूसरा वोट प्रशांत किशोर के पक्ष में
बांकीपुर में कुल 1,30,313 वोट पड़े। इनमें लगभग हर दूसरा मतदाता प्रशांत किशोर के पक्ष में रहा। NOTA को 646 वोट (0.50%) मिले। शीर्ष तीन उम्मीदवारों के बाद कोई भी प्रत्याशी 1,000 वोट का आंकड़ा नहीं छू सका।
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भरत तिवारी एनकाउंटर: गोली चलाने के आरोपी STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, परिवार के आरोपों के बाद बड़ी कार्रवाई

पटना/भोजपुर: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बिहार एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर आरोप है कि 17 जून को हुए एनकाउंटर के दौरान आत्मसमर्पण कर चुके भरत तिवारी को पहली गोली उसी ने मारी थी। पुलिस ने आरोपी जवान को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मां ने लगाया था हत्या का आरोप
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की मुठभेड़ में नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण के बाद हत्या की गई। उन्होंने विशेष रूप से एसटीएफ जवान अक्षय कुमार का नाम लेते हुए हत्या का आरोप लगाया था।
पूछताछ से बच रहा था आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, एनकाउंटर की जांच के दौरान अक्षय कुमार को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस की मदद से उसे गिरफ्तार किया।
CM से मुलाकात के 6 दिन बाद गिरफ्तारी
24 जुलाई को भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। उसी दिन दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी। अब छह दिन बाद आरोपी जवान की गिरफ्तारी हुई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया नया तथ्य
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भरत तिवारी के शरीर पर 5 गोलियां लगने की पुष्टि हुई थी, जबकि पुलिस ने शुरुआत में 3 गोलियां लगने की बात कही थी। इसी विरोधाभास के बाद मामले की जांच तेज हुई।
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बिहार बंद हिंसा केस: तेजप्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत; बेऊर जेल में हैं बंद

पटना:बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव को पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया है। तेजप्रताप की ओर से जमानत याचिका दाखिल कर दी गई है। जेल प्रशासन के अनुसार, सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
12 से ज्यादा धाराओं में केस दर्ज
पटना के गांधी मैदान थाने में तेजप्रताप यादव के खिलाफ 12 से अधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन पर हत्या के प्रयास, अश्लील प्रदर्शन, दंगा भड़काने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और पुलिस पर हमले के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
जेल का खाना खाने से किया इनकार
जानकारी के मुताबिक, बेऊर जेल पहुंचने के बाद तेजप्रताप यादव ने शुरुआत में जेल का भोजन लेने से इनकार कर दिया था। बाद में जेल अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने सोमवार सुबह नाश्ते में रोटी, दाल और सब्जी खाई।
मॉल से हिरासत, फिर कोर्ट में पेशी
शनिवार देर रात पुलिस ने तेजप्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें नौबतपुर थाने ले जाया गया। देर रात करीब 12:15 बजे पुलिस उन्हें छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश करने पहुंची, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
तेजस्वी यादव बोले- आंदोलनकारियों को निशाना बनाया जा रहा
तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद आंदोलन में शामिल लोगों को जेल भेजा जा रहा है और उनके बड़े भाई को भी इसी तरह गिरफ्तार किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी हुए थे घायल
शनिवार को बिहार बंद के दौरान तेजप्रताप यादव गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे। दिनभर वे विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसी मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
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Patna: बिहार में शुरू हुई हेली टूरिज्म सेवा: अब हेलीकॉप्टर से घूम सकेंगे राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर

