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Monsoon 2026: रफ्तार पर लगा ब्रेक, तेलंगाना में 6 दिन से अटका, छत्तीसगढ़-MP में बढ़ी इंतजार की घड़ियां

Monsoon 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल थम सी गई है। तेलंगाना के भद्राचलम में मानसून पिछले छह दिनों से रुका हुआ है, जिसके चलते छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मानसून की धीमी प्रगति के कारण इन राज्यों के कई हिस्सों में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ गया है।
वर्ल्ड मेट्रोलॉजी ऑर्गनाइजेशन की हाइड्रोमेट्री टीम के सदस्य डॉ. पंकज कुमार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री में 4 से 5 दिन और मध्य प्रदेश में करीब एक सप्ताह की देरी हो सकती है।
सप्ताह के अंत तक सुधर सकते हैं हालात
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह के अंत तक मानसून की गतिविधियों में सुधार देखने को मिल सकता है। यदि जेट स्ट्रीम का मौजूदा कमजोर पैटर्न बदलता है तो मानसूनी हवाएं फिर से सक्रिय हो सकती हैं। डॉ. पंकज कुमार के मुताबिक अगले 4 से 5 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।
क्या है जेट स्ट्रीम और क्यों पड़ रहा असर
जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं होती हैं। ये मानसून और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) दोनों को प्रभावित करती हैं। इस बार पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य स्थिति से अधिक दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसके कारण मानसून को आगे बढ़ाने वाली हवाओं की दिशा और गति प्रभावित हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।
64% कम हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य तौर पर 53.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 19.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यानी सामान्य से 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
15 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में भी देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादलों की कमी देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी मौजूद है, लेकिन ऊपरी हवाओं के असामान्य पैटर्न के कारण बादल विकसित नहीं हो पा रहे हैं।
7 राज्यों में बढ़ी गर्मी
मानसून की सुस्ती के बीच राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। देश में सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजस्थान के फलोदी में 42.8 डिग्री, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 42.6 डिग्री, ओडिशा के बौध में 42.5 डिग्री, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42 डिग्री और महाराष्ट्र के वर्धा में 41.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
17 जून का मौसम पूर्वानुमान
- बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना।
- बिहार के कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार।
- राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
- कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।
18 जून का मौसम पूर्वानुमान
- सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
- झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
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बडगाम एनकाउंटर: मारा गया आतंकी यासिर निकला पाकिस्तानी, पुंछ अटैक में था शामिल, एयरफोर्स काफिले पर फायरिंग की थी

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में मारे गए आतंकी की पहचान हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, मारा गया आतंकी पाकिस्तानी नागरिक यासिर उर्फ अबु तल्हा था और वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। उसे बडगाम के अशदर गली इलाके में संयुक्त अभियान के दौरान मार गिराया गया।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से एक AK सीरीज राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं। इलाके में तलाशी अभियान जारी है और दूसरे संदिग्ध आतंकी की तलाश की जा रही है।
2024 के IAF काफिले पर हमले में भी नाम
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यासिर का नाम मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले से जुड़ा था। इस हमले में एक IAF जवान शहीद हुआ था और अन्य जवान घायल हुए थे। यासिर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई मामलों में शामिल होने का संदेह था।
यासिर का नाम क्षेत्र में हुए अन्य आतंकी हमलों की जांच में भी सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और दूसरे लश्कर ऑपरेटिव से उसके संपर्कों की जांच कर रही हैं।
पहलगाम हमले की जांच से भी जोड़ा गया नाम
रिपोर्टों के मुताबिक यासिर उन आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ा था, जिसकी तस्वीर सुरक्षा एजेंसियों को पहले मिली थी। इस तस्वीर में चार आतंकियों के होने की बात सामने आई थी। इनमें से कुछ आतंकियों को बाद में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग ऑपरेशन में मार गिराया।
यासिर का नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जोड़े जाने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में विस्तृत भूमिका का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अशदर गली में ऐसे शुरू हुआ ऑपरेशन
सुरक्षा बलों को आतंकियों के एक संदिग्ध समूह के पुलवामा के पाखेरपोरा से बडगाम के यूसमर्ग की ओर बढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने अशदर गली इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।
सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को चुनौती दी। इसके बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। मौके से AK राइफल बरामद हुई।
ऑपरेशन में दूसरे आतंकी की तलाश जारी
सेना के मुताबिक मुठभेड़ के बाद भी इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा गया है। सुरक्षा बलों को एक और आतंकी के इलाके में छिपे होने की आशंका है। अशदर गली का इलाका पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों में है और बडगाम को पुंछ क्षेत्र से जोड़ता है। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए सर्च ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
कई महीने बाद घाटी में बड़ा एनकाउंटर
बडगाम का यह ऑपरेशन कश्मीर घाटी में कई महीनों के अंतराल के बाद हुआ प्रमुख मुठभेड़ है। इससे पहले जुलाई में शोपियां में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी को मार गिराया था।
यासिर की पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब उसके पुराने नेटवर्क, संपर्कों और जम्मू-कश्मीर में उसकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
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Abhinandan Varthaman: पाकिस्तान का F-16 फाइटर जेट मार गिराने वाले अभिनंदन वर्धमान अब यात्री विमान उड़ाएंगे, प्राइवेट एयरलाइन FLY91 जॉइन की

नई दिल्ली: पाकिस्तान का F-16 लड़ाकू विमान मार गिराने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर की नई पारी शुरू की है। भारतीय वायुसेना छोड़कर वे क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अगस्त 2026 में एयरलाइन जॉइन की है।
अभिनंदन ने करीब 22 साल वायुसेना में सेवा देने के बाद 31 मार्च 2026 को अपनी राहें अलग कर ली थीं। अब वे सैन्य फाइटर जेट की जगह कमर्शियल यात्री विमान उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार वे फिलहाल कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं। ट्रेनिंग और नियामकीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे FLY91 के ATR 72-600 विमान उड़ा सकते हैं।
हालांकि FLY91 के प्रवक्ता ने उनके कर्मचारी संबंधी व्यक्तिगत जानकारी पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अभिनंदन अगस्त में एयरलाइन से जुड़े और फिलहाल कमर्शियल उड़ानों के लिए आवश्यक ट्रेनिंग ले रहे हैं।
2019 में एक मुकाबले ने दुनिया भर में दिलाई पहचान
अभिनंदन 27 फरवरी 2019 को भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष के बाद देश-दुनिया में चर्चा में आए थे। MiG-21 Bison से उड़ान भर रहे अभिनंदन ने हवाई मुकाबले के दौरान पाकिस्तानी F-16 को मार गिराया था। इसके बाद उनका विमान भी मिसाइल की चपेट में आ गया और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा।
वे पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। करीब तीन दिन बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत वापस लाया गया। इस साहसिक कार्रवाई के लिए उन्हें 2021 में वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
FLY91 के बेड़े में 6 ATR विमान
FLY91 भारत की क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं। फिलहाल उसके बेड़े में छह ATR 72-600 विमान हैं। ये टर्बोप्रॉप विमान मुख्य रूप से क्षेत्रीय और अपेक्षाकृत कम दूरी के रूट पर इस्तेमाल किए जाते हैं।
एयरलाइन के प्रमुख बेस गोवा और हैदराबाद में हैं। कंपनी का फोकस क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने और छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर है।
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PM मोदी: 7.8% GDP ग्रोथ पर बोले प्रधानमंत्री- देशवासियों की मेहनत का नतीजा; गैर-जरूरी सोना न खरीदें, विदेश में शादी-हॉलिडे से भी बचें

नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की ग्रोथ दर्ज करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के लोगों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम है।
PM मोदी ने इस दौरान स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेश में शादी करने के बजाय देश में ही पर्यटन और आयोजन करने की सलाह दी।
‘कुछ लोग झूठ की गूंज से निराशा फैला रहे’
प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि देश के अंदर कुछ लोग निराशा के माहौल में ‘झूठ की गूंज’ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि दुनिया में युद्ध, आर्थिक अस्थिरता और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत ने 7.8% की विकास दर हासिल की है। अब देश को इसी गति को बनाए रखने के साथ विकास की रफ्तार और बढ़ानी होगी।
‘विदेश जाने के बजाय भारत में ही करें खर्च’
PM मोदी ने कहा कि भारतीयों को ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी’ को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने विदेश में छुट्टियां मनाने और डेस्टिनेशन वेडिंग करने के बजाय भारत में ही पर्यटन और शादी के आयोजन को बढ़ावा देने की अपील की।
उनका कहना था कि देश के भीतर होने वाला खर्च भारतीय कारोबार, पर्यटन, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र को मजबूती देता है।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जितना अधिक जोर दिया जाएगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। उनका विश्वास है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक देश की युवा पीढ़ी को विकसित भारत सौंपा जा सकेगा।
सोना खरीदने से विदेशी मुद्रा पर क्यों पड़ता है दबाव?
