Connect with us

अर्थ जगत

Indian Railway: नए नियम लागू, बिना टिकट यात्रा पर 500 रुपए जुर्माना, महिला कोच में घुसे तो 2500 रुपए तक पेनाल्टी

Published

on

रेलवे नए नियम 2026, बिना टिकट जुर्माना, भारतीय रेलवे नियम, महिला कोच जुर्माना, रेलवे टिकट नियम, रेलवे पेनाल्टी, Indian Railways New Rules

New Delhi: यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और रेलवे व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए हैं। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए प्रावधानों के तहत बिना टिकट यात्रा, टिकट का दुरुपयोग, महिला कोच में अवैध प्रवेश, गंदगी फैलाने और अवैध फेरी जैसे मामलों में अब पहले से अधिक सख्ती बरती जाएगी।

रेलवे ने वर्ष 2013 के बाद पहली बार जुर्माने की राशि में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार बिना टिकट या गलत टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री को किराए के अतिरिक्त न्यूनतम 500 रुपए का जुर्माना देना होगा। इससे पहले यह जुर्माना 250 रुपए था।

दूसरे के नाम के टिकट पर सफर करना पड़ेगा भारी

रेलवे ने टिकट के गलत इस्तेमाल पर भी शिकंजा कस दिया है। यदि कोई यात्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट से यात्रा करता हुआ पाया जाता है, तो उसका टिकट तत्काल निरस्त किया जा सकता है। इसके साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

महिला कोच में अवैध प्रवेश पर 2500 रुपए तक जुर्माना

Advertisement

महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने महिला कोच में अवैध प्रवेश के नियमों को और कड़ा किया है। अब महिला कोच में बिना अनुमति प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

गंदगी और हंगामा करने वालों पर भी कार्रवाई

रेलवे स्टेशन या ट्रेन में गंदगी फैलाने, नशे की हालत में उपद्रव करने अथवा अशोभनीय व्यवहार करने वाले यात्रियों पर 2000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि इससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

अवैध फेरी और भीख मांगने वालों पर सख्ती

रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने और भीख मांगने वालों के खिलाफ भी कड़े प्रावधान लागू किए हैं। ऐसे मामलों में 2000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

Advertisement

जुर्माना नहीं भरा तो हो सकती है जेल

रेलवे के अनुसार यदि कोई व्यक्ति निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत तीन महीने से लेकर एक वर्ष तक की जेल की सजा भी हो सकती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अनुशासन बनाए रखना और रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है।

Continue Reading
Advertisement

अर्थ जगत

Polymer Currency India: ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट आएंगे, सरकार ने 100-100 करोड़ नोटों के फील्ड ट्रायल को दी मंजूरी

Published

on

पॉलीमर नोट, प्लास्टिक नोट, 10 रुपए का पॉलीमर नोट, 20 रुपए का पॉलीमर नोट, Polymer Currency India, Polymer Bank Notes, RBI Polymer Notes, 10 Rupees Polymer Note, 20 Rupees Polymer Note, निर्मला सीतारमण, RBI, भारतीय करेंसी, नए नोट, बैंक नोट, नकली नोट

नई दिल्ली: भारत में अब ₹10 और ₹20 के पॉलीमर यानी प्लास्टिक बैंक नोट आने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के ट्रायल का प्रस्ताव दिया था। ट्रायल सफल रहने के बाद इन नोटों को नियमित रूप से जारी किया जा सकता है। RBI के मुताबिक, पॉलीमर नोट मौजूदा कागजी नोटों के साथ ही चलेंगे।

क्या होता है पॉलीमर नोट?

पॉलीमर नोट कागज के बजाय एक खास तरह के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सब्सट्रेट से बनाए जाते हैं। ये सामान्य नोटों की तरह हल्के होते हैं, लेकिन पानी, धूल और नमी से जल्दी खराब नहीं होते। RBI के मुताबिक ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत कई देशों में पॉलीमर करेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

टिकाऊ होती है पॉलीमर करेंसी

Advertisement

पॉलीमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत उनकी लंबी उम्र है। कागजी नोटों के मुकाबले ये कम फटते हैं और पानी में भीगने के बाद भी खराब नहीं होते। इससे कम समय में नोट बदलने की जरूरत घट सकती है।

नकली नोटों पर भी लगेगी लगाम

पॉलीमर सब्सट्रेट में एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं। इससे नोटों की नकल करना मुश्किल होगा और नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

नोट छापने का खर्च भी घट सकता है

कागजी नोट जल्दी खराब होने के कारण उन्हें बार-बार बदलना पड़ता है। इससे नए नोटों की छपाई पर खर्च बढ़ता है। वित्त वर्ष 2024-25 में RBI ने बैंक नोटों की प्रिंटिंग पर ₹6,372.8 करोड़ खर्च किए थे। पॉलीमर नोट ज्यादा समय तक चलने की वजह से लंबे समय में नोटों की छपाई और रिप्लेसमेंट की लागत कम होने की उम्मीद है।

