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Patna: फैजल खान उर्फ खान सर समेत 4 आरोपियों को मिली बेल; फायरिंग मामले में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड्स को भी राहत

Patna: चर्चित कोचिंग विवाद मामले में पटना सिविल कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए फैजल खान उर्फ खान सर समेत उनके तीन सहयोगियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने फायरिंग के आरोप में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी जमानत दे दी। इससे पहले अदालत ने सुनवाई के दौरान खान सर की आपराधिक पृष्ठभूमि (क्रिमिनल हिस्ट्री) से जुड़ी जानकारी मांगी थी। 10 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में पहले ही केस की अंतिम रिपोर्ट (फाइनल फॉर्म) दाखिल कर चुकी थी। इसी कारण संबंधित प्रकरण का उल्लेख जमानत आवेदन में नहीं किया गया। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्या झा ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि खान सर ने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाई है। इसके बाद अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए थे।
बॉडीगार्ड्स के हथियारों की जांच में सामने आए कई तथ्य
पटना पुलिस की जांच में खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के लाइसेंस और अनुमति से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार तालेबर सिंह के नाम पर था, लेकिन उसका लाइसेंस पूरे भारत में मान्य नहीं था। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से बिहार हथियार लाने और सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस का कहना है कि स्थानीय थाने या प्रशासन को भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
दूसरे बॉडीगार्ड के लाइसेंस पर भी सवाल
दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस पूरे भारत के लिए मान्य बताया गया, लेकिन पुलिस के अनुसार यह लाइसेंस मूल रूप से आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसका इस्तेमाल निजी सुरक्षा ड्यूटी में किया गया, जिसकी वैधानिकता की भी जांच की जा रही है।
खान सर की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में यह भी कहा गया है कि खान सर ने बॉडीगार्ड्स की नियुक्ति के दौरान उनके हथियारों और लाइसेंस का स्थानीय स्तर पर पुलिस सत्यापन नहीं कराया। इन सभी बिंदुओं को पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। हालांकि, कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद सभी आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
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Patna: चाचा ने भतीजे को 6 गोलियां मारीं, प्रेम प्रसंग और जमीन विवाद में की हत्या

पटना: बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के बभनपुरा गांव में मंगलवार सुबह एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दीपक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दीपक को छह गोलियां मारी गईं। घटना के बाद आरोपी चाचा ललन शर्मा फरार हो गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विवाद की आशंका है। परिवार ने जमीन को लेकर भी लंबे समय से विवाद होने की बात कही है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
चार साल से चल रहा था विवाद
जानकारी के मुताबिक, दीपक और उसके चाचा ललन शर्मा के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ललन की पत्नी शोभा देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति के दीपक की पत्नी से कथित अवैध संबंध थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था।
दीपक के पिता विंध्याचल शर्मा ने आरोप लगाया कि हत्या में ललन के साथ उसके दामाद रवि और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि परिवार में छह भाई हैं और ललन चौथे नंबर पर है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
जमीन को लेकर भी था विवाद
दीपक की मां के मुताबिक, ललन शर्मा ने उनके बेटे और बहू से सड़क किनारे की कीमती जमीन कथित तौर पर धोखे से अपने नाम करा ली थी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। परिवार का कहना है कि मंगलवार सुबह भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
मौके से छह खोखे मिले
फुलवारीशरीफ के एएसपी नारायण उपाध्याय ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे हत्या की सूचना मिली थी। घटनास्थल से छह खोखे बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में पिस्टल से गोली चलने की बात सामने आई है। पुलिस ने मृतक के पिता का बयान दर्ज किया है। आरोपी की पत्नी और बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य आरोपी ललन शर्मा की तलाश जारी है। पुलिस हत्या की वजह और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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वैशाली में गंगा में नाव पलटी, 13 बच्चों की मौत; 7 बच्चियां एक ही परिवार की

