ख़बर उत्तरप्रदेश
UP DA Hike: योगी सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 63% किया, नवंबर की सैलरी में मिलेगा बढ़ा पैसा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कर दिया है। यानी DA में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई है। नई दर 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।
वित्त विभाग ने 7 नवंबर को इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान नवंबर 2026 के नियमित वेतन के साथ किया जाएगा। जुलाई से अक्टूबर 2026 तक के चार महीने का एरियर कर्मचारियों को अलग-अलग बचत और पेंशन खातों में निर्धारित नियमों के अनुसार दिया जाएगा।
इस फैसले का लाभ राज्य सरकार के पूर्णकालिक नियमित कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों, कार्यप्रभारित कर्मचारियों और UGC वेतनमान वाले पदधारकों को मिलेगा।
30 हजार बेसिक सैलरी पर हर महीने 900 रुपए बढ़ेंगे
महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। DA में 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का मतलब है कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते के रूप में मिलेगा। इसे उदाहरण से समझिए। यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपए है, तो पहले 60 प्रतिशत DA के हिसाब से उसे 18,000 रुपए मिलते थे। अब 63 प्रतिशत DA के हिसाब से यह रकम 18,900 रुपए हो जाएगी। इस तरह कर्मचारी को हर महीने 900 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। इस तरह कर्मचारी को हर महीने 900 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
| बेसिक सैलरी | पहले 60% DA | अब 63% DA | मासिक बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| ₹30,000 | ₹18,000 | ₹18,900 | ₹900 |
| ₹50,000 | ₹30,000 | ₹31,500 | ₹1,500 |
| ₹75,000 | ₹45,000 | ₹47,250 | ₹2,250 |
| ₹1,00,000 | ₹60,000 | ₹63,000 | ₹3,000 |
| ₹2,00,000 | ₹1,20,000 | ₹1,26,000 | ₹6,000 |
यह गणना केवल DA की बढ़ोतरी पर आधारित है। वास्तविक वेतन में अन्य भत्तों और कटौतियों का असर अलग हो सकता है।
जुलाई से अक्टूबर तक का एरियर कैसे मिलेगा?
सरकार ने 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक के चार महीने के एरियर के भुगतान के लिए अलग व्यवस्था की है।
GPF कर्मचारी: आयकर और लागू सरचार्ज की कटौती के बाद एरियर की राशि भविष्य निधि खाते में जमा होगी। सामान्य स्थिति में यह राशि 1 नवंबर 2027 तक खाते में रहेगी।
NPS कर्मचारी: एरियर का 10 प्रतिशत हिस्सा टियर-1 पेंशन खाते में जमा होगा। राज्य सरकार नियोक्ता के रूप में 14 प्रतिशत के बराबर अंशदान भी जमा करेगी। शेष 90 प्रतिशत राशि PPF या NSC के माध्यम से दी जाएगी। NSC उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित राशि नकद दी जा सकती है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी: जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, जो 1 जुलाई 2026 से शासनादेश जारी होने के बीच रिटायर हुए हैं या अगले छह महीने में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें एरियर की पूरी राशि नकद दी जाएगी।
पेंशनर्स के लिए अलग आदेश जरूरी
7 नवंबर को जारी यह शासनादेश सेवारत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) से संबंधित है। इसमें पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का प्रावधान शामिल नहीं है। पेंशनर्स को लाभ देने के लिए अलग आदेश की जानकारी देखना जरूरी होगा।
मई में भी हुई थी 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पहले 21 मई 2026 को महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। उस समय DA 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया था। अब 7 नवंबर के आदेश के बाद यह 63 प्रतिशत हो गया है। इस तरह 2026 में राज्य कर्मचारियों के DA में कुल 5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।
दिवाली पर 30 दिन के बोनस का भी मिला था तोहफा
DA बढ़ाने से पहले योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का आदेश जारी किया था। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि 7,000 रुपए तय की गई है। इसके आधार पर अधिकतम बोनस 6,908 रुपए बनता है। इसमें 75 प्रतिशत राशि PF या निर्धारित बचत व्यवस्था में जमा होगी, जबकि 25 प्रतिशत नकद दिया जाएगा। यह लाभ सभी कर्मचारियों को स्वतः नहीं मिलेगा। इसके लिए शासनादेश में तय पात्रता और सेवा संबंधी शर्तें लागू होंगी।
