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NEET UG 2026: NTA ने जारी की OMR शीट की स्कैन कॉपी, 15 जुलाई तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

NEET UG 2026: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG-2026 की स्कैन की गई OMR Answer Sheet और उम्मीदवारों के Recorded Responses जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी OMR शीट देख सकते हैं। यदि किसी रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स पर आपत्ति है, तो उसे ऑनलाइन चुनौती देने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
यहां देखें OMR शीट
NTA ने OMR उत्तर पुस्तिका और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स neet.nta.nic.in पर अपलोड कर दिए हैं। इसके अलावा, OMR शीट की स्कैन कॉपी उम्मीदवारों के पंजीकृत ईमेल आईडी पर भी भेजी गई है। उम्मीदवारों को वेबसाइट पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल के साथ OTP आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के जरिए लॉगिन करना होगा।
15 जुलाई तक कर सकेंगे आपत्ति
रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया 13 जुलाई से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन चैलेंज दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक चैलेंज के लिए ₹200 प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा। यह शुल्क नॉन-रिफंडेबल होगा। भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से किया जा सकेगा। तय समय सीमा के बाद भेजी गई आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
उत्तर कुंजी पर नहीं होगी नई आपत्ति
NTA ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल Recorded OMR Responses पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए है। Answer Key पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। अब उत्तर कुंजी से संबंधित कोई नई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
21 जून को हुई थी दोबारा परीक्षा
NEET UG-2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक आयोजित की गई थी। इससे पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी और 6 मई को अनंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई थी। बाद में परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए।
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अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी ज्यादा अल्कोहल वाली कफ सिरप, केंद्र सरकार ने बदले नियम

New Delhi: केंद्र सरकार ने दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 12 प्रतिशत से अधिक एथिल अल्कोहल वाली पीने की दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन (पर्ची) के बिना नहीं खरीदी या बेची जा सकेंगी। सरकार ने इस संबंध में ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए इन दवाओं को ‘शेड्यूल H1’ श्रेणी में शामिल कर दिया है।
नए नियम के तहत 12% से अधिक एथिल अल्कोहल वाली और 30 मिलीलीटर से बड़ी बोतलों में बिकने वाली सभी ओरल दवाओं पर यह नियम लागू होगा। इन दवाओं की बिक्री अब केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जा सकेगी।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
सरकार के अनुसार, बाजार में उपलब्ध कुछ कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल की मात्रा अधिक होने के कारण उनका नशे के रूप में दुरुपयोग किया जा रहा था। इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने और दवाओं की बिक्री की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह निर्णय ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी (DCC) और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
मेडिकल स्टोर्स के लिए क्या बदलेगा?
शेड्यूल H1 में शामिल होने के बाद मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसी संचालकों को नए नियमों का पालन करना होगा।अब उन्हें केवल पंजीकृत डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही दवा बेचनी होगी। प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड अलग रजिस्टर में दर्ज करना होगा। रिकॉर्ड में मरीज का नाम, डॉक्टर का नाम और दवा की मात्रा दर्ज करनी होगी। बिक्री से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड कम से कम तीन वर्ष तक सुरक्षित रखने होंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर ड्रग रेगुलेटरी एजेंसियां उनकी जांच कर सकें।
मरीजों पर क्या होगा असर?
इस फैसले के बाद सामान्य मरीजों को ऐसी दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी। सरकार का कहना है कि इससे जरूरतमंद मरीजों को दवा मिलती रहेगी, जबकि इनके गलत इस्तेमाल और अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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Jammu Kashmir: वैष्णो देवी हिमकोटी मार्ग लैंडस्लाइड के बाद बंद, बैटरी कार सेवा रुकी; सेना प्रमुख ने अमरनाथ यात्रा सुरक्षा की समीक्षा की

कटरा/श्रीनगर: श्री माता वैष्णो देवी भवन जाने वाले हिमकोटी मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस ट्रैक को एहतियातन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही इस मार्ग पर संचालित बैटरी कार सेवा भी अगले आदेश तक रोक दी गई है।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन के तुरंत बाद ट्रैक पर गिरे पत्थरों और मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। मशीनों और कर्मचारियों की मदद से रास्ते को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
बोर्ड प्रशासन ने बताया कि मलबा पूरी तरह हटने और मौसम सामान्य होने के बाद सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा। सभी मानकों पर स्थिति संतोषजनक पाए जाने के बाद ही हिमकोटी मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोला जाएगा।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का सेना प्रमुख ने लिया जायजा
इधर, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को श्रीनगर स्थित चिनार कोर (15 कोर) मुख्यालय का दौरा कर कश्मीर घाटी की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्हें नियंत्रण रेखा (LoC), घाटी के संवेदनशील इलाकों में तैनाती, आतंकवाद विरोधी अभियानों, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और जारी अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सेना के अनुसार, जनरल धीरज सेठ ने आधुनिक तकनीक के उपयोग, सैन्य क्षमताओं को और मजबूत बनाने तथा संयुक्त अभियान तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए कश्मीर में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर देखें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
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Monsoon News: पुणे में कचरे का पहाड़ इमारत पर गिरा, सूरत में टूटा 85 साल का रिकॉर्ड; कई राज्यों में बुरे हालात