पटना: बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। हादसा मंगलवार रात करीब 8:30 बजे राघोपुर में हुआ। नाव में 25 से ज्यादा लोग सवार थे। सभी नदी पार कर तेरहवीं के भोज में जा रहे थे। मृत बच्चों की उम्र 6 से 18 साल के बीच थी। इनमें 7 बच्चियां एक ही परिवार की थीं। हादसे में घायल 4 लोगों का पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, 15 साल की चांदनी ने हादसे के दौरान 2 बच्चों की जान बचाई।
छोटी नाव में सवार थे 25 से ज्यादा लोग
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात लोग छोटी नाव से गंगा नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान राघोपुर में नाव पलट गई। नाव में क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
एक ही परिवार की 7 बच्चियों की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र 6 से 18 साल के बीच बताई गई है। मृतकों में एक ही परिवार की 7 बच्चियां शामिल हैं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
15 साल की चांदनी ने बचाई 2 बच्चों की जान
हादसे के दौरान 15 वर्षीय चांदनी ने साहस दिखाते हुए 2 बच्चों को बचाया। इस बीच, नाव पलटने से घायल हुए 4 लोगों को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शव गांव पहुंचे, परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार किया
सभी बच्चों के शव गांव पहुंच गए हैं। परिजeaनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
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बिहार में अपराधियों पर सख्ती के निर्देश, सीएम सम्राट चौधरी ने बुलाई हाईलेवल बैठक, डायल-112 और साइबर क्राइम पर फोकस

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना स्थित अपने आवास पर कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में महिलाओं के खिलाफ हाल की घटनाओं, गंभीर आपराधिक मामलों और अपराध नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पुलिस कार्रवाई का फीडबैक लिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा। उन्होंने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और कानून-व्यवस्था में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
अपराधियों की सूची बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलावार और थानावार अपराधियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। आदतन अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ाने और जरूरत के अनुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) का इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पुलिस की कार्रवाई का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई।
डायल-112 का रिस्पॉन्स टाइम घटाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में औसत रिस्पॉन्स टाइम करीब 11 मिनट या उससे कम बताया गया। मुख्यमंत्री ने इसमें और सुधार करने को कहा, ताकि जरूरत के समय लोगों को पुलिस सहायता जल्दी मिल सके।
सोशल मीडिया पर संवेदनशील मामलों में दो घंटे में प्रतिक्रिया
संवेदनशील घटनाओं से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। इसके तहत जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को ऐसे मामलों में दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
दंगा निरोधी दस्ते और महिला पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर ध्यान
बैठक में जिला दंगा निरोधी दस्तों के पुनर्गठन और विशेष कार्य बल को आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अश्लील गानों पर भी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को कदाचार मुक्त कराने और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही अश्लील और द्विअर्थी गानों के उन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। बैठक में भ्रष्टाचार के मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और कार्रवाई में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
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MLC इलेक्शन: सारण शिक्षक सीट पर NDA में खींचतान, RLM के 3 विधायक रामपुकार सिन्हा के साथ

पटना/छपरा: बिहार विधान परिषद की सारण शिक्षक निर्वाचन सीट पर NDA के भीतर मतभेद सामने आए हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक आलोक सिंह, विधायक माधव आनंद और रामेश्वर महतो सोमवार को RLM के प्रदेश महासचिव एवं प्रत्याशी रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल हुए। इस सीट पर NDA ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के आनंद पुष्कर को अपना उम्मीदवार बनाया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने NDA प्रत्याशी के समर्थन की बात कही थी
RLM प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सारण शिक्षक सीट पर NDA के आधिकारिक उम्मीदवार के समर्थन की बात कही है। इसके बावजूद पार्टी के तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे। कुशवाहा ने हालांकि पार्टी में किसी तरह की बगावत से इनकार किया है। वहीं, विधायक आलोक सिंह और अन्य नेताओं ने सिन्हा के समर्थन को पार्टी कार्यकर्ताओं और लंबे समय से संगठन से जुड़े नेता के प्रति समर्थन बताया है।
RLM के तीन विधायक बोले- सरकार के साथ समर्थन जारी
माधव आनंद के मुताबिक, रामपुकार सिन्हा लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए तीनों विधायक उनके साथ खड़े हैं। विधायकों ने यह भी कहा कि उनका सिन्हा को समर्थन देना NDA सरकार से समर्थन वापस लेने के समान नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद सवाल यह है कि RLM नेतृत्व तीनों विधायकों के इस रुख को किस रूप में लेता है और क्या पार्टी स्तर पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है।
एक सीट पर NDA के दो सहयोगी खेमे
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA की ओर से JDU के आनंद पुष्कर उम्मीदवार हैं, जबकि RLM के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा भी चुनाव मैदान में हैं। यानी एक ही गठबंधन से जुड़े दो दलों के नेता इस सीट पर अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
रामपुकार सिन्हा ने नामांकन के दौरान दावा किया कि बड़ी संख्या में RLM के जिला अध्यक्ष भी उनके साथ मौजूद थे। हालांकि, पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इसे पार्टी में बगावत मानने से इनकार किया है।
23 अक्टूबर को मतदान
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी होनी है। फिलहाल RLM के तीन विधायकों का रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल होना बिहार विधान परिषद चुनाव के साथ-साथ NDA के भीतर बने राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
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BPSC TRE 4.0: 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू; 26 अक्टूबर तक भर सकेंगे फॉर्म

