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ख़बर यूपी / बिहार

UP News: समाजवादी पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित, 14 महासचिव बनाए गए

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National Executive of Samajwadi Party declared

SP National Executive: समाजवादी पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान हो गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीन माह बाद अपनी टीम की घोषणा कर दी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर किरणमय नंदा और प्रमुख महासचिव पद पर प्रोफेसर रामगोपाल यादव बरकरार हैं। पिछली कार्यकारिणी में भी दोनों इसी पद पर थे। सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 14 महासचिव बनाए गए हैं। इसमें शिवपाल सिंह यादव, मोहम्मद आजम खान, लालजी वर्मा, बलराम यादव, रवि प्रकाश वर्मा, विशम्भर प्रसाद निषाद, राम अचल राजभर, अवधेश प्रसाद, इंद्रजीत सरोज, रामजीलाल सुमन, हरेंद्र मलिक, नीरज चौधरी, जो एंटोनी और स्वामी प्रसाद मौर्य शामिल हैं। अखिलेश की 62 सदस्यीय नई टीम में जातीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सुप्रीम कोर्ट ने SIT से मांगी रिपोर्ट, CCTV सुरक्षित रखने के निर्देश

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नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने यूपी सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट में SIT के गठन, उसकी संरचना और जांच कर रहे अधिकारियों की पूरी जानकारी दी जाए। कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।

20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में जांच एजेंसी की संरचना और कार्रवाई का पूरा विवरण होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

CBI जांच और एक्सपर्ट कमेटी की मांग

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सुप्रीम कोर्ट चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। याचिकाओं में मामले की जांच CBI को सौंपने और मंदिर में चढ़ावे व दान के प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) गठित करने की मांग की गई है।

8 आरोपियों की रिमांड पर आज फैसला

उधर, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश करेगी। उनकी पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की नई रिमांड मांग सकती है। इससे पहले पुलिस चार अन्य आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल फैजाबाद जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट ने निकाली CEO की भर्ती

इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (Graduation) निर्धारित की गई है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है।

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Patna: बिहार में शुरू हुई हेली टूरिज्म सेवा: अब हेलीकॉप्टर से घूम सकेंगे राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर

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Patna: बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पर्यटक अब हेलीकॉप्टर और छोटे विमान के जरिए राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।

योजना के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि 18 जुलाई से नियमित हेली टूरिज्म सेवाएं शुरू होंगी। पर्यटक बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.tourism.bihar.gov.in के माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे।

पटना से जुड़ेंगे तीन प्रमुख पर्यटन स्थल

योजना के पहले चरण में पटना को राजगीर, कैमूर (मां मुंडेश्वरी) और वाल्मीकिनगर से जोड़ा गया है। वाल्मीकिनगर के लिए 20-सीटर राजकीय विमान संचालित होगा। राजगीर और कैमूर के लिए 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक उड़ान में अधिकतम 5 सीटें पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगी।

वाल्मीकिनगर के लिए उड़ान और किराया

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पटना-वाल्मीकिनगर-पटना सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित होगी।

पहली उड़ान: सुबह 10:00 बजे पटना से प्रस्थान, 11:00 बजे वापसी।

दूसरी उड़ान: दोपहर 3:00 बजे पटना से प्रस्थान, 4:30 बजे वापसी।

किराया: ₹5,000 प्रति व्यक्ति (एक तरफ)।

प्रति सप्ताह इस रूट पर 20-20 सीटें उपलब्ध रहेंगी।

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राजगीर और कैमूर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा

पटना-राजगीर-पटना: सुबह 9:30 बजे प्रस्थान, 10:30 बजे वापसी।

पटना-कैमूर-पटना: सुबह 11:00 बजे प्रस्थान, 12:45 बजे वापसी।

किराया: राजगीर – ₹4,000 प्रति व्यक्ति, कैमूर – ₹6,000 प्रति व्यक्ति

प्रत्येक यात्री 4 से 5 किलोग्राम तक सामान ले जा सकेगा।

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₹2100 में पटना की हेलीकॉप्टर जॉय राइड

राजधानी पटना के लोगों और पर्यटकों के लिए 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी शुरू की जा रही है। ₹2,100 में पर्यटक आसमान से गंगा नदी, जेपी गंगा पथ, तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और शहर के प्रमुख स्थलों का हवाई नजारा देख सकेंगे। यह सुविधा फिलहाल शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी।

टूरिस्ट गाइड मुफ्त, बाकी व्यवस्था स्वयं करनी होगी

पर्यटन विभाग ने बताया कि यात्रियों को फ्री टूरिस्ट गाइड उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पर्यटकों को स्वयं करनी होंगी। सभी टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।

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Patna: फैजल खान उर्फ खान सर समेत 4 आरोपियों को मिली बेल; फायरिंग मामले में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड्स को भी राहत

