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Chhattisgarh: क्या सोच रहे हैं टीएस सिंहदेव? भाजपा-आरएसएस को लेकर दिया बड़ा बयान

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TS Singhdeo big statement regarding BJP-RSS

Bilaspur News:छत्तीसगढ़ में सभी पार्टियां चुनावी मोड में आ चुकी हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बीजेपी और आरएसएस को लेकर बड़ा बयान दिया है। बिलासपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि बीजेपी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। क्योंकि बीजेपी का संगठन अकेले थोड़ा कमजोर हो सकता है, लेकिन आरएसएस और बीजेपी को कभी कमजोर नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी का संगठन ही उसकी ताकत है, हालांकि छत्तीसगढ़ में बीजेपी कमजोर है। तभी वो अपने ही राज्यपाल को क्रिटिसाइज़ कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने आगे कहा कि मेरा 40-45 वर्षों का राजनीतिक अनुभव कहता है कि भाजपा और उसके संगठन को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। RSS के साथ बीजेपी को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि अकेले भाजपा भले ही उतनी शक्तिशाली न हो, लेकिन आरएसएस प्लस भाजपा को कभी कम नहीं आंका जा सकता। वहीं सिंहदेव ने यह भी कहा कि बीजेपी की पिछले चुनाव में इतनी कम सीटें आई हैं कि उसका मनोबल टूटा हुआ है। उसके अंदर से कोई शक्ति सामने नहीं आ रही है।

राज्य में सीएम के चेहरे का लेकर मंत्री सिंहदेव ने कहा कि अभी टीएस का नंबर नहीं लगा है। बाकी फैसला आलाकमान के ऊपर है। सिंहदेव ने कहा कि वो अगले चुनाव में एक मतदाता के रूप में सबके सामने होंगे। ऐसे में एक बार फिर सिंहदेव के चुनाव लड़ने या न लड़ने को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं।

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CGPSC: SI भर्ती रिजल्ट में ‘NEWS’ और ‘SPACERANI’ जैसे नामों पर विवाद, आयोग बोला- अभ्यर्थियों ने आवेदन में खुद यही नाम दर्ज किए थे

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रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा जारी सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन सूची में ‘NEWS’, ‘SPACERANI’ और ‘MANBAS’ जैसे नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए। कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि आयोग ने पूरे मामले को भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि सूची में वही नाम प्रकाशित किए गए हैं, जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान स्वयं दर्ज किए थे।

4 अगस्त को जारी हुआ था रिजल्ट

CGPSC ने 4 अगस्त को गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 341 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। परीक्षा में 7,301 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिन्हें मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा 12 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में 183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

इन नामों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा

वायरल सूची के अनुसार चयन सूची में क्रमांक 6074 पर ‘NEWS’, क्रमांक 467 पर ‘SPACERANI’ और क्रमांक 93 पर ‘MANBAS’ नाम दर्ज हैं। इन्हीं नामों को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न दावे और चर्चाएं शुरू हो गईं।

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CGPSC ने क्या कहा?

आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का खंडन करते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम में वही नाम प्रदर्शित किए गए हैं, जो अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र में स्वयं दर्ज कर अंतिम रूप से जमा किए थे।

CGPSC के अनुसार इन्हीं नामों के आधार पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए, दस्तावेज सत्यापन हुआ और प्रारंभिक परीक्षा की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।

आयोग ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा परीक्षा संबंधी जानकारी के लिए केवल CGPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

अक्टूबर में होगी मुख्य परीक्षा

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आयोग के मुताबिक SI, सूबेदार और प्लाटून कमांडर भर्ती की मुख्य परीक्षा संभावित रूप से 24, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री ने शुरू किया ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान, हर गांव में बनेगा मुक्तिधाम, स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके तहत प्रदेश के हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह अभियान विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के अंतर्गत संचालित किया जाएगा।

शौचालय, मुक्तिधाम और रिचार्ज पिट पर करोड़ों का निवेश

सरकार के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालय बनाए जाएंगे। वहीं 391.44 करोड़ रुपए की लागत से 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम का निर्माण होगा। इसके अलावा 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण कराया जाएगा।

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 10,027 बंद या डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर और रिचार्ज संरचनाएं बनाई जाएंगी। इससे भू-जल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल संरक्षण में मदद मिलेगी।

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ग्राम सभा तय करेगी कौन से काम होंगे

मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। योजना के तहत सभी विकास कार्य ग्राम सभा की स्वीकृति से तय होंगे। मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से राज्य को करीब 6,855 करोड़ रुपए मिलेंगे, जो ग्रामीण विकास और रोजगार के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। केंद्र सरकार पहली किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दे चुकी है।

किसानों और श्रमिकों दोनों का रखा गया ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के मौसम में मजदूरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए योजना के कार्य वर्ष में 60 दिनों तक बंद रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों।

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318 तरह के विकास कार्य होंगे

योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।

इन कार्यों में तालाब, चेकडैम, सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, पुस्तकालय, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पशु चिकित्सालय, ग्रामीण हाट-बाजार, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

तैयारियों में राष्ट्रीय स्तर पर आगे छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। श्रमिकों की 98% ई-केवाईसी पूरी होने के साथ राज्य पहले स्थान पर है, जबकि 99% जियो टैगिंग के साथ दूसरे स्थान पर है। जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अग्रणी रहा है।

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पहली तिमाही में ही ₹1,264 करोड़ खर्च

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए योजना का प्रस्तावित बजट 5,591.42 करोड़ रुपए है। अप्रैल से जून की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर गांवों का निर्माण करना है। सभी कार्य ग्राम सभा की मंजूरी से होंगे तथा डिजिटल मॉनिटरिंग, सामाजिक अंकेक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

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CGPSC-2021 पेपर लीक केस: पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा-2021 के चर्चित पेपर लीक और भर्ती घोटाला मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कर लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना हत्या से भी बड़ा अपराध है। अदालत ने कहा कि हत्या से एक परिवार प्रभावित होता है, जबकि पेपर लीक जैसे मामलों से पूरे समाज और युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा टूटता है।

रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप

मामले में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव और अन्य अधिकारियों पर अपने रिश्तेदारों एवं पसंदीदा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है।

CBI जांच के अनुसार, जीवन किशोर ध्रुव ने 6 अक्टूबर 2020 को CGPSC के सचिव का पद संभाला था। उनके हस्ताक्षर से ही वर्ष 2021 की परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया था।

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बेटे को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र देने का आरोप

CBI का आरोप है कि जीवन किशोर ध्रुव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मुख्य परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले हासिल किए और उन्हें अपने बेटे सुमित ध्रुव को उपलब्ध कराया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसी आधार पर सुमित ध्रुव का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। जांच के दौरान CBI ने भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त किए।

तलाशी में मिले अहम दस्तावेज

CBI के अनुसार, तलाशी के दौरान मुख्य परीक्षा के पेपर-7 (सामान्य अध्ययन) के 47 में से 42 प्रश्नों के उत्तर और पेपर-2 (निबंध) की उत्तर-पुस्तिकाएं बरामद हुईं। जांच में यह भी सामने आया कि सुमित ध्रुव ने परीक्षा से पहले जिन चार विषयों- क्रिप्टोकरेंसी, रूस-यूक्रेन युद्ध, दंतेवाड़ा जिले का विकास और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम- पर तैयारी की थी, वही चारों विषय मुख्य परीक्षा में पूछे गए।

बचाव और CBI की दलील

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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि जीवन किशोर ध्रुव का नाम मूल FIR में नहीं था और उन्हें केवल सचिव पद पर रहने के कारण मामले में फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बेटों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी पहले ही आयोग को दे दी थी और खुद को गोपनीय कार्यों से अलग कर लिया था। वहीं, CBI ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक उच्च पदस्थ लोक सेवक था, जिसकी जिम्मेदारी परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखना थी। एजेंसी के अनुसार, घर से मिले दस्तावेज और गवाहों के बयान आपराधिक साजिश की पुष्टि करते हैं।

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मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026: लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित, सालाना ₹24 हजार तक मिलेंगे

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय की इस योजना के जरिए चयनित लोक कलाकारों को हर साल 12 हजार से 24 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं का संरक्षण, कलाकारों का सम्मान और कला दलों के विकास को बढ़ावा देना है।

इन क्षेत्रों के कलाकार कर सकेंगे आवेदन

योजना के तहत लोक नृत्य, लोक संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, पारंपरिक व्यंजन (पाक कला) और छत्तीसगढ़ी सौंदर्य कला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक से भेजना होगा। आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट और संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।

31 अगस्त तक भेज सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए कलाकार का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन के साथ आय प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण, IFSC कोड और पैन कार्ड की प्रति संलग्न करनी होगी। आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण समिति करेगी और उसका निर्णय अंतिम होगा।

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आर्थिक सहयोग के साथ मिलेगी पहचान

सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से लोक कलाकारों को आर्थिक सहायता के साथ अपनी कला को व्यापक मंच मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

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CG Cabinet: कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, ₹500 करोड़ के AI मिशन, BEML प्लांट और डिजिटल गवर्नेंस को मंजूरी

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के डिजिटल, औद्योगिक और आधारभूत विकास से जुड़े सात महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपए के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन, BEML के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, लोक निर्माण विभाग में डिजिटल प्रबंधन प्रणाली और ग्रामीण सड़क योजना में बदलाव समेत कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई।

500 करोड़ का AI मिशन मंजूर

कैबिनेट ने पांच वर्षों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी। इस पर 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी।इसके अलावा 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कामकाज को आसान बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित होंगी।

राज्य में लगेगा BEML का पहला प्लांट

कैबिनेट ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी। राज्य में पहली बार हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र स्थापित होगा। सरकार का दावा है कि इससे बड़े निवेश आएंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

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PWD में लागू होगी डिजिटल प्रणाली

लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू किया जाएगा। इससे ई-टेंडर, बिल भुगतान, गुणवत्ता निगरानी और निर्माण कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी।

ग्रामीण सड़क योजना में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। अब ग्रामीण गलियों में सीसी सड़क और नाली निर्माण आसान होगा। सड़क निर्माण से पहले मनरेगा से मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है।

ADB देगा 15 करोड़ का अनुदान

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कैबिनेट ने ‘अंजोर LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 15 करोड़ रुपए का पूर्ण अनुदान लेने को मंजूरी दी। यह परियोजना पूरी तरह ग्रांट आधारित होगी, जिससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

राज्य योजनाओं के लिए नया S-SNA मॉडल

सरकार ने राज्य योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने का फैसला किया है। इससे योजनाओं की राशि एक केंद्रीकृत खाते से सीधे हितग्राहियों और वेंडरों को जारी होगी। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वित्तीय गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।

CSPGCL जारी करेगी 200 करोड़ के बॉन्ड

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) और बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी है। इससे बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

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