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MP Board: 10वीं के बाद विषय का चयन सोच समझकर करें, बाद में बदलाव का नहीं मिलेगा मौका

Bhopal: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड की परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा 11वीं में विषय चयन को लेकर एक एडवायजरी जारी की है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कक्षा 11वीं में एक बार विषय चयन के बाद छात्रों का बदलाव मान्य नहीं होगा। दरअसल अब तक छात्र शैक्षणिक सत्र के बीच में गणित और विज्ञान विषय छोड़कर कॉमर्स तथा आर्ट्स स्ट्रीम का चुनाव कर लेते थे। विषय परिवर्तन का असर मध्य प्रदेश बोर्ड के विषयवार नामांकन पर पड़ रहा था। कई बार संबंधित विषय की सीट भी खाली रह जाती है
बता दें कि मध्य प्रदेश में 15 जून से स्कूल खुल रहे हैं। स्कूल खुलने के बाद छात्रों के सामने कक्षा 11वीं विषय चयन करना काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 11वीं के छात्रों को विषय चयन में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि विषय का चुनाव करने के लिये छात्र स्कूल में काउंसिलिंग ले सकते हैं। शिक्षकों से भी छात्रों की मदद करने को कहा गया है। 15 जून से स्कूल खुलने के बाद शिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन भी करेंगे।
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MP News: मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन, CM मोहन यादव ने उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल रोकने के दिए आदेश

भोपाल: महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की बैठक में इसके उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए। गुजरात रवाना होने से पहले हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और असली दूध से बने पनीर को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
CM बोले- प्राकृतिक दूध से बनेगा पनीर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर हम प्रतिबंध लगा रहे हैं। जैसा अन्य राज्यों ने लगाया है। हम प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाएंगे और प्राकृतिक रूप से ही पनीर बनाएंगे।” सरकार के इस फैसले के बाद एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। कम कीमत होने के कारण इसकी बाजार में खपत तेजी से बढ़ी है। अब सरकार ने इसकी बड़ी खपत को देखते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।
रोज 300 से 400 क्विंटल खपत का अनुमान
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की रोजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल होने का अनुमान है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल, यानी 900 से 1200 टन एनालॉग पनीर की खपत हो रही है।बड़ी मात्रा में बिक्री और खपत को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद MP का फैसला
मध्य प्रदेश से पहले महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी एनालॉग पनीर को लेकर कार्रवाई और प्रतिबंध के फैसले किए जा चुके हैं। अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एनालॉग पनीर के उत्पादन से लेकर बिक्री और इस्तेमाल तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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MP Cabinet: भोपाल-विदिशा रोड होगा फोरलेन, 1,757.55 करोड़ रुपए की परियोजना को कैबिनेट मंजूरी; 3 बायपास भी बनेंगे

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की कुल लागत 1,757 करोड़ 55 लाख रुपए होगी। मौजूदा 44.83 किमी लंबे टू-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन किया जाएगा। यह सड़क भोपाल-कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में काम करेगी।
3 बायपास भी बनेंगे
परियोजना में कुल 8.25 किमी के तीन बायपास बनाए जाएंगे। इससे आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़क हादसों की आशंका घटेगी। यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। इस मार्ग पर मौजूदा यातायात करीब 10,975 पैसेंजर कार यूनिट है, जो फोरलेन सड़क के निर्धारित 10 हजार के मानक से अधिक है।
सांची-उदयगिरि की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
फोरलेन बनने से सांची स्तूप, अशोक स्तंभ, संग्रहालय और उदयगिरि की गुफाओं जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन के साथ होटल, परिवहन, गाइड और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के दूसरे बड़े फैसले
- सीहोर में सोयाबीन रिसर्च यूनिट: इछावर के भाऊखेड़ी में 20 हेक्टेयर जमीन पर रिसर्च सेंटर स्थापित होगा।
- रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार: पुरस्कार राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की गई।
- देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: न्यायिक जांच आयोग के गठन का अनुसमर्थन।
- 3 औद्योगिक सुरक्षा बल: प्रदेश में तीन SISF बटालियन गठित होंगी, शुरुआत खंडवा से होगी।
- पुलिस में 27,534 पदोन्नतियां: 58 संवर्गों के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया।
- किसानों को 10 घंटे बिजली: सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने पर जोर।
- सांची ब्रांड: उत्पादन हिस्सेदारी को 12% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य।
- होम स्टे: पर्यटन विभाग के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- वनोपज समितियां: स्थानीय स्तर पर लाभांश वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
- भोपाल बायपास: पिछले दो साल में 145.87 करोड़ रुपए का टोल राजस्व मिलने की जानकारी दी गई।
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MP Police Recruitment: MP पुलिस में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी: 9,751 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी; 3 SISF बटालियन भी बनेंगी

भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस में बड़ी भर्ती की तैयारी है। पुलिस विभाग के नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार समारोह में DGP कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2026 में पुलिस विभाग के 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी मिली है। वहीं विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। फिलहाल 9,751 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
8 साल से SI-सूबेदार की भर्ती नहीं हुई थी
DGP कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद विभाग की समीक्षा में करीब 20 हजार पद खाली मिले थे। सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर करीब 8 साल से भर्ती नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि रिक्तियों का असर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पड़ रहा था। भर्ती नियमों से जुड़ी आपत्तियों का समाधान करने के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई।
27,534 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में पुलिस विभाग के 58 संवर्गों के 27,534 अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक बने। CM ने कहा कि विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक प्रमोशन अटके रहे। 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति के रिटायर हुए, जिसका उन्हें मलाल है।
MP में बनेंगी SISF की 3 बटालियन
मुख्यमंत्री ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की 3 नई बटालियन बनाने की घोषणा की। इनमें से एक बटालियन खंडवा में बनेगी, जबकि दो अन्य के स्थान बाद में तय किए जाएंगे। SISF में बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की अलग-अलग कंपनियां गठित करने की भी बात कही गई, ताकि इन समुदायों के युवाओं को रोजगार और सुरक्षा बल में प्रतिनिधित्व मिल सके।
नक्सल विरोधी अभियान के लिए 1,207 नए पद
DGP ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान को मजबूत करने के लिए हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद मंजूर किए गए हैं। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। पुलिस बैंड और FSL की भर्तियां अगले चरण में होंगी।
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MP News: राजगढ़ में नाले में बही ईको वैन, 7 की मौत, SDRF बाकी लोगों की तलाश में जुटी

राजगढ़: मध्यप्रदेश के राजगढ़ में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे के पास 11 लोगों से भरी ईको वैन उफनते नाले में बह गई। हादसे में अब तक 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 3 पुरुष, 2 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। SDRF की टीम बाकी लोगों की तलाश में जुटी है। हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। वैन में सवार सभी लोग देवास के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वे सतवास से कड़लावद गांव जा रहे थे। कार सतवास के धांसड़ गांव निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर रजिस्टर्ड है और वही इसे चला रहा था।
अधूरे पुल पर चढ़ी कार, तेज बहाव में बही
पड़ाना के पास झिरी नाले पर करीब 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है। लगातार बारिश के कारण नाले का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान ईको वैन वहां पहुंची और पानी के तेज बहाव में बह गई। हादसे के बाद ड्राइवर मुकेश सिंह चौहान और उसके चाचा हुकुम सिंह किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए। बाकी लोग पानी में बह गए।
पहले 4 मौतों की जानकारी, रेस्क्यू में संख्या बढ़ी
हादसे की शुरुआती जानकारी में 4 लोगों की मौत की बात सामने आई थी। रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई। सभी बरामद शवों को सारंगपुर लाया गया है। SDERF की टीम नाले और आसपास के इलाके में बाकी लोगों की तलाश कर रही है।
क्रेन से निकाली कार, अंदर कोई नहीं मिला
सूचना मिलते ही SDM रोहित बम्होरे और SDOP अरविंद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से नाले में बही ईको वैन को बाहर निकाला गया। कार की तलाशी लेने पर उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला। रेस्क्यू टीम अब पानी के बहाव की दिशा में बाकी लोगों की तलाश कर रही है।
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MP News: भोपाल-रीवा समेत 4 फ्लाइट शुरू, 5 नए एयरपोर्ट को मंजूरी

भोपाल: मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा भोज एयरपोर्ट से भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल-रीवा हवाई सेवा शुरू होने का लंबे समय से इंतजार था। उन्होंने कहा कि जब वे पर्यटन निगम के अध्यक्ष थे, तब भी इस रूट पर हवाई सेवा शुरू करने के प्रयास किए गए थे। अब नियमित उड़ान शुरू होने से विंध्य क्षेत्र को राजधानी भोपाल से सीधा हवाई संपर्क मिल गया है।
रीवा-भोपाल का किराया 2700 से, 3500 रुपए तक कैप
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि रीवा से भोपाल का हवाई किराया करीब 2700 रुपए से शुरू होगा। इसे अधिकतम 3500 रुपए तक सीमित किया गया है। इसी तरह रीवा-कोलकाता उड़ान का किराया करीब 3700 रुपए से शुरू होकर अधिकतम करीब 5000 रुपए तक रखने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि किराए को नियंत्रित रखने से हवाई यात्रा आम आदमी की पहुंच में आएगी और विंध्य क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
विंध्य के लिए बड़ा दिन: राजेंद्र शुक्ल
उप मुख्यमंत्री ने भोपाल-रीवा उड़ान को विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विंध्य में सीमेंट, बिजली, खनिज और पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी की कमी क्षेत्र के विकास में बाधा रही। उन्होंने बताया कि रीवा एयरपोर्ट का भूमिपूजन 2023 में और लोकार्पण 2024 में हुआ था। एयरपोर्ट तैयार होने के बाद एयरलाइंस को आकर्षित करने में प्रदेश की एविएशन पॉलिसी महत्वपूर्ण साबित हुई।
MP में 5 नए एयरपोर्ट को मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दतिया, सतना और रीवा में एयरपोर्ट शुरू हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी को मंजूरी मिल चुकी है।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेश के लिए 5 नए एयरपोर्ट को मंजूरी मिलने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को लगातार नई सौगातें मिल रही हैं। आने वाले समय में प्रदेश के कई और शहर हवाई नेटवर्क से जुड़ेंगे।
इन शहरों के बीच शुरू हुई सीधी उड़ान
- भोपाल-रीवा
- भोपाल-पटना
- रीवा-कोलकाता
- जबलपुर-कोलकाता
नई उड़ानों से राजधानी भोपाल के साथ विंध्य, महाकौशल और पूर्वी भारत के बीच सीधा हवाई संपर्क मजबूत होगा। इससे कारोबार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को समय की बचत होगी।
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