ख़बर यूपी / बिहार
UP GIS 2023: यूपी को मिले करोड़ों के निवेश प्रस्ताव, PM बोले- सरकारी सोच और अप्रोच में हुआ बदलाव

Global Investors Summit 2023: राजधानी लखनऊ में आज प्रधानमंत्री मोदी के हाथों ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आगाज हो गया। आज 10 फरवरी से 12 फरवरी तक चलने वाली इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन ही देश के बड़े कारोबारी घरानों ने सौगातों की झड़ी लगा दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani), आदित्य बिड़ला ग्रुप चेयरमैन मंगलम बिड़ला (Mangalam Birla), टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने प्रदेश में हजारों करोड़ के निवेश करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री मोदी से मिली सीएम योगी को मिली तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में कहा कि 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद यूपी को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान गुड गवर्नेंस है। डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ यूपी में सरकारी सोच और अप्रोच में ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस को लेकर सार्थक बदलाव आया है। आज यूपी एक आशा… एक उम्मीद बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘छह साल पहले तक बीमारू राज्य कहलाने वाले यूपी की पहचान आज बेहतर कानून-व्यवस्था, शांति और स्थिरता के लिए है। भारत आज दुनिया के लिए Bright Spot है, तो यूपी देश की ग्रोथ को Drive करने वाला है।’
https://twitter.com/narendramodi/status/1624002946852851718?s=20&t=3E4_FKxjbalTL1imVTDkVw
UP अपने नाम UP(अप) को सार्थक कर रहा- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
यूपी इन्वेस्टर्स समिट को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत विश्व में investment का most attractive destination बन चुका है और मेरा विश्वास है कि दुनिया के विकास की धुरी भारत की अर्थव्यवस्था बनेगी और उसमें उत्तरप्रदेश एक प्रभावी growth engine की भूमिका निभाएगा। नेतृत्व बदल जाने से कैसे पूरा परिदृश्य बदल जाता है, उत्तरप्रदेश समेत पूरा देश इसका जीता जागता उदाहरण है। कुछ साल पहले स्थिति यह हो गई थी कि यूपी में इन्वेस्ट ‘Waste’ समझा जाने लगा था, पर आज यूपी में इन्वेस्ट ‘Best’ समझा जाने लगा है। UP ने अपने नाम यानी UP (अप) को लगातार सार्थक किया है।
https://twitter.com/myogiadityanath/status/1623976799440093184?s=20&t=3E4_FKxjbalTL1imVTDkVw
‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मूल मंत्र पर बढ़ रहे आगे- सीएम योगी
यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ हर किसी ने की। प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सभी ने यूपी की कानून व्यवस्था, सुशासन और योजनाओं के तीव्र गति से क्रियान्वयन को लेकर सीएम योगी की पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री योगी ने इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए कहा कि यूपी ने विगत 6 वर्षों में जो कुछ भी उपलब्धि हासिल करने की दिशा में प्रयास प्रारंभ किया है, वह प्रधानमंत्री मोदी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मूल मंत्र को अंगीकार करते हुए, उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही हासिल किया है।
https://twitter.com/myogiadityanath/status/1623943828259618817?s=20&t=3E4_FKxjbalTL1imVTDkVw
रिलायंस करेगा 75 हजार करोड़ रुपए का निवेश
उत्तरप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में RIL के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने यूपी में 75 हजार करोड़ का बड़ा निवेश करने की घोषणा की। इस निवेश से प्रदेश में 1 लाख रोजगार पैदा होने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। मुकेश अंबानी ने कहा कि आने वाले पांच सालों में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। RIL चेयरमैन ने यूपी में 10 GW की रिन्यूबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने की बात कही। रिलायंस ने जियो प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से दो पायलट प्रोजेक्ट्स जियो-स्कूल और जियो-एआई-डॉक्टर की भी घोषणा की।
आदित्य बिड़ला ग्रुप करेगा 25 हजार करोड़ निवेश
यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने राज्य में 25 हजार करोड़ निवेश करने की घोषणा की। उन्होंने सीमेंट, धातु, रसायन, वित्तीय सेवाओं और रिन्यूबल एनर्जी में निवेश करने की बात कही। चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण पेश कर रहा है।
टाटा ग्रुप कनेक्टिविटी बढ़ाने पर करेगा काम
यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका होने की बात कही। एन चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया अब उत्तर प्रदेश को देश और विदेशों से जोड़ने का प्लान बना रही है। एन चंद्रशेखरन के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कृषि, डिफेंस, फार्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी चीजों में निवेश करने की बहुत संभावनाएं हैं।
ख़बर उत्तरप्रदेश
राम मंदिर चढ़ावा मामला: चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, 8 आरोपी जेल भेजे गए

