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Chhattisgarh: श्री रामलला दर्शन योजना के पहले जत्थे को मुख्यमंत्री ने किया रवाना, 850 रामभक्त करेंगे रामलला के दर्शन

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Chhattisgarh: Chief Minister flagged off the first batch of Shri Ramlala Darshan Scheme, 850 Ram devotees will have darshan of Ramlala

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्री रामलला दर्शन योजना के तहत मंगलवार को राजधानी रायपुर के रेल्वे स्टेशन से अयोध्या जाने वाली विशेष ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन में 850 राम भक्तों की टोली जय श्रीराम का नारा लगाते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुई। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री  साय ने श्री रामलला दर्शन के लिए जाने वाली विशेष ट्रेन को आज सुबह 10.30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष ट्रेन में रायपुर संभाग के सभी 5 जिलों के 850 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम का दर्शन कराया जाएगा।

बिलासपुर और रायगढ़ से भी चलेगी ट्रेन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह क्षण हमारे लिए गौरवशाली है कि छत्तीसगढ़ की जनता श्री रामलला के दर्शन के लिए जा रही है। देश के प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी सरकार बनने पर श्री रामलला दर्शन योजना का वादा किया था, उसे पूरा करते हुए आज छत्त्तीसगढ़ से अयोध्या पहली ट्रेन रवाना हुई है। आने वाले दिनों में रायपुर के अलावा बिलासपुर और रायगढ़ से भी ट्रेन अयोध्या के लिए चलेगी।

श्रद्धालुओं का रखा जाएगा पूरा ख्याल

श्री रामलला दर्शन योजना के तहत यह विशेष ट्रेन छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को सप्ताह में एक बार अयोध्या धाम का दर्शन कराएगी। श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा। जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने-आने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा।

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मार्च महीने में पूरी साय कैबिनेट करेगी रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में अयोध्या के साथ-साथ अन्य धार्मिक स्थलों की भी यात्रा करायी जायेगी। छतीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां की जनता को सरकारी खर्च पर श्री रामलला का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मार्च महीने में पूरे मंत्रिमंडल के साथ रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक दिखेगी संस्कृति और विकास की झलक

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नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला, शिल्प, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

राज्य स्तरीय आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होगा। राज्योत्सव का शुभारंभ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। 2 नवंबर को राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे, जबकि 3 नवंबर को समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होंगे।

2 नवंबर को सेंध लेक पर सारंग टीम का एयर शो

राज्योत्सव का प्रमुख आकर्षण 2 नवंबर को सुबह 11 बजे नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में होने वाला भारतीय वायुसेना का एयर शो होगा। वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम पांच स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ हवाई करतब दिखाएगी। टीम के पायलट सामूहिक उड़ान के जरिए विभिन्न हवाई संरचनाओं और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे।

ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। मोर से प्रेरित रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और उनका सटीक तालमेल दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगा।

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विकास प्रदर्शनियों में योजनाओं और उपलब्धियों की झलक

राज्योत्सव परिसर में विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें शासन की प्रमुख योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रदेश में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां भी लगेंगी।

शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों के हुनर को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

तीनों दिन होंगी सांस्कृतिक संध्याएं

राज्योत्सव में प्रतिदिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

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1 नवंबर: पार्श्व गायिका पलक मुच्छल

2 नवंबर: पार्श्व गायिका स्वस्ति मेहुल

3 नवंबर: पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य

स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शाम 4 बजे, राज्य स्तरीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शाम 7 बजे और राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां रात 8 बजे से होंगी।

सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को आयोजन

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नवा रायपुर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव मनाया जाएगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय कला, प्रतिभाओं, सरकारी योजनाओं और जिलों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया जाएगा याद

छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुआ था। राज्योत्सव के दौरान राज्य निर्माण में उनके योगदान को याद किया जाएगा। इस वर्ष की थीम के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक विरासत, विकास की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है।

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चक्रवात अर्नब: फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी राहत, CM साय ने कलेक्टरों को दिए सर्वे के निर्देश

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चक्रवात अर्नब से फसल नुकसान के बाद किसानों के लिए सर्वेक्षण और राहत सहायता के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश।

रायपुर: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में फसलों को हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सर्वेक्षण और राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिले और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।