ख़बर उत्तरप्रदेश
बहराइच मेले में जलपरी शो का टैंक फटा, 4 बच्चों समेत 15 घायल

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में उर्स मेले के दौरान जलपरी शो का पानी से भरा टैंक अचानक फट गया। हादसे में चार बच्चों समेत 15 लोग घायल हो गए। टैंक में भरा करीब 20 हजार लीटर पानी तेज दबाव के साथ बाहर निकला। पानी के प्रेशर से टैंक की कांच की दीवार टूट गई और कांच के टुकड़े दर्शकों को जा लगे। हादसे के बाद मेले में भगदड़ जैसे हालात बन गए।
घटना सोमवार रात करीब 9 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर फखरपुर थाना क्षेत्र के खालिदपुर गांव में हुई। उस समय करीब 40 लोग जलपरी शो देख रहे थे। अचानक टैंक फटने से पानी का तेज बहाव दर्शकों की ओर आया। कुछ बच्चे पानी के साथ कई मीटर तक बह गए। कांच के टुकड़े बच्चों और अन्य लोगों के चेहरे व सिर में धंस गए।
घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। इनमें से दो बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया। शो में प्रदर्शन कर रही एक जलपरी भी घायल हुई है।
20 हजार लीटर पानी से भरा था टैंक
जलपरी शो में एक लड़की मछली जैसी पोशाक पहनकर पानी से भरे टैंक में करतब दिखाती है। बताया गया कि शो का टैंक करीब 20 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा था। इसमें लगभग 20 हजार लीटर पानी भरा हुआ था। दर्शक बाहर लगी कांच की दीवार से शो देखते थे।
पुलिस के मुताबिक, टैंक में पानी का दबाव अधिक होने के कारण उसकी कांच की दीवार टूट गई। पानी का तेज बहाव बाहर निकलने से दर्शकों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
शो के लिए नहीं ली गई थी अनुमति
फखरपुर थाना प्रभारी राजकुमार राजभर के मुताबिक, जलपरी शो के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने उर्स कमेटी के अध्यक्ष वाजिद खान और शो संचालक शादाब समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मेला कमेटी अध्यक्ष और जलपरी शो संचालक समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों और आयोजन में सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
जालौन बार एसोसिएशन अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या, सिर पर जैक से किए 15 वार

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शनिवार को उन्हें बेटे के सामने कार में बैठाकर ले जाया गया था। रविवार सुबह उनका शव कानपुर के गुजैनी इलाके में नहर से बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सिर पर जैक जैसी भारी वस्तु से कई वार किए गए थे। सिर की हड्डियां टूट गई थीं और अत्यधिक रक्तस्राव से उनकी मौत हुई।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार बरामद करने के लिए आरोपियों को कालपी के जंगल ले जाया गया, जहां पुलिस के मुताबिक उन्होंने छिपाए गए हथियारों से फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला के पैर में गोली लगी। तीसरे आरोपी केशव को भी पकड़ लिया गया। बाद की पुलिस कार्रवाई में कथित साजिशकर्ता इंद्रजीत यादव को भी गिरफ्तार किए जाने की खबर है। मुख्य शूटर मोनू यादव की तलाश जारी बताई गई है।
बेटे के सामने कार में बैठाकर ले गए थे आरोपी
कालपी के मोहल्ला कागजीपुरा निवासी गयादीन अहिरवार शनिवार को उरई स्थित जिला न्यायालय में एक मुकदमे की पैरवी करने गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने बेटे हर्ष को स्कूटी लेकर बुलाया और बताया कि दुर्गा मंदिर चौराहे पर उनका एक मुवक्किल इंतजार कर रहा है।
बेटा उन्हें स्कूटी से चौराहे तक ले गया। वहां बिना नंबर प्लेट की कार खड़ी थी, जिसमें तीन लोग मौजूद थे। बेटे के मुताबिक, कार से उतरे एक व्यक्ति ने गयादीन के पैर छुए और उन्हें अपने साथ कार में बैठा लिया।
कार के बिना नंबर प्लेट होने से बेटे को शक हुआ। उसने पिता को फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। बेटे ने स्कूटी से कार का पीछा भी किया, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहले अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जमीन विवाद में हत्या की सुपारी देने का आरोप