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Patna: चर्चित कोचिंग विवाद मामले में पटना सिविल कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए फैजल खान उर्फ खान सर समेत उनके तीन सहयोगियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने फायरिंग के आरोप में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी जमानत दे दी। इससे पहले अदालत ने सुनवाई के दौरान खान सर की आपराधिक पृष्ठभूमि (क्रिमिनल हिस्ट्री) से जुड़ी जानकारी मांगी थी। 10 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में पहले ही केस की अंतिम रिपोर्ट (फाइनल फॉर्म) दाखिल कर चुकी थी। इसी कारण संबंधित प्रकरण का उल्लेख जमानत आवेदन में नहीं किया गया। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्या झा ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि खान सर ने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाई है। इसके बाद अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए थे।

बॉडीगार्ड्स के हथियारों की जांच में सामने आए कई तथ्य

पटना पुलिस की जांच में खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के लाइसेंस और अनुमति से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार तालेबर सिंह के नाम पर था, लेकिन उसका लाइसेंस पूरे भारत में मान्य नहीं था। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से बिहार हथियार लाने और सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस का कहना है कि स्थानीय थाने या प्रशासन को भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी।

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दूसरे बॉडीगार्ड के लाइसेंस पर भी सवाल

दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस पूरे भारत के लिए मान्य बताया गया, लेकिन पुलिस के अनुसार यह लाइसेंस मूल रूप से आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसका इस्तेमाल निजी सुरक्षा ड्यूटी में किया गया, जिसकी वैधानिकता की भी जांच की जा रही है।

खान सर की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस जांच में यह भी कहा गया है कि खान सर ने बॉडीगार्ड्स की नियुक्ति के दौरान उनके हथियारों और लाइसेंस का स्थानीय स्तर पर पुलिस सत्यापन नहीं कराया। इन सभी बिंदुओं को पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। हालांकि, कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद सभी आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

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Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा,13 जुलाई को होगी सुनवाई, 23 गणनाकर्मियों ने दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले से जुड़ी तीन याचिकाएं सूचीबद्ध हैं। इनमें मामले की जांच CBI को सौंपने, विशेष जांच दल (SIT) गठित करने तथा मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की थी और नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई की बात कही थी। अब यह मामला 13 जुलाई की सूची में शामिल है।

चढ़ावा गिनने वाले 23 कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा

इधर, राम मंदिर में चढ़ावे की गणना करने वाले 23 कर्मचारियों ने गुरुवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया। कर्मचारियों का कहना है कि चोरी की घटना के बाद चढ़ावे में छोटे नोटों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे गिनती में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है।

उनके अनुसार पहले 500 रुपये के नोटों की 70-80 गड्डियां बन जाती थीं, जबकि अब मुश्किल से 15 गड्डियां बनती हैं। साथ ही पहले दो शिफ्ट में होने वाला काम अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट में कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्य के घंटे बढ़ गए हैं, लेकिन वेतन में कोई वृद्धि नहीं हुई है। इस्तीफों के बाद बैंक के पास अब केवल 13 गणनाकर्मी बचे हैं।

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योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर साधा निशाना

चढ़ावा चोरी मामले के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज आस्था की बात करते हैं, उन्होंने अतीत में हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का काम किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या लंबे समय तक विकास से वंचित रही, लेकिन अब शहर का व्यापक विकास किया गया है और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पहले से जारी है। हाल ही में मंदिर ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ था और मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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Patna: बिहार में दौड़ेगी हाई-स्पीड रैपिड रेल, पटना से गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और आरा के लिए 4 कॉरिडोर को मंजूरी

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Patna: बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने चार हाई-स्पीड रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना सहित कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। परियोजना पूरी होने के बाद पटना, गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और आरा जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर बनेगा नेटवर्क

सरकार के अनुसार, बिहार में विकसित होने वाली रैपिड रेल प्रणाली दिल्ली-एनसीआर में संचालित ‘नमो भारत’ मॉडल की तर्ज पर होगी। यह सेमी हाई-स्पीड रेल सेवा शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराएगी।

चारों रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए कैबिनेट ने 31.59 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। रिपोर्ट में यह तय किया जाएगा कि किस रूट पर एलिवेटेड या भूमिगत ट्रैक अधिक उपयुक्त रहेगा।

‘ग्रेटर पटना’ की दिशा में बड़ा कदम

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सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रेटर पटना के विकास की आधारशिला भी बनेगी। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होंगे, जिससे राजधानी पर बढ़ते आबादी के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

यह परियोजना छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए तेज और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के साथ राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।

ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप भी बनेगी

कैबिनेट ने पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण को भी मंजूरी दी। इन टाउनशिप में सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले

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  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और फसलों का डिजिटल सर्वे कराने के लिए 154 करोड़ रुपए मंजूर।
  • वर्ष 2030 तक सभी सरकारी भवनों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की योजना को मंजूरी।
  • भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की मरम्मत, बेली ब्रिज और नया सस्पेंडेड स्लैब बनाने के लिए 126.25 करोड़ रुपए स्वीकृत।
  • राज्य सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से बिहार में आधुनिक परिवहन, शहरी विकास, कृषि डिजिटलीकरण और हरित ऊर्जा को नई गति मिलेगी।
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