RBC 6-4 के तहत मिलेगी सहायता राशि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए हैं कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का जल्द से जल्द आकलन किया जाए। सर्वेक्षण के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नुकसान का आकलन करने से लेकर सहायता राशि किसानों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें।

कलेक्टरों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश

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मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में वास्तविक फसल नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि सहायता के पात्र किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाताओं के हितों की रक्षा करना और संकट की घड़ी में उन्हें हरसंभव सहयोग देना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है।

चक्रवात से धान की फसलों को हुआ नुकसान

चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के कारण धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कुछ क्षेत्रों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अब जिला स्तर पर होने वाले सर्वेक्षण से फसल क्षति की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसके आधार पर निर्धारित नियमों के तहत पात्र किसानों को सहायता राशि दी जाएगी।

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चक्रवात अर्नब: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने CM साय से की बात, छत्तीसगढ़ के हालात की ली जानकारी

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चक्रवात अर्नब के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बीच फोन पर बातचीत को दर्शाता समाचार ग्राफिक

रायपुर: चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से फोन पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में मौसम और चक्रवात से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य में बारिश हो रही है, लेकिन अब तक कहीं से बाढ़ या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है। संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। उन्होंने प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार भी जताया।

अमित शाह ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की चर्चा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की परेशानी कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

गृह मंत्री के मुताबिक, NDRF और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने और अतिरिक्त सहायता की जरूरत तय करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भी भेजी जाएंगी।

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प्रदेश में स्थिति पर प्रशासन की नजर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन मौसम की स्थिति और बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय किया जा रहा है। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए लोगों को भी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान देने की जरूरत है।

केंद्र सरकार ने राहत कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया

केंद्र सरकार ने चक्रवात प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। केंद्रीय टीमों के जरिए नुकसान और अतिरिक्त सहायता की जरूरत का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की सहायता तय की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन सतर्क है।

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Chhattisgarh: सूरजपुर को ₹232 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, CM साय ने किए 117 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सूरजपुर जिले में 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण और भूमिपूजन।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने 24.29 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 208.20 करोड़ रुपये की लागत वाले 54 कार्यों का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत के लिए 2.70 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा भी की। इसमें मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक करीब दो किलोमीटर बीटी सड़क निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।

सरगुजा सहित हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से खेद भी जताया।

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जल संरक्षण के 2,212 कार्यों पर खर्च होंगे ₹130.56 करोड़

जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर जिले की उपलब्धि की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला इस अभियान में छत्तीसगढ़ में पहले और देश में चौथे स्थान पर है। उन्होंने जिले के नागरिकों, कलेक्टर और प्रशासनिक टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र और भूजल स्तर में गिरावट के बीच जल संरक्षण की अहमियत बढ़ गई है। सूरजपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े 2,212 कार्यों पर 130.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में सुधार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाना है।

₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का जिक्र

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्रों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों और पुरानी सिंचाई योजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख किया।

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महतारी वंदन और प्रधानमंत्री जनमन योजना पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसे समुदायों को पक्के आवास और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किए जाने का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और सेवा सेतु से घर बैठे सेवाओं का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और सेवा सेतु के जरिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सरकारी सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए ‘अंजोर विजन 2047’ तैयार किया है। इसका लक्ष्य प्रदेश के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

मंत्रियों ने भी गिनाईं विकास की प्राथमिकताएं

कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम पंचायतों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं तथा गरीब परिवारों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने सूरजपुर जिले को विकास कार्यों की सौगात मिलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय, भरत सिंह सिसोदिया, विधायक भूलन सिंह मरावी, विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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CG Cabinet Decisions: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव; बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक और धान खरीदी सहित विकास संबंधी फैसले।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाइन रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, घरेलू बिजली उपभोक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और बिजली बिल में राहत की अवधि बढ़ाने का निर्णय प्रमुख है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026, पर्यटन विकास मिशन और नई रेल परियोजना को लेकर भी मंजूरी दी गई।

15 नवंबर से होगी धान खरीदी, 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा भाव

राज्य सरकार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर 2026 से किसानों से धान खरीदेगी। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जाएगी।

किसानों को पंजीयन प्रक्रिया में राहत देते हुए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान बेचने के लिए मान्य किया गया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। एग्रीस्टैक में पंजीयन होने के कारण धान विक्रय के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी।

