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Iran US Conflict: ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, ‘खार्ग आइलैंड पर कब्जे की कोशिश की तो सैनिक जिंदा नहीं लौटेंगे’

Iran US Conflict: ईरान ने अमेरिका को खार्ग आइलैंड को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यदि अमेरिका ने खार्ग आइलैंड पर कब्जे की कोशिश की, तो उसके सैनिक जिंदा वापस नहीं लौट पाएंगे। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से खार्ग आइलैंड को लेकर दिए गए हालिया बयानों के बाद आया है।
बघाई ने कहा, “ईरान में ऐसे लोग हैं जो अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। खार्ग आइलैंड और उसके आसपास हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तैयारी है।”
क्यों अहम है खार्ग आइलैंड?
फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत के तट से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित खार्ग आइलैंड ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के जरिए होता है, इसलिए इसे ईरान की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिसंपत्तियों में गिना जाता है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
- अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत और ओमान सहित कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया और कहा कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- कुवैत के डिसेलिनेशन प्लांट पर फिर हमला: कुवैत के बिजली उत्पादन और समुद्री जल शोधन (डिसेलिनेशन) संयंत्र पर दो दिनों में दूसरी बार हमला हुआ। घटना के बाद कई बिजली उत्पादन इकाइयों में आग लग गई।
- परमाणु संयंत्र पर हमले का आरोप: ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने खुजेस्तान प्रांत में निर्माणाधीन डारखोविन परमाणु ऊर्जा परियोजना को निशाना बनाया है।
- ईरान में बिजली संकट गहराया: लगातार हमलों और भीषण गर्मी के बीच तेहरान समेत कई इलाकों में बिजली कटौती बढ़ गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
- इराक ने शुरू की नई पाइपलाइन योजना: इराक ने बसरा से तुर्किये और सीरिया तक नई तेल पाइपलाइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम की जा सके।
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Vietnam Boat Accident: भारतीय पर्यटकों से भरी बोट पलटी, 15 की मौत; 21 लोगों को बचाया गया

Vietnam Boat Accident: वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट समुद्र में पलट गई। हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर शामिल थे।
स्थानीय मीडिया के अनुसार हादसा सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक समुद्र में ऊंची लहरें और खराब मौसम दुर्घटना की प्रमुख वजह हो सकते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाव पलटने के बाद कई यात्री उसके अंदर फंस गए। रिपोर्टों के अनुसार कई पर्यटकों ने लाइफ जैकेट भी नहीं पहन रखी थी, जिससे बचाव कार्य और कठिन हो गया।
‘होन मे रुट’ से न्गोआई द्वीप जा रही थी बोट
यह स्पीडबोट पर्यटकों को होन मे रुट (Hon May Rut) द्वीप से न्गोआई द्वीप की सैर कराने ले जा रही थी। हादसा तट से लगभग 400 मीटर पहले हुआ। न्गोआई द्वीप अपने साफ समुद्र, सफेद रेतीले तट और कोरल रीफ डाइविंग के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित भारतीयों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हनोई और हो ची मिन्ह सिटी में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है-
- +84 36 281 7930
- +84 91 552 37 14
- +84 33 452 0414
दूतावास ने कहा है कि वह वियतनामी प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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शेख हसीना का बड़ा ऐलान: दिसंबर में बांग्लादेश लौटकर करेंगी सरेंडर, अवामी लीग नेताओं के साथ वापसी का दावा

ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह इस वर्ष दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगी। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी स्वदेश लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे। हालांकि, उन्होंने वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उनके अनुसार पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं।
सरकार से बातचीत से किया इनकार
शेख हसीना ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने के मुद्दे पर सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र, चुनाव, राजनीतिक अधिकार और न्याय जैसे विषयों पर पर्दे के पीछे समझौता नहीं हो सकता।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश सरकार लगातार भारत को उन्हें वापस भेजने के लिए पत्र लिख रही है। हसीना ने कहा, “मुझे वापस भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मैं खुद लौटूंगी।” हालांकि, इस दावे पर बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत ने भी फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
मौत की सजा को बताया राजनीतिक
शेख हसीना वर्ष 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। बाद में छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई, जिसे वह लगातार राजनीतिक और असंवैधानिक बताती रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है और यदि उनकी सरकार से कोई गलती हुई है तो उसका फैसला जनता को करना चाहिए।
छात्र आंदोलन और हिंसा का मामला
रॉयटर्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में करीब 1,400 लोगों की मौत का उल्लेख किया गया है। इसी मामले में शेख हसीना के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जबकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है।
हसीना विरोधी रैली में हुआ था धमाका
चार दिन पहले राजधानी ढाका के पास सावर में शेख हसीना विरोधी रैली के दौरान विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन लोग घायल हुए थे। उस समय मंच पर छात्र आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख नेता मौजूद थे। मामले की जांच जारी है और धमाके की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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Iran US Conflict: ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ा, बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमले का आरोप, दोनों देशों के बीच ड्रोन-मिसाइल हमले तेज

