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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया
जेनेवा: चीन के बाद कोरोनावायरस दुनिया के 17 देशों में पहुंच चुका है। ऐसे में गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। डब्ल्यूएचओ चीफ टेड्रोस ऐडनम ने बताया है कि सबसे बड़ी चिंता ऐसे देशों में वायरस को फैलने से रोकने की है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर हैं। टेड्रोस ने बताया, ‘हम सबको एक साथ मिलकर इसे और ज्यादा फैलने से रोकना चाहिए। हम इसे सिर्फ एक साथ रोक सकते हैं।’ चीन के अलग अलग शहरों में अभी तक 170 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि कोरोना से 7 हजार से ज्यादा लोगों प्रभावित बताए जा रहे हैं।
चीन में फंसे भारतीयों को आज किया जाएगा एयरलिफ्ट
कोरोनावायरस के चलते चीन के कई शहरों में यातायात रोक दिया गया है। चीन के वुहान में 700 भारतीय छात्र फंसे हैं। 8 दिन से वुहान शहर लॉकडाउन है। इन छात्रों के पास ना खाने को कुछ बचा है और ना ही पीने का पानी है। ऐसे में भारत सरकार इन छात्रों को बचाने के लिए चिंतित है, इसलिए आज चीन के वुहान शहर में फंसे 374 भारतीय छात्रों को एयरलिफ्ट किया जाएगा। बता दें कि चीन में बढ़ी तादाद में भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए वुहान प्रांत में रह रहे हैं। वुहान से ही कोरोना वायरस फैलने की शुरुआत हुई थी। इसी प्रांत में वायरस प्रभावितों की संख्या सबसे ज्यादा है।
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Middle East tension: इटली ने अमेरिका को सैन्य अड्डा देने से किया इनकार, ईरान पर US एयरस्ट्राइक से बढ़ा तनाव

Middle East tension: यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच बढ़ते तनाव के बीच इटली ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। इटली ने अमेरिका को अपने सिसिली द्वीप पर स्थित सिगोनेला सैन्य अड्डा के इस्तेमाल की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी बॉम्बर विमान इस बेस पर उतरकर मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ना चाहते थे, लेकिन इटली को इस योजना की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। न ही अमेरिका ने औपचारिक रूप से अनुमति मांगी और न ही सैन्य स्तर पर समन्वय किया। इस वजह से इटली ने तुरंत इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे पहले स्पेन भी इसी तरह का कदम उठा चुका है। स्पेन ने ईरान से जुड़े संभावित सैन्य अभियान के बीच अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था।
इसी बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाया कि वे ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं होने देना चाहते। लावरोव ने कहा कि क्षेत्र में “रेजीम चेंज” की चर्चा के पीछे असली मकसद तेल और गैस संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाना है।
वहीं अमेरिका ने ईरान में सैन्य कार्रवाई भी तेज कर दी है। अमेरिका ने इस्फहान में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार रात किए गए इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल हुआ। हमले के बाद डिपो में मौजूद हथियारों में कई विस्फोट हुए, जिससे इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी शेयर किया है।
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Asim munir iran statement: पाक सेना प्रमुख का बयान, ‘ईरान पसंद है तो वहीं चले जाएं’, शिया समुदाय में नाराजगी

Asim munir iran statement: पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रावलपिंडी में इफ्तार कार्यक्रम के दौरान मुनीर द्वारा ईरान को लेकर की गई टिप्पणी के बाद अब मामला सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पाकिस्तान की बदलती विदेश नीति से भी जुड़ गया है। आसिम मुनीर ने गुरुवार को शिया धर्मगुरुओं से कहा कि जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान पहले ईरान और खाड़ी देशों के बीच संतुलन बनाए रखता था, लेकिन अब वह तेजी से Saudi Arabia और उसके सहयोगियों के करीब जाता दिख रहा है। मुनीर का बयान इसी बदलते कूटनीतिक रुख का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने आधिकारिक तौर पर कहा कि आसिम मुनीर ने धार्मिक नेताओं से राष्ट्रीय एकता बनाए रखने और सांप्रदायिक तनाव से बचने की अपील की थी। लेकिन जमीनी स्तर पर शिया समुदाय इस दावे से सहमत नहीं है।
पाकिस्तान में 15% शिया आबादी
पाकिस्तान में ईरान के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है। कुल आबादी का करीब 15% (लगभग 3.77 करोड़) शिया मुसलमान हैं। समुदाय का कहना है कि इस तरह के बयान उनकी पहचान और देशभक्ति दोनों पर सवाल उठाते हैं। यह विवाद उस समय सामने आया है, जब अली खामनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे।
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Iran War News: ईरान जंग पर ट्रम्प का दावा, ‘लगभग सब तबाह’, IEA 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारेगा

Israel Iran Conflict: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रही जंग “बेहतरीन तरीके से” आगे बढ़ रही है और यह जल्द खत्म हो सकती है। अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान को उम्मीद से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया है और कई अहम सैन्य व रणनीतिक ठिकानों को तबाह कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमलों के बाद वहां निशाना बनाने के लिए अब लगभग कुछ भी नहीं बचा है।
इजराइल बोला- जंग की कोई तय समय सीमा नहीं
इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई की कोई तय समयसीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाया जा रहा अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी सैन्य लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। काट्ज के मुताबिक यह ऑपरेशन जरूरत पड़ने तक जारी रहेगा और इसका समय पहले से तय नहीं किया गया है।
IEA बाजार में उतारेगा 40 करोड़ बैरल तेल
वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका के बीच International Energy Agency ने घोषणा की है कि उसके 32 सदस्य देश अपने आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करेंगे। यह एजेंसी के इतिहास में सबसे बड़ा तेल रिलीज माना जा रहा है। IEA के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने कहा कि यह कदम युद्ध के कारण तेल बाजार में आई आपूर्ति बाधा को दूर करने के लिए उठाया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई गंभीर रूप से प्रभावित
एजेंसी के मुताबिक 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद Strait of Hormuz से तेल की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। युद्ध से पहले के मुकाबले इस रूट से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात अब 10% से भी कम रह गया है। IEA ने कहा कि आपातकालीन भंडार से तेल सदस्य देशों की जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा।
पहले भी कई बार जारी किया गया रणनीतिक तेल
1974 में स्थापित IEA के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देश मिलकर रणनीतिक भंडार से तेल जारी कर रहे हैं। इससे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध, 2005 के हरिकेन कैटरीना, 2011 के लीबिया संकट और 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऐसा कदम उठाया गया था।IEA के 32 सदस्य देशों में अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं। भारत 2017 से इसका एसोसिएट सदस्य है।
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Iran Israel War: ईरान के तेल ठिकानों पर इजराइल के हमले तेज, 30 फ्यूल टैंक और कई डिपो निशाने पर; ट्रम्प बोले- ईरान लड़ने लायक नहीं बचेगा

Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। Israel और Iran के बीच संघर्ष के नौवें दिन इजराइल ने ईरान के तेल भंडार से जुड़े ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में करीब 30 फ्यूल टैंकों और कई तेल डिपो को निशाना बनाया गया है। इन हमलों से ईरान के ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रम्प बोले- ईरान को पूरी तरह हार माननी होगी
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह हार मान ले। ट्रम्प ने कहा कि या तो ईरान खुद आत्मसमर्पण करे या फिर उसकी सैन्य ताकत इतनी कमजोर कर दी जाए कि वह आगे लड़ने की स्थिति में न रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि लगातार दबाव के कारण ईरान अब पहले जैसा प्रभावशाली नहीं रहा।
फारस की खाड़ी को लेकर बढ़ा तनाव
दूसरी ओर ईरानी सेना ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी जहाज फारस की खाड़ी में आते हैं तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी नौसेना द्वारा ऑयल टैंकरों की सुरक्षा के लिए जहाज भेजने की संभावना जताई जा रही है। ये टैंकर आमतौर पर Strait of Hormuz से होकर गुजरते हैं, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
जंग से भारी नुकसान
संघर्ष के दौरान अब तक ईरान में कई नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक हजारों घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कई स्कूल और मेडिकल सेंटर भी हमलों की चपेट में आए हैं। इस युद्ध में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की मौत और हजारों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पड़ोसी देशों से माफी का दावा
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि ईरान ने कुछ पड़ोसी देशों से माफी मांगी है और वादा किया है कि उनकी जमीन से ईरान पर हमला न होने तक वह उन पर हमला नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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Iran Israel US War: दूसरे दिन भी ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले, IRGC मुख्यालय निशाने पर, 200 से ज्यादा मौतें, क्षेत्र में जंग जैसे हालात

Iran Israel US War: ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने लगातार दूसरे दिन भी भीषण हमले किए। रविवार को किए गए हमलों में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया। इससे पहले शनिवार को हुए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की पुष्टि हुई थी। उनके मारे जाने के बाद ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ताजा हमलों में 48 ईरानी ‘नेता’ मारे गए हैं और अमेरिका ने ईरान के 9 जहाज भी डुबो दिए हैं। इजराइली वायुसेना के अनुसार, पिछले 24 घंटे में अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर 1,200 से अधिक बम गिराए गए। खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर 30 मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें उनके परिवार के कई सदस्य और 40 कमांडर भी मारे गए।
तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया गया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से अधिक लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत और 45 घायल होने की खबर है। नागरिक ठिकानों पर हमलों की इन खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी सेना और IRGC ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। UAE के दुबई शहर में Burj Khalifa और पाम होटल एंड रिसोर्ट के आसपास ड्रोन हमले की खबर है। इजराइल में एक हमले में 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।
सत्ता के स्तर पर ईरान में फिलहाल तीन सदस्यों की अस्थायी समिति बनाई गई है, जिसमें राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान, न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी एजेही और धर्मगुरु अली रजा अराफी शामिल हैं। यह समिति नए सर्वोच्च नेता के चयन तक प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेगी। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विशेषज्ञों की सभा अंतिम निर्णय लेगी।
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। हवाई क्षेत्र बंद किए जा रहे हैं, सैन्य ठिकानों पर अलर्ट बढ़ा दिया गया है और वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता देखी जा रही है। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि क्या यह संघर्ष पूर्ण युद्ध में बदलेगा या कूटनीतिक रास्ता निकलेगा।
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