Advertisement

अभी ट्रायल होगा, फिर फैसला

फिलहाल ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल के दौरान इनकी टिकाऊ क्षमता, इस्तेमाल और व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा। इसके परिणाम के आधार पर इन्हें नियमित रूप से जारी करने पर फैसला होगा।

Continue Reading

अर्थ जगत

UPI चार्ज पर सरकार की सफाई, आम लोगों को नहीं देना होगा कोई शुल्क, P2P ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री

Published

on

UPI Charges, UPI Charge News, UPI MDR, UPI Payment, UPI Free, UPI Transaction Charges, P2P UPI, Merchant Discount Rate, Finance Ministry, NPCI, UPI News 2026, Taxation and Other Laws Amendment Bill 2026, यूपीआई चार्ज, यूपीआई शुल्क, यूपीआई एमडीआर

UPI Charges: यूपीआई इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि आम उपभोक्ताओं से UPI भुगतान पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P (Person-to-Person) ट्रांजैक्शन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे।

वित्त मंत्रालय ने 8 अगस्त को जारी स्पष्टीकरण में कहा कि UPI पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर चल रही चर्चाओं का आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार के मुताबिक, यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो यह तय सीमा से ऊपर के सीमित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही लागू होगा और इसकी दर डेबिट या क्रेडिट कार्ड के MDR की तुलना में काफी कम रखी जाएगी।

आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?

सरकार के मुताबिक आम UPI यूजर्स के लिए फिलहाल कोई नया चार्ज नहीं है। P2P भुगतान मुफ्त रहेगा। पैसे भेजने या प्राप्त करने पर यूजर से शुल्क नहीं लिया जाएगा। रोजमर्रा के UPI भुगतान पर आम उपभोक्ता को चार्ज नहीं देना होगा। सरकार ने साफ किया है कि UPI नागरिकों के लिए मुफ्त रहेगा।

क्या दुकानदारों से MDR लिया जाएगा?

Advertisement

सरकार ने सभी व्यापारियों पर एक साथ MDR लगाने की बात नहीं कही है। वित्त मंत्रालय के अनुसार भविष्य में यदि MDR लागू किया गया तो यह सीमित मर्चेंट ट्रांजैक्शन और एक तय सीमा से ऊपर के भुगतान तक सीमित रहेगा।सरकार ने यह भी कहा है कि UPI के अधिकांश मर्चेंट ट्रांजैक्शन मुफ्त बने रहेंगे। संभावित MDR की दर कार्ड से लगने वाले MDR से काफी कम होगी।

UPI चार्ज की चर्चा क्यों शुरू हुई?

UPI चार्ज को लेकर चर्चा Payment and Settlement Systems Act, 2007 में प्रस्तावित बदलाव के बाद शुरू हुई। सरकार के मुताबिक यह बदलाव आम लोगों से शुल्क वसूलने के लिए नहीं, बल्कि UPI सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ, सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि UPI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश की जरूरत है।

MDR पर अंतिम फैसला कौन करेगा?

सरकार के मुताबिक, Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के संसद से पारित होने के बाद MDR को लेकर अंतिम निर्णय NPCI की अध्यक्षता वाली UPI and Services Steering Committee करेगी। यानी अभी हर UPI भुगतान पर शुल्क लागू होने का कोई फैसला नहीं हुआ है।

Advertisement

जुलाई में UPI से हुए ₹29.9 लाख करोड़ के ट्रांजैक्शन

वित्त मंत्रालय के अनुसार जुलाई 2026 में UPI के जरिए 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.9 लाख करोड़ रही। सरकार का कहना है कि बढ़ते लेनदेन के बीच UPI को सुरक्षित और टिकाऊ बनाए रखना जरूरी है।

सीधी बात

आम यूजर के लिए UPI अभी भी फ्री है। P2P ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। भविष्य में संभावित MDR का असर केवल सीमित, तय सीमा से ऊपर वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर हो सकता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी व्यापारियों पर एक समान या अनिवार्य MDR नहीं लगाया जाएगा।

Advertisement
Continue Reading

अर्थ जगत

RBI Repo Rate 2026: RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा बरकरार, जानें EMI और लोन पर क्या होगा असर?

Published

on

RBI Repo Rate, Repo Rate 2026, RBI MPC Meeting, Sanjay Malhotra, Home Loan EMI, Car Loan, Personal Loan, FD Interest Rate, RBI News, Economy News, Business News Hindi

RBI Repo Rate: अगर आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI कम होने का इंतजार कर रहे हैं, तो फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। अब रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रहेगा।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिन चली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद मंगलवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और महंगाई के जोखिम को देखते हुए फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है।

EMI पर क्या होगा असर?

