ख़बर यूपी / बिहार
UP Cabinet: शहरी इलाकों में आवासीय भवनों में बना सकेंगे दुकान, इन्हें नक्शा पास कराने से होगी छूट

Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रदेश सरकार ने नक्शा पास करने, आवासीय व व्यावसायिक भू-उपयोग के नाम पर विकास प्राधिकरणों में होने वाली वसूली पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। सरकार ने अब शहरी इलाकों में चौड़ी सड़कों पर आवासीय भवनों के साथ दुकान बनाने की भी सुविधा दे दी है। इसके साथ ही 100 वर्ग मीटर के आवासीय और 30 वर्ग के व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया गया है। अब सिर्फ संबंधित विकास प्राधिकरण में पंजीकरण कराने के बाद निर्माण कराया जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने उप्र भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2008 के स्थान पर उप्र विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 को लागू करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के तहत शहरों में मिश्रित भू-उपयोग की छूट दे दी गई है। यानि कोई भी व्यक्ति मकान के साथ दुकान भी बना सकेगा। हालांकि इसके लिए सड़कों की चौड़ाई की शर्त रखी गई है। बड़े शहरों यानि 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 24 मीटर और इससे कम आबादी वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़क पर ही आवासीय के साथ व्यावसायिक निर्माण की अनुमति होगी।
इसी तरह 100 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल वाले आवासीय और 30 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले भूंखड़ों पर नक्शा पास कराने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यानि अब ऐसे भूखंड पर नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं है। इन दोनों श्रेणी के भूखंडों पर निर्माण के लिए अब सिर्फ विकास प्राधिकरणों में पंजीकरण कराना होगा। वहीं, स्वीकृत ले-आउट क्षेत्रों में 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के आवासीय और 200 वर्ग मीटर के व्यावसायिक भूंखड़ों के लिए ऑनलाइन दाखिल नक्शा को विश्वास के आधार (ट्रस्ट बेस्ड) पर स्वत स्वीकृत मान लिया जाएगा।
नई व्यवस्था में एकल आवासीय भवन मानचित्र किसी सरकारी विभाग द्वारा निर्मित 09 मीटर एवं इससे अधिक चौड़ी सड़क पर अथवा प्राधिकरण द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के भूखण्डों वांछित प्रमाण-पत्र, अभिलेख एवं समस्त देय शुल्कों का भुगतान करने पर स्वतः अनुमोदित होंगे।
45 मीटर चौड़ी सड़क बना सकेंगे ऊंची बिल्डिंग
सरकार ने अधिकांश श्रेणी के निर्माण के लिए फ्लोर रेशियो एरिया (एफएआर) को चौड़ी सड़कों पर बढ़ा दिया है। वहीं, 45 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित भूखंडों पर निर्माण पर एफएआर की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। इससे ऊंची बिल्डिंग बनाने का राह आसान हो जाएगी। 100-300 क्षेत्रफल के एकल इकाई वाले प्लाट के लिए एफएआर सीमा को बढ़ाकर 2.25 से 2.5, 300-1200 वर्ग मीटर के प्लाट के लिए 2.5, विकसित क्षेत्र में 9 से 45 मीटर चौड़ी सड़क पर प्लाट के लिए एफएआर की अधिकतम सीमा 2.1 से 2.5 किया गया है। ग्रीन-रेटेड भवनों के लिए अतिरिक्त निःशुल्क एफएआर में बढ़ोत्तरी भी हो सकेगी।
अब 18 मीटर सड़कों पर बन सकेंगे शॉपिंग मॉल
अधिकांश श्रेणियों में पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई की आवश्यकता को कम किया गया है। कृषि भू-उपयोग में 7-मीटर चौड़ी सड़कों पर उद्योग एवं हेरिटेज होटल, 9 मीटर चौड़ी सड़कों पर बिना शैय्या वाले चिकित्सा प्रतिष्ठान तथा प्राथमिक विद्यालय एवं 18-मीटर सड़कों पर शॉपिंग मॉल की अनुमति प्रस्तावित की गई है।
इन्हें नक्शा पास कराने से छूट होगी
आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता जैसे सेवा प्रोफेशनल्स द्वारा अपने कार्यालय के उपयोग के लिए तथा नर्सरी, क्रैच, होमस्टे संचालन हेतु अपने घर का 25 प्रतिशत तक एफ.ए.आर. का उपयोग किया जा सकता है। बशर्ते कि पर्याप्त पार्किंग आवश्यकताओं का प्राविधान किया गया हो, इसके लिए पृथक से मानचित्र अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।
भवन की ऊंचाई सीमा पर प्रतिबंध हटा
भवन की ऊंचाई से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं तथा उपयोग किए गए एफ.ए.आर. के आधार पर ऊंचाई निर्धारित हो सकेगी। भूखंड के समग्र उपयोग में सुधार के उद्देश्य से 15 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों हेतु अधिकतम सेटबैक को सभी ओर से 16 मीटर से घटाकर अग्रभाग के सेटबैक के लिए 15 मीटर तथा शेष तरफ 12 मीटर होगा।
चिकित्सालय व शापिंग माल न्यूनतम 3000 वर्ग मीटर के भूखण्ड पर बन सकेंगे
