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उत्तरप्रदेश में अब रात को आने-जाने की टेंशन नहीं, सरकार ने लिया ये फैसला

लखनऊ:(Uttar Pradesh Night Curfew)उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू हटाने का फैसला किया है। कोरोना वायरस के मामलों में आई कमी को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से नाइट कर्फ्यू हटाने की घोषणा कर दी गई है। बता दें कि अब तक प्रदेश में रात 11 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहता था।
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से सभी मण्डलायुक्तों, अपर पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों तथा पुलिस आयुक्तों और जिला अधिकारियों को नाइट कर्फ्यू समाप्त किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। दरअसल उत्तरप्रदेश में कोरोना संक्रमण बहुत हद तक काबू में आ चुका है। मंगलवार को जो आंकड़े जारी हुए हैं उनके अनुसार 18 अक्टूबर सोमवार तक उत्तर प्रदेश के 75 में से 72 जिले पूरी तरह कोरोना मुक्त हो चुके थे।
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Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न एयर कमांड की कमान

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासन को नए ढांचे में ले जाने की दिशा में बड़ा फैसला किया है। ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं।
बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में तीन नए ट्रस्टियों के नामों पर भी मुहर लगी। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में पहली बार किसी महिला को जगह मिली है।
पूर्व एयर मार्शल को मिली मंदिर के प्रशासन की कमान
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाली है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी वे इस सैन्य अभियान से जुड़े अनुभवों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते रहे हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी ने लंबी प्रक्रिया के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया था। इस पद के लिए हजारों आवेदन आए थे और कई चरणों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों के इंटरव्यू किए गए थे।
तीन नए ट्रस्टी कौन हैं?
महेश भागचंदका: दिल्ली के रहने वाले महेश भागचंदका को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। वे विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए जाते हैं। 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन और 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा के धार्मिक अनुष्ठानों में भी उनकी भूमिका रही थी।
मदन मोहन पांडेय: अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय को भी ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है। वह लंबे समय से राम जन्मभूमि से जुड़े कानूनी मामलों से जुड़े रहे हैं।
निर्मला यादव: शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि ट्रस्ट के गठन के बाद पहली बार किसी महिला को इसमें शामिल किया गया है।
चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट में लगातार हो रहे बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव तेज हुए हैं। इसी क्रम में जुलाई में तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। इसके बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
पहली बार CEO की नियुक्ति क्यों अहम?
राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने की संभावना है। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों की व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं जैसे कामों के लिए एक पेशेवर प्रशासनिक ढांचे की जरूरत महसूस की जा रही थी।
CEO की नियुक्ति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब ट्रस्ट के धार्मिक और नीतिगत कामों के साथ रोजमर्रा के प्रशासनिक संचालन के लिए एक समर्पित कार्यकारी व्यवस्था होगी।
जुलाई में बदला था ट्रस्ट का प्रशासनिक ढांचा
चढ़ावे से जुड़े मामले के बाद हुई बैठक में ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए थे। कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। इसके बाद CEO की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई। अब CEO और तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव पूरा होता दिखाई दे रहा है।
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UP में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय अब 20 हजार तक, योगी सरकार ने बनाया सेवा निगम, 3.5 लाख कर्मियों को फायदा; 50 लाख तक बीमा कवर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट और लोगो का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी वितरित किए।
नए निगम के शुरू होने के साथ प्रदेश के करीब 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 7 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। जिन कर्मचारियों को पहले करीब 13 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते थे, उनका मानदेय अब 20 हजार रुपए तक किया गया है।
सरकार ने कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का भी प्रावधान किया है। अलग-अलग वेतन श्रेणियों के आधार पर उन्हें 20 से 50 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख और एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपए तक की सहायता का प्रावधान भी बताया गया है।
मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी एजेंसी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब कोई आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी को अपनी मर्जी से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी। किसी कर्मचारी को हटाने से पहले एजेंसी को सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बिचौलियों और अव्यवस्थित व्यवस्था से बाहर निकालकर सरकार, एजेंसी और कर्मचारी के बीच पारदर्शी संबंध स्थापित करना है।
योगी बोले- पहले कर्मचारी को पता ही नहीं होता था कितना मानदेय मिल रहा
मुख्यमंत्री ने पुरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार कर्मचारी को यह तक पता नहीं होता था कि उसके नाम पर कितना भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कागजों में 9 हजार रुपए मानदेय दर्ज होने के बावजूद कर्मचारी को केवल 6 हजार रुपए मिलते थे। बाकी राशि कहां जाती थी, इसका जवाब नहीं मिलता था। योगी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कर्मचारी को उसके काम के अनुरूप पूरा मानदेय मिले और भुगतान की व्यवस्था पारदर्शी हो।
सरकार-एजेंसी-कर्मचारी के बीच बनेगा डिजिटल सिस्टम
नई व्यवस्था में सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी और कर्मचारी तकनीक आधारित डिजिटल सिस्टम से जुड़ेंगे। विभागों में मैनपावर की जरूरत का आकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर कर्मचारियों की उपलब्धता और नियुक्ति की योजना बनाई जाएगी।
नियुक्तियों में सरकार की आरक्षण नीति लागू होगी। कर्मचारियों के रिकॉर्ड, भुगतान और काम की निगरानी के लिए डिजिटल मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
PF और इलाज की सुविधा भी मिलेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के खाते में भविष्य निधि (PF) का पैसा भी जमा होगा। इससे नौकरी पूरी होने या सेवानिवृत्ति के बाद उनके पास भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा रहेगी। उन्होंने कहा कि ESI के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल पाने की स्थिति में कर्मचारियों को आयुष्मान योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
दुर्घटना में 20 से 50 लाख तक बीमा
सरकार ने स्टेट बैंक के साथ एमओयू किया है। इसके तहत अलग-अलग वेतन वर्ग के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 20 लाख से 50 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अग्निकांड की स्थिति में 10 लाख रुपए तक सहायता, आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख रुपए तक, एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपए तक सहायता, बेटे की शिक्षा के लिए 5 लाख रुपए तक, बेटी की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपए तक, बेटी की शादी के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी कर्मचारी के साथ बड़ी दुर्घटना होने पर उसका परिवार अकेला नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था उसके साथ खड़ी होगी।
20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने का लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस व्यवस्था का लाभ केवल कर्मचारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके परिवार को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य इस निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स वर्कफोर्स को संगठित करने के साथ उनकी सेवा शर्तों, भुगतान और सामाजिक सुरक्षा को व्यवस्थित किया जाएगा।
प्रदेश में 2.25 लाख पुलिस भर्तियां हुईं- CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब तक पुलिस विभाग में करीब 2.25 लाख भर्तियां की गई हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल बना और सरकार के पास करीब 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को स्किल, इनोवेशन और तकनीक से जोड़ने पर भी काम कर रही है। AI और रोबोटिक्स जैसे नए क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
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UP News: अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन, दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, DGP बोले- बाहर बैठकर साजिश रचने वाले हमारी पहुंच से दूर नहीं

लखनऊ/शामली: हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सोमवार सुबह मामले में शामिल बताए जा रहे दो शूटरों सुमित (24) और मोहित (22) को शामली में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। दोनों सोनीपत के रहने वाले थे और उन पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों बाइक से शामली से हरियाणा की ओर निकलने की कोशिश कर रहे थे। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हुए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मौके से हथियार, कारतूस, बाइक और अन्य सामान बरामद किया है। इस कार्रवाई में पुलिस के दो जवानों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
26 अगस्त को जिम से निकलते ही अंकित पर हमला हुआ था
अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली में जिम से निकलने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। CCTV फुटेज में चार हमलावरों के हमला करने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया था।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े CCTV फुटेज भी मिले। रिपोर्टों के मुताबिक, शूटर्स ने वारदात से पहले अंकित की रेकी की थी और 20-21 अगस्त को शामली में ठहरे भी थे।
दो शूटर मारे गए, दो अब भी फरार
पुलिस की जांच में हत्या में चार शूटर्स के शामिल होने की बात सामने आई है। इनमें से सुमित और मोहित मुठभेड़ में मारे गए, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों के साथ-साथ उन लोगों की तलाश में भी जुटी है, जिन्होंने कथित तौर पर शूटर्स को रेकी, हथियार या फरार होने में मदद की।
हत्या के पीछे पूर्व नियोजित साजिश- DGP राजीव कृष्ण
उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने कहा है कि अंकित बालियान की हत्या कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले अंकित की गतिविधियों की जानकारी जुटाई, हथियारों की व्यवस्था की और फिर हत्या के बाद फरार होने की योजना बनाई।
DGP के मुताबिक, जांच में गोगी गैंग नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। पुलिस हत्या के पीछे गैंगवार और अंकित से जुड़े एक गाने को लेकर बने विवाद समेत अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।
एक गाने को लेकर भी जांच
पुलिस के अनुसार, अंकित से जुड़े एक गाने को गैंगवार के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अंकित ने गाने में केवल अभिनय किया था, लेकिन गैंग से जुड़े लोगों ने इसे विरोधी गैंग के समर्थन से जोड़कर देखा।हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि हत्या के पूरे मकसद और साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
मोहित पर कई केस, दोनों पर था 50 हजार का इनाम
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मोहित के खिलाफ हरियाणा में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। सुमित के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पर अंकित हत्याकांड के बाद 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
अब साजिश के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
DGP राजीव कृष्ण ने कहा है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दो शूटर्स के एनकाउंटर तक सीमित नहीं रहेगी। हत्या की साजिश में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शूटर्स को किसने निर्देश दिए, हथियार कहां से मिले, रेकी में किसने मदद की और वारदात के बाद फरार होने में किसकी भूमिका रही। हरियाणा और दिल्ली पुलिस से भी जांच में सहयोग लिया जा रहा है।
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UP News: एक साल में 1 लाख नौकरियां देने की तैयारी: CM योगी बोले- 32 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी, UP TET पास 13 लाख युवाओं के लिए जल्द आएगा विज्ञापन

देवरिया/बलिया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही नौकरियों का खजाना खुलने वाला है। सरकार की तैयारी एक साल में करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार देने की है। इसमें 32 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती भी शामिल है। उन्होंने कहा कि UP TET पास 13 लाख अभ्यर्थियों के लिए भी जल्द भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा।
सीएम योगी शनिवार को देवरिया पहुंचे थे। जनसभा से पहले उन्होंने मझौलीराज गांव में सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों के लिए 305 करोड़ रुपए की 80 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में जेपीएनआईसी के निर्माण पर 862 करोड़ रुपए पानी की तरह बहाए गए। योगी ने कहा कि जेपीएनआईसी के नाम पर एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई गई थी, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और उनके करीबी लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का इस्तेमाल निजी ऐशो-आराम के लिए किया गया। इतनी रकम से लाखों लोगों के लिए स्कूल, सड़क और उद्योग बनाए जा सकते थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “इन लोगों ने अपनी अय्याशी के लिए जनता के पैसे का इस्तेमाल किया। इसके लिए उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।”
बलिया में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे
देवरिया के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलिया पहुंचे। यहां उन्होंने बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद गलाफरपुर गांव स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचकर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।
सपा सरकार पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि आज सरकार बाढ़ पीड़ितों को 50 किलो राहत सामग्री दे रही है, जबकि सपा सरकार के समय 500 ग्राम सामग्री भी नहीं मिलती थी।
दयाशंकर सिंह पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि वह जहां-जहां देखते हैं, वहां दयाशंकर की जमीन दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि बक्सर से लेकर बलिया तक उनकी जमीन है। योगी ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर भी गए थे, वहां भी दयाशंकर सिंह के पिता का मकान है।
बाढ़ पीड़ितों को राहत पोटली में क्या मिल रहा?
