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Khelo India Tribal Games 2026: छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का दम, वेटलिफ्टिंग में रिशिका कश्यप ने जीता सिल्वर, लकी मरकाम को ब्रॉन्ज

Khelo India Tribal Games 2026: रायपुर में आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में स्थानीय खिलाड़ियों ने मेडल जीतकर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
रिशिका कश्यप का सिल्वर, घरेलू दर्शकों में उत्साह
महिला 86 किलोग्राम वर्ग में छत्तीसगढ़ की Rishika Kashyap ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 121 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 55 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 71 किग्रा शामिल रहा। इस स्पर्धा में महाराष्ट्र की साक्षी बुरकुले ने 150 किलोग्राम के साथ स्वर्ण और असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक जीता।
लकी बाबू मरकाम ने दिलाया ब्रॉन्ज
पुरुष 110 किलोग्राम वर्ग में छत्तीसगढ़ के Lucky Babu Markam ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। उनका यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा।
टीम प्रदर्शन में भी छत्तीसगढ़ चमका
वेटलिफ्टिंग के समापन पर घोषित टीम परिणामों में महिला वर्ग में छत्तीसगढ़ सेकेंड रनरअप रहा। वहीं पुरुष वर्ग में अरुणाचल प्रदेश ओवरऑल चैम्पियन बना।
जनजातीय खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच
पूरे आयोजन में देशभर के खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। छत्तीसगढ़ में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता ने जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को बड़ा मंच दिया है। खिलाड़ियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण और आदिवासी युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मौका मिलता है।
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सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, पहली बार भारतीय जोड़ी बनी चैंपियन, चीनी जोड़ी को हराया

शेनझेन: भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने आखिरकार चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन की हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर ट्रॉफी जीती। मुकाबला करीब 70 मिनट चला।
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि सात्विक और चिराग इससे पहले 2023 और 2025 में चाइना मास्टर्स के फाइनल में पहुंचकर उपविजेता रहे थे। इस बार उन्होंने घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही चीनी जोड़ी के खिलाफ पहले गेम में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और खिताब पर कब्जा जमाया।
पहले गेम में 11-21 से पिछड़े, फिर पलटा मैच
फाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के पक्ष में नहीं रही। हे जी तिंग और रेन शियांग यू ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सात्विक-चिराग को दबाव में रखा और पहला गेम 21-11 से जीत लिया। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने रणनीति बदली। दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और चीनी खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखा। भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया।
निर्णायक गेम में 4-0 से पिछड़ने के बाद वापसी
तीसरे गेम में चीनी जोड़ी ने 4-0 की बढ़त बनाकर भारतीयों पर दबाव डालने की कोशिश की। सात्विक और चिराग ने धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे अंतर कम किया। मुकाबला 16-16 की बराबरी तक पहुंचा। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने निर्णायक अंक अपने नाम किए और 21-17 से गेम जीतकर पहली बार चाइना मास्टर्स की ट्रॉफी उठा ली। चिराग ने निर्णायक दौर में शानदार स्मैश के साथ जीत पक्की की।
2023 और 2025 की हार का हिसाब बराबर
चाइना मास्टर्स सात्विक-चिराग के लिए लंबे समय से अधूरा सपना था। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 में इस टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन दोनों बार उसे खिताबी मुकाबले में हार मिली थी। इस बार तीसरे फाइनल में पहुंचने के बाद उन्होंने इतिहास बदल दिया। जीत के साथ सात्विक-चिराग चाइना मास्टर्स पुरुष युगल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई है।
इस सीजन का दूसरा खिताब, कुल 10वां BWF World Tour टाइटल
चाइना मास्टर्स की जीत 2026 में सात्विक-चिराग का दूसरा BWF World Tour खिताब है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 जीता था। वे थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी पहुंचे थे। इस जीत के साथ सात्विक और चिराग के नाम अब 10 BWF World Tour खिताब हो गए हैं।
एशियन गेम्स से पहले बड़ी जीत
चाइना मास्टर्स का खिताब सात्विक-चिराग के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब उनकी नजरें एशियन गेम्स पर हैं। दुनिया की नंबर-5 भारतीय जोड़ी जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी। एशियन गेम्स 19 सितंबर से शुरू होने हैं।
चीन की धरती पर सुपर 750 खिताब जीतने से भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास निश्चित तौर पर बढ़ा है। अब सात्विक-चिराग के सामने इस शानदार फॉर्म को एशियन गेम्स में बरकरार रखने की चुनौती होगी।
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Treesa-Gayatri: त्रिसा-गायत्री को बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज, भारत को 15 साल बाद विमेंस डबल्स में मेडल

