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Patna: बिहार में शुरू हुई हेली टूरिज्म सेवा: अब हेलीकॉप्टर से घूम सकेंगे राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर

Patna: बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पर्यटक अब हेलीकॉप्टर और छोटे विमान के जरिए राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
योजना के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि 18 जुलाई से नियमित हेली टूरिज्म सेवाएं शुरू होंगी। पर्यटक बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.tourism.bihar.gov.in के माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे।
पटना से जुड़ेंगे तीन प्रमुख पर्यटन स्थल
योजना के पहले चरण में पटना को राजगीर, कैमूर (मां मुंडेश्वरी) और वाल्मीकिनगर से जोड़ा गया है। वाल्मीकिनगर के लिए 20-सीटर राजकीय विमान संचालित होगा। राजगीर और कैमूर के लिए 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक उड़ान में अधिकतम 5 सीटें पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगी।
वाल्मीकिनगर के लिए उड़ान और किराया
पटना-वाल्मीकिनगर-पटना सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित होगी।
पहली उड़ान: सुबह 10:00 बजे पटना से प्रस्थान, 11:00 बजे वापसी।
दूसरी उड़ान: दोपहर 3:00 बजे पटना से प्रस्थान, 4:30 बजे वापसी।
किराया: ₹5,000 प्रति व्यक्ति (एक तरफ)।
प्रति सप्ताह इस रूट पर 20-20 सीटें उपलब्ध रहेंगी।
राजगीर और कैमूर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा
पटना-राजगीर-पटना: सुबह 9:30 बजे प्रस्थान, 10:30 बजे वापसी।
पटना-कैमूर-पटना: सुबह 11:00 बजे प्रस्थान, 12:45 बजे वापसी।
किराया: राजगीर – ₹4,000 प्रति व्यक्ति, कैमूर – ₹6,000 प्रति व्यक्ति
प्रत्येक यात्री 4 से 5 किलोग्राम तक सामान ले जा सकेगा।
₹2100 में पटना की हेलीकॉप्टर जॉय राइड
राजधानी पटना के लोगों और पर्यटकों के लिए 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी शुरू की जा रही है। ₹2,100 में पर्यटक आसमान से गंगा नदी, जेपी गंगा पथ, तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और शहर के प्रमुख स्थलों का हवाई नजारा देख सकेंगे। यह सुविधा फिलहाल शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी।
टूरिस्ट गाइड मुफ्त, बाकी व्यवस्था स्वयं करनी होगी
पर्यटन विभाग ने बताया कि यात्रियों को फ्री टूरिस्ट गाइड उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पर्यटकों को स्वयं करनी होंगी। सभी टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
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BPSC TRE 4.0: सरकार का बड़ा फैसला, अब PT और Mains अलग-अलग नहीं होंगे, एक ही परीक्षा होगी; सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग मानी

पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने अभ्यर्थियों की बड़ी मांग मान ली है। अब TRE 4 में PT और Mains की दो अलग-अलग परीक्षाएं नहीं होंगी। भर्ती परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।
पटना में छात्र नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में 10 बिंदुओं पर सहमति बनी। सरकार के इस फैसले के बाद गर्दनीबाग में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन भी खत्म हो गया।
TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती होनी है। BPSC के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की तारीख अक्टूबर में घोषित किए जाने की संभावना है और परीक्षा दिसंबर-जनवरी के दौरान हो सकती है।
5 लाख तक अभ्यर्थी हुए तो एक दिन में परीक्षा
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक परीक्षा की तारीख और शिफ्टों का निर्धारण आवेदन आने के बाद किया जाएगा। अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर परीक्षा एक या दो दिन में कराई जा सकती है। यानी TRE-4 में ‘एकल परीक्षा’ का मतलब PT और Mains को हटाकर एक ही चयन परीक्षा है। यह जरूरी नहीं कि सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा एक ही दिन हो।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ कमेटी
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए परीक्षा सुधार पर विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला किया है। इसकी अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश करेंगे। यह कमेटी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों और सुझावों पर विचार करेगी। अभ्यर्थी अपने पक्ष और संबंधित साक्ष्य कमेटी के सामने रख सकेंगे।