सरकार की ओर से प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को राहत पोटली दी जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 2 किलो अरहर की दाल, 2 किलो चना, 2 किलो भुना चना, 1 किलो चीनी, 10 पैकेट बिस्किट, नहाने का साबुन,
डेटॉल और 2 किलो रिफाइंड तेल, तौलिया शामिल है।
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BPSC TRE 4.0: सरकार का बड़ा फैसला, अब PT और Mains अलग-अलग नहीं होंगे, एक ही परीक्षा होगी; सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग मानी

पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने अभ्यर्थियों की बड़ी मांग मान ली है। अब TRE 4 में PT और Mains की दो अलग-अलग परीक्षाएं नहीं होंगी। भर्ती परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को इसकी घोषणा की।
पटना में छात्र नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में 10 बिंदुओं पर सहमति बनी। सरकार के इस फैसले के बाद गर्दनीबाग में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन भी खत्म हो गया।
TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती होनी है। BPSC के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की तारीख अक्टूबर में घोषित किए जाने की संभावना है और परीक्षा दिसंबर-जनवरी के दौरान हो सकती है।
5 लाख तक अभ्यर्थी हुए तो एक दिन में परीक्षा
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक परीक्षा की तारीख और शिफ्टों का निर्धारण आवेदन आने के बाद किया जाएगा। अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर परीक्षा एक या दो दिन में कराई जा सकती है। यानी TRE-4 में ‘एकल परीक्षा’ का मतलब PT और Mains को हटाकर एक ही चयन परीक्षा है। यह जरूरी नहीं कि सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा एक ही दिन हो।
परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ कमेटी
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए परीक्षा सुधार पर विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला किया है। इसकी अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश करेंगे। यह कमेटी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों और सुझावों पर विचार करेगी। अभ्यर्थी अपने पक्ष और संबंधित साक्ष्य कमेटी के सामने रख सकेंगे।
छात्रों की समस्याओं के लिए पोर्टल और शिविर
सरकार ने अभ्यर्थियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू करने का फैसला भी किया है। सरकार के मुताबिक इन माध्यमों से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था की जाएगी।
10 बिंदुओं पर बनी सहमति
- BPSC और अन्य भर्ती परीक्षाएं तय समय पर कराने पर जोर।
- परीक्षा सुधार के लिए हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञ कमेटी।
- लाइब्रेरियन की भर्ती जल्द शुरू करने का निर्णय।
- संविदा कर्मचारियों के अंक और वेटेज के लिए अलग कोटे के निर्धारण पर हाईलेवल कमेटी।
- भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम स्तर पर डोमिसाइल नीति लागू करने का निर्णय।
- अधिकतम आयु सीमा से जुड़े मुद्दे विशेषज्ञ कमेटी के सामने रखे जाएंगे।
- सभी भर्ती परीक्षाओं का नया कैलेंडर जारी कर उसका सख्ती से पालन होगा।
- प्रश्नपत्र, OMR शीट और उत्तर पुस्तिका में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर कमेटी विचार करेगी।
- AEDO, सेनेटरी इंस्पेक्टर आदि परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की जांच EOU करेगी।
- सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
‘एक अभ्यर्थी-एक परिणाम’ पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में One Candidate, One Result की मांग पर भी नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने पर सहमति बनी है। इसका मकसद एक ही अभ्यर्थी के अलग-अलग श्रेणियों की चयन सूची में आने के कारण पदों के खाली रह जाने की समस्या को कम करना है।
क्यों हुआ था विवाद?
TRE-4 को लेकर BPSC ने पहले PT और Mains के दो चरणों में परीक्षा कराने का फैसला किया था। आयोग का तर्क था कि दो स्तरीय परीक्षा से चयन प्रक्रिया बेहतर होगी और पूर्व में सामने आए पेपर लीक के मामलों को देखते हुए परीक्षा की सुरक्षा मजबूत की जा सकेगी।
अभ्यर्थी इसके विरोध में थे। उनकी प्रमुख मांगों में एकल परीक्षा, परीक्षा में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करना शामिल था। आंदोलन के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई और अब एकल परीक्षा पर सहमति बन गई है।
32,388 पदों पर होगी भर्ती
BPSC के TRE-4 विज्ञापन के मुताबिक शिक्षा विभाग में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की जानी है।
- कक्षा 1-5: 3,847 पद
- कक्षा 6-8: 8,563 पद
- कक्षा 9-10: 3,877 पद
- कक्षा 11-12: 16,101 पद
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