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Chhattisgarh: शहीद जवानों के बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति का नया अध्याय: CM साय

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। दशकों तक नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में अब शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। मुख्यमंत्री बुधवार को रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

जवानों के परिवारों का त्याग भी अतुलनीय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को याद करने का दिन है। पुलिस और सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों में भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उनके साहस और समर्पण से ही समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम होता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई जवान देश की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ पर खड़ा होता है, तो उसके पीछे पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी होता है। इसलिए शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।

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1959 में शहीद हुए 10 जवानों की याद में मनाया जाता है दिवस

मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष के दौरान भारतीय पुलिस के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह दिन केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि शहीदों के आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिन है।

नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस और सुरक्षा बलों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

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उन्होंने कहा कि जवानों ने घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और कठिन परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद का मुकाबला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण बनाने में मदद मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद अब शांति को स्थायी बनाना और विकास की गति तेज करना जरूरी है। सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश को समृद्धि और खुशहाली की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बस्तर में सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में पहले भय और हिंसा का माहौल था, वहां अब विकास की गतिविधियां बढ़ रही हैं। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाएं और सेवाएं पहुंच रही हैं।

उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से मजबूत बनाने, बेहतर प्रशिक्षण देने तथा जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है।

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एक साल में 84 नक्सली मारे गए, 6 पुलिस जवान शहीद

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की चुनौती से जूझता रहा है। पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है।

DGP के मुताबिक, 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच नक्सल विरोधी अभियानों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि उनका त्याग और धैर्य पूरे पुलिस परिवार के लिए प्रेरणा है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जवानों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण साहस दिखाया है। आज सुरक्षा बल शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ सरकारी योजनाओं और विकास का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

शहीद वाटिका में भी अर्पित किए श्रद्धासुमन

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पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री साय राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर जवानों का बलिदान छत्तीसगढ़ की स्मृतियों में हमेशा अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा तथा समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में पुलिस और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा शहीद जवानों के परिजन मौजूद रहे।

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Chhattisgarh: सिरपुर को मिली वैश्विक पहचान, UNESCO की अस्थायी सूची में शामिल हुई छत्तीसगढ़ की प्राचीन नगरी

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। महासमुंद जिले में महानदी के तट पर स्थित प्राचीन नगरी सिरपुर को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है। इससे सिरपुर के भविष्य में विश्व धरोहर स्थल का दर्जा हासिल करने की संभावनाओं को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण तथा पर्यटन विकास पर जोर दे रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में भी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

दक्षिण कोसल की राजधानी रहा है सिरपुर

प्राचीन काल में श्रीपुर के नाम से प्रसिद्ध सिरपुर पांडुवंशी शासकों के शासनकाल में दक्षिण कोसल की राजधानी रहा। यह नगर राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। यहां शैव, वैष्णव, बौद्ध और जैन परंपराओं के अवशेष मिलते हैं, जो प्राचीन भारत में धार्मिक सहअस्तित्व और सांस्कृतिक समन्वय की परंपरा को दर्शाते हैं।

सातवीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी इस क्षेत्र की यात्रा की थी। उनके यात्रा विवरणों में यहां बौद्ध धर्म की समृद्ध परंपरा का उल्लेख मिलता है।

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लक्ष्मण मंदिर और बौद्ध विहार हैं प्रमुख आकर्षण

सिरपुर का सातवीं शताब्दी का लक्ष्मण मंदिर प्राचीन भारतीय ईंट स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। मंदिर की नक्काशी, अलंकरण और निर्माण शैली इसे विशेष पहचान देते हैं। ऐतिहासिक मान्यता के अनुसार, इसका निर्माण रानी वासटा ने अपने पति हर्षगुप्त की स्मृति में कराया था।

यहां स्थित गंधेश्वर महादेव मंदिर, सुरंग टीला, राम मंदिर, आनंदप्रभु कुटी विहार और स्वास्तिक विहार भी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल हैं। पुरातात्विक उत्खननों में मंदिरों, बौद्ध विहारों, मूर्तियों, सिक्कों और दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के अवशेष मिले हैं। ये खोजें सिरपुर की प्राचीन धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर प्रकाश डालती हैं।

पर्यटन और रोजगार को मिल सकती है नई गति

सिरपुर को यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल किए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान बढ़ने की उम्मीद है। इससे इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, शोधकर्ताओं और देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण बढ़ सकता है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय परिवहन, होटल, होमस्टे, हस्तशिल्प और अन्य रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

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अभी विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा मिलना बाकी

यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल होना विश्व धरोहर का दर्जा पाने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यह अंतिम मान्यता नहीं है। इसके बाद संबंधित स्थल को निर्धारित मानकों के अनुरूप नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया से गुजरना होता है।

सिरपुर की प्राचीन स्थापत्य कला, बौद्ध विरासत और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के ऐतिहासिक सहअस्तित्व को देखते हुए इसका अस्थायी सूची में शामिल होना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Chhattisgarh: आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंचेगी रेल, 20 अक्टूबर को 2 रेल लाइनों का उद्घाटन

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर का दिन अहम होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन होगा। इस दौरान रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत भी की जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं का विस्तार होगा।

1,628 करोड़ रुपए में बनी 95 किमी रेल लाइन

दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच करीब 1,628 करोड़ रुपए की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण पूरा किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ परियोजना का यह महत्वपूर्ण हिस्सा तैयार हो गया है।

रेल संपर्क बनने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क के परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र समेत देश के इस्पात उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

