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MP Cabinet: प्रदेश में तबादलों पर बैन हटाने का फैसला अगले सोमवार, कैबिनेट में आएगी नई ट्रांसफर पॉलिसी

Bhopal: मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों पर लगे बैन को हटाने को लेकर बड़ा फैसला अगले सोमवार को हो सकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग को अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति का प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में अनौपचारिक चर्चा के दौरान ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर मंत्रियों ने कई सुझाव दिए।
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि नई तबादला नीति में स्वैच्छिक आधार पर होने वाले तबादलों की कोई सीमा तय नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी या अधिकारी स्वयं तबादला चाहते हैं, उन्हें आसानी से अनुमति मिलनी चाहिए। कई मंत्रियों ने इस सुझाव का समर्थन भी किया। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस विषय पर विचार किया जाएगा।
मंत्रियों ने पहले भी जताई थी नाराजगी
पिछली कैबिनेट बैठक में भी ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर चर्चा हुई थी। मंत्रियों का कहना था कि प्रशासनिक और स्वैच्छिक तबादलों को एक साथ जोड़ने से कोटा तय हो जाता है, जिससे विधायकों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी बढ़ती है।
PM मोदी की अपील पर अमल करने की सलाह
कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि लोग एक साल तक सोने की खरीद टालें, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें। विदेश यात्राओं से बचने की भी सलाह दी गई है।
राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि बढ़ी
कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा भी बढ़ा दी है। अब राज्यमंत्री एक व्यक्ति को साल में एक बार 25 हजार रुपए तक की सहायता दे सकेंगे। पहले यह सीमा 16 हजार रुपए थी।
डामर की बढ़ी कीमतों पर सरकार का फैसला
वैश्विक संकट के चलते बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के बाद सरकार ने सड़क परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त लागत मंजूर करने का फैसला किया है। 10 करोड़ रुपए तक की सड़क परियोजनाओं में बढ़ी हुई लागत का अंतर सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश में बारिश से पहले सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
29,540 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों की कुल 29,540 करोड़ रुपए की योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इनमें लोक निर्माण, जल संसाधन, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और विधि विभाग की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
बुधनी मेडिकल कॉलेज की लागत बढ़ी
कैबिनेट ने बुधनी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की लागत 714 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 763 करोड़ रुपए हो गई है।
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MP News: भाजपा ने खेला OBC कार्ड, महेश केवट को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया, MP की तीसरी सीट पर मुकाबला दिलचस्प

Bhopal: मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के नेता महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। बुंदेलखंड के निवाड़ी जिले से आने वाले महेश केवट सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके मैदान में उतरने से राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और रोचक हो गया है।
महेश केवट केवट समाज से आते हैं और लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से जुड़े माने जाते हैं। हाल ही में 24 अप्रैल को राज्य सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
निष्कासन से राज्यसभा तक का सफर
महेश केवट का नाम पहले भी राजनीतिक कारणों से चर्चा में रहा है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उन पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगे थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया था।
हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने संगठन के साथ सक्रिय रूप से काम किया और पार्टी नेतृत्व का विश्वास दोबारा हासिल किया। अब राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को उनके राजनीतिक पुनर्वास और बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए महेश केवट पर दांव लगाया है। केवट समाज में उनकी मजबूत पकड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र में सक्रियता को उम्मीदवार चयन का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार तीसरे उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच कई दौर की चर्चा हुई। एसटी, एससी और अति पिछड़े वर्ग से उम्मीदवार उतारने के विकल्पों पर भी विचार किया गया। अंततः महेश केवट के नाम पर सहमति बनी।
मीनाक्षी नटराजन से होगा मुकाबला
राज्यसभा चुनाव में महेश केवट का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से होगा। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है।
भाजपा पहले ही दो सीटों पर रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। तीसरी सीट के लिए अंतिम समय में महेश केवट के नाम की घोषणा ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
क्या कहता है चुनावी गणित?
मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान में 228 विधायक मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होती है।
- भाजपा के विधायक: 164
- कांग्रेस के विधायक: 63
- एक सीट जीतने के लिए जरूरी वोट: 58
गणित के अनुसार भाजपा अपनी दो सीटें आसानी से जीत सकती है। इसके बाद उसके पास करीब 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे लगभग 10 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी। यही वजह है कि इस सीट पर क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं और दोनों दलों की रणनीतियों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। भाजपा को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटी है।
18 जून को होगा मतदान
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते की हैं। नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है, जबकि मतदान 18 जून को होगा। तीसरी सीट पर मुकाबला अब राज्य की राजनीति का सबसे दिलचस्प चुनावी मुकाबला बनता नजर आ रहा है।
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राज्यसभा चुनाव 2026: BJP ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर लगाया दांव

Bhopal: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 11 प्रत्याशियों के नामों को मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश की दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को मतदान होना है। मतदान के बाद उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाने की संभावना है।
BJP ने 11 उम्मीदवारों का किया ऐलान
भाजपा की सूची में गुजरात से 4, मध्य प्रदेश और राजस्थान से 2-2, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर से 1-1 तथा ओडिशा राज्यसभा उपचुनाव के लिए 1 उम्मीदवार को टिकट दिया गया है। मध्य प्रदेश में भाजपा ने संगठन के वरिष्ठ नेता तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल पर भरोसा जताया है।
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को दिया टिकट
वहीं कांग्रेस ने भी 5 राज्यों की 7 राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। मध्य प्रदेश से पार्टी ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। मीनाक्षी नटराजन मंदसौर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।
दिग्विजय सिंह की सीट हो रही खाली
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस में राज्यसभा टिकट को लेकर कई नेताओं की सक्रियता बढ़ गई थी। हालांकि पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद मीनाक्षी नटराजन के नाम पर अंतिम मुहर लगी।
कब होगा नामांकन?
- भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल 6 जून को नामांकन दाखिल करेंगे।
- भाजपा प्रत्याशी तरुण चुग भी 6 जून को नामांकन भरेंगे।
- कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन 8 जून को नामांकन दाखिल करेंगी।
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MP Weather: MP में मानसून से पहले मौसम बदला, 29 जिलों में आंधी-बारिश