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत शिक्षा विभाग में 32,388 विद्यालय अध्यापक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू होकर 26 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती के लिए आयोग ने नया विज्ञापन संख्या 15/2026 जारी किया है। इसने पहले जारी विज्ञापन संख्या 14/2026 को रद्द कर दिया है। शुल्क भुगतान की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 है, जबकि ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर है।
32,388 पदों में सबसे ज्यादा वैकेंसी 11वीं-12वीं के लिए
TRE-4.0 में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षक पद शामिल हैं। सबसे ज्यादा 16,101 पद कक्षा 11वीं से 12वीं के लिए हैं।
| शिक्षण स्तर | पद |
| कक्षा 1 से 5 | 3,847 |
| कक्षा 6 से 8 | 8,563 |
| कक्षा 9 से 10 | 3,877 |
| कक्षा 11 से 12 | 16,101 |
| कुल | 32,388 |
आवेदन और फीस की तारीख
| विवरण | तारीख/जानकारी |
| भर्ती संस्था | बिहार लोक सेवा आयोग |
| परीक्षा | विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 |
| विज्ञापन संख्या | 15/2026 |
| विभाग | शिक्षा विभाग, बिहार |
| कुल पद | 32,388 |
| आवेदन शुरू | 25 सितंबर 2026 |
| फीस जमा करने की अंतिम तारीख | 25 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 26 अक्टूबर 2026 |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन |
| परीक्षा तारीख | बाद में घोषित होगी |
कौन-कौन आवेदन कर सकता है?
TRE-4.0 में पात्रता शिक्षण स्तर और विषय के अनुसार अलग-अलग है। प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक पदों के लिए अलग शैक्षणिक एवं शिक्षक प्रशिक्षण योग्यताएं निर्धारित हैं।
प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5):
12वीं के साथ निर्धारित D.El.Ed/D.Ed/JBT/B.El.Ed जैसी योग्यता और संबंधित TET पात्रता आवश्यक है।
मध्य विद्यालय शिक्षक (कक्षा 6 से 8):
स्नातक के साथ B.Ed/B.El.Ed और संबंधित CTET/BTET पात्रता आवश्यक है।
माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 9 से 10):
स्नातक के साथ B.Ed/B.El.Ed तथा STET की निर्धारित पात्रता जरूरी है।
उच्च माध्यमिक शिक्षक (कक्षा 11 से 12):
संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ B.Ed/B.El.Ed और STET की निर्धारित पात्रता जरूरी है।
एक से अधिक स्तर के लिए आवेदन करने पर अलग शुल्क
अभ्यर्थी एक से अधिक शिक्षण स्तर के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक स्तर के लिए निर्धारित शुल्क अलग से देना होगा। आवेदन और शुल्क भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। BPSC ने अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले विस्तृत विज्ञापन, प्रॉस्पेक्टस और आवेदन संबंधी निर्देश पढ़ने की सलाह दी है।
TRE 4.0 का विज्ञापन फिर क्यों बदला?
BPSC ने पहले विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत TRE-4.0 की भर्ती जारी की थी। बाद में आयोग ने इसे रद्द कर विज्ञापन संख्या 15/2026 के तहत नया नोटिस जारी किया। नए शेड्यूल के अनुसार आवेदन 25 सितंबर से शुरू हुए हैं और 26 अक्टूबर तक चलेंगे।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी बातें
- कुल 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती होगी।
- आवेदन 25 सितंबर से 26 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं।
- फीस जमा करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है।
- भर्ती कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के लिए है।
- सबसे ज्यादा 16,101 पद कक्षा 11-12 में हैं।
- नया विज्ञापन 15/2026 है।
- परीक्षा की तारीख अलग से घोषित की जाएगी।
आधिकारिक वेबसाइट: bpsc.bih.nic.in
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