भारत अपनी घरेलू सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। सोने की अंतरराष्ट्रीय खरीद के लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इसलिए सोने का आयात बढ़ने पर डॉलर की मांग भी बढ़ती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 71.98 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो एक साल पहले के 58 अरब डॉलर के मुकाबले करीब 24% ज्यादा था। हालांकि मात्रा के लिहाज से सोने का आयात 4.76% घटकर 721.03 टन रह गया। यानी सोने की कीमत बढ़ने के कारण कम मात्रा खरीदने के बावजूद आयात बिल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
कम सोना खरीदने से रुपये पर क्या असर पड़ता है?
सोने की खरीद के लिए आयातकों को डॉलर की जरूरत होती है। ऐसे में सोने का आयात कम होने पर डॉलर की मांग घट सकती है। इससे विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
यही वजह है कि मई में भी PM मोदी ने एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। उस समय उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच खर्च में सावधानी बरतने पर जोर दिया था।
रुपया मजबूत होने पर आयातित सामान सस्ता हो सकता है
भारत कच्चे तेल समेत कई जरूरी चीजों का बड़ा आयातक है। इनका भुगतान डॉलर में किया जाता है। अगर रुपये पर दबाव कम होता है और वह डॉलर के मुकाबले मजबूत रहता है तो आयात की लागत कम हो सकती है।
इसका असर ईंधन और दूसरी आयातित वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि महंगाई पर सिर्फ रुपये की कीमत का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों और अन्य आर्थिक परिस्थितियों का भी असर होता है।
सोने का आयात घटा, लेकिन बिल बढ़ गया
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 721.03 टन सोना आयात किया, जबकि 2024-25 में यह मात्रा 757.09 टन थी। यानी मात्रा में 4.76% की कमी आई।
इसके बावजूद आयात बिल 58 अरब डॉलर से बढ़कर 71.98 अरब डॉलर हो गया। इसकी प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज वृद्धि रही।
1 सितंबर 2026 को भारत में 24 कैरेट सोने का खुदरा भाव करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। इसलिए आपके मूल कंटेंट में दिया गया ‘1.43 लाख डॉलर प्रति किलो’ आंकड़ा सही यूनिट में नहीं है; उसे खबर में शामिल नहीं किया गया है।
PM मोदी की अपील का फोकस क्या है?
