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Bihar कैबिनेट के 17 बड़े फैसले: गया में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विष्णुपद कॉरिडोर, ₹3,516 करोड़ मंजूर

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में विकास, धार्मिक पर्यटन, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन और हवाई संपर्क से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे बड़ा फैसला गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ परियोजना को लेकर हुआ, जिस पर कुल ₹3,516.05 करोड़ खर्च होंगे।
काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित होगा विष्णुपद क्षेत्र
गया के ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर परिसर को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ₹2,520 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना में मंदिर परिसर के विकास के साथ मल्टीलेवल पार्किंग, एलिवेटेड पथ, घाट, रैंप, पैदल पुल, डॉर्मिटरी और कैंटीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंसारवा-मानपुर पुल, सार्वजनिक सुविधाओं और सीता कुंड के पीएफसी समेत कई निर्माण कार्य भी योजना में शामिल हैं। परियोजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड करेगा।
सोन-फल्गु नदी जोड़ने पर ₹996.05 करोड़
कैबिनेट ने सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए भी ₹996.05 करोड़ मंजूर किए हैं। इसके तहत इंद्रपुरी बैराज से करीब 23 किलोमीटर ऊपर सोन नदी में इंटेक वेल बनाया जाएगा। यहां से लगभग 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की योजना है। सरकार के मुताबिक इससे गया क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जल उपलब्धता से जुड़ी जरूरतों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मखाना और बागवानी योजनाओं को मंजूरी
कृषि क्षेत्र में 2026-27 के लिए मखाना विकास योजना के तहत ₹89.79 करोड़ की लागत से कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, राशि निकासी और व्यय को मंजूरी दी गई। इसके अलावा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान ₹78.34 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली। 2026-27 के लिए इसमें ₹68.66 करोड़ खर्च किए जाएंगे। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम के तहत भी 2026-27 में ₹2.10 करोड़ की निकासी और खर्च को मंजूरी दी गई।
5 मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापक
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फैसले में राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 366 रिक्त सहायक प्राध्यापक पदों पर संविदा नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। ये नियुक्तियां नियमित नियुक्ति होने तक की जाएंगी। इनमें बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
सरकारी दंत महाविद्यालयों और अस्पतालों में भी रिक्त शिक्षक पदों पर नियमित नियुक्ति या प्रोन्नति होने तक संविदा आधार पर नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है।
पैरावेट स्कूल में 6 स्थायी पद बनेंगे
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए 4 अनुदेशक और 2 निम्नवर्गीय लिपिक समेत छह पदों के सृजन को मंजूरी मिली। इन पदों पर सालाना करीब ₹45.99 लाख का व्यय भार आएगा।
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार
बिहार में विकसित भारत-जी राम जी व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी है। यह कानून 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू हो चुका है। बिहार कैबिनेट ने इस व्यवस्था से संबंधित शिकायत निवारण नियमावली को भी मंजूरी दी है।
गाद हटेगी, निर्माण में भी इस्तेमाल होगी
कैबिनेट ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से जमा गाद हटाकर जल संरचनाओं की क्षमता बहाल करने और निकाली गई गाद का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में मिट्टी भराई के लिए करने की व्यवस्था की जाएगी।
जल संसाधन विभाग को बाढ़ और सिंचाई से जुड़े कार्यों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹1,000 करोड़ की अग्रिम राशि लेने की भी मंजूरी मिली है।
छोटे शहरों तक बढ़ेगा हवाई संपर्क
कैबिनेट ने केंद्र के Modified UDAN Scheme के तहत बिहार में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के बीच MoU को मंजूरी दी। इसके जरिए नए हवाई मार्गों को वित्तीय सहायता और कम यात्री संख्या वाले मार्गों के शुरुआती संचालन को समर्थन मिलने की व्यवस्था होगी।
राज्य में तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती एवं प्रोन्नति के लिए बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई।
जेल की जमीन पर खुलेंगे पेट्रोल पंप
बिहार की जेलों की खाली जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल करते हुए वहां पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट खोलने की नियमावली को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पूर्णिया और मुजफ्फरपुर की केंद्रीय जेल की जमीन पर इंडियन ऑयल, जबकि बक्सर और भागलपुर की जेल की जमीन पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से पेट्रोल पंप संचालित किए जाने का प्रस्ताव है।
कैबिनेट के फैसलों में ये प्रस्ताव भी शामिल
- बिहार सूचना आयोग में 2 अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त पदों का सृजन।
- ईंट-भट्ठों के बकाया राजस्व के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना।
- बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली में संशोधन।
- नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भर्ती एवं पदोन्नति के नए नियम।
- स्वास्थ्य और पशु विज्ञान क्षेत्र में नए पदों का सृजन।
- जल संसाधन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृतियां।