Iran US Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने बुशहर परमाणु बिजली संयंत्र के पास हवाई हमला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार यह हमला बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। वहीं अमेरिका ने पिछले दो दिनों में ईरान के बड़ी संख्या में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार हालिया सैन्य कार्रवाई में एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।
ईरान का पलटवार
ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरानी सैन्य अधिकारियों के अनुसार कुवैत के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर के अर्ली वॉर्निंग सिस्टम और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ईंधन भंडार को निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
- अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर नई एयरस्ट्राइक की।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ हुआ संघर्षविराम (सीजफायर) अब समाप्त हो चुका है।
- ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका से आगे कोई बातचीत नहीं होगी।
- होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘लीला वादिनार’ सुरक्षा कारणों से ओमान तट की ओर लौट गया।
- मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल बाजार और समुद्री व्यापार को लेकर भी चिंताएं गहरा रही हैं। कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।
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Emmanuel Macron: दमिश्क में मैक्रों के दौरे के दौरान धमाका, होटल के पास हुए ब्लास्ट के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई

Emmanuel Macron: सीरिया की राजधानी दमिश्क में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे के दौरान मंगलवार को उनके ठहरने वाले होटल के पास धमाका हुआ। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और आसपास की सड़कों को बंद कर दिया। हालांकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्होंने अपना निर्धारित कार्यक्रम जारी रखा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्थानीय लोगों ने एक के बाद एक कई धमाकों की आवाज सुनी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल के आसपास धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। सुरक्षा एजेंसियां धमाके के कारणों की जांच में जुटी हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस के अनुसार धमाके उस होटल के पास हुए, जहां राष्ट्रपति मैक्रों के ठहरने की व्यवस्था थी। हालांकि धमाकों की आवाज राष्ट्रपति के काफिले तक नहीं पहुंची और उनकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा।
मैक्रों, बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया का दौरा करने वाले पहले प्रमुख यूरोपीय नेता बने हैं। सोमवार को दमिश्क पहुंचने पर उनका स्वागत सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने किया। इसके बाद मैक्रों ने राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक उमय्यद मस्जिद का भी दौरा किया।
मैक्रों की यात्रा का मुख्य उद्देश्य सीरिया के पुनर्निर्माण, विदेशी निवेश, सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद विरोधी रणनीति पर चर्चा करना है। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे, वित्त और ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग तथा कई समझौतों पर भी विचार-विमर्श जारी है।
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Venezuela Earthquake: 2,200 से ज्यादा मौतें, राहत कार्य के लिए पहुंची मेक्सिको की Topos Azteca रेस्क्यू टीम

Venezuela Earthquake:वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस भीषण आपदा में अब तक 2,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मेक्सिको की प्रसिद्ध बचाव टीम ‘टोपोस एज़्टेका’ (Topos Azteca) भी राहत कार्यों में मदद के लिए वेनेजुएला पहुंच रही है।
भूकंप के करीब एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में मलबा हटाने का काम जारी है। सबसे अधिक तबाही ला गुआरा राज्य में हुई है, जहां बहुमंजिला इमारतें और सैकड़ों मकान धराशायी हो गए। अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीमें दिन-रात मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं, लेकिन समय बीतने के साथ जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद लगातार कम होती जा रही है।
मेक्सिको से रवाना हुए 39 वर्षीय स्वयंसेवक जर्मन बेलो ने बताया कि उनकी टीम अत्याधुनिक बचाव उपकरणों के साथ बड़ी संख्या में बॉडी बैग भी लेकर जा रही है, ताकि मलबे से मिलने वाले शवों को सम्मानपूर्वक बाहर निकाला जा सके।
कौन है ‘टोपोस’ टीम?
‘टोपोस एज़्टेका’ मेक्सिको का एक प्रसिद्ध नागरिक बचाव संगठन है। इसकी स्थापना 1985 में मेक्सिको सिटी में आए विनाशकारी भूकंप के बाद हुई थी। स्पेनिश भाषा में ‘टोपोस’ का अर्थ ‘छछूंदर’ (Moles) होता है। यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इस टीम के सदस्य मलबे के बीच बनी बेहद संकरी जगहों में रेंगकर अंदर तक पहुंचने और फंसे लोगों को निकालने में विशेषज्ञ माने जाते हैं।
टीम राहत अभियान के दौरान थर्मल कैमरे, संवेदनशील माइक्रोफोन और अन्य आधुनिक खोज उपकरणों का इस्तेमाल करती है। इनकी मदद से मलबे के नीचे दबी हल्की आवाज या शरीर की गर्मी का पता लगाकर जीवित लोगों की तलाश की जाती है।
वेनेजुएला में राहत अभियान अभी भी जारी है और स्थानीय प्रशासन के साथ अंतरराष्ट्रीय टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार खोज एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
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