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योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण की तारीख तय, प्रधानमंत्री मोदी समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तरप्रदेश की योगी सरकार का दूसरा शपथ ग्रहण समारोह शहीद पद स्थित इकाना स्टेडियम में 25 मार्च को शाम चार बजे होगा। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी के साथ कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित केंद्र सरकार के मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। शासन ने इकाना स्टेडियम में 25 मार्च को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शपथ ग्रहण समारोह का बन सकते हैं हिस्सा
योगी मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा। सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि इकाना स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह होगा। योगी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है। लखनऊ सहित आसपास के जिलों से लाभार्थियों को शपथ ग्रहण समारोह में लाया जाएगा।
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UP News: बकरीद से पहले CM योगी की चेतावनी, ‘सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे, तय जगह पर ही करें आयोजन’

Lucknow: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले सड़कों पर नमाज को लेकर सख्त संदेश दिया है। राजधानी लखनऊ में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि नमाज पढ़नी है तो तय स्थानों पर पढ़ें। अगर संख्या अधिक है तो लोग शिफ्ट में नमाज अदा कर सकते हैं, लेकिन सड़क पर किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम नमाज नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर अराजकता नहीं होने देंगे। सड़कें आम लोगों के चलने के लिए हैं।”
‘प्यार से मानेंगे ठीक, नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि क्या उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज होती है? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि “कतई नहीं।” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे तो प्रशासन कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा।
बरेली हिंसा का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने बरेली में हुए बवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि “लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली।” दरअसल, सितंबर 2025 में ‘लव मोहम्मद’ विवाद को लेकर मौलाना तौकीर रजा ने धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस द्वारा रोकने पर पथराव और लाठीचार्ज की घटना हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है और किसी को सड़क जाम करने या ट्रैफिक बाधित करने की छूट नहीं दी जाएगी।
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UP News: योगी कैबिनेट में विभागों का बंटवारा, भूपेंद्र चौधरी को MSME, मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद विभाग

Lucknow: उत्तरप्रदेश में कैबिनेट विस्तार के एक हफ्ते बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए और प्रमोटेड मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। रविवार रात जारी आदेश में 6 नए और 2 प्रमोटेड मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) मंत्रालय दिया गया है। वहीं मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद और नागरिक आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
इन मंत्रियों को भी मिले विभाग
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सौंपा गया है। सोमेंद्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग, कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग और सुरेश राहि को राजस्व विभाग का कार्यभार सौंपा गया है।
विभागों के बंटवारे में लगे 7 दिन
गौरतलब है कि योगी सरकार में 10 मई को कैबिनेट विस्तार हुआ था, लेकिन विभागों के आवंटन में पूरे 7 दिनों का समय लग गया। इसी को लेकर अखिलेश यादव ने शुक्रवार को X पर तंज कसते हुए कहा था कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की वजह ‘कमीशन-कमाई’ को लेकर डबल इंजन सरकार के भीतर टकराव है। हालांकि सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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Bihar Cabinet: कर्मचारियों का DA बढ़कर 60% हुआ, महिलाओं को EV खरीदने पर ₹1 लाख की मदद

Bihar cabinet decisions: बिहार सरकार ने राज्य के करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने केंद्र की तर्ज पर महंगाई भत्ता (DA) 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया है। वित्त विभाग के मुताबिक यह फैसला 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। सम्राट कैबिनेट की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में राज्य में बढ़ते अपराध को देखते हुए 5 जिलों में ग्रामीण SP (Rural SP) के नए पद सृजित करने का फैसला भी लिया गया।
कर्मचारियों को कितना फायदा होगा?
DA बढ़ने से अलग-अलग वेतनमान वाले कर्मचारियों को हर महीने अतिरिक्त राशि मिलेगी। न्यूनतम स्तर पर 19 हजार रुपए मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों को करीब 390 रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त मिलेंगे। शीर्ष स्तर पर 2.25 लाख रुपए मूल वेतन पाने वाले वरिष्ठ IAS अधिकारियों को करीब 4500 रुपए प्रति माह का फायदा होगा।
पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ
सरकार के फैसले से पेंशनभोगियों को भी राहत मिलेगी। नई दरों के अनुसार पेंशनर्स की मासिक पेंशन में 250 रुपए से लेकर 2200 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी।
महिलाओं को इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर ₹1 लाख
बिहार कैबिनेट ने महिलाओं को इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन खरीदने पर 1 लाख रुपए की सहायता देने का फैसला भी किया है। सरकार का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है।
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UP News: ऊर्जा संकट पर योगी सरकार के 7 बड़े फैसले, मंत्री-अफसरों के काफिले आधे होंगे, हफ्ते में एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे

Lucknow: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा संकट और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई बड़े फैसले लिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और प्रधान सचिव मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग को लेकर 7 बड़े फैसले लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों के काफिले होंगे 50% कम
सरकार के फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या 50% तक घटाई जाएगी। इसके अलावा सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को हफ्ते में एक दिन सार्वजनिक परिवहन, बस या मेट्रो से यात्रा करनी होगी।
सरकारी बैठकों को किया जाएगा वर्चुअल
राज्य सरकार ने सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को वर्चुअल मोड में आयोजित करने का फैसला लिया है। सचिवालय की 50% बैठकें भी ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
कंपनियों के लिए वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के लिए एडवाइजरी जारी की जाए।
जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी ईंधन और बिजली बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग हफ्ते में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाएं और अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचें। इसके अलावा जनता से अपील की गई, कि वो पेट्रोल-डीजल और बिजली की बचत करें, सजावटी लाइटों का कम उपयोग करें, बिना जरूरत सोना न खरीदें और
सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें।
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UP News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस

Lucknow: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 38 साल के थे। उन्हें सुबह करीब 6 बजे सिविल हॉस्पिटल लखनऊ लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के मुताबिक, जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया तब उनकी पल्स डाउन थी और हार्ट काम करना बंद कर चुका था। प्रतीक यादव को उनकी पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
असम में थीं पत्नी अपर्णा यादव
प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव उस समय असम में थीं। वह मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। सूचना मिलने के बाद वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 11 बजे भी प्रतीक यादव की तबीयत अचानक खराब हुई थी। तब उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन हालत में सुधार होने पर वह घर लौट आए थे। इससे पहले 30 अप्रैल को भी उन्हें गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
फेफड़ों की गंभीर बीमारी से थे पीड़ित
डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी में फेफड़ों की नसों में खून का थक्का फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो जाता है।
KGMU में हुआ पोस्टमॉर्टम
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम King George’s Medical University में कराया गया। इसके बाद शव को उनके आवास ले जाया गया।
मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे थे प्रतीक
प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। साधना गुप्ता की पहली शादी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। बाद में तलाक के बाद उनकी नजदीकियां मुलायम सिंह यादव से बढ़ीं और वर्ष 2003 में दोनों ने शादी की थी। इसके बाद मुलायम सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रतीक को बेटे का दर्जा दिया था।
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