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MP Board: 10वीं के बाद विषय का चयन सोच समझकर करें, बाद में बदलाव का नहीं मिलेगा मौका

Bhopal: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड की परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा 11वीं में विषय चयन को लेकर एक एडवायजरी जारी की है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कक्षा 11वीं में एक बार विषय चयन के बाद छात्रों का बदलाव मान्य नहीं होगा। दरअसल अब तक छात्र शैक्षणिक सत्र के बीच में गणित और विज्ञान विषय छोड़कर कॉमर्स तथा आर्ट्स स्ट्रीम का चुनाव कर लेते थे। विषय परिवर्तन का असर मध्य प्रदेश बोर्ड के विषयवार नामांकन पर पड़ रहा था। कई बार संबंधित विषय की सीट भी खाली रह जाती है
बता दें कि मध्य प्रदेश में 15 जून से स्कूल खुल रहे हैं। स्कूल खुलने के बाद छात्रों के सामने कक्षा 11वीं विषय चयन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 11वीं के छात्रों को विषय चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि विषय का चुनाव करने के लिये छात्र स्कूल में काउंसिलिंग ले सकते हैं। शिक्षकों से भी छात्रों की मदद करने को कहा गया है। 15 जून से स्कूल खुलने के बाद शिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन भी करेंगे।
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MP News: सागर में जहरीली शराब से 11 मौतें, 30+ अस्पताल पहुंचे, 3 गंभीर; शराब दुकानों पर कार्रवाई

सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत की खबर है। चार गांवों के 30 से ज्यादा लोगों को अस्पताल लाया गया है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्क्रीनिंग शुरू कर दी है और शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन और पुलिस के स्तर पर शराब को मौतों का अंतिम कारण अभी घोषित नहीं किया गया है। प्रारंभिक तौर पर संदिग्ध जहरीली शराब को वजह माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
घूघर, नौराज और बराज समेत चार गांवों में मामला
बताया गया है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के गांवों के कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। बीमार लोगों में से कई को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर किया गया है। तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है।
मरीजों के शरीर नीले पड़े, अकड़न की शिकायत
डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचाए गए कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें शरीर में अकड़न की शिकायत थी। घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम भेजकर स्क्रीनिंग शुरू कराई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि यदि पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब पी है या जहरीली शराब से जुड़े लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत जांच कराएं। लोग स्थानीय मेडिकल टीम से संपर्क करने के अलावा बंडा सिविल अस्पताल पहुंचकर भी स्क्रीनिंग करा सकते हैं।
शराब दुकानों के सैंपल लिए जा रहे
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। इलाके की शराब दुकानों को सील कर नमूने लेने की कार्रवाई की गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में सील की गई दुकानों की संख्या पांच से छह बताई गई है, इसलिए आधिकारिक आंकड़ा आने के बाद इसे अपडेट किया जाना उचित होगा। अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की भी तलाश की जा रही है। प्रशासन ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
CM मोहन यादव ने दिए जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजने और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया जा रहा है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस शराब की सप्लाई, सेवन और मौतों के बीच संबंध की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और शराब के नमूनों की रिपोर्ट से मौतों की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
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MP News: मध्यप्रदेश में TET अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी, शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव का ऐलान; सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रही परीक्षा

भोपाल: मध्यप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोजित की जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में भी होगी। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की। परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में यह घोषणा की। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया गया।
डेढ़ लाख शिक्षकों ने पास नहीं की TET परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश में सेवारत उन शिक्षकों के लिए TET आयोजित की जा रही है, जिन्होंने अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं की है। परीक्षा के दायरे में करीब डेढ़ लाख शिक्षक आने की संभावना बताई गई है। परीक्षा अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है। ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प उन शिक्षकों के लिए खास तौर पर राहत माना जा रहा है, जिन्हें कंप्यूटर आधारित परीक्षा देने में परेशानी हो सकती है।
आवेदन की तारीख भी बढ़ाई गई
TET के लिए आवेदन की अंतिम तारीख अब 18 सितंबर 2026 कर दी गई है। आवेदन में संशोधन की सुविधा 20 सितंबर तक रहेगी। इससे पहले आवेदन की अंतिम तारीख 4 सितंबर थी।
CM बोले- शिक्षा व्यवस्था मजबूत करना लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्कूल की कक्षाओं में ही देश का भविष्य तैयार होता है और शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ जीवन की दिशा भी देते हैं।
उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश बोर्ड की मेरिट सूची में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी स्थान बना रहे हैं। यह शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
शिक्षकों को बेहतर अवसर देने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों के हित में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में TET को ऑफलाइन कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना, शिक्षकों को सम्मान और बेहतर अवसर देना तथा हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश से बिगड़े हालात, मंदाकिनी उफनी, बरगी बांध के 5 गेट खुले; कई जिलों में अलर्ट

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि जबलपुर के बरगी बांध में जलभराव 93% से ज्यादा पहुंचने के बाद पांच गेट करीब एक-एक मीटर खोले गए हैं। इससे नर्मदा के निचले इलाकों में जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ने की संभावना है।
चित्रकूट में लगातार करीब 72 घंटे से बारिश होने के कारण मंदाकिनी का जलस्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह दी है। रामघाट-हनुमान धारा को जोड़ने वाला पुल पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है और बाढ़ का पानी अन्य हिस्सों तक पहुंच रहा है।
बरगी बांध 93% से ज्यादा भरा, 5 गेट खोले
जबलपुर के बरगी बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ रही है। 2 सितंबर की सुबह बांध का जलस्तर 421.85 मीटर और जलभराव करीब 93.33% दर्ज किया गया था। इसके बाद 3 सितंबर को पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए। करीब 760 क्यूमेक पानी छोड़े जाने से नर्मदा के घाटों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर जाने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चित्रकूट में बाढ़ का खतरा, पर्यटन स्थल लगभग बंद
मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर का असर चित्रकूट के घाटों और पर्यटन स्थलों पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर पानी पहुंचने के कारण पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें। IMD ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बताया है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह शामिल हैं।
2 जिलों में रेड, 6 में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। 4 सितंबर को कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 5 और 6 सितंबर को भी खासकर मध्य और उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक 11% कम बारिश
बारिश का दौर तेज होने के बावजूद पूरे मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य से कम है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा इससे अधिक होना चाहिए था। कुल मिलाकर बारिश करीब 11% कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ जिलों में कमी 2 से 51% तक है, जबकि पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में यह अंतर 53% तक बताया गया है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
इसके उलट प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।
प्रशासन अलर्ट, नदी किनारे जाने से बचने की अपील
लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल सक्रिय हैं। लोगों को विशेष रूप से नदी, नालों, पुलों और घाटों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए अगले कुछ दिन मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खासकर पूर्वी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है।
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MP News: बारिश से बिगड़े हालात, सतना-चित्रकूट में बाढ़ जैसे हालात, रामघाट की 400 दुकानें डूबीं; 2 दिन और भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल/सतना: मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सतना और चित्रकूट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। रामघाट इलाके में मंगलवार को करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए।
सतना में लगातार बारिश, उफनते नदी-नालों और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने 2 और 3 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश स्कूलों के साथ कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर भी लागू किया गया है।
चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर, रामघाट में भारी नुकसान
लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। रामघाट क्षेत्र में दुकानें और होटल डूबने से कारोबार प्रभावित हुआ है।
सतना और रीवा संभाग के कई इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने से सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों को नदी, नाले और पुल-पुलियों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
अगले 2-3 दिन भी राहत के आसार कम
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक मध्यप्रदेश में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। 2 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश और पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी है। अगले कुछ दिनों तक भी कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे सतना, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के पहले से प्रभावित इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भी भारी बारिश की संभावना है।
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
MP में अब तक 27.8 इंच बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक करीब 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य औसत बारिश 791.7 मिमी यानी करीब 31.2 इंच से कम है। यानी पूरे प्रदेश में अभी औसत से करीब 11% कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी करीब 5% और पश्चिमी हिस्से में करीब 16% बताई गई है।
40 जिलों में औसत से कम बारिश
प्रदेश के कई जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर करीब 5% की कमी दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में औसत से कम पानी गिरा है।
इन 15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
इसके उलट कुछ जिलों में मानसून सामान्य से ज्यादा सक्रिय रहा है। अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
सतना में स्कूल-कॉलेज दो दिन बंद
लगातार भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए सतना जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए 2 और 3 सितंबर को शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की है। प्रशासन के आदेश के मुताबिक यह अवकाश विभिन्न सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों पर लागू है। पहले से निर्धारित परीक्षाओं को लेकर अलग निर्देश लागू हो सकते हैं।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। नदियों और नालों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का यह दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में सतना और चित्रकूट समेत पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिन बेहद अहम रहने वाले हैं।
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MP News: मध्यप्रदेश पुलिस में SI-सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती, 9 सितंबर से आवेदन, 8 अक्टूबर से परीक्षा

भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर और सूबेदार बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पुलिस विभाग में 507 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 9 सितंबर से शुरू होंगे और 23 सितंबर 2026 तक चलेंगे। परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 से दो पालियों में आयोजित की जाएगी। MPESB के भर्ती कैलेंडर में भी सूबेदार/उपनिरीक्षक संवर्ग के 507 पदों की भर्ती सितंबर-अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है।
अभ्यर्थी आवेदन में संशोधन 28 सितंबर तक कर सकेंगे। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को भर्ती नियमावली में दी गई शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है।
SI के इन पदों पर होगी भर्ती
507 पदों में सबसे ज्यादा 312 पद उप निरीक्षक (जिला पुलिस बल) के हैं। इसके अलावा 81 पद- सूबेदार, 69 पद- उप निरीक्षक, विशेष सशस्त्र बल और शेष पद- आयुध, फिंगरप्रिंट, फोटो और अन्य तकनीकी शाखाओं के लिए हैं। इस भर्ती से पुलिस विभाग की अलग-अलग शाखाओं में अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
28 अक्टूबर से दो पालियों में परीक्षा
भर्ती परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा केंद्र, प्रवेश पत्र और अन्य जरूरी निर्देश MPESB की ओर से जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचना होगा और बोर्ड की ओर से मांगे गए मूल पहचान पत्र समेत जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे।
SI-सूबेदार का वेतन ₹36,200 से ₹1,14,800
सूबेदार और सब-इंस्पेक्टर दोनों पदों के लिए लेवल-9 का वेतनमान निर्धारित है। इसके तहत चयनित उम्मीदवारों को ₹36,200 से ₹1,14,800 प्रतिमाह का वेतनमान मिलेगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश शासन के नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी देय होंगी।
आवेदन शुल्क 250 से 500 रुपए
अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपए निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के निवासी OBC, SC, ST और EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपए रखा गया है। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में पोर्टल/कियोस्क शुल्क अलग से लागू होगा। विभागीय उम्मीदवारों के लिए भी अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
विशेष सशस्त्र बल SI पद पर सिर्फ पुरुष उम्मीदवार
भर्ती नियमों के मुताबिक उप निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) के पद के लिए केवल पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। वहीं अन्य पदों पर महिलाओं के लिए लागू आरक्षण और पात्रता प्रावधानों के अनुसार आवेदन किया जा सकेगा।
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