Ayodhya:राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों ने नैतिक आधार पर पद छोड़ा है। वहीं मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से अलग कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की तैयारी की जा रही है। चंपत राय ट्रस्ट के गठन के बाद से मंदिर प्रबंधन की प्रमुख जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
इससे पहले गुरुवार को चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि दर्ज एफआईआर में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं हैं।
सभी 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
शुक्रवार को गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा के अनुसार सोमवार को सभी को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपियों से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये की बरामदगी हुई है। केवल एक आरोपी सुभाष से कोई बरामदगी नहीं हुई, जबकि उसे भी कथित साजिश में शामिल बताया गया है।
SIT रिपोर्ट के दो दिन बाद कार्रवाई
चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसके दो दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई और आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। जांच एजेंसियां मामले की आगे की पड़ताल कर रही हैं।
ख़बर उत्तरप्रदेश
Lucknow: कोचिंग सेंटर वाली बिल्डिंग में भीषण आग, 15 की मौत

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर 2:15 बजे एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग लगने के समय दूसरी मंजिल पर संचालित कोचिंग एवं लाइब्रेरी में कई छात्र मौजूद थे। धुएं और लपटों से घिरने के बाद कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जबकि एक छात्र ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी। छात्र नीचे लगी लोहे की ग्रिल पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में अब तक 15 की मौत
पुलिस और प्रशासन के अनुसार भवन के अंदर कई लोग फंसे हुए थे। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक 15 मौत की जानकारी सामने आ रही है। सोमवार दोपहर हुए हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं।
AC शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना
अभी आग लगने की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन बेसमेंट में लगे AC में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया है। SDRF और NDRF भी पहुंची थीं। फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पीछे की दीवार को तोड़ा, जिससे शव निकाले हैं। इमारत में इमरजेंसी एग्जिट नहीं था।
बिल्डिंग में क्या-क्या संचालित हो रहा था?
प्राप्त जानकारी के अनुसार भवन के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर पेट शॉप और क्लीनिक संचालित हो रहे थे। दूसरी मंजिल पर “लर्निंग स्पेस” नाम की लाइब्रेरी एवं कोचिंग सेंटर चल रहा था। इसी मंजिल पर “हेड हॉपर स्टूडियो” भी संचालित था, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का कार्य किया जाता है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग पर पूरी तरह काबू पाने और भवन की तलाशी पूरी होने के बाद ही नुकसान और हताहतों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: सहारनपुर में STF के साथ एनकाउंटर में 1.25 लाख का इनामी बदमाश ललन सिंह ढेर, 7 हत्याओं का था आरोपी

Saharanpur: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने रविवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन को मुठभेड़ में मार गिराया। उस पर बिहार और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, एटीएम कैश वैन लूट सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस ने उस पर 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मुठभेड़ सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र में सरसावा-नकुड़ रोड पर हुई।
चेकिंग के दौरान शुरू हुई फायरिंग
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि रविवार रात करीब डेढ़ बजे एएसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में यूपी एसटीएफ की टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा।
अस्पताल में हुई मौत
पुलिस ने घायल बदमाश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस अभियान चला रही है।
दो दरोगा समेत 7 हत्याओं का आरोपी
पुलिस के अनुसार ललन सिंह पर बिहार और यूपी में दो पुलिस दरोगाओं, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड सहित कुल सात हत्याओं के आरोप थे। इसके अलावा उस पर डकैती, लूट और एटीएम कैश वैन लूटने जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज थे।
पहले एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं दोनों भाई
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक ललन सिंह के दो भाई रजनीश उर्फ बऊआ सिंह और मनीष सिंह चार वर्ष पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके थे। उस समय ललन सिंह पुलिस कार्रवाई से बचकर फरार हो गया था। पुलिस का कहना है कि तीनों भाई मिलकर लंबे समय से कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे थे और विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बने हुए थे।
STF की बड़ी सफलता
यूपी एसटीएफ इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मान रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ललन सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी अथवा जानकारी देने पर 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। फरार साथी की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले योगी- 15 दिन इंतजार करिए, दोषी कोई भी हो बचेगा नहीं, SIT दूध का दूध और पानी का पानी करेगी

Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राम मंदिर, विपक्षी दलों और चल रही SIT जांच को लेकर बड़ा बयान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले लोग आज अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, वे आज रामभक्तों की चिंता जताने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “राम मंदिर बन न सके, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं था। आज वही लोग अयोध्या को लेकर सबसे ज्यादा बेचैन दिखाई दे रहे हैं।”
सपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग अब रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं।
“15 दिन इंतजार करिए, सच्चाई सामने आएगी”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। उन्होंने कहा, “अगर किसी के पास कोई सबूत है तो वह SIT को सौंपे। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। 500 वर्षों तक राम मंदिर के लिए संघर्ष हुआ है, इसलिए 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। चिंता मत करिए, यदि कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं।”
योगी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक या अनर्गल टिप्पणियों से बचें, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों या अयोध्या की छवि प्रभावित हो।
चार दिनों में SIT ने की कई स्तरों पर जांच
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही SIT लगातार मंदिर ट्रस्ट, कर्मचारियों और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
पहले दिन
SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से जानकारी ली। जिन कर्मचारियों पर संदेह जताया गया था, उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई।
दूसरे दिन
जांच टीम ने चंपत राय और गोपाल राव से चार-चार घंटे तक विस्तृत पूछताछ की और कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण लिया।
तीसरे दिन
SIT ने बैंक अधिकारियों और नोटों की गिनती करने वाली निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ की। इस दौरान बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की गई।
चौथे दिन
जांच टीम लगभग 10 घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रही। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब चार घंटे तक पूछताछ की गई। उनसे दान राशि की गिनती, सुरक्षित रखरखाव, बैंक में जमा प्रक्रिया और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पूछे गए।
इसके अलावा टिन्नू यादव से भी करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने विभिन्न पक्षों के बयानों का मिलान कर तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास किया।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद पूरे मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी है। अब सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP Politics: राजभर का दावा- सपा में होगी बड़ी टूट, केशव मौर्य बोले- 25-26 सांसद छोड़ सकते हैं पार्टी

Lucknow: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना की तरह उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट होने का दावा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया है। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजभर ने बुधवार को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि अब महाराष्ट्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति पर नजर रखने की जरूरत है। हालांकि फिलहाल सपा में किसी संभावित टूट को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
राजभर बोले- सपा में होने वाली है बड़ी टूट
ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। राज भर ने कहा, “रामगोपाल यादव ने अमित शाह को चिट्ठी देकर कुछ लोगों के नाम बताए हैं और उनसे कहा है कि उन्हें अपने पास ले लीजिए। अगर ऐसा नहीं है तो रामगोपाल यादव सार्वजनिक रूप से बताएं कि उस पत्र में क्या लिखा था और उन्हें क्या परेशानी है।” हालांकि राजभर ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या सबूत सार्वजनिक नहीं किया।
खनन और गोमती रिवर फ्रंट मामले का भी किया जिक्र
राजभर ने कहा कि खनन प्रकरण में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) द्वारा अखिलेश यादव का नाम भी लिया गया था। उन्होंने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के जेल में होने का उल्लेख करते हुए गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यदि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट मामले से जुड़े नाम सार्वजनिक कर दिए जाएं तो “राजनीतिक भूचाल” आ सकता है।
केशव मौर्य ने भी दिया बड़ा बयान
कानपुर में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी सपा को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी का राजनीतिक भविष्य संकट में है। आने वाले समय में पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। सपा के 25 से 26 सांसद पार्टी छोड़ने की स्थिति में हैं। हालांकि भाजपा तोड़फोड़ की राजनीति नहीं करती।”
अखिलेश यादव ने ली चुटकी
राजभर और भाजपा नेताओं के बयानों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “दाना और गाना… कब तक चलेगा अफसाना।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति करती रही है। अखिलेश ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि राजनीतिक बदलाव की बात की जाए तो भाजपा के भीतर भी कई विधायक असंतुष्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के कई विधायक पाला बदलने के लिए तैयार बैठे हैं।
‘भाजपा पहले भी दल तोड़ चुकी है’
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा कई राजनीतिक दलों को तोड़ चुकी है और उत्तर प्रदेश में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा के विधायकों और एमएलसी को अपने पक्ष में करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा, “जो डर जाएगा, वह पार्टी छोड़ देगा। भाजपा का मुकाबला करने के लिए बहादुर लोगों की टीम चाहिए और समाजवादी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है।”


















