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वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 11 गेंदों में फिफ्टी लगाकर तोड़ा 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड

Vaibhav Suryavanshi: भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 50 ओवर क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेली जा रही ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर 20 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने केवल 29 गेंदों पर 94 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।
20 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी से पहले 50 ओवर क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने के नाम था। उन्होंने वर्ष 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए 12 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी। अब वैभव ने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
वनडे क्रिकेट में एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड बरकरार
हालांकि वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड अब भी दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के नाम है। उन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 15 गेंदों में 50 रन पूरे किए थे। गौरतलब है कि हर वनडे इंटरनेशनल मैच लिस्ट-ए क्रिकेट का हिस्सा होता है, लेकिन सभी लिस्ट-ए मैच अंतरराष्ट्रीय वनडे नहीं होते।
भारत-ए को मिली धमाकेदार शुरुआत
फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्या ने भारत-ए को तेज शुरुआत दिलाई। वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। उनकी 94 रन की पारी ने भारत-ए को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और श्रीलंका-ए पर दबाव बना दिया।
भारत-ए की प्लेइंग इलेवन
वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्या, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र, सूर्यांश शेडगे, अनुकुल रॉय, निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अशोक शर्मा और यश ठाकुर।
श्रीलंका-ए की प्लेइंग इलेवन
निरोशन डिकवेला, अविष्का फर्नांडो, रविंदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराच्चिगे (कप्तान), नुवानिदु फर्नांडो, वनुजा सहान, मोहम्मद शिराज, दुलाज समुधिता, विजयकांत वियासकांत और कुगाथस माथुलन।
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FIFA World Cup 2026: 16 साल बाद फिर विश्व विजेता बना स्पेन, अर्जेंटीना को 1-0 से हराया, फेरन टोरेस ने किया निर्णायक गोल

FIFA World Cup 2026: स्पेन ने 16 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैच का एकमात्र गोल फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में किया। स्पेन ने इससे पहले वर्ष 2010 में पहली बार विश्व कप जीता था। तब उसने फाइनल में नीदरलैंड को हराया था।
105 मिनट तक मार्टिनेज ने बचाई अर्जेंटीना
फाइनल में अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने शानदार प्रदर्शन किया। स्पेन ने पूरे मुकाबले में लगातार हमले किए, लेकिन मार्टिनेज ने एक के बाद एक बेहतरीन बचाव कर टीम को मैच में बनाए रखा। हालांकि, एक्स्ट्रा टाइम में निको विलियम्स के हेडर से मिली गेंद को फेरन टोरेस ने गोल में बदल दिया और स्पेन को बढ़त दिला दी। यही गोल अंत में निर्णायक साबित हुआ।
मेरिनो से चूका आसान मौका
103वें मिनट में स्पेन के मिकेल मेरिनो के पास लगभग खाली गोल में गेंद डालने का मौका था, लेकिन उनका हेडर बाहर चला गया। इसके तीन मिनट बाद निको विलियम्स ने फिर शानदार मूव बनाया और फेरन टोरेस ने गोल कर इतिहास रच दिया।
मेसी पर भारी पड़े यमाल
फाइनल को दो पीढ़ियों की टक्कर माना जा रहा था। एक ओर अनुभवी लियोनेल मेसी थे, जबकि दूसरी ओर युवा स्टार लामिन यमाल। स्पेन के मिडफील्ड और डिफेंस ने मेसी को पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। वहीं यमाल लगातार अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाते रहे।
एम्बाप्पे बने गोल्डन बूट विजेता
फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट जीता। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
ड्रॉ से शुरुआत, ट्रॉफी पर खत्म हुआ सफर
स्पेन ने विश्व कप अभियान की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए सऊदी अरब, उरुग्वे, ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम और फ्रांस जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में जगह बनाई और आखिरकार ट्रॉफी भी जीत ली।
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FIFA World Cup 2026: आज तय होगा फुटबॉल का नया बादशाह, वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताबी मुकाबला रविवार देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे शुरू होगा। दोनों टीमें विश्व कप में करीब 60 साल बाद आमने-सामने होंगी। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगा। वहीं स्पेन की नजर 2010 के बाद दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने पर होगी।
मेसी बनाम यमाल पर रहेगी नजर
फाइनल की सबसे बड़ी चर्चा लियोनेल मेसी और लामिन यमाल की टक्कर को लेकर है। करीब 19 साल पहले बार्सिलोना के एक चैरिटी फोटोशूट में युवा मेसी ने तीन महीने के यमाल को गोद में उठाया था। आज वही यमाल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने बचपन के उस आइकन के खिलाफ विश्व कप फाइनल खेलेंगे।
गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी आगे
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी टूर्नामेंट में अब तक 8 गोल और 4 असिस्ट कर गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। दूसरी ओर स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल 5 गोल के साथ टीम के सबसे सफल स्कोरर हैं, जबकि 19 वर्षीय लामिन यमाल अपने शानदार ड्रिब्लिंग प्रदर्शन से पूरे टूर्नामेंट में छाए रहे हैं।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड बराबरी पर
दोनों टीमों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं। स्पेन और अर्जेंटीना ने 6-6 मैच जीते, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। विश्व कप में दोनों की अब तक सिर्फ एक भिड़ंत हुई थी, जिसमें 1966 में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था।
लगातार सात जीत के साथ फाइनल में अर्जेंटीना
अर्जेंटीना ने इस विश्व कप में लगातार 7 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है। टीम ने अब तक टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 19 गोल किए हैं। वहीं स्पेन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2010 के बाद पहली बार फाइनल का टिकट हासिल किया है।
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FIFA World Cup 2026: मेसी का जादू, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में, इंग्लैंड को 2-1 से हराया, आखिरी 7 मिनट में पलटा मैच

