ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: राजिम बना नगर पालिका, राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना, विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राजिमवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए राजिम नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंगलवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। नई अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान नगर पंचायत की सीमाएं ही नगर पालिका की सीमाएं रहेंगी।
नगर पालिका बनने के साथ ही राजिम में शहरी विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि नगर पालिका बनने से राजिम के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी। अब शहर में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए अधिक वित्तीय और प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न शहरी विकास योजनाओं का लाभ भी अब अधिक प्रभावी ढंग से स्थानीय नागरिकों तक पहुंचाया जा सकेगा।
लंबे समय से थी मांग
राजिम को नगर पालिका का दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद शहर में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नगर पालिका बनने से शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: प्रदेश में कारोबार शुरू करना होगा आसान, विधानसभा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पास

Raipur:छत्तीसगढ़ विधानसभा ने गुरुवार को ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पारित कर दिया। इसके साथ ही राज्य उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए रिस्क बेस्ड (जोखिम आधारित) और ट्रस्ट बेस्ड (विश्वास आधारित) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने की ओर बढ़ गया है। सरकार का दावा है कि नए कानून से कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
सरकार के अनुसार, नए कानून का उद्देश्य उद्योगों और व्यवसायों से जुड़े अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को कम करना है, ताकि विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को तेजी से मंजूरी मिल सके और निवेश का बेहतर माहौल तैयार हो।
कारोबार के जोखिम के आधार पर मिलेगी मंजूरी
नई व्यवस्था में उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर अलग-अलग जोखिम श्रेणियों में रखा जाएगा। कम जोखिम वाले कारोबारों को सरल और त्वरित मंजूरी मिलेगी, जबकि उच्च जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी परीक्षण और भौतिक निरीक्षण की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
सेल्फ सर्टिफिकेशन और ऑटो अप्रूवल की सुविधा
अधिनियम के तहत कम जोखिम वाले कारोबारों में बार-बार होने वाले विभागीय निरीक्षण की जगह सेल्फ सर्टिफिकेशन या अधिकृत इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अन्य विशेषज्ञों के प्रमाण-पत्र को मान्यता दी जाएगी। इसके अलावा यदि निर्धारित समय-सीमा में संबंधित विभाग आवेदन पर फैसला नहीं लेता है, तो पात्र मामलों में अनुमति स्वतः स्वीकृत (ऑटो अप्रूवल) मानी जाएगी।
हर साल लाइसेंस रिन्यू कराने की जरूरत नहीं
नए कानून के तहत कई मामलों में हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे उद्यमियों का समय और लागत दोनों बचेंगे तथा वे कारोबार के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल
राज्य सरकार ने फिलहाल 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली के दायरे में शामिल किया है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य सेवाओं को भी इसमें जोड़ा जा सकेगा।
15 लाख से ज्यादा MSME इकाइयों को होगा लाभ
सरकार का दावा है कि इस कानून से राज्य की 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जल प्रदाय अनुमति, सोसायटी एवं फर्म पंजीयन तथा भवन अनुज्ञा जैसी कई सेवाएं भी अब सरल और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाएंगी।
निगरानी के लिए बनेगी त्रिस्तरीय व्यवस्था
अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति और जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति निगरानी करेगी। दोनों समितियां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली परिषद के मार्गदर्शन में कार्य करेंगी।
सरकार का मानना है कि यह कानून राज्य में निवेश बढ़ाने, कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाने और उद्यमियों के लिए पारदर्शी एवं भरोसेमंद व्यावसायिक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी भर्ती, 595 प्राध्यापकों की सीधी भर्ती शुरू, 700 नए पदों को मंजूरी

Raipur:छत्तीसगढ़ सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासकीय महाविद्यालयों में विभाग ने 700 नए पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश के युवाओं को सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी। इसके साथ ही शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के 595 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार स्वीकृत 700 पदों में 625 सहायक प्राध्यापक, 50 ग्रंथपाल और 25 क्रीड़ाधिकारी शामिल हैं। इन नियुक्तियों से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी, पुस्तकालयों को मजबूती मिलेगी और खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
4 अक्टूबर को होगी CG-SET परीक्षा
उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (CG-SET) की तिथि भी घोषित कर दी है। परीक्षा 4 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। विभाग का मानना है कि यह परीक्षा युवाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
प्रयोगशालाओं के लिए तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति
विभाग ने विज्ञान और तकनीकी विषयों की प्रयोगशालाओं को मजबूत करने के लिए भी नियुक्तियां की हैं। वर्ष 2025-26 में 260 प्रयोगशाला तकनीशियन के रिक्त पदों के विरुद्ध 247 अभ्यर्थियों तथा 429 प्रयोगशाला परिचारक के पदों के विरुद्ध 399 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। इससे प्रयोगशालाओं के संचालन और विद्यार्थियों के प्रायोगिक प्रशिक्षण में सुधार आने की उम्मीद है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: छत्तीसगढ़ में 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज को मंजूरी, 250 MBBS सीटें बढ़ीं