Treesa-Gayatri: भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। शनिवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए विमेंस डबल्स सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को वर्ल्ड नंबर-1 और डिफेंडिंग चैंपियन चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग से 21-18, 13-21, 8-21 से हार मिली।
मैच 1 घंटे 11 मिनट चला। त्रिसा-गायत्री ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम 21-18 से अपने नाम किया, लेकिन इसके बाद चीनी जोड़ी ने वापसी करते हुए लगातार दो गेम जीत लिए।
सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारतीय जोड़ी ने पहले ही ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया था। यह उनका वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहला मेडल है।
भारत को 15 साल बाद विमेंस डबल्स में मेडल
त्रिसा-गायत्री की इस उपलब्धि के साथ भारत को वर्ल्ड चैंपियनशिप की विमेंस डबल्स कैटेगरी में 15 साल बाद मेडल मिला है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने लंदन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। त्रिसा-गायत्री अब वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय विमेंस डबल्स जोड़ी बन गई हैं।
पहले गेम में शानदार वापसी की
पहले गेम में भारतीय जोड़ी एक समय 16-18 से पीछे थी। इसके बाद त्रिसा और गायत्री ने लगातार 5 अंक जीतकर 21-18 से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में मुकाबला 12-12 तक बराबरी का रहा, लेकिन इसके बाद चीन की जोड़ी ने लगातार अंक बटोरे और 21-13 से गेम जीत लिया। तीसरे गेम में चीनी खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार दबाव बनाए रखा और 21-8 से गेम जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
त्रिसा बोलीं- आज हमारा दिन नहीं था
सेमीफाइनल के बाद त्रिसा जॉली ने कहा कि पहले गेम के बाद भी भारतीय जोड़ी के पास मैच पर नियंत्रण था, लेकिन चीनी खिलाड़ियों ने अपनी रिदम हासिल कर ली। उन्होंने माना कि प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने रैलियों के दौरान धैर्य के साथ खेला और भारतीय जोड़ी उस दबाव का जवाब नहीं दे सकी।
गायत्री- हम अभी लंबा सफर तय करना चाहते हैं
गायत्री गोपीचंद ने ब्रॉन्ज मेडल को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडल विजेताओं के क्लब में शामिल होकर उन्हें खुशी है। उन्होंने इसे सिर्फ शुरुआत बताया और आगे इस सफलता को आत्मविश्वास में बदलने की बात कही।
कोच और पिता पुलेला गोपीचंद बोले- दोनों ने गर्व महसूस कराया
चीफ नेशनल कोच और गायत्री के पिता पुलेला गोपीचंद ने कहा कि उन्हें कोच और पिता, दोनों के तौर पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह दोनों को फाइनल में देखना चाहते थे, लेकिन मेडल जीतना भी शानदार उपलब्धि है। त्रिसा और गायत्री ने पूरे टूर्नामेंट में टॉप खिलाड़ियों को हराकर खुद को साबित किया है। त्रिसा अप्रैल में टखने की चोट से जूझी थीं, जिसके कारण दोनों का टूर्नामेंट शेड्यूल भी सीमित रहा था। इसके बावजूद उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार वापसी की।
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Hockey World Cup 2026: भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया, टीम वर्ल्ड कप के टॉप-8 में पहुंची