FIFA World Cup 2026: डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली। 85 मिनट तक 0-1 से पिछड़ रही अर्जेंटीना ने मैच के अंतिम सात मिनट में दो गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब 19 जुलाई को खिताबी मुकाबले में उसका सामना स्पेन से होगा।
मैच में इंग्लैंड ने 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के गोल की बदौलत बढ़त बना ली थी और जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। लेकिन कप्तान लियोनेल मेसी ने निर्णायक समय पर अपनी टीम की वापसी कराई। पहले उनके पास पर एंजो फर्नांडेज ने 86वें मिनट में शानदार लंबी दूरी का गोल कर स्कोर 1-1 किया। इसके बाद इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में मेसी के सटीक क्रॉस पर सब्स्टीट्यूट लॉटारो मार्टिनेज ने हेडर से विजयी गोल दाग दिया।
यह अर्जेंटीना का सातवां वर्ल्ड कप फाइनल होगा। टीम इससे पहले 1930, 1978, 1986, 1990, 2014 और 2022 में फाइनल खेल चुकी है। अर्जेंटीना ने 1978, 1986 और 2022 में विश्व कप जीता था। अब उसके पास लगातार दूसरी बार और कुल चौथा विश्व कप खिताब जीतने का मौका है।
पहले हाफ में गोल नहीं, टकराव ज्यादा
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। तीसरे मिनट में इलियट एंडरसन पर हुए टैकल के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। रेफरी इस्माइल एलफाथ को बीच-बचाव करना पड़ा।
पहले हाफ में कई फाउल हुए और दोनों टीमों के खिलाड़ियों को येलो कार्ड भी मिले। इंग्लैंड के लिए 33वें मिनट में जॉन स्टोन्स का हेडर गोल में नहीं जा सका, जबकि अर्जेंटीना की ओर से एंजो फर्नांडेज का लंबी दूरी का प्रयास भी लक्ष्य से चूक गया। हाफ टाइम के बाद भी खिलाड़ी रेफरी से बहस करते नजर आए।
दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने बनाई बढ़त
ब्रेक के बाद अर्जेंटीना ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन पहला गोल इंग्लैंड ने किया। 55वें मिनट में हैरी केन की शुरुआत वाले मूव पर मॉर्गन रोजर्स ने शानदार क्रॉस दिया, जिसे एंथनी गॉर्डन ने गोल में बदलकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई।
मेसी की कप्तानी में शानदार वापसी
गोल खाने के बाद अर्जेंटीना ने लगातार दबाव बनाया। 86वें मिनट में लियोनेल मेसी ने शॉर्ट कॉर्नर पर एंजो फर्नांडेज को पास दिया। फर्नांडेज ने करीब 25 गज की दूरी से शानदार शॉट लगाकर स्कोर बराबर कर दिया।
इसके बाद इंजरी टाइम में मेसी ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। उनके सटीक क्रॉस पर लॉटारो मार्टिनेज ने शानदार हेडर लगाकर गेंद नेट में पहुंचाई और अर्जेंटीना को 2-1 की यादगार जीत दिला दी।
अब फुटबॉल जगत की नजरें 19 जुलाई को होने वाले फाइनल पर होंगी, जहां डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और 16 साल बाद फाइनल में पहुंचा स्पेन विश्व खिताब के लिए आमने-सामने होंगे।
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FIFA World Cup: 16 साल बाद वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा स्पेन, फ्रांस को 2-0 से हराया, ओयारजाबाल और पोरो ने दागे गोल