Bhopal: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री भले ही 20 जून के बाद होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में जोर पकड़ चुकी हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 29 जिलों में आंधी, बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा बारिश श्योपुर में हुई, जहां करीब पौने 2 इंच पानी गिरा। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। राजधानी भोपाल में भी रातभर बारिश का दौर जारी रहा। गुरुवार सुबह तक कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी होती रही।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंडला में पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में करीब आधा इंच पानी बरसा। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी।
इन जिलों में तेज आंधी-बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक गुना, दमोह, सागर, उमरिया, मलाजखंड, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और मैहर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इसके अलावा बैतूल, हरदा, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, रीवा, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल समेत कई जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई।
भोपाल में ओले भी गिरे
राजधानी भोपाल के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार लगातार सक्रिय हो रही प्री-मानसून गतिविधियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल संकेत मानी जा रही हैं।
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MP News: रक्षाबंधन से पहले शुरू हो सकती है ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, बहनों को बस यात्रा की सुविधा देने की तैयारी

Bhopal: मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले राज्य परिवहन व्यवस्था को नई शुरुआत मिल सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत बस संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि रक्षाबंधन तक बहनों को राज्य परिवहन की बसों में सफर की सुविधा मिल सके।
मंगलवार को विधानसभा में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से इस योजना को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाइयों के घर राज्य परिवहन की बसों से यात्रा कर सकेंगी।
आदिवासी और दूरस्थ इलाकों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी लोगों को आवागमन के लिए लोडिंग वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। सुगम परिवहन सेवा शुरू होने के बाद इन इलाकों में लोगों को सुरक्षित, सुलभ और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल शहरों तक परिवहन सीमित रखना नहीं, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों को भी मजबूत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।
राज्य परिवहन की भूमिका होगी अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य परिवहन आम नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार जहां एक ओर बेहतर और आधुनिक सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को भी मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों से भी जोड़ा जाएगा नेटवर्क
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार की योजना प्रदेश के भीतर मजबूत बस नेटवर्क तैयार करने के साथ अन्य राज्यों से बेहतर संपर्क स्थापित करने की भी है। इससे लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में भी अधिक सुविधा मिलेगी।
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MP Cabinet Decisions: 48 लाख परिवारों को मिलेगा रजिस्ट्री दस्तावेज, 92 लाख छात्रों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म

Bhopal: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 21,485 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें स्वामित्व योजना के तहत लाखों परिवारों को रजिस्ट्रीकृत संपत्ति दस्तावेज उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूलों के छात्रों को तैयार यूनिफॉर्म देने और मेडिकल शिक्षा के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
48 लाख परिवारों को मिलेगा रजिस्ट्रीकृत स्वामित्व दस्तावेज
कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे से चिन्हित निजी संपत्तियों के मालिकों को रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 48.80 लाख निजी और 19 लाख सरकारी संपत्तियों का चिन्हांकन किया गया है। इन दस्तावेजों की रजिस्ट्री में लगने वाला स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। इस पर करीब 3800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
सरकार का दावा है कि इससे लोगों को बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। मध्यप्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।
अब छात्रों को सीधे नहीं मिलेंगे यूनिफॉर्म के पैसे
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा पहली से आठवीं तक के करीब 92 लाख विद्यार्थियों को सिली-सिलाई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का फैसला किया है। अभी तक विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 600 रुपए भेजे जाते थे, लेकिन अब सरकार टेंडर प्रक्रिया के जरिए गणवेश तैयार कराकर छात्रों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म देगी। इसके लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार इस मद में हर साल करीब 300 से 400 करोड़ रुपए खर्च करती है।
भोजशाला में बनेगा सरस्वती लोक
कैबिनेट ने धार स्थित भोजशाला परिसर में प्रस्तावित सरस्वती लोक निर्माण को भी मंजूरी दे दी। यहां भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विषयों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी होगी। सरकार की योजना इसे उज्जैन के महाकाल लोक और अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर की तर्ज पर विकसित करने की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली 17 हजार करोड़ से ज्यादा की सौगात
कैबिनेट ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 17,059 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
- 12 मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों के संचालन के लिए: 14,363.95 करोड़ रुपए
- पीजी सीटों और संसाधनों के विस्तार के लिए: 657 करोड़ रुपए
- एमबीबीएस सीटों में वृद्धि के लिए: 838 करोड़ रुपए
- उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए: 1200 करोड़ रुपए
विधायकों को मिलेगा किराया भत्ता
भोपाल में विधायक विश्राम गृह के पुनर्निर्माण के दौरान प्रभावित 27 विधायकों को निजी आवास किराए पर लेने के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। इससे सरकार पर सालाना करीब 1.29 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
गेहूं खरीदी और UCC पर भी चर्चा
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदी मध्यप्रदेश में हुई है। वहीं समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सुझाव लेने की प्रक्रिया 30 जुलाई तक पूरी करने की बात कही गई।
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