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अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से रायपुर पहुंचना होगा आसान

अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा हो गया है। इसके शुरू होने से कुरूद और आसपास के यात्रियों को राजधानी रायपुर तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। परियोजना के कुरूद-धमतरी सेक्शन में अभी काम जारी है। नई यात्री सेवाओं से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

रायपुर में बनेगी आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा

कार्यक्रम में रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी होगा। प्रस्तावित सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित करने की योजना है। इससे रेल परिचालन और माल परिवहन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल लाइनें और यात्री सेवाएं छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई गति देंगी। रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर अंचल में रोजगार, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास के नए अवसर खुलेंगे।

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Chhattisgarh: अंबिकापुर में नशे में बेसुध मिले दुर्ग के 2 पुलिसकर्मी, पास पड़ी थी इंसास राइफल; दोनों सस्पेंड

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अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दुर्ग के दो पुलिसकर्मी शराब के नशे में बेसुध हालत में मिले। उनके पास एएसआई की सर्विस राइफल (इंसास) लावारिस पड़ी थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची अंबिकापुर पुलिस ने राइफल को कब्जे में लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

घटना अंबिकापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास की है। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बंदी को जेल छोड़कर लौट रहे थे दोनों

जानकारी के मुताबिक, एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और कांस्टेबल ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को दुर्ग से एक बंदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल पहुंचाने और पेशी के बाद वापस जेल लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। 18 अक्टूबर को बंदी को जेल में शिफ्ट करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग लौटने के लिए प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे। शाम करीब 5:40 बजे दोनों बस स्टैंड के बाहर एक ठेले के पास बेसुध हालत में मिले। एएसआई की इंसास राइफल भी पास में लावारिस पड़ी थी।

पुलिस ने राइफल कब्जे में ली

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स्थानीय लोगों ने अंबिकापुर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने राइफल अपने कब्जे में ली और सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल को जानकारी दी। इसके बाद सरगुजा एसएसपी ने दुर्ग एसएसपी को घटना से अवगत कराया। वीडियो में एएसआई वर्दी में और कांस्टेबल सिविल ड्रेस में नजर आ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने कार्रवाई की।

दोनों पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 दिन में जांच रिपोर्ट

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और कांस्टेबल ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों को रक्षित केंद्र अटैच किया गया है। रक्षित निरीक्षक को मामले की जांच सौंपी गई है। उन्हें पांच दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

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राजनांदगांव: गायों के कटे सिर मिलने के मामले में 11 गिरफ्तार, आरोपियों को भीड़ ने पीटा

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राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गायों के कटे सिर मिलने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में मुख्य आरोपी की पत्नी और नाबालिग बेटी भी शामिल हैं। मामले में गौमांस की खरीद-बिक्री में सहयोग करने के आरोप में भी गिरफ्तारियां की गई हैं।

आरोपियों को कोर्ट से बाहर लाते समय नाराज लोगों ने उनके साथ मारपीट की और स्याही फेंकी। पुलिस ने आरोपियों का जुलूस भी निकाला।

गौरी नगर में दो जगह मिले थे गायों के कटे सिर

मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के गौरी नगर का है। यहां दो अलग-अलग जगहों पर गायों के कटे सिर मिलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया था। हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से नागपुर का रहने वाला है और कुछ समय से गौरी नगर में किराए के मकान में रह रहा था।

आधी रात मवेशियों को ले जाने का आरोप

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पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर रात में घूमने वाले मवेशियों को तालाब की ओर ले गया। वहां गाय को काटने के बाद उसके शरीर के हिस्से घर लाए गए। पुलिस का आरोप है कि मांस के छोटे टुकड़े करने में आरोपी की पत्नी अंजुम बेगम और नाबालिग बेटी ने भी सहयोग किया। पुलिस ने मामले में गौमांस की खरीद-बिक्री में सहयोग करने के आरोप में अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

अतिक्रमण हटाने की मांग, नगर निगम की कार्रवाई

घटना के बाद रविवार दोपहर बड़ी संख्या में वार्डवासी जुटे और आरोपी के कथित अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक, अवैध अतिक्रमण कर गौमांस बेचने की सूचना मिली थी। इसके बाद नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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बिलासपुर: बच्ची को बचाने की कोशिश में दादी की चाकू मारकर हत्या; पुरानी रंजिश में वारदात का आरोप

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तीन साल की बच्ची को कथित तौर पर जबरन ले जाने की कोशिश कर रहे पड़ोसी युवक ने उसकी दादी पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल राजकुमारी यादव (56) की सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी प्रशांत शुक्ला (26) को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सकरी थाना क्षेत्र के मेंड्रा गांव की है।

बच्ची को ले जाने से रोकने पर किया हमला

पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे प्रशांत शुक्ला पड़ोस के घर में खेल रही तीन साल की बच्ची को धारदार हथियार के साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था। बच्ची की मां और दादी राजकुमारी यादव ने उसे देख लिया और रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने राजकुमारी यादव पर चाकू से कई वार कर दिए।

गंभीर रूप से घायल महिला जमीन पर गिर पड़ीं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। परिजन घायल महिला को इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुरानी रंजिश में बच्ची को नुकसान पहुंचाने का आरोप

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पुलिस के अनुसार, परिवार मजदूरी करके गुजर-बसर करता है। आरोपी पड़ोस में रहता है और परिवार के साथ उसका पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपी बच्ची को नुकसान पहुंचाने की नीयत से उसे ले जाने का प्रयास कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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