प्रधानमंत्री का संदेश सिर्फ सोने की खरीद तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्वदेशी, स्थानीय कारोबार और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की है।
उनके मुताबिक अगर देशवासी स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, भारत में ही घूमते हैं और घरेलू स्तर पर बड़े आयोजन करते हैं तो इसका पैसा देश की अर्थव्यवस्था में घूमेगा। इससे रोजगार और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
भारत की 7.8% GDP ग्रोथ को इसी आर्थिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए PM मोदी ने देश से विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने की अपील की है।
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Supreme Court: CJP प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, 20-25 जुलाई के सभी FIR रद्द; आपराधिक रिकॉर्ड वालों को नहीं मिलेगा फायदा

नई दिल्ली: NEET परीक्षा विवाद को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शनों से जुड़े FIR रद्द करने का आदेश दिया है। यह राहत दिल्ली समेत देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज मामलों पर लागू होगी।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा। दिल्ली पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ अलग FIR दर्ज कर कार्रवाई करने की अनुमति दी गई है।
कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने 5 सितंबर का मार्च रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद CJP ने दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने का ऐलान किया। संगठन की ओर से अदालत को बताया गया कि केंद्र सरकार की ओर से मिले आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया गया है।
यह मार्च केंद्र सरकार पर जुलाई में किए गए वादों को पूरा करने का दबाव बनाने के लिए प्रस्तावित था। CJP ने इससे पहले आरोप लगाया था कि प्रदर्शन खत्म कराने के समय जिन मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था, उन पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
दिल्ली में दर्ज 13 FIR का मामला था मुख्य मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दिल्ली पुलिस ने 20 से 25 जुलाई के CJP प्रदर्शनों से जुड़ी 13 FIR वापस लेने के लिए आवेदन दिया था। इन मामलों में दंगा, हत्या के प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और लूट जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।
केंद्र सरकार ने कोर्ट से यह भी कहा था कि वह इन मामलों को आगे नहीं बढ़ाना चाहती और भविष्य में उन्हीं घटनाओं के संबंध में नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
2,873 लोगों पर अलग कार्रवाई की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों को सामान्य राहत से अलग रखा है। दिल्ली पुलिस को 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ एक नई FIR दर्ज करने की अनुमति दी गई है, जिनकी गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि का उल्लेख पुलिस ने अपने आवेदन में किया था।
इसका मतलब यह है कि प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ दर्ज पुराने मामले खत्म होंगे, लेकिन जिन लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है, उनकी भूमिका की अलग से जांच की जा सकती है।
बिहार, असम, बंगाल और महाराष्ट्र ने भी मांगी थी राहत
दिल्ली के अलावा बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र ने भी सुप्रीम कोर्ट में जुलाई के छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों को खत्म करने के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल किए थे। केंद्र ने अदालत को बताया कि इन राज्यों की ओर से भी FIR रद्द करने की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल किया। इस प्रावधान के तहत अदालत किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश जारी कर सकती है।
सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुआ विवाद
CJP ने जुलाई में NEET परीक्षा और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन किया था। आंदोलन खत्म करने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने समेत कई आश्वासन दिए गए थे। बाद में FIR वापस लेने में देरी को लेकर CJP ने दोबारा आंदोलन का ऐलान किया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संगठन ने 5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया है।
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Delhi: स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार, CCTV से बस तक पहुंची पुलिस

नई दिल्ली: दिल्ली में चलती स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आया है। घटना 4 अगस्त की बताई जा रही है, जबकि पुलिस ने इसकी जानकारी 31 अगस्त को दी। पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल बस भी जब्त कर ली गई है और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली और 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह परिवार में विवाद के बाद बिना बताए नोएडा में अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी।
बारिश और अंधेरे में परी चौक पर उतर गई थी
पुलिस के अनुसार, छात्रा नोएडा जाते समय भारी बारिश और अंधेरे के कारण गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। वहां से आगे जाने के लिए वह वाहन का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक खाली स्लीपर बस वहां से गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे बस में बैठा लिया और बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है।
बस में पर्दे लगे थे, करीब 47 किमी तक चली
पुलिस के मुताबिक, बस के शीशों पर पर्दे लगे हुए थे। परी चौक से छात्रा को कश्मीरी गेट के पास उतारे जाने तक बस करीब 47 किलोमीटर चली। आरोप है कि बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में दोनों आरोपियों पर उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया है। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
कश्मीरी गेट के पास छोड़कर भागे
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से चले गए। इसके बाद छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी।
CCTV फुटेज से बस की पहचान
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बस और उसके रूट का पता लगाने के लिए रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान बस की पहचान की गई और उसके रूट को ट्रैक किया गया। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब बस की फोरेंसिक जांच के साथ मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटा रही है। नाबालिग पीड़िता की पहचान कानून के तहत सार्वजनिक नहीं की गई है।
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