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MP News: विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वाटर रीचार्ज परियोजना होगी “ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज”, एमपी और महाराष्ट्र के बीच शीघ्र होगा करार

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं केक्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा। अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों की संयुक्त परियोजना के रूप में प्रस्तावित है। इस योजना से मध्यप्रदेश के 1,23,082 हेक्टेयर क्षेत्र में एवं महाराष्ट्र के 2,34,706 सेक्टर में सिंचाई प्रस्तावित है. योजना में भूजल भंडारण का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के बुरहानपुर एवं खंडवा जिलों की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा तहसीलें लाभान्वित होंगी.
इस योजना के अंतर्गत पूर्व में पारंपरिक भंडारण हेतु 66 टीएमसी क्षमता का जल भराव बाँध प्रस्तावित किया गया था, जिससे 17 हज़ार हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रभावित हो रही थी, जिसमें वन भूमि एवं बाघ अभ्यारण की भूमि भी शामिल थी। इसके अलावा 73 गांव की लगभग 14 हजार जनसंख्या भी प्रभावित हो रही थी। अब इस अवरोध को दूर करते हुए पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भूजल पुनर्भरण योजना द्वारा जल भंडारण प्रस्तावित किया गया है।
ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से चार जल संरचनाएं प्रस्तावित हैं
खरिया गुटीघाट बांध स्थल पर लो डायवर्सन वियर :- यह वियर दोनों राज्यों की सीमा पर मध्य प्रदेश की खंडवा जिले की खालवा तहसील एवं महाराष्ट्र की अमरावती तहसील में प्रस्तावित है. इसकी जल भराव क्षमता 8.31 टीएमसी प्रस्तावित है।
दाई तट नहर प्रथम चरण :- प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर क़े दाएं तट से 221 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है, जो मध्य प्रदेश में 110 किलोमीटर बनेगी. इस नहर से मध्य प्रदेश के 55 हज़ार 89 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
बाईं तट नहर प्रथम चरण :- प्रस्तावित खरिया गुटीघाट वियर के बाएं तट से 135.64 किलोमीटर लंबी नहर प्रस्तावित है जो मध्यप्रदेश में 100.42 किलोमीटर बनेगी। इस नहर से मध्यप्रदेश के 44 हज़ार 993 हेक्टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है।
बाईं तट नहर द्वितीय चरण :- यह नहर बाईं तट नहर प्रथम चरण के आर डी 90.89 कि मी से 14 किलोमीटर लम्बी टनल के माध्यम से प्रवाहित होगी. इसकी लंबाई 123.97 किलोमीटर होगी, जिससे केवल महाराष्ट्र के 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है1
कन्हान उप कछार में प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्प्लेक्स बहुउद्देशीय परियोजना
- योजना की प्रशासकीय स्वीकृति राशि रुपए 5470.95 करोड़ की वर्ष 2019 में जारी की गई।
- इसके अंतर्गत संगम एक, संगम दो, रामघाट एवं पांढुर्णा बांध का निर्माण कार्य होगा।
- इसका सिंचाई क्षेत्र एक लाख 90 हजार 500 हेक्टेयर होगा।
- लाभान्वित विकासखंड में जुन्नारदेव, उमरेठ, छिंदवाड़ा, मोहखेड, पांढुर्णा, सोंसर एवं बिछुआ शामिल है।
- औद्योगिक क्षेत्र के लिए 20 मिलियन घन मीटर जल आरक्षित होगा।
- जल विद्युत उत्पादन 30 मेगावाट होगा।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी, कई जिलों में तापमान 38°C तक पहुंचने का अनुमान

Bhopal: मध्यप्रदेश में अब गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत और उससे लगे मध्य भारत के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे दिन के समय गर्मी महसूस होने लगेगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश सहित मध्य भारत के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस साल गर्मी का मौसम अपेक्षाकृत जल्दी सक्रिय हो सकता है।
बारिश की कमी से बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष देश में शीतकालीन वर्षा सामान्य से काफी कम रही है। मध्य भारत क्षेत्र में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश कम होने के कारण जमीन में नमी घट जाती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा रहेगा असर
आईएमडी के अनुसार प्रदेश के मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर जैसे जिलों में दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
अप्रैल में लू चलने की आशंका
मौसम विभाग का कहना है कि यदि मार्च के अंत तक मौसम शुष्क बना रहता है और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होते, तो अप्रैल में प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।
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MP News: त्योहारों से पहले हाईअलर्ट, भोपाल कंट्रोल रूम से सीएम की सख्त चेतावनी, ‘कानून-व्यवस्था पर कोई समझौता नहीं’

Bhopal: होली और रमजान सहित आगामी त्योहारों को लेकर मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट कहा कि शांति और सौहार्द से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के एसपी बैठक से जुड़े। त्योहारों से पहले हुई इस बैठक के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है। सरकार का साफ संदेश है- शांति, सुरक्षा और सौहार्द से कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और इसे हर हाल में बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
होली इस बार दो दिन मनाई जा रही है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है। अतिरिक्त भीड़ और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, अफवाहों और भड़काऊ गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जुलूसों, शोभायात्राओं और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। जिला स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग हो और किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बैठक में पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana और पुलिस आयुक्त Sanjay Kumar सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सचिवालय और पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भी तैयारियों की समीक्षा की। विदेश में फंसे प्रदेशवासियों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र स्तर पर समन्वय जारी है और प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। राज्य सरकार भी लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता दी जाएगी।
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MP News: मध्यप्रदेश में SIR के बाद 34.25 लाख नाम हटे, अब 5.39 करोड़ मतदाता, गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा असर

