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MP News: इंदौर में मौत बनकर आया बेकाबू ट्रक, कई लोगों को रौंदा, 3 की मौत, 4 गंभीर

Indore: इंदौर के एयरपोर्ट रोड स्थित शिक्षक नगर में सोमवार शाम एक बेकाबू ट्रक ने कई लोगों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने 5 से 7 लोगों के मरने की आशंका जताई है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि ट्रक की चपेट में करीब 17 लोग आए। ट्रक का नंबर MP09 ZP 4069 है और ट्रक खाली था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक चालक नशे में था और हादसे के बाद भी बात करने की स्थिति में नहीं था। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है।
हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीमों ने घायलों को गीतांजली, बांठिया, अरबिंदो और भंडारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में 4 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक की टक्कर के बाद उसमें एक बाइक फंस गई थी। ट्रक लगातार बाइक को रगड़ते हुए चल रहा था, जिससे उसमें ब्लास्ट हो गया और ट्रक में आग लग गई।
बताया जा रहा है कि शाम के समय शहर में ट्रकों की एंट्री बैन रहती है। ऐसे में ये ट्रक नो एंट्री में घुसा। जिसने सवा किलोमीटर के रास्ते में लोगों और कई गाड़ियों को टक्कर मारी। लोगों ने बताया कि 30 से ज्यादा लोगों को ट्रक ने टक्कर मारी। कालानी नगर पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की थी, लेकिन ट्रक चालक वहां से गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर भाग निकला।
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उमरिया: बांधवगढ़ में बाघ के हमले से चरवाहे की मौत, जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव

उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक चरवाहे की संदिग्ध बाघ हमले में मौत हो गई। बुधवार को मवेशी चराने जंगल गए 65 वर्षीय राजेन्द्र यादव का शव देर रात जंगल में मिला। उनके पैर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर बाघ के हमले की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद होगी।
जमुनिया के जंगल में मिला शव
जानकारी के अनुसार, जमुनिया निवासी राजेन्द्र यादव बुधवार को रोजाना की तरह अपने मवेशियों को चराने जंगल गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। इसके बाद उन्होंने जंगल में उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान राजेन्द्र का शव जंगल में मिला। उनके पैर में गंभीर चोट थी और शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
पनपथा बफर क्षेत्र में हुई घटना
यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र के छतवा क्षेत्र अंतर्गत जमुनिया के जंगल की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्र संचालक सहित वन विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। आसपास के जंगल में निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
आसपास के गांवों में दहशत
घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल है। वन विभाग की टीम मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। बाघ के हमले की आशंका को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई है।
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MP IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने दिया इस्तीफा, चार दिन पहले ही सागर SP पद से हटाए गए थे

भोपाल: मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। वे हाल ही में सागर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे। 27 अक्टूबर को राज्य सरकार ने उनका तबादला करते हुए उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर पदस्थ किया था। अब सोमवार को उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे में उन्होंने नौकरी छोड़ने की वजह व्यक्तिगत बताई है।
सुजानिया के इस्तीफे की खबर के बाद राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय में हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में पुलिस विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
चार दिन पहले सागर SP पद से हटाकर PHQ भेजे गए थे
राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर को चार IPS अधिकारियों के तबादले किए थे। इस आदेश में अनुराग सुजानिया को सागर SP के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में AIG बनाया गया था। उनकी जगह 2016 बैच के IPS अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को सागर का नया SP नियुक्त किया गया। यह फेरबदल सागर और देवास में अवैध शराब से जुड़ी घटनाओं के बाद हुआ था।
छह महीने पहले मिली थी सागर जिले की कमान
अनुराग सुजानिया 2014 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। सागर SP बनने से पहले वे भोपाल पुलिस मुख्यालय में AIG के पद पर कार्यरत थे। करीब छह महीने पहले उन्हें सागर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अपने कार्यकाल में वे करैरा में SDOP के अलावा मंदसौर और मुरैना में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। भारतीय पुलिस सेवा की सिविल लिस्ट में भी उनका बैच और राजस्थान कैडर का विवरण दर्ज है।
इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत बताई
सुजानिया ने सोमवार को सौंपे इस्तीफे में नौकरी छोड़ने की वजह व्यक्तिगत बताई है। फिलहाल इस्तीफे पर राज्य सरकार की ओर से औपचारिक स्वीकृति या आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री की पुलिस मुख्यालय में प्रस्तावित बैठक को भी इस घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैठक का एजेंडा और इस्तीफे से उसका कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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भोपाल के रिटायर्ड IAS हत्याकांड का आरोपी आगरा से गिरफ्तार, शॉर्ट एनकाउंटर में पैर में लगी गोली

