ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ में FDI के खुले रास्ते, प्रदेश को मिले 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

Investors Connect Meet Chhattisgarh: मुंबई में हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ के लिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रास्ते खुल गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंबई में अमेरिकी काउंसिल जनरल और रशिया काउंसिल जनरल से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताते हुए राज्य के अनुकूल कारोबारी माहौल की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक छत्तीसगढ़ ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। ये प्रस्ताव हाल ही में रायपुर, दिल्ली और मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट समिट के दौरान प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा हमने नई उद्योग नीति के माध्यम से निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछाया है। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को छह हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए कहा कि निवेशकों की पसंदीदा नीति बनाने के लिये हमने “न्यूनतम शासन-अधिकतम प्रोत्साहन” को सूत्र वाक्य के रुप में अपनाया है। इसके अंतर्गत हमने एनओसी की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब क्लियरेंस हो रहे हैं। इससे निवेशकों को खासी राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया नये जमाने के उद्योगों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। नवा रायपुर में हम डाटा सेंटर भी आरंभ कर रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं और यहां आईटी कंपनियों ने काम करना आरंभ कर दिया है। नवा रायपुर आधुनिक सुविधापूर्ण और व्यवस्थित शहर है साथ ही ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन्वेस्टर कनेक्ट मीट के दौरान अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के काउंसिल जनरल माइक हैंकी व रूस के काउंसिल जनरल इवान फेटिसोव से मुलाकात की। इस दौरान काउंसिल जनरल ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं।
कई प्रमुख उद्योग समूहों ने राज्य में निवेश के दिए प्रस्ताव
इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड ने राज्य में 2367 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की घोषणा की। वहीं बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने राज्य में विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की इच्छा जताई है, जिसके लिए उन्होंने 700 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नया रायपुर में अस्पताल की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के राज्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। प्लास्टिक और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी वेलस्पन ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना साझा की है। वहीं ड्रूल्स कंपनी ने पालतू जानवरों के आहार के उत्पादन को बढ़ाने के लिए राजनांदगांव में 625 करोड़ रुपये का निवेश की घोषणा की है। कंपनी द्वारा ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 30 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही क्रिटेक टेक्नोलॉजीज ने राज्य में आईटी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये का निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। नन्टेक्स मशीनरी ने 45 करोड़ और नन्टेक्स इंडस्ट्रीज ने 39.50 करोड़ तथा पिडिलाइट इंडस्ट्रीज 80 करोड़ व विजन प्लस सिक्योरिटी ने 50 करोड़ के निवेश की योजना साझा की है। इन सबके साथ ही अन्य कंपनियों को मिलकर कुल 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को मिले हैं।
मीट के दौरान आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य में अपने उद्योगों के विस्तार के बारे में चर्चा की। आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ में वस्त्र, पेंट और आभूषण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावना जताई है। वहीं गोदरेज समूह की कार्यकारी निदेशक तान्या डुबाश ने भी छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरक, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ मोल्डेड फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में निवेश की संभावना व्यक्त की है।
ऊर्जा, इस्पात, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी एस्सार ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार डॉ हसीब द्रबू ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, इस्पात और खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं जताई हैं। वहीं, क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री संतोष कटारिया ने मुलाकात के दौरान कहा खनिज संसाधन और सुलभ कुशल श्रमिक को राज्य में वस्त्र उद्योग के लिए अच्छी संभावनाएं हैं।
आधारभूत संरचना निवेशकों के अनुकूल
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि नवा रायपुर में 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। यही नहीं अगले पांच वर्षों में यहां 2.1 बिलियन डालर की नई परियोजनाएं भी आरंभ की जाएंगी। छत्तीसगढ़ में आईआईटी भी हैं, आईआईएम भी हैं तो स्वाभाविक रूप से इंडस्ट्री के लिए सक्षम तकनीकी लोग यहां उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी शानदार है। रांची, विशाखापट्नम तथा हैदराबाद के लिए एक्सप्रेसवे तैयार किये जा रहे हैं जो शीघ्र ही तैयार हो जाएंगे। रेल, रोड तथा एयर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ में शानदार है। सबसे ज्यादा निवेश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए किया गया है। इससे यहां के उद्योग जगत को माल ढुलाई में बड़ा लाभ होगा।
ऊर्जा और खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अग्रणी
मुख्यमंत्री ने बताया खनिज संसाधनों और विद्युत उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से हैं। जो कोर इंडस्ट्री के लिए सबसे जरूरी खनिज हैं, जैसे कोयला, लोहा और बाक्साइट आदि, यह छत्तीसगढ़ में प्रचुरता से है और स्वाभाविक रूप से हमारा प्रदेश स्टील, सीमेंट और एलुमीनियम आदि के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से है। 25 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट राज्य है। देश के 16 प्रतिशत स्टील और 15 प्रतिशत एल्यूमीनियम का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जो टिन का उत्पादन करता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में लीथियम जरूरी है। छत्तीसगढ़ में न केवल लीथियम के बड़े भंडार मिले हैं अपितु हम लीथियम ब्लाक की नीलामी करने वाले पहले राज्य हैं।
ख़बर छत्तीसगढ़
रायपुर साहित्य उत्सव 2026: साहित्य प्रेमियों के लिए बड़ी सुविधा, तीन दिनों तक निःशुल्क बस सेवा