FIFA World Cup: स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर 16 साल बाद फाइनल में जगह बना ली। स्पेन की ओर से मिकेल ओयारजाबाल और पेड्रो पोरो ने गोल किए। इसके साथ ही टीम 2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप का फाइनल खेलेगी। वहीं, फ्रांस का लगातार तीसरी बार फाइनल खेलने का सपना टूट गया।
मैच के 22वें मिनट में स्पेन को पेनल्टी मिली। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने बॉक्स के अंदर लामिन यमाल को फाउल किया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी का फैसला दिया। मिकेल ओयारजाबाल ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोलपोस्ट के दाएं कोने में भेज दिया। यह टूर्नामेंट में उनका पांचवां गोल रहा और स्पेन ने 1-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन 58वें मिनट में दानी ओल्मो के शानदार पास पर पेड्रो पोरो ने गोल दागकर स्पेन की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस को कोई बड़ा मौका नहीं दिया।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले किलियन एम्बाप्पे इस मुकाबले में स्पेन की अनुशासित डिफेंस के सामने प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्हें कई बार ऑफसाइड पकड़ा गया और दूसरे हाफ में येलो कार्ड भी मिला। फ्रांस 2018 और 2022 के बाद लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने से चूक गया।
अब स्पेन की नजर अपने दूसरे वर्ल्ड कप खिताब पर होगी। टीम ने इससे पहले 2010 में नीदरलैंड को हराकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। फाइनल में उसका सामना इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
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India Women vs England: लॉर्ड्स में इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी भारत, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर महिला टेस्ट जीता

Womens Cricket: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इतिहास रच दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को एकमात्र टेस्ट मैच में 270 रन से हराकर लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में खेला गया पहला महिला टेस्ट अपने नाम कर लिया। यह भारत की महिला टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत भी है।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई और भारत को 115 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई।
यस्तिका और क्रांति ने रचा इतिहास
विकेटकीपर बल्लेबाज यस्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन बनाकर लॉर्ड्स में महिला टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। वहीं तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मंधाना का शानदार प्रदर्शन
उपकप्तान स्मृति मंधाना ने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 83 और दूसरी पारी में 70 रन बनाए। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहली पारी में अर्धशतक लगाकर टीम की मजबूत शुरुआत में अहम भूमिका निभाई।
इंग्लैंड की धरती पर अजेय भारत
भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड में अब तक 11 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें 3 मैच जीते, जबकि 8 मुकाबले ड्रॉ रहे। भारत को आज तक इंग्लैंड की धरती पर महिला टेस्ट में हार का सामना नहीं करना पड़ा है।
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