India vs Pakistan: भारत ने मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम टूर्नामेंट के टॉप-8 में पहुंच गई, जबकि पाकिस्तान का वर्ल्ड कप सफर खत्म हो गया। नीदरलैंड के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने 2-2 गोल किए। हार्दिक सिंह ने एक गोल दागा। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने 2 गोल किए, जबकि सुफियान खान ने एक गोल किया।
भारत ने टूर्नामेंट में दूसरी जीत दर्ज की
भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप में अपना दूसरा मैच जीत लिया है। टीम ग्रुप-D में दूसरे नंबर पर रही। भारत ने 3 मैचों में 6 अंक हासिल किए और पॉइंट्स टेबल में दूसरा स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ भारत ने अगले दौर में जगह बना ली। वहीं, पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
हरमनप्रीत और अभिषेक ने किए 2-2 गोल
भारत की जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक की अहम भूमिका रही। दोनों खिलाड़ियों ने 2-2 गोल कर पाकिस्तान की चुनौती को कमजोर किया। हार्दिक सिंह ने भी एक गोल किया। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने 2 गोल कर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने बढ़त कायम रखी।
भारत का स्क्वॉड
हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अभिषेक, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, सुमित, नीलकंता शर्मा, लालगे आदित्य अर्जुन, शशिकुमार मोहिथ होन्नेनहल्ली, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह, यशदीप सिवाच, संजय, सूरज करकेरा (गोलकीपर), राजिंदर सिंह और शिलानंद लाकड़ा।
पाकिस्तान का स्क्वॉड
महमूद अबू (कप्तान), वकार (गोलकीपर), मुहम्मद अब्दुल्ला, सुफियान खान, मोइन शकील, वहीद अशरफ राणा, हन्नान शाहिद, जिक्रिया हयात, अरशद लियाकत, अदील लतीफ, अहमद नदीम, गजनफर अली, अम्माद बट, मुहम्मद हम्मादुद्दीन, अब्दुल रहमान, अफराज, उमर मुस्तफा, अबू महमूद, अली रजा (गोलकीपर), अब्दुल मनान और मुहम्मद अम्माद।
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India vs Sri Lanka Test: भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया, मानव सुथार ने मैच में लिए 10 विकेट

Galle Test: श्रीलंका के गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। इसके साथ ही भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह मुकाबला भारतीय टीम का 600वां टेस्ट मैच भी रहा।भारत की जीत के सबसे बड़े हीरो 24 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार रहे। उन्होंने श्रीलंका की दूसरी पारी में 6 विकेट लिए। मैच में उनके नाम कुल 10 विकेट रहे।
एक ओवर में 3 विकेट लेकर मैच पलटा
टेस्ट के पांचवें दिन बुधवार को श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में 6 विकेट पर 199 रन बनाकर खेल रही थी। टीम को मैच बचाने के लिए संघर्ष करना था। तभी मानव सुथार ने एक ही ओवर में 3 विकेट लेकर श्रीलंका की उम्मीदें खत्म कर दीं। उन्होंने सोनल दिनुषा, प्रभात जयसूर्या और लाहिरु कुमारा को आउट किया। देखते ही देखते श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 199 रन हो गया।
इसके बाद सुथार ने अपने अगले ओवर में केशरा नुवांथा को आउट कर श्रीलंका की दूसरी पारी समेट दी और भारत को 165 रन से जीत दिला दी। इस शानदार प्रदर्शन के साथ मानव सुथार ने मैच में कुल 10 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
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Commonwealth Games 2026: भारत ने एक दिन में जीते 8 गोल्ड, बॉक्सिंग में रचा इतिहास

Commonwealth Games 2026: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में 8 गोल्ड मेडल जीत लिए। इनमें 7 स्वर्ण पदक बॉक्सिंग और एक पैरा एथलेटिक्स से आया। इसके साथ ही भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार एक ही संस्करण में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड बना दिया।
महिला बॉक्सिंग में प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किए। वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली भरी।
हालांकि बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल को फाइनल में हार के बाद सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
सोमन राणा का गोल्ड, गुलवीर ने बनाया इतिहास
पैरा एथलेटिक्स की F-57 शॉटपुट स्पर्धा में सोमन राणा ने गोल्ड मेडल जीता। वहीं पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में 5000 और 10000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
ट्रिपल जंप में भी दो पदक
भारत ने पुरुष ट्रिपल जंप में भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पदकों की संख्या में और इजाफा किया।
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