Raipur: रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के दौरान आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर में निःशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन की किसी भी असुविधा के कारण कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजन में शामिल होने से वंचित न रह जाए।
यह निःशुल्क बस सेवा 23, 24 और 25 जनवरी 2026—तीन दिनों तक लगातार संचालित की जाएगी। इन दिनों बसों में यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी, जिससे शहरवासी बिना किसी अतिरिक्त खर्च के रायपुर साहित्य उत्सव में सहभागिता कर सकेंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और साहित्य प्रेमियों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सुविधा के अंतर्गत लगभग 15 बसें चलाई जाएंगी। ये बसें उत्सव स्थल तक आने-जाने—दोनों दिशाओं में संचालित होंगी, ताकि कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या इस तरह निर्धारित की गई है कि आवागमन सुचारु बना रहे।
शहर के अधिकतम क्षेत्रों को इस सुविधा से जोड़ने के लिए कुल 6 प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इन रूट्स के माध्यम से रायपुर के विभिन्न हिस्सों से लोग सीधे उत्सव स्थल तक पहुंच सकेंगे। सभी बसें पुराने रायपुर क्षेत्र से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर स्थित रायपुर साहित्य उत्सव स्थल तक संचालित की जाएंगी।
निःशुल्क बस सेवा में शामिल सभी बसों पर रायपुर साहित्य उत्सव की विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। इससे न केवल शहर में साहित्य उत्सव का उत्साहपूर्ण माहौल बनेगा, बल्कि नागरिकों के बीच आयोजन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी और पूरे रायपुर में उत्सव की पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
बसों की विस्तृत समय-सारणी शीघ्र जारी की जाएगी, जिसे विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक किया जाएगा ताकि नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकें। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बस सेवा समयबद्ध, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो।
उल्लेखनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क बस सेवा की यह व्यवस्था अधिकाधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि समाज के हर वर्ग को इस साहित्यिक उत्सव से जुड़ने का अवसर मिल सके।
ख़बर छत्तीसगढ़
मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री साय ने की विकास से जुड़ी अहम घोषणाएं

Raipur:राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवशाली परंपरा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का भव्य समापन ऐतिहासिक गरिमा और उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य, कर्तव्य और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से और द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की कामना की।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने तथा वहां पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की कार्यशैली की पहचान है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम और भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियां उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान भी दिलाती है।
समापन समारोह में जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल एवं भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज आरंग महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ख़बर छत्तीसगढ़
धान खरीदी में अनियमितता पर सख्त रुख: 53 हजार क्विंटल धान की कमी पर कार्रवाई, प्रभारी निलंबित

