Connect with us

ख़बर देश

HPCL fuel supply: तेल संकट की आशंकाओं के बीच HPCL का बयान, देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं

Published

on

HPCL fuel supply India, petrol diesel availability India, LPG supply update, India energy crisis news, oil supply India status, Strait of Hormuz impact India, fuel shortage rumor India

HPCL Fuel Supply: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईंधन संकट की आशंकाओं पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने बड़ा बयान जारी किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है। HPCL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि देशभर में सभी फ्यूल स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है।

रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रहीं- HPCL

कंपनी के मुताबिक, भारत की रिफाइनिंग और सप्लाई प्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो रही है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर चल रही हैं और ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही भविष्य की आपूर्ति भी सुरक्षित कर ली गई है।

अफवाहों से पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़

कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर देखी गई भीड़ को लेकर कंपनी ने कहा कि यह स्थिति गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन) के कारण बनी। HPCL ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Advertisement

घरेलू उत्पादन और आयात दोनों मजबूत

कंपनी ने अपनी एडवाइजरी में बताया कि देश के सभी राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG सामान्य रूप से उपलब्ध हैं। भारत का मजबूत रिफाइनिंग नेटवर्क लगातार सप्लाई सुनिश्चित कर रहा है और कच्चा तेल वैश्विक स्रोतों से नियमित रूप से मिल रहा है।

PNG नेटवर्क पर भी स्पष्टता

HPCL ने यह भी कहा कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है और इसका मौजूदा ईंधन उपलब्धता से कोई सीधा संबंध नहीं है।

पश्चिम एशिया तनाव बना चिंता का कारण

Advertisement

गौरतलब है कि Strait of Hormuz को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। यह मार्ग वैश्विक स्तर पर करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई संभालता है। भारत अपने कुल तेल आयात का लगभग 12-15% इसी रास्ते से प्राप्त करता रहा है।

Continue Reading
Advertisement

ख़बर देश

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट से निधन, 75 की उम्र में ली आखिरी सांस

Published

on

नाना पाटेकर निधन, Nana Patekar Death, नाना पाटेकर मौत, नाना पाटेकर कार्डियक अरेस्ट, Nana Patekar cardiac arrest, नाना पाटेकर 75 साल, नाना पाटेकर गोवा, बॉलीवुड न्यूज

मुंबई/गोवा: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट आया था। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर को सुबह 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। अस्पताल के मुताबिक मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

3 नेशनल अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित

नाना पाटेकर ने करीब चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा में अलग पहचान बनाई। उन्होंने 1978 की फिल्म ‘गमन’ से फिल्मी करियर शुरू किया था। 1989 की ‘परिंदा’ के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। इसके बाद ‘क्रांतिवीर’ के लिए बेस्ट एक्टर और ‘अग्निसाक्षी’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उनके नाम तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड रहे। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।

‘वेलकम’ के उदय शेट्टी ने कॉमेडी में भी छोड़ी छाप

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ गंभीर और दमदार किरदारों तक सीमित नहीं रही। 2007 की फिल्म ‘वेलकम’ में उन्होंने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में वे ‘वेलकम बैक’ में भी इसी किरदार में नजर आए। मराठी सिनेमा में भी उन्होंने ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय किया।

Advertisement

‘प्रहार’ के लिए ली थी सेना की ट्रेनिंग

नाना पाटेकर का भारतीय सेना से भी खास जुड़ाव रहा। फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ के लिए उन्होंने करीब तीन साल तक सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद वे टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े और उन्हें मानद कैप्टन का पद मिला। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी उनके सेना से जुड़े होने की रिपोर्टें सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की अनुमति के बाद उन्होंने सेना के साथ अग्रिम क्षेत्रों में समय बिताया था।