Patna: बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पर्यटक अब हेलीकॉप्टर और छोटे विमान के जरिए राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
योजना के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि 18 जुलाई से नियमित हेली टूरिज्म सेवाएं शुरू होंगी। पर्यटक बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.tourism.bihar.gov.in के माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे।
पटना से जुड़ेंगे तीन प्रमुख पर्यटन स्थल
योजना के पहले चरण में पटना को राजगीर, कैमूर (मां मुंडेश्वरी) और वाल्मीकिनगर से जोड़ा गया है। वाल्मीकिनगर के लिए 20-सीटर राजकीय विमान संचालित होगा। राजगीर और कैमूर के लिए 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक उड़ान में अधिकतम 5 सीटें पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगी।
वाल्मीकिनगर के लिए उड़ान और किराया
पटना-वाल्मीकिनगर-पटना सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित होगी।
पहली उड़ान: सुबह 10:00 बजे पटना से प्रस्थान, 11:00 बजे वापसी।
दूसरी उड़ान: दोपहर 3:00 बजे पटना से प्रस्थान, 4:30 बजे वापसी।
किराया: ₹5,000 प्रति व्यक्ति (एक तरफ)।
प्रति सप्ताह इस रूट पर 20-20 सीटें उपलब्ध रहेंगी।
राजगीर और कैमूर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा
पटना-राजगीर-पटना: सुबह 9:30 बजे प्रस्थान, 10:30 बजे वापसी।
पटना-कैमूर-पटना: सुबह 11:00 बजे प्रस्थान, 12:45 बजे वापसी।
किराया: राजगीर – ₹4,000 प्रति व्यक्ति, कैमूर – ₹6,000 प्रति व्यक्ति
प्रत्येक यात्री 4 से 5 किलोग्राम तक सामान ले जा सकेगा।
₹2100 में पटना की हेलीकॉप्टर जॉय राइड
राजधानी पटना के लोगों और पर्यटकों के लिए 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी शुरू की जा रही है। ₹2,100 में पर्यटक आसमान से गंगा नदी, जेपी गंगा पथ, तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और शहर के प्रमुख स्थलों का हवाई नजारा देख सकेंगे। यह सुविधा फिलहाल शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी।
टूरिस्ट गाइड मुफ्त, बाकी व्यवस्था स्वयं करनी होगी
पर्यटन विभाग ने बताया कि यात्रियों को फ्री टूरिस्ट गाइड उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पर्यटकों को स्वयं करनी होंगी। सभी टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
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Patna: फैजल खान उर्फ खान सर समेत 4 आरोपियों को मिली बेल; फायरिंग मामले में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड्स को भी राहत

Patna: चर्चित कोचिंग विवाद मामले में पटना सिविल कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए फैजल खान उर्फ खान सर समेत उनके तीन सहयोगियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने फायरिंग के आरोप में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी जमानत दे दी। इससे पहले अदालत ने सुनवाई के दौरान खान सर की आपराधिक पृष्ठभूमि (क्रिमिनल हिस्ट्री) से जुड़ी जानकारी मांगी थी। 10 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में पहले ही केस की अंतिम रिपोर्ट (फाइनल फॉर्म) दाखिल कर चुकी थी। इसी कारण संबंधित प्रकरण का उल्लेख जमानत आवेदन में नहीं किया गया। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्या झा ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि खान सर ने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाई है। इसके बाद अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए थे।
बॉडीगार्ड्स के हथियारों की जांच में सामने आए कई तथ्य
पटना पुलिस की जांच में खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के लाइसेंस और अनुमति से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार तालेबर सिंह के नाम पर था, लेकिन उसका लाइसेंस पूरे भारत में मान्य नहीं था। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से बिहार हथियार लाने और सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस का कहना है कि स्थानीय थाने या प्रशासन को भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
दूसरे बॉडीगार्ड के लाइसेंस पर भी सवाल
दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस पूरे भारत के लिए मान्य बताया गया, लेकिन पुलिस के अनुसार यह लाइसेंस मूल रूप से आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसका इस्तेमाल निजी सुरक्षा ड्यूटी में किया गया, जिसकी वैधानिकता की भी जांच की जा रही है।
खान सर की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में यह भी कहा गया है कि खान सर ने बॉडीगार्ड्स की नियुक्ति के दौरान उनके हथियारों और लाइसेंस का स्थानीय स्तर पर पुलिस सत्यापन नहीं कराया। इन सभी बिंदुओं को पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। हालांकि, कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद सभी आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
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