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन के साथ धान खरीदी एवं भंडारण प्रणाली को संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केंद्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देश पर इस धान के भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों की संयुक्त जांच टीम गठित की गई।
संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को किए गए भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान पाया गया कि धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, बोरे अस्त-व्यस्त पड़े थे और ऑनलाइन स्टॉक एवं मौके पर उपलब्ध धान में बड़ा अंतर पाया गया।
जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल और धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी दर्ज की गई। इस संबंध में तैयार जांच प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विपणन अधिकारी, बेमेतरा द्वारा संग्रहण केंद्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक (क्षेत्र सहायक) को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त दायित्वों से मुक्त करते हुए निलंबन एवं विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश तक धान संग्रहण केंद्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केंद्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
भौतिक सत्यापन के दौरान सरदा एवं लेंजवारा संग्रहण केंद्रों में कुल 11,648.62 क्विंटल धान उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष धान का उठाव नियमानुसार सतत जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि संग्रहण केंद्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विरुद्ध है। इस अनियमितता को भी विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को समय पर पूरा भुगतान मिलेगा, लेकिन अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई तय है।” सरकार धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाने के लिए सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
ख़बर छत्तीसगढ़
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: छत्तीसगढ़ में 19 से 26 जनवरी तक द्वितीय चरण के राज्यव्यापी कार्यक्रम

Raipur: राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राज्यभर में विशेष आयोजनों की श्रृंखला संचालित की जा रही है। इसी क्रम में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक हस्तियां और बड़ी संख्या में नागरिक सहभागिता करेंगे।
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा।
द्वितीय चरण के अंतर्गत 19 से 26 जनवरी तक राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की भागीदारी से संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला और प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों की विशेष प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
जनभागीदारी को और व्यापक बनाने के लिए सार्वजनिक एवं निजी सहयोग से प्रदेशभर में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
गौरतलब है कि इस अभियान का प्रथम चरण 7 से 14 नवंबर 2025 के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है।
वहीं तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ तथा चतुर्थ चरण 1 से 7 नवंबर 2026 के दौरान आयोजित किया जाएगा।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक जनभागीदारी के साथ संपन्न किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को और सशक्त करना है।
ख़बर छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता, 31 निलंबित, 3 पर FIR, एक बर्खास्त

Raipur: राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में सामने आई अनियमितताओं पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के बाद समिति प्रबंधकों सहित धान खरीदी से जुड़े 38 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 31 कर्मचारियों को निलंबित, तीन के खिलाफ एफआईआर, एक की सेवा समाप्त, दो को सेवा से पृथक और एक को कार्य से पृथक किया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश के 12 जिलों—दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, जगदलपुर, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद और बलौदाबाजार-भाटापारा में की गई है। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि धान खरीदी में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
किन कारणों से हुई कार्रवाई
- स्कंध में कमी के 5 मामले
- अधिक स्कंध व अव्यवस्थित स्टेकिंग के 3 मामले
- नीति व निर्देशों के उल्लंघन के 4 मामले
- अमानक धान खरीदी के 5 मामले
- धान खरीदी में अनियमितता के 11 मामले
- अवकाश के दिन खरीदी के 3 मामले
- फर्जी खरीदी, टोकन अनियमितता, बिना आवक पर्ची, अवैध वसूली व अव्यवस्था के मामले
- बारदाना वितरण में अनियमितता के 2 मामले सामने आए हैं।
प्रमुख जिलों में कार्रवाई की झलक
दुर्ग: स्कंध गड़बड़ी व नीति उल्लंघन पर 8 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित
बेमेतरा: अमानक व फर्जी धान खरीदी पर निलंबन, एक पर एफआईआर
कबीरधाम: स्कंध कमी व बारदाना अनियमितता पर निलंबन, एक पर एफआईआर
बिलासपुर: खराब धान खरीदी पर निलंबन, 920 बोरे कम मिलने पर एफआईआर
जांजगीर-चांपा: छुट्टी के दिन खरीदी व टोकन गड़बड़ी पर निलंबन
रायगढ़: धान खरीदी अनियमितता पर चार सहायक प्रबंधक निलंबित
सक्ती: बिना आवक पर्ची खरीदी पर एक प्रभारी सेवा से पृथक
जगदलपुर: दो समिति प्रबंधक निलंबित
रायपुर: किसानों से अवैध वसूली पर लिपिक-ऑपरेटर की सेवा समाप्त
गरियाबंद: लापरवाही व अनियमितता पर निलंबन व कार्य से पृथक
महासमुंद: अनियमितता पर दो प्रभारी पर एफआईआर, एक निलंबित
बलौदाबाजार-भाटापारा: नीति उल्लंघन व स्कंध कमी पर निलंबन, एक सेवा से पृथक