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Bihar: भागलपुर में BJP मंडल अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, कनपटी के पास मारी गोली; परिजन बोले- काली पूजा के चंदे के विवाद में वारदात

भागलपुर: बिहार के भागलपुर में अपराधियों ने भाजपा के मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात बरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज इलाके में हुई। गोली सिर के पास लगने से उमा भूषण सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस उन्हें तत्काल मायागंज अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। सिटी SDPO समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं।
बाइक सवार बदमाशों ने रोका, फिर गोली मारने का आरोप
मृतक के भाई अरविंद के मुताबिक, उमा भूषण बाजार जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक पीछे से आए और उन पर फायरिंग कर दी। गोली उनकी कनपटी के पास लगी। परिजनों का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के पीछे काली पूजा के चंदे को लेकर विवाद होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
भतीजे ने किशन कुमार पर लगाया आरोप
मृतक के भतीजे अंकित ने दावा किया कि वह भी बाइक से जा रहा था और उमा भूषण दूसरी बाइक से आगे चल रहे थे। इसी दौरान दो लोग बाइक से पहुंचे और उमा भूषण की बाइक रुकवाई।
अंकित के मुताबिक, उनमें से एक की पहचान किशन कुमार के रूप में हुई है, जिसे वह पूर्व वार्ड पार्षद शशि मोदी का भांजा बता रहा है। आरोप है कि बाइक रुकवाने के बाद किशन ने उमा भूषण को गोली मार दी।
पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की वजह को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
1995 से भाजपा से जुड़े थे उमा भूषण
परिजनों के अनुसार, उमा भूषण तांती लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए थे और 1995 से पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। वर्ष 2025 में उन्हें भाजपा के श्रीनारायण शाह नगर मंडल का अध्यक्ष बनाया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा विधायक रोहित पांडे समेत पार्टी के स्थानीय नेता मायागंज अस्पताल पहुंचे।
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BPSC TRE 4.0: सरकार का बड़ा फैसला, अब PT और Mains अलग-अलग नहीं होंगे, एक ही परीक्षा होगी; सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग मानी

पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने अभ्यर्थियों की बड़ी मांग मान ली है। अब TRE 4 में PT और Mains की दो अलग-अलग परीक्षाएं नहीं होंगी। भर्ती परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।
पटना में छात्र नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में 10 बिंदुओं पर सहमति बनी। सरकार के इस फैसले के बाद गर्दनीबाग में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन भी खत्म हो गया।
TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती होनी है। BPSC के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की तारीख अक्टूबर में घोषित किए जाने की संभावना है और परीक्षा दिसंबर-जनवरी के दौरान हो सकती है।
5 लाख तक अभ्यर्थी हुए तो एक दिन में परीक्षा
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक परीक्षा की तारीख और शिफ्टों का निर्धारण आवेदन आने के बाद किया जाएगा। अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर परीक्षा एक या दो दिन में कराई जा सकती है। यानी TRE-4 में ‘एकल परीक्षा’ का मतलब PT और Mains को हटाकर एक ही चयन परीक्षा है। यह जरूरी नहीं कि सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा एक ही दिन हो।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ कमेटी
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए परीक्षा सुधार पर विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला किया है। इसकी अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश करेंगे। यह कमेटी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों और सुझावों पर विचार करेगी। अभ्यर्थी अपने पक्ष और संबंधित साक्ष्य कमेटी के सामने रख सकेंगे।
छात्रों की समस्याओं के लिए पोर्टल और शिविर
सरकार ने अभ्यर्थियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू करने का फैसला भी किया है। सरकार के मुताबिक इन माध्यमों से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था की जाएगी।
10 बिंदुओं पर बनी सहमति
- BPSC और अन्य भर्ती परीक्षाएं तय समय पर कराने पर जोर।
- परीक्षा सुधार के लिए हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञ कमेटी।
- लाइब्रेरियन की भर्ती जल्द शुरू करने का निर्णय।
- संविदा कर्मचारियों के अंक और वेटेज के लिए अलग कोटे के निर्धारण पर हाईलेवल कमेटी।
- भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम स्तर पर डोमिसाइल नीति लागू करने का निर्णय।
- अधिकतम आयु सीमा से जुड़े मुद्दे विशेषज्ञ कमेटी के सामने रखे जाएंगे।
- सभी भर्ती परीक्षाओं का नया कैलेंडर जारी कर उसका सख्ती से पालन होगा।
- प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर कमेटी विचार करेगी।
- AEDO, सेनेटरी इंस्पेक्टर आदि परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की जांच EOU करेगी।
- सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
‘एक अभ्यर्थी-एक परिणाम’ पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में One Candidate, One Result की मांग पर भी नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने पर सहमति बनी है। इसका मकसद एक ही अभ्यर्थी के अलग-अलग श्रेणियों की चयन सूची में आने के कारण पदों के खाली रह जाने की समस्या को कम करना है।
क्यों हुआ था विवाद?