रेपो रेट नहीं घटने का मतलब है कि बैंकों के लिए कर्ज लेने की लागत में कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे में नए और मौजूदा होम, कार व पर्सनल लोन की ब्याज दरों और EMI में भी तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है। हालांकि, बैंक अपनी व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार ब्याज दरों में सीमित बदलाव कर सकते हैं।

FD निवेशकों के लिए राहत

Advertisement

रेपो रेट स्थिर रहने से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी फिलहाल बड़ी कटौती की संभावना कम है। इससे बैंक में बचत रखने वाले ग्राहकों को राहत मिलेगी।

RBI ने रेपो रेट क्यों नहीं घटाया?

RBI के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका की टैरिफ नीति और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अभी भी चिंता का विषय हैं। इन हालात में ब्याज दर घटाने से बाजार में नकदी बढ़ सकती है, जिससे महंगाई बढ़ने का जोखिम रहेगा।

Continue Reading

अर्थ जगत

GST Collection July 2026: जुलाई में 2.11 लाख करोड़ का रिकॉर्ड GST कलेक्शन, 15.4% की बढ़ोतरी

Published

on

GST Collection July 2026, GST Revenue, GST Collection India, GST News, CGST, SGST, IGST, GST Growth, Maharashtra GST Collection, Gujarat GST, Uttar Pradesh GST, Madhya Pradesh GST, Indian Economy, Tax Collection, Hindi Business News

GST Collection July 2026: देश में आर्थिक गतिविधियों की मजबूती का असर जीएसटी कलेक्शन पर भी दिखाई दे रहा है। जुलाई 2026 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह 2.11 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले साल जुलाई 2025 के मुकाबले 15.4% अधिक है। जुलाई 2025 में जीएसटी कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपए रहा था।

सरकार के जारी अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में केंद्रीय जीएसटी (CGST) से 39,835 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी (SGST) से 47,881 करोड़ रुपए और इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) से 1.23 लाख करोड़ रुपए से अधिक का संग्रह हुआ।

चार महीने में 8.4 लाख करोड़ का कलेक्शन

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) में कुल जीएसटी कलेक्शन 10.1% बढ़कर 8.4 लाख करोड़ रुपए हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 7.6 लाख करोड़ रुपए था। घरेलू लेनदेन से प्राप्त जीएसटी भी 9.2% बढ़कर 7.21 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।

महाराष्ट्र सबसे आगे, गुजरात-तेलंगाना की शानदार बढ़त

Advertisement

राज्यों के प्रदर्शन में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। राज्य ने जुलाई में 32,210 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन किया, जो पिछले साल की तुलना में 13% अधिक है।

  • महाराष्ट्र: ₹32,210 करोड़ (13% वृद्धि)
  • कर्नाटक: ₹13,854 करोड़ (12% वृद्धि)
  • गुजरात: ₹12,923 करोड़ (19% वृद्धि)
  • उत्तर प्रदेश: ₹9,651 करोड़ (15% वृद्धि)
  • तेलंगाना: ₹5,819 करोड़ (19% वृद्धि)

मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गिरावट

कुछ राज्यों में जीएसटी संग्रह में कमी भी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश में कलेक्शन 10% घटा। तमिलनाडु में 1% और आंध्र प्रदेश में 5% की गिरावट रही। सिक्किम में सबसे अधिक 59% की कमी दर्ज की गई, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में क्रमशः 22% और 18% की गिरावट देखने को मिली। जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े फिलहाल अस्थायी (प्रोविजनल) हैं और अंतिम रिपोर्ट जारी होने पर इनमें मामूली बदलाव संभव है।

Continue Reading

अर्थ जगत

E20 पेट्रोल पर सरकार का बड़ा बयान: 2016 से पहले बनी कुछ गाड़ियों में बदलने पड़ सकते हैं रबर पार्ट्स

Published

on

E20 Petrol, नितिन गडकरी, BS3 Vehicles, Ethanol Blended Petrol, E20 Fuel, Old Vehicles, Rubber Parts, Auto News, Government News, India

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से 1 अप्रैल 2005 से लागू BS-3 मानक वाले और वर्ष 2016 से पहले निर्मित कुछ वाहनों में रबर के कुछ पुर्जे और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि सरकार ने कहा कि यह बदलाव नियमित सर्विसिंग के दौरान आसानी से किया जा सकता है। राज्यसभा में लिखित जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी।

इंजन में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं

गडकरी ने बताया कि इंडियन ऑयल (IOCL), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), SIAM और ARAI ने मिलकर E20 ईंधन का दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर अध्ययन किया। जिसमें पाया गया कि कार और दोपहिया वाहनों के इंजन में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है। पुराने वाहनों के प्रदर्शन या इंजन की घिसावट में भी कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा गया।

किन गाड़ियों पर असर पड़ सकता है?