Raipur: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने राज्य में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होगी। प्रत्येक कॉलेज में 50-50 एमबीबीएस सीटें होंगी। इस फैसले से प्रदेश में एक साथ 250 नई MBBS सीटों का इजाफा होगा। स्वीकृति मिलने वाले मेडिकल कॉलेज गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में स्थापित किए जाएंगे।
प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का होगा बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को डॉक्टर बनने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि भविष्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल रिसर्च और स्थानीय मानव संसाधन विकास के प्रमुख संस्थान बनेंगे।
दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
सरकार का मानना है कि दंतेवाड़ा और जशपुर जैसे आदिवासी और दूरस्थ जिलों में मेडिकल कॉलेज खुलने से स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा।
पीएम मोदी और जेपी नड्डा का जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का तेजी से विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए मेडिकल कॉलेज प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई दिशा देंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करेंगे।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: प्रदेश में अगले 5 दिन बारिश के आसार, 4 जिलों में येलो अलर्ट, आधे जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे

Raipur: छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार जुलाई के दूसरे सप्ताह में धीमी पड़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। रविवार के लिए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने के आसार हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
आधे जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 11 जुलाई के बीच प्रदेश में 252.4 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 320.6 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश के 32 जिलों में से 16 जिले सामान्य से कम बारिश झेल रहे हैं। 14 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में रही, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ ऐसा इकलौता जिला है जहां बहुत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 74% ज्यादा बारिश
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक 462.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि यहां सामान्य बारिश 265.7 मिमी मानी जाती है। यानी जिले में 74 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह प्रदेश का एकमात्र जिला है जो ‘बहुत अधिक वर्षा’ की श्रेणी में शामिल है।
सरगुजा और बस्तर में अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान सरगुजा संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद प्रदेश का कुल मानसूनी आंकड़ा अभी भी सामान्य से पीछे चल रहा है।
किसानों के लिए अहम है अगले कुछ दिन
जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों, खासकर धान की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन जिलों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां बुआई और फसलों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।
दुर्ग सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक 33.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम 23.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ।
ख़बर छत्तीसगढ़
Raipur: बस्तर गोंचा महापर्व 2026 के लिए CM साय को मिला निमंत्रण, तुपकी चलाकर दी भगवान जगन्नाथ को सलामी

Raipur: बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व-2026 के आयोजन को लेकर शनिवार को आयोजन समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को महापर्व में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की पारंपरिक संस्कृति का सम्मान करते हुए तुपकी चलाकर भगवान श्री जगन्नाथ को प्रतीकात्मक सलामी दी। यह गोंचा महापर्व की प्रमुख और ऐतिहासिक परंपराओं में शामिल है।
619 वर्ष पुरानी परंपरा का होगा निर्वहन
360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक गोंचा महापर्व का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज पिछले 619 वर्षों से इस ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन कर रहा है।
महापर्व के तहत 16 जुलाई को भगवान श्री 1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) पहुंचेगी, जहां भगवान का प्रवास होगा।
अंडरग्राउंड बिजली लाइन के लिए जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का जगदलपुर शहर में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शहर की बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है, बल्कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान आने वाली बाधाएं भी दूर हो गई हैं।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
मुलाकात के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव, गोंचा महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष मुक्तेश पाण्डे सहित समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।
ख़बर देश13 hours agoIRCTC: आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट लॉन्च, टिकट बुकिंग होगी पहले से तेज, स्मार्ट कैप्चा और फास्ट चेकआउट समेत कई नए फीचर्स
ख़बर उत्तरप्रदेश14 hours agoUP News: 150 करोड़ की संपत्ति के विवाद में बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या, गाजियाबाद में चेहरे, सीने और पेट में दागीं 6 गोलियां
ख़बर छत्तीसगढ़13 hours agoRaipur: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी भर्ती, 595 प्राध्यापकों की सीधी भर्ती शुरू, 700 नए पदों को मंजूरी
खेल खिलाड़ी16 hours agoFIFA World Cup 2026: मेसी का जादू, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में, इंग्लैंड को 2-1 से हराया, आखिरी 7 मिनट में पलटा मैच
ख़बर मध्यप्रदेश15 hours agoMP Weather: मध्य प्रदेश में बारिश की रफ्तार थमी, 35 जिलों में सामान्य से कम वर्षा, पूर्वी हिस्से में सूखे जैसे हालात
ख़बर छत्तीसगढ़9 hours agoChhattisgarh: प्रदेश में कारोबार शुरू करना होगा आसान, विधानसभा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पास

