छात्रों की समस्याओं के लिए पोर्टल और शिविर
सरकार ने अभ्यर्थियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू करने का फैसला भी किया है। सरकार के मुताबिक इन माध्यमों से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था की जाएगी।
10 बिंदुओं पर बनी सहमति
- BPSC और अन्य भर्ती परीक्षाएं तय समय पर कराने पर जोर।
- परीक्षा सुधार के लिए हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञ कमेटी।
- लाइब्रेरियन की भर्ती जल्द शुरू करने का निर्णय।
- संविदा कर्मचारियों के अंक और वेटेज के लिए अलग कोटे के निर्धारण पर हाईलेवल कमेटी।
- भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम स्तर पर डोमिसाइल नीति लागू करने का निर्णय।
- अधिकतम आयु सीमा से जुड़े मुद्दे विशेषज्ञ कमेटी के सामने रखे जाएंगे।
- सभी भर्ती परीक्षाओं का नया कैलेंडर जारी कर उसका सख्ती से पालन होगा।
- प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर कमेटी विचार करेगी।
- AEDO, सेनेटरी इंस्पेक्टर आदि परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की जांच EOU करेगी।
- सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
‘एक अभ्यर्थी-एक परिणाम’ पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में One Candidate, One Result की मांग पर भी नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने पर सहमति बनी है। इसका मकसद एक ही अभ्यर्थी के अलग-अलग श्रेणियों की चयन सूची में आने के कारण पदों के खाली रह जाने की समस्या को कम करना है।
क्यों हुआ था विवाद?
TRE-4 को लेकर BPSC ने पहले PT और Mains के दो चरणों में परीक्षा कराने का फैसला किया था। आयोग का तर्क था कि दो स्तरीय परीक्षा से चयन प्रक्रिया बेहतर होगी और पूर्व में सामने आए पेपर लीक के मामलों को देखते हुए परीक्षा की सुरक्षा मजबूत की जा सकेगी।
अभ्यर्थी इसके विरोध में थे। उनकी प्रमुख मांगों में एकल परीक्षा, परीक्षा में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करना शामिल था। आंदोलन के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई और अब एकल परीक्षा पर सहमति बन गई है।
32,388 पदों पर होगी भर्ती
BPSC के TRE-4 विज्ञापन के मुताबिक शिक्षा विभाग में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की जानी है।
- कक्षा 1-5: 3,847 पद
- कक्षा 6-8: 8,563 पद
- कक्षा 9-10: 3,877 पद
- कक्षा 11-12: 16,101 पद
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BPSC TRE 4.0 पर बड़ा अपडेट: PT-मेंस और निगेटिव मार्किंग जारी रहेगी, दिसंबर-जनवरी में परीक्षा

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर अभ्यर्थियों की कई शंकाओं का जवाब दिया है। आयोग ने साफ किया है कि TRE 4.0 में PT और मेंस दोनों परीक्षाएं होंगी और निगेटिव मार्किंग भी जारी रहेगी।
BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि TRE 4.0 को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और अन्य एजेंसियों से मिले सुझावों के आधार पर PT-मेंस कराने का फैसला लिया गया है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
निगेटिव मार्किंग भी नहीं हटेगी
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि TRE 4.0 में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था भी बनी रहेगी। आयोग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में ये दोनों व्यवस्थाएं अभ्यर्थियों की तैयारी और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
AEDO और TRE 4 की परीक्षा कब होगी?
सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और TRE 4.0 की परीक्षा को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक, AEDO की परीक्षा के लिए दोबारा फॉर्म भरवाए जाएंगे। दोनों परीक्षाएं दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 के बीच आयोजित किए जाने की तैयारी है। यानी अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए अब सीमित समय रहेगा।
असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती का रिजल्ट कोर्ट केस के कारण अटका
असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट केस का निपटारा होने तक संबंधित परिणाम जारी करने की दिशा में आयोग स्तर से कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अंतिम विकल्प के तौर पर एडवोकेट जनरल से कानूनी मंतव्य मांगा गया है। करीब एक सप्ताह में कानूनी राय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन की अंतिम तिथि तक आने वाली सभी याचनाओं को प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
TRE 4.0 को लेकर छात्रों में क्यों है नाराजगी?
TRE 4.0 में PT और मेंस की व्यवस्था तथा निगेटिव मार्किंग को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। इसी को लेकर छात्र आंदोलन भी कर रहे हैं। आयोग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि PT-मेंस और निगेटिव मार्किंग के फैसले में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
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Bihar IAS Transfer: बिहार में 23 IAS अधिकारियों का तबादला, 2024 बैच के 12 अफसरों को पहली फील्ड पोस्टिंग

पटना: बिहार सरकार ने 23 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 22 अगस्त को जारी अधिसूचना में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। तबादले में 2022 और 2023 बैच के अधिकारियों के साथ 2024 बैच के 12 ट्रेनी IAS अधिकारियों को भी फील्ड पोस्टिंग दी गई है।
कई अनुमंडल पदाधिकारियों (SDM) को जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (DDC-cum-CEO) बनाया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को नगर आयुक्त और विभागीय निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीवान के पूर्व DM विवेक रंजन मैत्रेय को अभी पोस्टिंग नहीं
सीवान के पूर्व जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय को नई पोस्टिंग नहीं मिली है। उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया है। 25 जुलाई को सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से गोली चलने की घटना सामने आई थी। इसके बाद 17 अगस्त को विवेक रंजन मैत्रेय को DM पद से हटा दिया गया था।
श्रेया श्री बनीं खगड़िया जिला परिषद की DDC
IAS श्रेया श्री सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने के बाद वेटिंग में थीं। अब उन्हें खगड़िया जिला परिषद का उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है।
अनिरुद्ध पाण्डेय को पूर्णिया नगर निगम की कमान
2023 बैच के IAS अधिकारी अनिरुद्ध पाण्डेय को दानापुर, पटना के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, पूर्णिया नगर निगम बनाया गया है।
तुषार कुमार को मधुबनी जिला परिषद की जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS तुषार कुमार को पूर्णिया के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद मधुबनी बनाया गया है।
प्रद्युम्न सिंह यादव को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय की जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS प्रद्युम्न सिंह यादव को कटिहार के SDM पद से ट्रांसफर कर निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय बनाया गया है।
आकांक्षा आनंद बनीं सासाराम जिला परिषद की DDC
2023 बैच की IAS आकांक्षा आनंद को मुजफ्फरपुर पश्चिम की SDM जिम्मेदारी से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद सासाराम, रोहतास बनाया गया है। आकांक्षा आनंद इससे पहले कटिहार के बारसोई की SDM रह चुकी हैं। बारसोई में वह पहली महिला SDM के तौर पर पदस्थापित हुई थीं।
गरिमा लोहिया बनीं दरभंगा नगर निगम की नगर आयुक्त
2023 बैच की IAS गरिमा लोहिया को बाढ़, पटना की SDM जिम्मेदारी से हटाकर नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम बनाया गया है। वह इससे पहले बाढ़ की SDM थीं। गरिमा लोहिया मूल रूप से बक्सर की रहने वाली हैं।
अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में जिम्मेदारी
2023 बैच की IAS अंजली शर्मा को अरेराज, पूर्वी चंपारण की SDM जिम्मेदारी से हटाकर निदेशक, निःशक्तता, समाज कल्याण विभाग बनाया गया है।
रोहित कर्दम बने कैमूर जिला परिषद के DDC
2023 बैच के IAS रोहित कर्दम को नौगछिया, भागलपुर के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद कैमूर, भभुआ बनाया गया है।
शिक्षा विजयकुमार चौधरी को जमुई भेजा गया
2023 बैच के IAS शिक्षा विजयकुमार चौधरी को आरा सदर के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद जमुई की जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. नेहा कुमारी को कटिहार का DDC बनाया
2023 बैच की IAS डॉ. नेहा कुमारी को सासाराम, रोहतास की SDM जिम्मेदारी से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद कटिहार बनाया गया है।
कृष्ण चन्द्र गुप्ता को निबंधन विभाग में जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS कृष्ण चन्द्र गुप्ता को कहलगांव, भागलपुर के SDM पद से हटाकर महानिरीक्षक, निबंधन, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग बनाया गया है।
2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग
इस तबादले की सबसे अहम बात 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दिया जाना है। इन अधिकारियों की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में ट्रेनिंग 20 अगस्त 2026 को पूरी हुई है। ट्रेनिंग खत्म होने के तुरंत बाद उन्हें बिहार के अलग-अलग जिलों और प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी दी गई है।
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अशोकधाम भगदड़ की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: बिजली का पोल गिरना और कमजोर बैरिकेडिंग हादसे की मुख्य वजह

लखीसराय: बिहार के लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ मामले में जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में बिजली का पोल गिरने और कमजोर बैरिकेडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।ADM नीरज कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने करीब 7 बिंदुओं पर जांच के बाद अपनी रिपोर्ट डीएम शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया बिजली विभाग और भवन प्रमंडल की लापरवाही सामने आई है।
पोल गिरते ही मची अफरा-तफरी, बढ़ता गया भीड़ का दबाव
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। इससे भीड़ का दबाव तेजी से बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग कमजोर थी, जो बढ़ते दबाव को संभाल नहीं सकी। इसी वजह से हालात बिगड़ गए और भगदड़ की स्थिति बन गई।
बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना
जांच टीम ने प्रथम दृष्टया हादसे के लिए बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना है। रिपोर्ट में पोल गिरने और बैरिकेडिंग की मजबूती को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में हादसे के दौरान भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर कोई बड़ी जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। हालांकि, भगदड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में रही।
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Bihar: ओपन स्कूलिंग बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर के घर EOU की रेड, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

पटना/बेगूसराय: बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार सुबह छापेमारी की। पटना स्थित घर से 30 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं, जबकि बेगूसराय के ठिकाने से 4.50 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।
EOU की कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। अजय कुमार सिंह पर आय से करीब 90% अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने करीब 3.43 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है। पटना और बेगूसराय में उनके तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी चल रही है।
पटना के घर से ज्वेलरी, लैंड डीड और निवेश के दस्तावेज मिले
EOU की 15 सदस्यीय टीम गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पटना के खाजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड पर चंद्रतारा भवन पहुंची और तलाशी शुरू की। छानबीन के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा कीमती ज्वेलरी, जमीन के दस्तावेज और करोड़ों रुपए के निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह छापेमारी के दौरान घर पर ही मौजूद बताए गए। टीम ने घर के सभी हिस्सों की तलाशी ली। बेसमेंट और पार्किंग क्षेत्र में भी जांच की गई।
बेगूसराय में पैतृक घर और भाई की दुकान की भी जांच
बेगूसराय में EOU के करीब 10 अधिकारी तीन गाड़ियों से भारी पुलिस बल के साथ सुबह करीब 8:30 बजे साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक घर पहुंचे। इसके बाद टीम का एक हिस्सा पचवीर स्थित उनके भाई धर्मेंद्र सिंह की बालू-सीमेंट दुकान पर भी पहुंचा। वहां करीब एक घंटे तक दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद अधिकारी फिर परोरा गांव स्थित पैतृक आवास पहुंच गए, जहां तलाशी जारी रही।
आलीशान कोठियों और संपत्ति की भी जांच
छापेमारी के दौरान पटना और बेगूसराय में अजय कुमार सिंह से जुड़ी आलीशान संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि बेगूसराय स्थित कोठी का निर्माण उनकी नौकरी लगने के बाद कराया गया था। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बलिया के एसडीओ, साहेबपुर कमाल के बीडीओ और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। परोरा गांव में छापेमारी की खबर फैलते ही अजय कुमार सिंह के घर के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। सुरक्षा कारणों से लोगों को घर के पास जाने से रोका गया।
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