धान के रकबे का निर्धारण डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किया जाएगा। वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी।

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कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान के नीलामी के माध्यम से निराकरण संबंधी मंत्रिमंडलीय उपसमिति के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया।

बिजली बिल में राहत 31 मार्च 2027 तक बढ़ी

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान यानी एम-ऊर्जा योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत जारी रहेगी। साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। इस फैसले से करीब 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को योजना के तहत मिलने वाली राहत का लाभ जारी रहने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों और परिवारों को कैशलेस इलाज

मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च पहले अपनी जेब से चुकाकर बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। पूर्व-अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन तथा डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।

इस व्यवस्था से गंभीर बीमारी और आपातकाल में कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार के साथ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़क निर्माण के लिए डामर पर 230 करोड़ रुपये तक की राहत

बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सरकार ने सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का फैसला किया है।

छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक वास्तव में खरीदी और उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर 130.88 करोड़ रुपये की राहत बजट अनुदान के रूप में दी जाएगी।

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वहीं, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण के उन अनुबंधों में, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पहले प्राप्त हुई थीं, 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक खरीदे और उपयोग किए गए डामर पर भी राहत मिलेगी। इस मद में लगभग 70 से 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का अनुमान है।

सरकार के अनुसार, इस निर्णय से लंबित डामरीकरण कार्यों को गति देने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।

पांच साल में 500 करोड़ रुपये का अधोसंरचना मिशन

प्रदेश में सड़क और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की योजना, तैयारी, गुणवत्ता और निगरानी बेहतर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ की गाइडलाइंस को मंजूरी दी गई है। यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल चलेगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये यानी हर साल 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

लोक निर्माण विभाग मिशन का नोडल विभाग होगा, जबकि छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी। मिशन में सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान, डेटा आधारित जरूरतों का आकलन, परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले से तैयार करना, GIS आधारित नियोजन, डिजिटल कार्य निगरानी, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर दिया जाएगा।

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पर्यटन विकास मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को भी मंजूरी दी गई है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के उद्देश्य से यह मिशन अगले पांच वर्षों तक संचालित होगा और इसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

मिशन के तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।

295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना को मंजूरी

कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,000 करोड़ रुपये है। इसमें 25 प्रतिशत यानी करीब 2,000 करोड़ रुपये अंशपूंजी के रूप में प्रस्तावित हैं। इसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय लगभग 1,000-1,000 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। राज्य की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, जिला खनिज न्यास (DMF) और राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी।

परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की उम्मीद है।

1000 करोड़ रुपये या अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं को प्रोत्साहन

मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है।इसका उद्देश्य राज्य के कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करना है।

पांच सरकारी परिसंपत्तियों का PPP मॉडल पर पुनर्विकास

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रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इनमें दुर्ग का शासकीय पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज का वेटरनरी अस्पताल परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन और रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती का बुधवारी बाजार और धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि शामिल हैं।

इन परियोजनाओं का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जर्जर परिसंपत्तियों का नियोजित पुनर्विकास, भूमि का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

राजनांदगांव में भंडारण और फल प्रसंस्करण को बढ़ावा

कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे जिले में कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। किसानों से सीधे फल खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके तहत 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है।

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नगर पंचायत कूंरा का नाम अब कुंवरगढ़

मंत्रिपरिषद ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। सरकार के अनुसार, कुंवरगढ़ अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन मंदिरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से इस ऐतिहासिक नाम को दोबारा स्थापित करने की मांग कर रहे थे।

राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ मामले वापस लेने की अनुमति

कैबिनेट ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगे की कार्रवाई की अनुमति दी है।

अन्य प्रमुख फैसले

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कृषि और भंडारण: राजनांदगांव में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी।

फल प्रसंस्करण: सोमनी में लगभग 400 करोड़ रुपये की प्रस्तावित मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी।

प्रशासनिक व्यवस्था: सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय में तीन नए पदों के सृजन को मंजूरी-आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और अपर संचालक स्तर के विशेषज्ञ का एक-एक पद।

कैबिनेट के इन फैसलों में किसानों को धान बिक्री की सुविधा, घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत, सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार और प्रदेश में सड़क, रेल, पर्यटन तथा औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

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