सरकार के अनुसार, केवल BS-3 मानक वाले और वर्ष 2016 से पहले बने कुछ वाहनों में परीक्षण के दौरान रबर के कुछ पुर्जे और गैस्केट बदलने की आवश्यकता महसूस हुई।

Advertisement

माइलेज पर क्या कहा?

नितिन गडकरी ने कहा कि वाहन का माइलेज सिर्फ ईंधन के प्रकार पर निर्भर नहीं करता। यह ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति, वाहन की देखभाल और अन्य तकनीकी कारणों से भी प्रभावित होता है।

ड्राइवबिलिटी में नहीं मिली समस्या

सरकार ने बताया कि परीक्षण के दौरान स्टार्ट होने की क्षमता, ड्राइवबिलिटी, धातु और प्लास्टिक के पुर्जों की अनुकूलता में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई।

व्यापक परीक्षण के बाद लागू हुआ E20

Advertisement

गडकरी ने कहा कि E20 (80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल) को व्यापक परीक्षण और विशेषज्ञों से परामर्श के बाद चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। वाहन निर्माताओं ने भी E20 इस्तेमाल करने वाले वाहनों की वारंटी का सम्मान जारी रखने की बात कही है।

Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

मिर्जापुर द मूवी, Mirzapur The Movie, Mirzapur Movie Trailer, Mirzapur Trailer, पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रवि किशन, कालीन भैया, गुड्डू पंडित, मुन्ना त्रिपाठी, Mirzapur Movie Release Date, Mirzapur 2026, Gurmeet Singh, Puneet Krishna, Farhan Akhtar, Ritesh Sidhwani, Bollywood News
Film Studio1 hour ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का ट्रेलर रिलीज, कालीन भैया का फिर दिखा भौकाल, 4 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म

भोपाल विदिशा फोरलेन, Bhopal Vidisha Four Lane, भोपाल विदिशा रोड, MP Cabinet, मध्य प्रदेश कैबिनेट, मोहन यादव, भोपाल कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर, सांची रोड, विदिशा रोड, 1757 करोड़ परियोजना, भोपाल बायपास, SISF, रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार, MP News, Madhya Pradesh News
ख़बर मध्यप्रदेश3 hours ago

MP Cabinet: भोपाल-विदिशा रोड होगा फोरलेन, 1,757.55 करोड़ रुपए की परियोजना को कैबिनेट मंजूरी; 3 बायपास भी बनेंगे

छत्तीसगढ़ नक्सल प्रभावित, विजय शर्मा, Naxal Rehabilitation Chhattisgarh, Chhattisgarh Naxal News, शहीद स्मारक, 109 शहीद स्मारक, नक्सल पीड़ित परिवार, पुनर्वास योजना, नक्सल पुनर्वास, शहीद परिवार, QR Code Memorial, Bastar News, Chhattisgarh News, नक्सल प्रभावित गांव, पुनर्वासित युवा
ख़बर छत्तीसगढ़3 hours ago

Chhattisgarh: नक्सल प्रभावितों के लंबित मामलों के लिए चलेगा विशेष अभियान, 109 शहीद स्मारक बनेंगे, QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

पॉलीमर नोट, प्लास्टिक नोट, 10 रुपए का पॉलीमर नोट, 20 रुपए का पॉलीमर नोट, Polymer Currency India, Polymer Bank Notes, RBI Polymer Notes, 10 Rupees Polymer Note, 20 Rupees Polymer Note, निर्मला सीतारमण, RBI, भारतीय करेंसी, नए नोट, बैंक नोट, नकली नोट
अर्थ जगत4 hours ago

Polymer Currency India: ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट आएंगे, सरकार ने 100-100 करोड़ नोटों के फील्ड ट्रायल को दी मंजूरी

मध्य प्रदेश बारिश, भोपाल बारिश, MP Weather, Rajasthan Rain, राजस्थान बारिश, UP Flood, उत्तर प्रदेश बाढ़, गंगा यमुना बाढ़, उत्तराखंड बारिश, हिमाचल बारिश, छत्तीसगढ़ बारिश, Bhopal Rain, Heavy Rain Alert, IMD Weather, Monsoon 2026
ख़बर देश6 hours ago

Weather Alert: MP समेत 6 राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ जैसे हालात, भोपाल में 7 इंच से ज्यादा पानी; UP में 40 गांव बाढ़ की चपेट में

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending