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MP Board: 10वीं के बाद विषय का चयन सोच समझकर करें, बाद में बदलाव का नहीं मिलेगा मौका

Bhopal: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड की परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा 11वीं में विषय चयन को लेकर एक एडवायजरी जारी की है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कक्षा 11वीं में एक बार विषय चयन के बाद छात्रों का बदलाव मान्य नहीं होगा। दरअसल अब तक छात्र शैक्षणिक सत्र के बीच में गणित और विज्ञान विषय छोड़कर कॉमर्स तथा आर्ट्स स्ट्रीम का चुनाव कर लेते थे। विषय परिवर्तन का असर मध्य प्रदेश बोर्ड के विषयवार नामांकन पर पड़ रहा था। कई बार संबंधित विषय की सीट भी खाली रह जाती है
बता दें कि मध्य प्रदेश में 15 जून से स्कूल खुल रहे हैं। स्कूल खुलने के बाद छात्रों के सामने कक्षा 11वीं विषय चयन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 11वीं के छात्रों को विषय चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि विषय का चुनाव करने के लिये छात्र स्कूल में काउंसिलिंग ले सकते हैं। शिक्षकों से भी छात्रों की मदद करने को कहा गया है। 15 जून से स्कूल खुलने के बाद शिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन भी करेंगे।
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MP News: उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में 11 अगस्त को मनेगा स्वतंत्रता दिवस, तिथि के अनुसार होगा ध्वजारोहण

उज्जैन: देशभर में जहां स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है, वहीं उज्जैन के प्राचीन बड़े गणेश मंदिर में इस बार आजादी का पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि सनातन परंपरा के अन्य पर्वों की तरह स्वतंत्रता दिवस भी तिथि के अनुसार मनाया जाना चाहिए।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, 15 अगस्त 1947 को जब देश स्वतंत्र हुआ था, उस दिन श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी। वैदिक पंचांग के मुताबिक इस वर्ष यह तिथि 11 अगस्त को पड़ रही है। इसी वजह से मंदिर में इसी दिन स्वतंत्रता दिवस का आयोजन किया जाएगा।
तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण होगा
मंदिर में 11 अगस्त को सुबह तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भगवान बड़े गणेश को तिरंगा अर्पित किया जाएगा और राष्ट्रीय ध्वज का पूजन होगा। महाआरती के बाद ‘वंदे मातरम्’ और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम के अंत में मंदिर के शिखर पर तिरंगा फहराया जाएगा।
पुजारी ने बताई वजह
मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य पं. अक्षत व्यास ने कहा कि दीपावली, रक्षाबंधन, दशहरा और होली जैसे सभी पर्व हर वर्ष पंचांग की तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस भी तिथि के आधार पर मनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि बड़े गणेश मंदिर में यह परंपरा कई वर्षों से निभाई जा रही है।
15 अगस्त 1947 के ध्वजारोहण का भी किया जिक्र
मंदिर की ओर से यह भी कहा गया कि 15 अगस्त 1947 को आधी रात स्वतंत्रता मिलने के समय तिरंगा फहराया गया था। उनके अनुसार, स्वतंत्रता के औपचारिक कार्यक्रम बाद में सुबह आयोजित किए गए।
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MPESB ने जारी किया संशोधित परीक्षा कैलेंडर: पुलिस कांस्टेबल, पटवारी समेत कई भर्तियां सितंबर से शुरू होंगी

भोपाल: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। नए कैलेंडर के अनुसार सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच पुलिस कांस्टेबल, पटवारी, पंचायत सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी, नायब तहसीलदार, सूबेदार, उप निरीक्षक, डिप्टी इंजीनियर और शिक्षक पात्रता परीक्षा समेत कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह संभावित परीक्षा कार्यक्रम है। प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार परीक्षा तिथियों में बदलाव किया जा सकता है।
पुलिस कांस्टेबल की सबसे बड़ी भर्ती
संशोधित कैलेंडर के मुताबिक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा अक्टूबर-नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। इसके तहत 7,500 पदों पर भर्ती होगी। वहीं, 1,000 पुलिस कांस्टेबल (ड्राइवर) पदों के लिए परीक्षा नवंबर 2026 में आयोजित की जाएगी।
इन भर्तियों की भी तैयारी
सितंबर 2026 में 2,784 कृषि विस्तार अधिकारी और 2,299 पदों वाली ग्रुप-2 सब ग्रुप-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित होने की संभावना है। इसमें ब्लॉक पंचायत अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक निरीक्षक समेत अन्य पद शामिल हैं।
डिप्टी इंजीनियर, मानचित्रकार, लैब टेक्नीशियन और अन्य समकक्ष 700 पदों की भर्ती परीक्षा सितंबर-अक्टूबर में प्रस्तावित है। वहीं, उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती परीक्षा भी इसी अवधि में कराई जाएगी।
नवंबर-दिसंबर में पंचायत सचिव और नायब तहसीलदार भर्ती
नवंबर-दिसंबर 2026 में 2,900 पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक पदों के लिए परीक्षा होगी। इसी दौरान 73 नायब तहसीलदार पदों की विभागीय भर्ती परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सूबेदार (मंत्रालयिक), स्टेनोग्राफर एवं सहायक उप निरीक्षक (मंत्रालयिक) के 566 पदों पर भर्ती परीक्षा अक्टूबर-नवंबर में होगी।
इन परीक्षाओं का भी कार्यक्रम जारी
- कार्यरत शिक्षकों के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा – सितंबर/अक्टूबर 2026
- संस्कृति संचालनालय के अधीन शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालयों के 33 पद- दिसंबर 2026
- ग्रुप-6 सब ग्रुप-1 भर्ती परीक्षा (700 पद)- दिसंबर 2026
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MP Patwari Strike: बिना प्रारंभिक जांच पटवारियों पर नहीं होगी FIR, सरकार ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

भोपाल: मध्य प्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने उनकी एक प्रमुख मांग मान ली है। अब किसी भी पटवारी के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि एफआईआर दर्ज करने से पहले पूरे मामले की प्रारंभिक जांच कराई जाए। हालांकि सरकार के इस फैसले के बावजूद पटवारियों ने फिलहाल हड़ताल खत्म करने का ऐलान नहीं किया है। प्रदेश के करीब 23 हजार पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं।
बिना जांच FIR नहीं, पहले होगी पड़ताल
प्रमुख सचिव (राजस्व) ई. रमेश कुमार ने सभी कलेक्टरों को भेजे पत्र में कहा है कि किसी भी पटवारी के खिलाफ राजस्व न्यायालयों में प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज करने से पहले पूरे मामले का प्रारंभिक परीक्षण किया जाए। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
पत्र में कहा गया है कि पटवारी कई मामलों में केवल प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं और अंतिम निर्णय राजस्व न्यायालय गुण-दोष के आधार पर लेते हैं। इसके बावजूद कुछ मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज होने की शिकायतें सामने आई थीं।
पटवारी संघ ने उठाई थी मांग
सोमवार को हड़ताली पटवारियों का प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय में प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी कि बिना जांच सीधे एफआईआर दर्ज न की जाए और पटवारियों को कानूनी संरक्षण दिया जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल
प्रदेश के पटवारी जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। पहले उन्होंने 15 से 17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश लिया। इसके बाद सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर होने और त्वरित कार्यवाही से दूरी बनाने जैसे विरोध कार्यक्रम भी किए। मांगें पूरी नहीं होने पर 3 अगस्त से करीब 23 हजार पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। सरकार की ओर से एक मांग मान लिए जाने के बावजूद हड़ताल फिलहाल जारी है।
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Datia By Election Result: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत, घनश्याम सिंह ने भाजपा को 6,016 वोटों से हराया

भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को मात दी है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराकर सीट अपने नाम की। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट हासिल हुए। दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के मामले में दो साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया गया।
पहले भाजपा आगे, फिर कांग्रेस ने बनाई बढ़त
मतगणना के शुरुआती राउंड में भाजपा बढ़त पर थी, लेकिन दूसरे राउंड के बाद कांग्रेस ने लगातार बढ़त बनाई और अंत तक उसे बरकरार रखा। 13वें और 14वें राउंड में भाजपा ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस की बढ़त निर्णायक साबित हुई। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।
नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा पीछे
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ नंबर-121 पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस को 291 और भाजपा को 264 वोट मिले। उधर, हार के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भीतरघात का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को आत्ममंथन करना चाहिए।
CM मोहन यादव बोले- कांग्रेस की सीट कांग्रेस के पास रही
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दतिया पहले भी कांग्रेस की सीट थी और इस बार भी कांग्रेस के पास ही रही। उन्होंने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा के वोट बढ़े हैं। पार्टी जल्द समीक्षा बैठक कर सकती है और भीतरघात के आरोपों की भी समीक्षा होगी।
ASP ने भी दिखाया दम
चुनाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव ‘मंडल’ तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 22,527 वोट (14.30%) मिले। कुल 1,57,499 मतों में कांग्रेस और भाजपा को मिलाकर करीब 81% वोट मिले, जबकि ASP ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन कर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया।
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MP News: मध्य प्रदेश में 9 साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर में वोटिंग की तैयारी

भोपाल/ जबलपुर: मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में करीब नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सितंबर महीने में छात्रसंघ चुनाव कराने की जानकारी दी है। इसके साथ ही 2017 के बाद पहली बार छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव होगा।
जबलपुर निवासी छात्र अदनान अंसारी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से चुनाव की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सुनवाई के दौरान सरकार ने सितंबर में चुनाव कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी थी तय तारीख
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के रवैये पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि केवल आश्वासन और बहानों से काम नहीं चलेगा। सरकार को चुनाव की निश्चित तारीख और पूरी कार्ययोजना बतानी होगी। इसके बाद सरकार ने कोर्ट में शैक्षणिक कैलेंडर पेश करते हुए सितंबर में चुनाव कराने की जानकारी दी।
2017 के बाद नहीं हुए चुनाव
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि 2017 के बाद पहले कोरोना महामारी और फिर अन्य कारणों का हवाला देकर छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए। इससे वर्षों से छात्रसंघों का गठन नहीं हो सका। याचिकाकर्ता अदनान अंसारी ने यह भी दावा किया कि छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के बावजूद विश्वविद्यालय लगातार छात्रों से चुनाव शुल्क वसूलते रहे हैं। उन्होंने इस राशि का पूरा हिसाब भी कोर्ट के समक्ष पेश करने की मांग की है।
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