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आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच आज, दक्षिण अफ्रीका से होगा मुकाबला
मुंबई: आईसीसी वर्ल्ड कप में विराट सेना बुधवार को अपना पहला मैच खेलेगी। साउथैम्पटन के रोज बाउल स्टेडियम पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से टीम इंडिया के वर्ल्ड कप अभियान का आगाज होगा। टीम इंडिया अब तक 2 बार वर्ल्ड कप जीत चुकी है, जबकि एक बार फाइनल और 3 बार सेमीफाइनल खेली है। एक बार सुपर सिक्स तक भी पहुंची है। दक्षिण अफ्रीका अब तक 4 बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है, लेकिन सभी में हारा है। हालांकि, उसका टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ रिकॉर्ड बेहतर है। वर्ल्ड कप में दोनों ने एकदूसरे के खिलाफ अब तक 4 मैच खेले हैं। इनमें से 3 में दक्षिण अफ्रीका जीत हासिल करने में सफल रहा है।
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत के मैच
पहला मैच- 05 जून- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका (हैंपपशायर बाउल, साउथंपटन)
दूसरा मैच- 09 जून- भारत बनाम आस्ट्रेलिया(द ओवल, लंदन)
तीसरा मैच- 13 जून- भारत बनाम न्यूजीलैंड ( ट्रेंट ब्रिज,नॉटिंघम)
चौथा मैच- 16 जून- भारत बनाम पाकिस्तान ( ओल्ड ट्रेफर्ड, मैनचेस्टर)
पांचवां मैच- 22 जून- भारत बनाम अफगानिस्तान (हैंपशायर बाउल, साउथपटन)
छठा मैच- 27 जून- भारत बनाम वेस्टइंडीज (ओल्ड ट्रेफर्ड,मैनचेस्टर )
सातवां मैच- 30 जून -भारत बनाम इंग्लैंड (एजबस्टन,बर्मिंघम) आठवां मैच- 02
आठवां मैच- 02 जुलाई- भारत बनाम बंगलादेश (एजबस्टन, बर्मिंघम)
नौंवां मैच- 06 जुलाई – भारत बनाम श्रीलंका (हेडिंग्ले, लीड्स)
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CJP Protest: 36 दिन बाद खत्म हुआ CJP का आंदोलन, सरकार ने तीनों मांगें मानीं

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। सौरभ दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारी अब अपने-अपने घर लौट जाएं। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य पूरा हो चुका है।
‘सरकार ने तीनों मांगें मान लीं’
प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हुई। इन बैठकों के बाद सरकार ने CJP की तीनों प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं।
इनमें शामिल हैं
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मामलों की वापसी
- NEET पीड़ितों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजा
इस्तीफे की खबर के बाद जंतर-मंतर पर जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए और राष्ट्रगान गाया। इस दौरान NEET पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
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धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा: 36 दिन के CJP आंदोलन के बीच लिया फैसला, युवाओं के नाम लिखी 2 पेज की चिट्ठी

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब NEET पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही थी।
इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
युवाओं के नाम लिखी 2 पेज की चिट्ठी
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो पन्नों की चिट्ठी साझा की। करीब 575 शब्दों की इस चिट्ठी में उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा छात्रों के हित को सर्वोपरि रखा और मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों के भविष्य तथा देशहित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने यह भी लिखा कि कुछ लोगों ने युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ।
12 साल में विरोध के बाद पहला केंद्रीय मंत्री इस्तीफा
2014 में पहली मोदी सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक जनविरोध और छात्र आंदोलन के बीच पद छोड़ा है। इससे पहले 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने ‘मी टू’ आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था।
भागवत के बयान के बाद आया फैसला
प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नई पीढ़ी को आदेश देने के बजाय संवाद के जरिए समझाना चाहिए और उनके सवालों का तर्कपूर्ण जवाब देना चाहिए।
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CJP Protest: अभिजीत दीपके को टाइफाइड, जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा, सरकार से आज तीसरे दौर की बातचीत संभव

नई दिल्ली: पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को टाइफाइड हो गया है। उन्होंने शनिवार को एक वीडियो जारी कर अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इधर, संभावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी और अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर दी।
आज हो सकती है सरकार-CJP की तीसरी बैठक
सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर 3:30 बजे सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत हो सकती है। बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।
‘इस्तीफा नहीं तो बातचीत का मतलब नहीं’
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि आंदोलन अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटेगा।
20 जुलाई जैसे प्रदर्शन की चेतावनी
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद CJP ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें नहीं मानीं तो 20 जुलाई जैसा बड़ा प्रदर्शन दोबारा किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
मुआवजे और केस वापसी का दावा
CJP ने शुक्रवार को दावा किया था कि सरकार ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ मुआवजा देने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई है। हालांकि, इस पर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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NEET Paper Leak: सरकार का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, सभी पर दर्ज होंगे आपराधिक केस

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, इन सभी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई NTA में व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। एजेंसी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आने वाले दिनों में और बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
शिक्षा मंत्रालय में भी बदलाव
इस कार्रवाई से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों का तबादला किया था। इसे भी परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
CBI कर रही जांच, अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार
NEET UG पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच जारी है। अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। वहीं, इस मुद्दे को लेकर संसद में भी विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
PM मोदी बोले- बनेगा सख्त कानून
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की रात जारी वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई और अब पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा कड़े कानून की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
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Vande Mataram: ‘वंदे मातरम्’ को भी मिलेगी कानूनी सुरक्षा? राज्यसभा में संशोधन विधेयक पेश, बाधा डालने पर 3 साल तक की सजा का प्रस्ताव

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान की तरह कानूनी संरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार को राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन में बाधा डालना, उसे रोकना या कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करना कानूनन अपराध माना जाएगा।
क्या है प्रस्तावित बदलाव?
विधेयक में 1971 के राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है। फिलहाल इस कानून के तहत केवल राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के अपमान पर कार्रवाई का प्रावधान है। संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी इसी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
क्या होगी सजा?
प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन में बाधा डालता है या उसे रोकने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। ऐसे मामलों में अधिकतम तीन वर्ष की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। हालांकि यह प्रावधान तभी लागू होगा, जब विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर कानून बन जाएगा।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय अस्मिता का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इसलिए इसके सम्मान की रक्षा के लिए इसे भी राष्ट्रीय गान की तरह कानूनी संरक्षण दिया जाना आवश्यक है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल यह केवल एक विधेयक है। अब इस पर संसद में चर्चा होगी। दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून के रूप में लागू होगा।
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