Monsoon News: देशभर में मानसून ने कहर बरपा रखा है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अलग-अलग राज्यों में इमारतें ढहने, लैंडस्लाइड, बाढ़ और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई, जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
पुणे में कचरे का पहाड़ इमारत पर गिरा
महाराष्ट्र के पुणे में लगातार बारिश के बीच कचरे का विशाल ढेर खिसककर तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे कचरा प्रबंधन की इमारत भी ढह गई। हादसे के समय 16 लोग मलबे में दब गए, जिनमें से 6 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुणे के खंडाला क्षेत्र में लैंडस्लाइड की घटना में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी अब भी लापता है।
मुंबई में फ्लाइट डायवर्ट
भारी बारिश के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर परिचालन प्रभावित हुआ और 9 उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा।
सूरत में 85 साल का रिकॉर्ड टूटा
गुजरात के सूरत में 36 घंटे के भीतर 19 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे 1941 का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। लगातार बारिश और बाढ़ से जुड़े हादसों में पिछले तीन दिनों में 19 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने 3,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि कई इलाकों में लोगों को भोजन और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे धंसा, गुरुग्राम में लंबा जाम
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) का एक हिस्सा बारिश के कारण धंस गया, जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। गुरुग्राम के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने निजी कंपनियों से कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों तक वर्क फ्रॉम होम (WFH) देने की अपील की है।
अन्य राज्यों में भी बारिश का असर
- दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत।
- मध्य प्रदेश के जबलपुर में पांच मंजिला इमारत ढह गई।
- राजस्थान के जालोर में एक जीप नदी में पलट गई।
- चित्तौड़गढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
अरुणाचल में 94 हजार लोग प्रभावित
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के चलते बाढ़ और लैंडस्लाइड से 26 जिलों के 94 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 4 लोगों की मौत, 21 लोग घायल और 2 महिलाएं लापता बताई गई हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी है। देश के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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अमरनाथ यात्रा 2026: ड्रोन, CCTV और माउंटेन रेस्क्यू टीम की निगरानी में होगी यात्रा, सीआरपीएफ ने किए कड़े सुरक्षा इंतजाम

अमरनाथ यात्रा 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। यात्रा मार्ग, बेस कैंप और श्रद्धालुओं के ठहरने वाले स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आधुनिक तकनीक के साथ विशेष बचाव दलों को भी तैनात किया गया है।
सीआरपीएफ के डीआईजी सुधीर कुमार ने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न सेक्टरों में रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) की तैनाती की गई है। जम्मू से रवाना होने वाले श्रद्धालुओं के काफिलों को भी सुरक्षा घेरे में यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इससे यात्रा मार्ग पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए सीआरपीएफ की माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) को भी पहले से अधिक सक्षम बनाया गया है। इन टीमों को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।
डीआईजी सुधीर कुमार ने कहा कि इस वर्ष सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं में भी कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि अमरनाथ यात्रा 2026 सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफल रहेगी।
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Petrol Diesel Price Cut: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता, नायरा एनर्जी ने घटाए दाम, नई कीमतें लागू

Petrol Diesel Price Cut: देश की प्रमुख निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती की है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर कम कर दिए हैं। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
कटौती के बाद भोपाल में नायरा के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल 119.79 रुपये प्रति लीटर और डीजल 102.57 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में वैट और स्थानीय करों के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
क्रूड ऑयल सस्ता होने का मिला फायदा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। हाल ही में अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। तनाव कम होने के बाद कीमतों में गिरावट आई, जिसका फायदा नायरा एनर्जी ने ग्राहकों को दिया है।
सरकारी कंपनियों ने अभी नहीं घटाए दाम
इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है। इससे पहले मई में इन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का हवाला देते हुए दोनों ईंधनों के दाम कुल 7.50-7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए थे।
7 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप
नायरा एनर्जी के देशभर में 7 हजार से अधिक पेट्रोल पंप हैं और ईंधन खुदरा बाजार में उसकी करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं देश के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में 90 प्रतिशत से अधिक पर सरकारी तेल कंपनियों का संचालन है।
पहले एस्सार ऑयल के नाम से थी कंपनी
नायरा एनर्जी पहले एस्सार ऑयल के नाम से जानी जाती थी। कंपनी में रूस की रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी है और गुजरात के वाडिनार में देश की दूसरी सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी का संचालन करती है। कंपनी अब पेट्रोकेमिकल्स, बायोफ्यूल और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।
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