एएसपी डॉ. ईशान सोनी के मुताबिक, गयादीन अहिरवार और कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में इसी रंजिश को हत्या की वजह माना गया है। पुलिस का आरोप है कि इंद्रजीत यादव ने हत्या के लिए मोनू यादव को सुपारी दी थी। मोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जमीन को लेकर विवाद वर्ष 2015 से चल रहा था और इंद्रजीत के मोबाइल से मिले व्हाट्सऐप चैट की भी जांच की जा रही है।
सिर पर जैक से किए गए कई वार, नहर किनारे मिला शव
पुलिस को आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कानपुर के गुजैनी क्षेत्र में नहर के किनारे शव मिला। घटनास्थल के पास खून लगा ट्रक जैक भी बरामद किया गया, जिसे पुलिस हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार मानकर जांच कर रही है।
पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारी के अनुसार, गयादीन के सिर पर करीब 15 चोटें थीं। सिर की हड्डियां बुरी तरह टूट गई थीं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हुई। शव मिलने के बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
कार बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़, दो आरोपी घायल
पुलिस आरोपियों को अपहरण में इस्तेमाल कार बरामद कराने के लिए कालपी के जंगल क्षेत्र में ले गई थी। पुलिस के मुताबिक, वहां पहले से छिपाए गए हथियारों से आरोपियों ने फायरिंग की और भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में आशीष विश्वकर्मा और सर्वेश शुक्ला के पैर में गोली लगी। तीसरे आरोपी केशव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी कानपुर के रहने वाले हैं। इसके बाद कथित साजिशकर्ता इंद्रजीत यादव को भी गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी मोनू यादव की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
छह थानों की पुलिस को चकमा देकर 70 किमी दूर फेंका शव
इस हत्याकांड में आरोपियों ने जालौन से कानपुर तक का रास्ता तय किया और शव को करीब 70 किलोमीटर दूर नहर में फेंक दिया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंची। जांच में अपहरण के लिए इस्तेमाल कार और हत्या में प्रयुक्त जैक की बरामदगी भी अहम कड़ी मानी जा रही है।
चौथी बार बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे गयादीन
गयादीन अहिरवार कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर चौथी बार चुने गए थे। वह वरिष्ठ अधिवक्ता थे और लंबे समय से वकालत कर रहे थे। उनकी हत्या की खबर से कालपी के अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में शोक है।
जालौन के एसपी सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, बेटे की तहरीर पर पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। शव बरामद होने के बाद मामले में हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं। मामले की जांच सीओ राजेश कमल को सौंपी गई है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
नोएडा एनकाउंटर: 50 हजार का इनामी अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी मारा गया, दो पुलिसकर्मी घायल

नोएडा: नोएडा पुलिस ने 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश अमन त्यागी उर्फ माया त्यागी को मुठभेड़ में मार गिराया। शनिवार शाम सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गए। अमन को घायल अवस्था में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-126 थाना पुलिस और क्राइम रिस्पॉन्स टीम (CRT) की संयुक्त टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया। आरोप है कि उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अमन को गोली लगी। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, खोखा कारतूस और बाइक बरामद की है। घटनास्थल का निरीक्षण फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम ने किया।
2019 में भी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था
पुलिस के अनुसार, अमन त्यागी मुजफ्फरनगर जिले के छपार गांव का रहने वाला था। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत 20 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
अमन की पुलिस से यह पहली मुठभेड़ नहीं थी। वर्ष 2019 में थाना फेज-2 पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों में पुलिस के निशाने पर आया।
बादलपुर में फायरिंग के मामले में था वांछित
पुलिस के मुताबिक, अमन त्यागी थाना बादलपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 306/2026 में वांछित था। आरोप है कि उसने कुछ दिन पहले बादलपुर क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर अपने साथियों के साथ फायरिंग की थी। इस मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस को उसकी तलाश थी और गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
रणदीप भाटी गैंग से जुड़ा होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, अमन त्यागी का संबंध रणदीप भाटी गैंग से था। वह कथित तौर पर गैंग के लिए शूटर के रूप में काम करता था। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क और साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उस पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में हुई कुछ हत्याओं में भी उसकी भूमिका की जांच की गई थी। इन मामलों में उसकी कथित भूमिका को पुलिस के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दो पुलिसकर्मी घायल, जांच जारी
मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौके से हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब अमन के साथियों, उसके नेटवर्क और दर्ज मुकदमों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
ख़बर उत्तरप्रदेश
वाराणसी से दिल्ली के लिए देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू, 9 घंटे में पूरा होगा सफर

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन से काशी और दिल्ली के बीच रातभर का सफर करीब 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में रुकेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है।
रेलवे के अनुसार, वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है और इसमें कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इसकी यात्री क्षमता 823 है।
16 कोच में तीन श्रेणियों की सुविधा
वंदे भारत स्लीपर में यात्रियों के लिए तीन श्रेणियों की व्यवस्था की गई है। इसमें फर्स्ट एसी का एक, सेकेंड एसी के चार और थर्ड एसी के 11 कोच हैं। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के लिए बर्थ उपलब्ध होंगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ट्रेन में यात्रियों के साथ लोको पायलट और अन्य क्रू सदस्यों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। क्रू के लिए अलग केबिन और टॉयलेट की व्यवस्था की गई है।
हरी झंडी दिखाने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री ने ट्रेन का निरीक्षण किया और लोको पायलट से बातचीत की। इस दौरान रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को ट्रेन की सुविधाओं और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी।
पहले 13-14 घंटे लगते थे, अब करीब 9 घंटे में सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में 13 से 14 घंटे तक लगते थे। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह यात्रा करीब 8 से 9 घंटे में पूरी हो सकेगी। रात में यात्रा कर सुबह दिल्ली पहुंचने की सुविधा यात्रियों के लिए उपयोगी होगी।
रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नई सेवा मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में करीब 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में करीब 35 मिनट की बचत करेगी।
दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन का प्रस्तावित सफर साढ़े तीन घंटे में
कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को प्रधानमंत्री की मंजूरी मिलने की जानकारी दी। प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ेगा। इसके बाद यह वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा।
रेल मंत्री के मुताबिक, कॉरिडोर तैयार होने के बाद दिल्ली से वाराणसी की यात्रा करीब 3 घंटे 33 मिनट में पूरी हो सकेगी। दिल्ली से आगरा का सफर लगभग एक घंटे में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
दो मेमू ट्रेनों को भी दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से राजातालाब और बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। इन सेवाओं का उद्देश्य वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।
जनवरी में शुरू हुई थी पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी कॉरिडोर पर शुरू की गई थी। वाराणसी-दिल्ली मार्ग पर दूसरी स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन से उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात के रेल सफर के लिए एक और आधुनिक विकल्प उपलब्ध होगा।
ख़बर उत्तरप्रदेश
प्रयागराज: जमीन के नीचे छिपी करोड़ों की नकदी का मामला, रडार से तलाश, पुणे तक पहुंची जांच

प्रयागराज: बरईपुर गांव में जमीन के नीचे दबाकर रखी गई करोड़ों रुपये की नकदी का मामला अब और गहराता जा रहा है। नोटों से भरे तीन नीले ड्रम मिलने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि करोड़ों की रकम कहां से आई और इसे जमीन में क्यों छिपाया गया था। तलाशी अभियान के लिए तीन टीमें मौके पर पहुंची हैं। जमीन के भीतर छिपी नकदी का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) की मदद ली जा रही है। पुलिस ने घर के परिसर में खुदाई भी शुरू कराई है। जांच में पुलिस के साथ आयकर विभाग और बैंक अधिकारियों की टीमें भी शामिल हैं।
पुलिस की एक टीम को जांच के सिलसिले में पुणे भेजा गया है। अधिकारियों का फोकस नकदी के स्रोत, उसे प्रयागराज लाने के रास्ते और इससे जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है।
पुणे में काम करने के दौरान जुटाई गई रकम की आशंका
जांच में यह बात सामने आने की जानकारी दी जा रही है कि राजेश और राकेश यादव कई साल तक पुणे में एक सर्राफा कारोबारी के यहां काम करते थे। कोविड महामारी के दौरान दोनों प्रयागराज लौट आए थे। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बरामद नकदी का संबंध पुणे में उनके कामकाज से है। इसी कड़ी में पुलिस की एक टीम पुणे भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, नकदी पुणे से लाई गई थी या इसका संबंध किसी कारोबारी अथवा आपराधिक गतिविधि से है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और आयकर विभाग रकम के स्रोत तथा उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे हैं।
दूसरे ठिकानों पर भी छिपी हो सकती है नकदी
जांच एजेंसियों को आशंका है कि तीन ड्रमों में मिली रकम के अलावा घर, बाग, खाली जमीन या परिवार की अन्य संपत्तियों में भी नकदी छिपाई गई हो सकती है। इसी संभावना को देखते हुए परिसर की दोबारा तलाशी और जमीन के भीतर जांच की जा रही है।
पुलिस ने बिजली कटवाकर की थी छापेमारी
बरईपुर रामनगर गांव में बुधवार शाम पुलिस ने राकेश यादव उर्फ महाकाल के पुश्तैनी मकान पर कार्रवाई की थी। बताया गया कि पुलिस को घर में चोरी के रुपये जमीन के नीचे छिपाकर रखने की सूचना मिली थी। इसके बाद डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम शाम करीब छह बजे गांव पहुंची। तलाशी अभियान से पहले गांव की बिजली कटवाई गई और फिर मकान की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। कार्रवाई में एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला सिंह भी मौजूद थीं।
जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि इतनी बड़ी नकदी किसकी है और इसे जमीन के नीचे छिपाने की वजह क्या थी। फिलहाल बरामद रकम की अंतिम आधिकारिक गिनती और उसके स्रोत की पुष्टि का इंतजार है।
ख़बर देश8 hours agoदिल्ली में प्रदूषण से हालात बिगड़े, GRAP-3 लागू; MP में बढ़ी ठंड, राजस्थान के भिवाड़ी में AQI 300 पार
ख़बर बिहार23 hours agoपटना: पुलिस मुठभेड़ में 3 बदमाश ढेर, SHO घायल; परिजनों ने उठाए सवाल
ख़बर देश11 hours agoCBSE Date Sheet 2027: 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 16 फरवरी से, 101 दिन पहले जारी हुई डेटशीट
ख़बर छत्तीसगढ़27 minutes agoDiwali 2026: CM विष्णु देव साय ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, बोले- हर घर में आए सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रकाश
ख़बर दुनिया3 hours agoट्रम्प ने व्हाइट हाउस में मनाई दिवाली, ओवल ऑफिस में जलाया दीया; तोहफे में मिली हनुमान चालीसा



