TRE-4 को लेकर BPSC ने पहले PT और Mains के दो चरणों में परीक्षा कराने का फैसला किया था। आयोग का तर्क था कि दो स्तरीय परीक्षा से चयन प्रक्रिया बेहतर होगी और पूर्व में सामने आए पेपर लीक के मामलों को देखते हुए परीक्षा की सुरक्षा मजबूत की जा सकेगी।
अभ्यर्थी इसके विरोध में थे। उनकी प्रमुख मांगों में एकल परीक्षा, परीक्षा में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करना शामिल था। आंदोलन के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई और अब एकल परीक्षा पर सहमति बन गई है।
32,388 पदों पर होगी भर्ती
BPSC के TRE-4 विज्ञापन के मुताबिक शिक्षा विभाग में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की जानी है।
- कक्षा 1-5: 3,847 पद
- कक्षा 6-8: 8,563 पद
- कक्षा 9-10: 3,877 पद
- कक्षा 11-12: 16,101 पद
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BPSC TRE 4.0 पर बड़ा अपडेट: PT-मेंस और निगेटिव मार्किंग जारी रहेगी, दिसंबर-जनवरी में परीक्षा

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर अभ्यर्थियों की कई शंकाओं का जवाब दिया है। आयोग ने साफ किया है कि TRE 4.0 में PT और मेंस दोनों परीक्षाएं होंगी और निगेटिव मार्किंग भी जारी रहेगी।
BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को कहा कि TRE 4.0 को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और अन्य एजेंसियों से मिले सुझावों के आधार पर PT-मेंस कराने का फैसला लिया गया है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
निगेटिव मार्किंग भी नहीं हटेगी
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि TRE 4.0 में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था भी बनी रहेगी। आयोग का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में ये दोनों व्यवस्थाएं अभ्यर्थियों की तैयारी और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखकर तय की गई हैं।
AEDO और TRE 4 की परीक्षा कब होगी?
सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) और TRE 4.0 की परीक्षा को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक, AEDO की परीक्षा के लिए दोबारा फॉर्म भरवाए जाएंगे। दोनों परीक्षाएं दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 के बीच आयोजित किए जाने की तैयारी है। यानी अभ्यर्थियों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए अब सीमित समय रहेगा।
असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती का रिजल्ट कोर्ट केस के कारण अटका
असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कोर्ट केस का निपटारा होने तक संबंधित परिणाम जारी करने की दिशा में आयोग स्तर से कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अंतिम विकल्प के तौर पर एडवोकेट जनरल से कानूनी मंतव्य मांगा गया है। करीब एक सप्ताह में कानूनी राय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन की अंतिम तिथि तक आने वाली सभी याचनाओं को प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
TRE 4.0 को लेकर छात्रों में क्यों है नाराजगी?
TRE 4.0 में PT और मेंस की व्यवस्था तथा निगेटिव मार्किंग को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। इसी को लेकर छात्र आंदोलन भी कर रहे हैं। आयोग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि PT-मेंस और निगेटिव मार्किंग के फैसले में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
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Bihar IAS Transfer: बिहार में 23 IAS अधिकारियों का तबादला, 2024 बैच के 12 अफसरों को पहली फील्ड पोस्टिंग

पटना: बिहार सरकार ने 23 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 22 अगस्त को जारी अधिसूचना में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। तबादले में 2022 और 2023 बैच के अधिकारियों के साथ 2024 बैच के 12 ट्रेनी IAS अधिकारियों को भी फील्ड पोस्टिंग दी गई है।
कई अनुमंडल पदाधिकारियों (SDM) को जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (DDC-cum-CEO) बनाया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को नगर आयुक्त और विभागीय निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीवान के पूर्व DM विवेक रंजन मैत्रेय को अभी पोस्टिंग नहीं
सीवान के पूर्व जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय को नई पोस्टिंग नहीं मिली है। उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया है। 25 जुलाई को सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से गोली चलने की घटना सामने आई थी। इसके बाद 17 अगस्त को विवेक रंजन मैत्रेय को DM पद से हटा दिया गया था।
श्रेया श्री बनीं खगड़िया जिला परिषद की DDC
IAS श्रेया श्री सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने के बाद वेटिंग में थीं। अब उन्हें खगड़िया जिला परिषद का उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है।
अनिरुद्ध पाण्डेय को पूर्णिया नगर निगम की कमान
2023 बैच के IAS अधिकारी अनिरुद्ध पाण्डेय को दानापुर, पटना के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, पूर्णिया नगर निगम बनाया गया है।
तुषार कुमार को मधुबनी जिला परिषद की जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS तुषार कुमार को पूर्णिया के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद मधुबनी बनाया गया है।
प्रद्युम्न सिंह यादव को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय की जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS प्रद्युम्न सिंह यादव को कटिहार के SDM पद से ट्रांसफर कर निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय बनाया गया है।
आकांक्षा आनंद बनीं सासाराम जिला परिषद की DDC
2023 बैच की IAS आकांक्षा आनंद को मुजफ्फरपुर पश्चिम की SDM जिम्मेदारी से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद सासाराम, रोहतास बनाया गया है। आकांक्षा आनंद इससे पहले कटिहार के बारसोई की SDM रह चुकी हैं। बारसोई में वह पहली महिला SDM के तौर पर पदस्थापित हुई थीं।
गरिमा लोहिया बनीं दरभंगा नगर निगम की नगर आयुक्त
2023 बैच की IAS गरिमा लोहिया को बाढ़, पटना की SDM जिम्मेदारी से हटाकर नगर आयुक्त, दरभंगा नगर निगम बनाया गया है। वह इससे पहले बाढ़ की SDM थीं। गरिमा लोहिया मूल रूप से बक्सर की रहने वाली हैं।
अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में जिम्मेदारी
2023 बैच की IAS अंजली शर्मा को अरेराज, पूर्वी चंपारण की SDM जिम्मेदारी से हटाकर निदेशक, निःशक्तता, समाज कल्याण विभाग बनाया गया है।
रोहित कर्दम बने कैमूर जिला परिषद के DDC
2023 बैच के IAS रोहित कर्दम को नौगछिया, भागलपुर के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद कैमूर, भभुआ बनाया गया है।
शिक्षा विजयकुमार चौधरी को जमुई भेजा गया
2023 बैच के IAS शिक्षा विजयकुमार चौधरी को आरा सदर के SDM पद से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद जमुई की जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. नेहा कुमारी को कटिहार का DDC बनाया
2023 बैच की IAS डॉ. नेहा कुमारी को सासाराम, रोहतास की SDM जिम्मेदारी से हटाकर DDC-cum-CEO, जिला परिषद कटिहार बनाया गया है।
कृष्ण चन्द्र गुप्ता को निबंधन विभाग में जिम्मेदारी
2023 बैच के IAS कृष्ण चन्द्र गुप्ता को कहलगांव, भागलपुर के SDM पद से हटाकर महानिरीक्षक, निबंधन, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग बनाया गया है।
2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग
इस तबादले की सबसे अहम बात 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दिया जाना है। इन अधिकारियों की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में ट्रेनिंग 20 अगस्त 2026 को पूरी हुई है। ट्रेनिंग खत्म होने के तुरंत बाद उन्हें बिहार के अलग-अलग जिलों और प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी दी गई है।
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अशोकधाम भगदड़ की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: बिजली का पोल गिरना और कमजोर बैरिकेडिंग हादसे की मुख्य वजह

लखीसराय: बिहार के लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ मामले में जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में बिजली का पोल गिरने और कमजोर बैरिकेडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।ADM नीरज कुमार की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने करीब 7 बिंदुओं पर जांच के बाद अपनी रिपोर्ट डीएम शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया बिजली विभाग और भवन प्रमंडल की लापरवाही सामने आई है।
पोल गिरते ही मची अफरा-तफरी, बढ़ता गया भीड़ का दबाव
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। इससे भीड़ का दबाव तेजी से बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग कमजोर थी, जो बढ़ते दबाव को संभाल नहीं सकी। इसी वजह से हालात बिगड़ गए और भगदड़ की स्थिति बन गई।
बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना
जांच टीम ने प्रथम दृष्टया हादसे के लिए बिजली विभाग और भवन प्रमंडल को जिम्मेदार माना है। रिपोर्ट में पोल गिरने और बैरिकेडिंग की मजबूती को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में हादसे के दौरान भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर कोई बड़ी जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। हालांकि, भगदड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में रही।
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