भोपाल: रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार चल रहे केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मथुरा रोड पर हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल वरुण को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए भोपाल पुलिस ने आगरा में चार दिन तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। टीम के सदस्य सब्जी बेचने वाले और रिक्शा चालक के भेष में उसकी तलाश कर रहे थे। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ने की कार्रवाई की।
रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार, झुग्गी बस्तियों में पुलिस की लगातार आवाजाही से लोगों को शक होने लगा था। इसके बाद टीम ने पहचान छिपाकर निगरानी की। दिल्ली और मथुरा में भी पुलिस की टीमें तैनात थीं। आखिरकार वरुण को आगरा के मथुरा रोड से पकड़ लिया गया।
ग्वालियर से आगरा, मथुरा और फिर कई शहरों में बदलता रहा ठिकाना
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद वरुण लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। वह किसी एक जगह पर एक-दो दिन से ज्यादा नहीं रुकता था। ग्वालियर से आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली पहुंचा। इसके बाद हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली तक गया। इस दौरान उसने बस, ट्रेन और ट्रकों से सफर किया। उसके पास रहने का कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। पुलिस का कहना है कि वह कबाड़ और प्लास्टिक की बोतलें बीनकर बेचता था और रात फुटपाथ पर गुजारता था। अब जांच की जा रही है कि फरारी के दौरान किसी व्यक्ति ने उसे मदद या पनाह तो नहीं दी।
पूछताछ में बोला- राकेश अग्रवाल के डांटने से था नाराज
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में वरुण ने बताया कि राकेश अग्रवाल अक्सर उसे डांटते और उस पर चिल्लाते थे। इसी बात से वह नाराज था। आरोपी ने घर में LPG सिलेंडर का पाइप खुला छोड़ने की बात भी गुस्से में ऐसा करने के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार, उसने यह भी कहा कि उसे इस घटना से लोकप्रियता मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, पुलिस अभी आरोपी के बयान की जांच कर रही है। हत्या के पीछे की पूरी वजह और घर से गायब सामान की जानकारी पूछताछ के बाद स्पष्ट होगी।
गिरफ्तारी के समय मोबाइल नहीं मिला
पुलिस के मुताबिक, वरुण की गिरफ्तारी के समय उसके पास मोबाइल फोन या कोई अन्य सामान नहीं मिला। फरारी के दौरान वह लगातार जगह बदल रहा था और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग शहरों में छिपता रहा। पुलिस ने केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी और उसके सत्यापन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की है। शुरुआती जांच में एजेंसी की कोई ठोस आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान किसी ने आरोपी को आर्थिक या अन्य मदद तो नहीं दी।
30 सितंबर की रात घर में हुई थी रिटायर्ड IAS की हत्या
30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित घर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। अगली सुबह उनकी पत्नी निशी अग्रवाल ने कमरे में उनका शव देखा। शुरुआती जांच में घर की अलमारियों का सामान बिखरा मिला था और किचन में LPG सिलेंडर का पाइप खुला हुआ था।
पुलिस को आशंका थी कि हत्या के बाद घर में गैस रिसाव और आग के जरिए सबूत मिटाने की कोशिश की गई। वारदात के बाद से ही घर में केयरटेकर के तौर पर काम करने वाला वरुण फरार था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने कई राज्यों में तलाश की और CCTV फुटेज सहित तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली।
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देवास में शराब तस्करी के ट्रक ने खातेगांव TI दिलीप पुरी को कुचला, इलाज के दौरान मौत

देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान दर्दनाक घटना हुई। शराब से भरे ट्रक ने खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी को कुचल दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक CPR और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे इंदौर-बैतूल हाईवे पर हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके से अवैध शराब से भरा ट्रक गुजर रहा है। इसके बाद TI दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नेमावर पुलिस भी इसी ट्रक का पीछा कर रही थी।
पुलिस टीम को ट्रक डिवाइडर के किनारे खड़ा मिला। TI पुरी ने ड्राइवर को नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन उसने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। इसी दौरान ट्रक का पिछला पहिया TI पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक लेकर फरार हो गया।
मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को SI पद देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने TI दिलीप पुरी की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने उनकी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सब इंस्पेक्टर (SI) पद देने और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा है कि घटना के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
ट्रक संदलपुर में छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर, SIT गठित
घटना के बाद ड्राइवर ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर दूसरी ओर ले गया और संदलपुर में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर संदलपुर थाने में खड़ा कराया है। देवास एसपी आदित्य मिश्रा सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रक में गुप्त कंपार्टमेंट में रखी थी शराब, 1,800 लीटर से ज्यादा बरामद
आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत के मुताबिक, ट्रक की तलाशी में शराब के बॉक्स एक गुप्त कंपार्टमेंट में रखे मिले। वाहन में शराब परिवहन का वैध परमिट भी नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, ट्रक से 1,800 लीटर से अधिक शराब बरामद हुई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
शराब कारोबारी केरम सिंह की गिरफ्तारी, तस्करी नेटवर्क की जांच
पुलिस ने शराब कारोबारी केरम सिंह को आलीराजपुर जिले के बेहड़वा से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि ट्रक में रखी शराब केरम सिंह की थी। पुलिस उससे पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क और शराब के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। वहीं, ट्रक चालक की तलाश के लिए पुलिस की टीमें आलीराजपुर, झाबुआ और गुजरात में दबिश दे रही हैं। शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
तिरंगे में लपेटकर दी गई अंतिम विदाई, गार्ड ऑफ ऑनर
पोस्टमॉर्टम के बाद TI दिलीप पुरी के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया। पुलिस की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव धार जिले के बरमंडल ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाना है। दिलीप पुरी के परिवार में पत्नी कविता, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी किसान होने के साथ कांग्रेस से जुड़े नेता बताए गए हैं।
शराब ठेकेदार के कर्मचारियों से पूछताछ, टिमरनी की दुकान सील
मामले की जांच के दौरान हरदा जिले की टिमरनी तहसील के शराब ठेकेदार राहुल जायसवाल से जुड़े कुछ कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। आबकारी अधिकारी सुनील भोजने के मुताबिक, टिमरनी की संबंधित शराब दुकान को फिलहाल सील कर दिया गया है। हालांकि, ठेकेदार या उसके कर्मचारियों की भूमिका अभी जांच का विषय है। पुलिस शराब की सप्लाई चेन, वाहन के मालिक और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
कमलनाथ ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने TI दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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उज्जैन के होटल में चैंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत, बचाव के लिए उतरे दो अन्य की तबीयत बिगड़ी

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शनिवार रात चैंबर में सफाई के लिए उतरे चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। उन्हें बचाने के लिए चैंबर में उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी में चैंबर के भीतर जहरीली गैस की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।
घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, सफाई के दौरान एक के बाद एक चार लोग चैंबर के भीतर फंस गए। सूचना मिलने पर माधव नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।
कटर मशीन से काटना पड़ा चैंबर का गेट
चैंबर का गेट खोलने में परेशानी होने पर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने पास में चल रहे निर्माण कार्य से कटर मशीन मंगवाई। इसकी मदद से गेट काटकर बचाव अभियान चलाया गया। चैंबर के फर्श पर काफी फिसलन होने के कारण रेस्क्यू टीम को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
पांचवां सफाईकर्मी भी चैंबर में गया, घबराहट होने पर लौटा
चार लोगों के अंदर फंसने के बाद हेमराज नाम का पांचवां सफाईकर्मी भी चैंबर में गया था। उसे घबराहट और बेहोशी महसूस होने लगी, जिसके बाद वह बाहर आ गया। वहीं, अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए चैंबर में उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर भी घायल हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी प्रदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू टीम को जरूरी निर्देश दिए।
मृतकों में कमलेश, नितिन और मनोज की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कमलेश तंबोली, नितिन, मनोज मीणा और वाहिद के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं। चैंबर में गैस बनने की वजह और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने 4-4 लाख रुपए की सहायता के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि चैंबर की सफाई के दौरान चार लोगों की मौत का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए राज्य शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
होटल संचालक की ओर से 30-30 लाख रुपए देने की बात
हादसे के बाद सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि होटल संचालक की ओर से मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। पुलिस और प्रशासन की जांच में अब यह स्पष्ट किया जाएगा कि चैंबर के भीतर जहरीली गैस कैसे बनी, सफाई के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।






