MP SIR Update: मध्यप्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट प्रकाशन में यह घटकर 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 रह गई। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में सबसे ज्यादा नाम कटे
राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। यह क्षेत्र मंत्री Krishna Gaur का विधानसभा क्षेत्र है। इसके उलट भोपाल का हुजूर विधानसभा क्षेत्र अब मतदाता संख्या के मामले में गोविंदपुरा से आगे निकल गया है।
इंदौर-5 सबसे बड़ा, कोतमा सबसे छोटा
Indore की इंदौर-5 विधानसभा प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है। यहां 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं मंत्री Dilip Jaiswal का कोतमा विधानसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला क्षेत्र है, जहां 1 लाख 39 हजार 559 वोटर हैं।
नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया जारी
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। सुधार या स्थानांतरण के लिए संबंधित फॉर्म जमा करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर भी आवेदन कर सकते हैं।
SIR क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं। डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है, नाम और पते की त्रुटियों को सुधारा जाता है और BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 वर्षों से व्यापक पुनरीक्षण नहीं हुआ था। इस दौरान माइग्रेशन, डुप्लीकेट नाम और अन्य विसंगतियों को दूर करना आवश्यक हो गया था।
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MP Weather: MP में मौसम फिर पलटा: फरवरी में तीसरी बार बारिश, दिन का पारा गिरा; 23-24 को फिर बरसात के आसार

MP Weather: मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से असामान्य साबित हो रहा है। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले, आंधी और बारिश का दौर पड़ चुका है। इससे रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ था और सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से प्रदेश एक बार फिर भीग गया। 19 फरवरी को भी सिस्टम का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 23 और 24 फरवरी को चौथी बार बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अगले सप्ताह फिर मौसम करवट ले सकता है।
दिन में ठंडक, रात में राहत
बारिश और सर्द हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को कई शहरों में ठंडी हवा चली, जिससे लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े। हालांकि, रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के पांच बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। खजुराहो और कल्याणपुर में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि अन्य शहरों में तापमान इससे ज्यादा रहा।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं, दिन में धूप खिलने की संभावना।
22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कहीं भी बारिश की चेतावनी नहीं।
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MP Budget 2026-27: ₹4.38 लाख करोड़ का GYANII बजट, किसानों- महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

Bhopal: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 18 फरवरी को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹4,38,317 करोड़ का बजट पेश किया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में इसे राज्य का पहला रोलिंग बजट बताया और कहा कि यह विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप है। सरकार ने स्पष्ट किया कि लगातार तीसरी बार कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी सामाजिक योजना को बंद नहीं किया जा रहा, बल्कि उनमें पर्याप्त निवेश किया जा रहा है।
बजट की आधार थीम: GYANII मॉडल
प्रधानमंत्री के ‘GYAN’ मंत्र को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने इसमें एक अतिरिक्त ‘I’ जोड़कर इसे GYANII मॉडल नाम दिया है।
G-गरीब
Y- युवा
A-अन्नदाता,
N-नारी शक्ति
I-इंफ्रास्ट्रक्चर
I- इंडस्ट्री
इन प्राथमिकताओं के लिए बजट का बड़ा हिस्सा केंद्रित किया गया है।
महिलाओं और पोषण पर बड़ा प्रावधान
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना: ₹23,882 करोड़
- महिला एवं बाल विकास विभाग: ₹32,730 करोड़
- ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8वीं तक टेट्रा पैक दूध
- स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने के लिए 5 वर्षों में ₹6,600 करोड़
किसान कल्याण वर्ष: कृषि पर रिकॉर्ड प्रबंधन
सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत ₹1,15,013 करोड़ के प्रावधान का प्रबंधन किया है। इसके अलावा 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की योजना भी बजट में शामिल है।
- किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग: ₹31,758 करोड़
- पशुपालन एवं डेयरी: ₹2,365 करोड़
- सहकारिता विभाग: ₹1,679 करोड़
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण: ₹772 करोड़
- मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास: ₹413 करोड़
- खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण: ₹1,863 करोड़
इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक आयोजन
- जर्जर पुल-पुलियाओं की मरम्मत: ₹900 करोड़
- सड़कों के उन्नयन और मरम्मत के लिए अलग से प्रावधान
- वीबी-जी-राम-जी मद में ₹28,000 करोड़
- सिंहस्थ 2028 के लिए ₹3,060 करोड़
शिक्षा, युवा और प्रशासन
- 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान
- स्कूल शिक्षा विभाग: ₹36,730 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग: ₹4,247 करोड़
- खेल एवं युवा कल्याण: ₹715 करोड़
प्रशासनिक मजबूती के लिए
- गृह विभाग: ₹13,411 करोड़
- राजस्व विभाग: ₹13,876 करोड़
- विधि एवं विधायी कार्य: ₹3,829 करोड़
- सामान्य प्रशासन: ₹1,172 करोड़
- जेल विभाग: ₹895 करोड़
- संसदीय कार्य विभाग: ₹153 करोड़
पर्यावरण और विशेष प्रावधान
- पर्यावरण विभाग: ₹31 करोड़ (वन्य प्राणी संरक्षण सहित)
- भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास: ₹175 करोड़
क्या है नया और महत्वपूर्ण?
- पहला रोलिंग बजट मॉडल, जिससे दीर्घकालिक परियोजनाओं की निरंतर फंडिंग सुनिश्चित होगी।
- 2047 तक समृद्ध मध्य प्रदेश का लक्ष्य।
- सामाजिक योजनाओं में कटौती नहीं, बल्कि विस्तार की नीति।
- कृषि, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को समान प्राथमिकता।