पीएम मोदी ने जताया दुख

नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया। उन्होंने नाना को ऐसे अभिनेता के रूप में याद किया, जिनकी अपनी अलग पहचान और अभिनय में गहराई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके निभाए किरदार कई पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे और हिंदी व मराठी सिनेमा में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनका करीब पांच दशक लंबा अभिनय सफर और दमदार संवाद अदायगी उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग कलाकारों में शामिल करती है।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर देश

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पुरानी पेंशन के लिए भर्ती प्रक्रिया की तारीख मानी जाएगी आधार

Published

on

हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा कि 15 मई 2003 से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू होने और प्रशासनिक देरी से बाद में नियुक्ति होने पर कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लिए पात्र हो सकता है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी की भर्ती प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले शुरू हो गई थी, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण उसकी नियुक्ति इस तारीख के बाद हुई, तो सिर्फ नियुक्ति की तारीख के आधार पर उसे पुरानी पेंशन से बाहर नहीं किया जा सकता। अदालत ने सेवानिवृत्त ड्राइंग टीचर शकुंतला देवी की याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें पुरानी पेंशन योजना चुनने का विकल्प दिया है।

अप्रैल 2003 में शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया

शकुंतला देवी के मामले में शिक्षा विभाग ने अप्रैल 2003 में बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। उन्होंने 21 से 26 अप्रैल 2003 के बीच काउंसलिंग में हिस्सा लिया था। हालांकि, परिणाम जारी करने में हुई देरी के कारण उनकी नियुक्ति सितंबर 2003 में हुई। बाद में 31 दिसंबर 2016 को सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें नई पेंशन व्यवस्था के तहत रखा गया। उन्होंने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने पाया कि भर्ती और काउंसलिंग की प्रक्रिया कटऑफ तारीख से पहले पूरी हो चुकी थी और नियुक्ति में देरी याचिकाकर्ता की वजह से नहीं हुई थी।

9 जुलाई 2026 के आदेश का भी जिक्र

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वित्त विभाग का 9 जुलाई 2026 का कार्यालय ज्ञापन भी अदालत के सामने रखा गया। इसमें उन कर्मचारियों के लिए एकमुश्त विकल्प का प्रावधान किया गया है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित या शुरू हो चुकी थी, लेकिन नियुक्ति बाद में हुई।

Advertisement

31 अक्टूबर तक OPS चुनने का मौका

हाईकोर्ट ने शकुंतला देवी को 31 अक्टूबर 2026 तक CCS (Pension) Rules, 1972 के तहत पुरानी पेंशन का विकल्प चुनने की अनुमति दी है। अदालत के निर्देश के मुताबिक विकल्प और आवश्यक राशि/समायोजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार उनकी पात्रता पर विचार करेगी। पात्र पाए जाने पर पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

फैसले का आधार क्या है?

इस मामले में अदालत ने नियुक्ति की तारीख के बजाय भर्ती प्रक्रिया कब शुरू हुई थी और देरी किस कारण हुई, इसे महत्वपूर्ण माना। यानी यदि कर्मचारी ने कटऑफ तारीख से पहले भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था और बाद की देरी प्रशासनिक कारणों से हुई, तो केवल बाद की नियुक्ति तारीख को आधार बनाकर OPS से वंचित करना उचित नहीं माना गया।

Advertisement
Continue Reading

ख़बर देश

सुप्रीम कोर्ट ने SIR के 14 फैसलों पर EC से मांगा जवाब, कहा- कानून तोड़ा गया तो फैसले रद्द हो सकते हैं

Published

on

ज्ञानेश कुमार, CEC ज्ञानेश कुमार, सुप्रीम कोर्ट, SIR विवाद, चुनाव आयोग, SIR के 14 फैसले, Supreme Court CEC, Election Commission SIR

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने SIR यानी Special Intensive Revision से जुड़े फैसलों को लेकर दायर याचिकाओं पर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि पहले संबंधित पक्षों का जवाब सुना जाना जरूरी है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि SIR से जुड़े करीब 14 फैसले दूसरे दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।

14 फैसलों पर उठे सवाल

याचिका के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच SIR से जुड़े कम से कम 14 मामलों में आपत्तियां दर्ज की थीं। आरोप है कि इसके बावजूद इन मामलों में फैसले चुनाव आयोग के नाम से लिए गए। हालांकि, यह फिलहाल याचिकाकर्ताओं का आरोप है। चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में अपना जवाब अदालत के सामने दिया जाना बाकी है।

कोर्ट ने कहा- कानून तोड़ा गया तो फैसले रद्द हो सकते हैं

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल किसी फैसले को रद्द नहीं किया है। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि जांच के बाद यह पाया जाता है कि SIR से जुड़े निर्णय कानूनी प्रक्रिया या संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत लिए गए थे, तो उन पर उचित न्यायिक कार्रवाई की जा सकती है। याचिकाओं में SIR से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों को वापस लेने के साथ-साथ मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।

इन लोगों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। याचिका में SIR प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच और स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

मामला मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया, जिनमें चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े निर्णयों को लेकर कथित मतभेदों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि चुनाव आयोग जैसे बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय के फैसले CEC अकेले नहीं ले सकते।

Advertisement

CEC की नियुक्ति और हटाने का संवैधानिक प्रावधान

संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनावों की निगरानी, निर्देशन और नियंत्रण चुनाव आयोग में निहित है। इसी अनुच्छेद में CEC को पद से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज के समान प्रक्रिया और आधार का प्रावधान है।
इसलिए यह कहना अधिक सटीक है कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने CEC को निलंबित करने की मांग पर अंतरिम राहत नहीं दी। अंतिम रूप से इस मामले में CEC की भूमिका और SIR से जुड़े फैसलों की वैधता पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

Continue Reading

ख़बर देश

Budgam Encounter: लश्कर का टॉप कमांडर हाशिम मूसा ढेर, यूसमर्ग में सेना-पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन

Published

on

बडगाम एनकाउंटर, हाशिम मूसा, Hashim Moosa, लश्कर कमांडर, Yusmarg Encounter, Operation Korag, जम्मू कश्मीर एनकाउंटर, LeT Terrorist, Budgam News

Budgam News: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक शीर्ष आतंकी को मार गिराया है। मुठभेड़ यूसमर्ग के ऊपरी इलाके कोराग में मंगलवार देर रात शुरू हुई। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। तलाशी के दौरान संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चुनौती दी, जिसके बाद फायरिंग शुरू हो गई।

सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मारे गए आतंकी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में हुई है। कुछ रिपोर्टों में उसका नाम सुलेमान शाह उर्फ मूसा भी बताया गया है। सेना ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन कोराग’ नाम दिया है।

तलाशी के दौरान शव और हथियार बरामद

सेना के मुताबिक बुधवार सुबह इलाके में चल रही तलाशी के दौरान आतंकी का शव बरामद किया गया। उसके पास से हथियार और अन्य युद्धक सामग्री भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षाबल आसपास के इलाके में अन्य आतंकियों की तलाश कर रहे हैं।

5 सितंबर के एनकाउंटर में बच निकला था मूसा

Advertisement

रिपोर्टों के मुताबिक हाशिम मूसा इससे पहले 5 सितंबर को यूसमर्ग के पहाड़ी इलाके में हुई एक मुठभेड़ के दौरान बच निकला था। उस ऑपरेशन में उसका सहयोगी यासिर मारा गया था। इसके बाद सुरक्षाबल मूसा की तलाश कर रहे थे।

LeT के चार आतंकियों के ग्रुप का आखिरी सदस्य

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार मूसा एक ऐसे LeT समूह से जुड़ा था, जिसके सदस्यों पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप था। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक इस समूह में जुनैद अहमद भट, यासिर, सुलेमान शाह और हाशिम मूसा शामिल थे। जुनैद दिसंबर 2024 में मारा गया था। सुलेमान शाह और यासिर भी अलग-अलग अभियानों में मारे जा चुके हैं। मूसा की मौत के साथ इस समूह के सभी चार सदस्यों के मारे जाने की जानकारी सुरक्षा सूत्रों ने दी है।

कई हमलों से जुड़े होने का दावा

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस समूह पर पुंछ के डेरा की गली में सेना के जवानों पर घात लगाकर हमला करने और वायुसेना के काफिले पर हमले समेत कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप था। रिपोर्ट के मुताबिक यासिर और मूसा पर 2024 में गुलमर्ग के पास बुटापथरी हमले में शामिल होने का भी संदेह था। इस हमले में दो सैनिक और दो नागरिक पोर्टर मारे गए थे।

Advertisement

बडगाम में सर्च ऑपरेशन जारी

सेना ने बताया कि ऑपरेशन कोराग के तहत इलाके में तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करने के लिए आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सर्च कर रहे हैं कि कोई अन्य आतंकी वहां छिपा न हो।

Continue Reading

ख़बर देश

अर्नब के असर से बस्तर में बाढ़: इंद्रावती 12.39 मीटर पर पहुंची, 53 साल का रिकॉर्ड टूटा

Published

on

बस्तर, जगदलपुर, इंद्रावती नदी, छत्तीसगढ़ बारिश, बाढ़, राजस्थान मौसम, यूपी मौसम, दिल्ली मौसम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, Weather News

Weather Update: छत्तीसगढ़ के बस्तर में भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.39 मीटर पहुंच गया है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक यह 1973 के रिकॉर्ड स्तर 12.18 मीटर से 21 सेंटीमीटर अधिक है। जलस्तर बढ़ने से जगदलपुर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सोमवार को 833 लोगों को सुरक्षित निकाला। जिले में प्रभावित लोगों के लिए 65 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 8,894 लोग रह रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के हालिया बुलेटिन में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव का उल्लेख किया गया था।

बस्तर में राहत-बचाव अभियान जारी

इंद्रावती के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद जगदलपुर के निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को 833 लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। जिले में बनाए गए 65 राहत शिविरों में हजारों लोग रह रहे हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।

राजस्थान में बारिश के साथ ओले

राजस्थान में भी मौसम ने करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर, बीकानेर और चूरू समेत कई इलाकों में बारिश हुई। कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की भी खबर है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 20°C से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

Advertisement

यूपी में सितंबर में जनवरी जैसी धुंध

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह घनी धुंध देखने को मिली। अमेठी, रामपुर और बदायूं में दृश्यता कम रही। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कुछ जगहों पर करीब 25 मीटर दूर तक देखना मुश्किल रहा। वहीं, उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी का दौर शुरू हो गया है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों से मानसून के लौटने के बाद प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधि में कमी आई है। IMD ने 29 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

दिल्ली में 25 साल की दूसरी सबसे ठंडी सितंबर रात

दिल्ली में बारिश और मौसम में बदलाव के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 21°C रहा। यह सितंबर में पिछले 25 वर्षों में दूसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान है। इससे कम तापमान 2008 में 20.8°C दर्ज हुआ था।

मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ी है। IMD के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने और रातें सामान्य से कुछ ठंडी रहने की संभावना है।

Advertisement

उत्तराखंड में बारिश का दौर कमजोर

उत्तराखंड में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब राहत के संकेत हैं। 29 सितंबर को IMD ने उत्तराखंड के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

हिमाचल में तापमान में बड़ी गिरावट

हिमाचल प्रदेश में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के बदलते मिजाज का असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है।

Advertisement
Continue Reading

Advertisment

ख़बर उत्तर प्रदेश

अभी तक की बड़ी खबरें

WEBSITE PROPRIETOR & EDITOR DETAILS

Editor/ Director :- Somesh Singh Senger
Web News Portal: Khabritaau.com
Website : www.khabritaau.com
Company : Khabritaau News
Publication Place: Raipur (CG), Bhopal (MP) & Lucknow (UP)
Email:- khabritaau@gmail.com
Mob: +91 6264 084 601

DPR Links

Trending