अब चिकित्सालय एवं शॉपिंग मॉल न्यूनतम 3000 वर्ग मीटर के भूखण्ड पर बन सकेंगे। शैक्षिक भवनों द्वारा खेल के मैदान, खुले क्षेत्र आदि की आवश्यकताओं को बनाए रखते हुए संबद्ध संस्थानों की आवश्यकताओं का पालन किया जाना होगा।
ग्रुप हाउसिंग हेतु भूखंड क्षेत्रफल घटा
बहुमूल्य नगरीय भूमि के इष्टतम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ग्रुप हाउसिंग हेतु भूखंड क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर से घटा कर बिल्टअप (निर्मित) क्षेत्र में 1000 वर्ग मीटर तथा नॉन- बिल्टअप (अनिर्मित) क्षेत्र में 1500 वर्ग मीटर किये जाने तथा बहु-इकाइयों के लिए भूखंड क्षेत्र की आवश्यकताओं को घटाकर 150 वर्ग मीटर किये जाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
4000 वर्गमीटर से बड़े भूखंड के लिए एक पृथक से पार्किंग ब्लॉक
पार्किंग की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए पोडियम पार्किंग एवं मैकेनाइज्ड ट्रिपल- स्टैक पार्किंग की अनुमति होगी। 4000 वर्गमीटर से बड़े भूखंड के लिए एक पृथक से पार्किंग ब्लॉक बनेगा। चिकित्सालयों में पृथक से एम्बुलेंस पार्किंग के लिए नए प्राविधान किए गए हैं, साथ ही विद्यालयों में बस पार्किंग एवं पिक-एंड-ड्रॉप ज़ोन के लिए पृथक प्राविधान प्रस्तावित किए गए हैं। 09 मीटर चौड़ी सड़कों पर बिना शैय्या वाले चिकित्सा प्रतिष्ठान बन सकेंगे। साथ ही छोटे भूखंडों पर चिकित्सालयों की अनुमति है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: 150 करोड़ की संपत्ति के विवाद में बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या, गाजियाबाद में चेहरे, सीने और पेट में दागीं 6 गोलियां

Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 150 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बुधवार देर रात पिता के चेहरे, सीने और पेट में छह गोलियां दाग दीं। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया। घटना मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव की है। मृतक की पहचान हरिओम चौधरी (52) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उनका बड़ा बेटा निखिल (32) है। प्रकरण के सम्बन्ध में थाना मोदीनगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपी की तलाश में चार टीमें लगाकर छापेमारी कर रही हैं।
शराब पीकर घर आया, डांटने पर चला दी गोलियां
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात हरिओम चौधरी परिवार के साथ खाना खाकर घर पर थे। देर रात उनका बड़ा बेटा निखिल शराब के नशे में घर पहुंचा। पिता ने शराब पीकर आने पर उसे फटकार लगाई। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि निखिल ने अवैध पिस्टल निकालकर पहले गाली-गलौज की और फिर हाथापाई के दौरान पिता पर ताबड़तोड़ छह गोलियां चला दीं। गोली लगते ही हरिओम चौधरी मौके पर गिर पड़े। परिवार और पड़ोसी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पत्नी बोली- तूने पूरा घर उजाड़ दिया
पति को लहूलुहान देखकर पत्नी अनीता चौधरी चीख पड़ीं। उन्होंने आरोपी बेटे से कहा, “तूने पूरा घर उजाड़ दिया।” गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
150 करोड़ की संपत्ति को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक, हरिओम चौधरी संपन्न किसान थे। उनके नाम करीब 75 बीघा जमीन और दिल्ली-मेरठ रोड स्थित एक व्यावसायिक मार्केट है। परिवार की कुल संपत्ति लगभग 150 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि निखिल शराब का आदी है और लंबे समय से पूरी संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। हालांकि हरिओम चौधरी पहले ही उसे 25 बीघा जमीन और मार्केट में कई दुकानें दे चुके थे। इसके बावजूद वह शेष संपत्ति भी अपने नाम कराना चाहता था। पिता को आशंका थी कि बेटा जमीन बेचकर पैसा बर्बाद कर देगा, इसलिए उन्होंने इनकार कर दिया था।
छोटे भाई पर भी चला चुका है गोली
पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब आठ साल पहले भी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर गोली चलाई थी। उस घटना में नीशू की जान बच गई थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं। आसपास के जिलों में भी उसकी तलाश की जा रही है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP Encounter: बसपा नेता हत्याकांड का ₹1 लाख का इनामी बदमाश ढेर, STF के जवान को लगी गोली

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) और गोरखपुर पुलिस ने सोमवार देर रात संयुक्त कार्रवाई में बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ₹1 लाख के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल हसन को मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान एक STF हेड कॉन्स्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया।
यह एनकाउंटर गोरखपुर जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर रामनगर-करजहा फोरलेन पर हुआ। पुलिस के अनुसार, करीब 30 मिनट तक चली मुठभेड़ में दोनों तरफ से लगभग 15 राउंड फायरिंग हुई।
रोकने पर की फायरिंग
पुलिस को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर जा रहा है। STF और पुलिस ने चेकिंग शुरू की। देर रात करीब 11 बजे आरोपी बाइक से वहां पहुंचा। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा और पीछा करने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
इस दौरान STF के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली मुस्तफिजुल के पैर और आंख के पास लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
2024 में गिरफ्तारी के बाद ट्रेन से भागा था
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुस्तफिजुल आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। दिसंबर 2024 में उसे गुजरात से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आजमगढ़ लाते समय महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।
10 आपराधिक मामले दर्ज
मुस्तफिजुल के खिलाफ आजमगढ़, हरदोई और महाराष्ट्र में हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों सहित 10 मुकदमे दर्ज थे। वह लगातार ठिकाने बदलता रहता था, जिससे पुलिस को उसकी तलाश में काफी मुश्किलें आ रही थीं।
पुरानी रंजिश में हुई थी हत्या
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2013 में मुस्तफिजुल के भाई कामरान की हत्या हुई थी, जिसमें बसपा नेता कलामुद्दीन आरोपी थे। इसी रंजिश के चलते वर्ष 2021 में कलामुद्दीन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले का एक आरोपी अभी भी फरार है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सुप्रीम कोर्ट ने SIT से मांगी रिपोर्ट, CCTV सुरक्षित रखने के निर्देश

नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने यूपी सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट में SIT के गठन, उसकी संरचना और जांच कर रहे अधिकारियों की पूरी जानकारी दी जाए। कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।
20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में जांच एजेंसी की संरचना और कार्रवाई का पूरा विवरण होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
CBI जांच और एक्सपर्ट कमेटी की मांग
सुप्रीम कोर्ट चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। याचिकाओं में मामले की जांच CBI को सौंपने और मंदिर में चढ़ावे व दान के प्रबंधन की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) गठित करने की मांग की गई है।
8 आरोपियों की रिमांड पर आज फैसला
उधर, अयोध्या पुलिस मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश करेगी। उनकी पुलिस रिमांड आज समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और चढ़ावा गिनती के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव की 7 दिन की नई रिमांड मांग सकती है। इससे पहले पुलिस चार अन्य आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल फैजाबाद जेल की अलग-अलग बैरकों में बंद हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट ने निकाली CEO की भर्ती
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (Graduation) निर्धारित की गई है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026 शाम 4 बजे तक है।
ख़बर बिहार
Patna: बिहार में शुरू हुई हेली टूरिज्म सेवा: अब हेलीकॉप्टर से घूम सकेंगे राजगीर, कैमूर और वाल्मीकिनगर

Patna: बिहार में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पर्यटक अब हेलीकॉप्टर और छोटे विमान के जरिए राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
योजना के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है, जबकि 18 जुलाई से नियमित हेली टूरिज्म सेवाएं शुरू होंगी। पर्यटक बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.tourism.bihar.gov.in के माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे।
पटना से जुड़ेंगे तीन प्रमुख पर्यटन स्थल
योजना के पहले चरण में पटना को राजगीर, कैमूर (मां मुंडेश्वरी) और वाल्मीकिनगर से जोड़ा गया है। वाल्मीकिनगर के लिए 20-सीटर राजकीय विमान संचालित होगा। राजगीर और कैमूर के लिए 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक उड़ान में अधिकतम 5 सीटें पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगी।
वाल्मीकिनगर के लिए उड़ान और किराया
पटना-वाल्मीकिनगर-पटना सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित होगी।
पहली उड़ान: सुबह 10:00 बजे पटना से प्रस्थान, 11:00 बजे वापसी।
दूसरी उड़ान: दोपहर 3:00 बजे पटना से प्रस्थान, 4:30 बजे वापसी।
किराया: ₹5,000 प्रति व्यक्ति (एक तरफ)।
प्रति सप्ताह इस रूट पर 20-20 सीटें उपलब्ध रहेंगी।
राजगीर और कैमूर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा
पटना-राजगीर-पटना: सुबह 9:30 बजे प्रस्थान, 10:30 बजे वापसी।
पटना-कैमूर-पटना: सुबह 11:00 बजे प्रस्थान, 12:45 बजे वापसी।
किराया: राजगीर – ₹4,000 प्रति व्यक्ति, कैमूर – ₹6,000 प्रति व्यक्ति
प्रत्येक यात्री 4 से 5 किलोग्राम तक सामान ले जा सकेगा।
₹2100 में पटना की हेलीकॉप्टर जॉय राइड
राजधानी पटना के लोगों और पर्यटकों के लिए 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी शुरू की जा रही है। ₹2,100 में पर्यटक आसमान से गंगा नदी, जेपी गंगा पथ, तख्त श्री हरिमंदिर साहिब और शहर के प्रमुख स्थलों का हवाई नजारा देख सकेंगे। यह सुविधा फिलहाल शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी।
टूरिस्ट गाइड मुफ्त, बाकी व्यवस्था स्वयं करनी होगी
पर्यटन विभाग ने बताया कि यात्रियों को फ्री टूरिस्ट गाइड उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पर्यटकों को स्वयं करनी होंगी। सभी टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन विभाग और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
ख़बर बिहार
Patna: फैजल खान उर्फ खान सर समेत 4 आरोपियों को मिली बेल; फायरिंग मामले में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड्स को भी राहत

Patna: चर्चित कोचिंग विवाद मामले में पटना सिविल कोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए फैजल खान उर्फ खान सर समेत उनके तीन सहयोगियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने फायरिंग के आरोप में जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी जमानत दे दी। इससे पहले अदालत ने सुनवाई के दौरान खान सर की आपराधिक पृष्ठभूमि (क्रिमिनल हिस्ट्री) से जुड़ी जानकारी मांगी थी। 10 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में पहले ही केस की अंतिम रिपोर्ट (फाइनल फॉर्म) दाखिल कर चुकी थी। इसी कारण संबंधित प्रकरण का उल्लेख जमानत आवेदन में नहीं किया गया। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता सत्या झा ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि खान सर ने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाई है। इसके बाद अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए थे।
बॉडीगार्ड्स के हथियारों की जांच में सामने आए कई तथ्य
पटना पुलिस की जांच में खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के लाइसेंस और अनुमति से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार तालेबर सिंह के नाम पर था, लेकिन उसका लाइसेंस पूरे भारत में मान्य नहीं था। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से बिहार हथियार लाने और सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस का कहना है कि स्थानीय थाने या प्रशासन को भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
दूसरे बॉडीगार्ड के लाइसेंस पर भी सवाल
दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस पूरे भारत के लिए मान्य बताया गया, लेकिन पुलिस के अनुसार यह लाइसेंस मूल रूप से आत्मरक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसका इस्तेमाल निजी सुरक्षा ड्यूटी में किया गया, जिसकी वैधानिकता की भी जांच की जा रही है।
खान सर की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस जांच में यह भी कहा गया है कि खान सर ने बॉडीगार्ड्स की नियुक्ति के दौरान उनके हथियारों और लाइसेंस का स्थानीय स्तर पर पुलिस सत्यापन नहीं कराया। इन सभी बिंदुओं को पुलिस ने अपनी अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। हालांकि, कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद सभी आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
ख़बर देश13 hours agoHydrogen Train: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी, दुनिया का पांचवां देश बना भारत
अर्थ जगत13 hours agoRBI: देश में जल्द शुरू होगा प्लास्टिक नोटों का ट्रायल, ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट पहले आएंगे, RBI 2027 से कर सकता है बड़े स्तर पर लॉन्च
ख़बर छत्तीसगढ़14 hours agoRaipur: छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू, CM रायपुर में फहराएंगे तिरंगा


















