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Iran conflict: ट्रम्प की चीन को कड़ी चेतावनी: ईरान की मदद की तो 50% टैरिफ, होर्मुज पर भी सख्ती

Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह ईरान को सैन्य मदद करता हुआ पाया गया, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगाएगा। एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की मदद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि स्थिति बिगड़ने पर अमेरिका सख्त आर्थिक और सैन्य कदम उठा सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ेगी सैन्य मौजूदगी
ट्रम्प ने बताया कि ब्रिटेन समेत कुछ अन्य देश होर्मुज स्ट्रेट में माइन हटाने वाले नौसैनिक जहाज भेजेंगे। यह कदम क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना जरूरत पड़ने पर स्ट्रेट में नाकाबंदी कर सकती है और उन जहाजों को रोक सकती है जो ईरान को टोल देते हैं।
“अमेरिका पूरी तरह तैयार”
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका “Locked and Loaded” है, यानी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दोहराया कि सही समय आने पर अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- चीन को धमकी: ईरान की मदद पर 50% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी
- होर्मुज पर सख्ती: अमेरिकी नौसेना नाकाबंदी कर सकती है
- मस्जिद विवाद: इजराइली मंत्री के अल अक्सा दौरे पर जॉर्डन का विरोध
- ईरान का दावा: स्ट्रेट पर कंट्रोल, जहाजों से टोल वसूली की बात
- गिरफ्तारी: ईरान में जासूसी के आरोप में 50 लोग पकड़े गए
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Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर अचानक बाढ़-लैंडस्लाइड में अब तक 210 की मौत, 1,500 लापता

Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड से भारी तबाही हुई है। हादसे में अब तक 210 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें नेपाल में 207 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। करीब 1,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में 900 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें 32 देशों के करीब 525 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, लापता लोगों में 300 से ज्यादा भारतीय भी हैं।
खराब मौसम और कई रास्तों के टूट जाने के बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी है। नेपाली सेना ने बुधवार सुबह रसुवा के टिमुरे इलाके से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें 95 नेपाली और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। वहीं, तिब्बत में भी 550 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
लैंडस्लाइड से आया 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका
बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। बाद में USGS ने स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा महसूस हुआ झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था। दरअसल पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। इससे इलाके में तेज बहाव और तबाही की स्थिति बनी। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी नदी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है।
32 देशों के 525 विदेशी पर्यटक भी लापता
नेपाल में लापता लोगों में अलग-अलग देशों के करीब 525 विदेशी पर्यटक शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक होने का दावा किया गया है। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। इसके बावजूद नेपाली सेना और स्थानीय एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
दलाई लामा ने जताया दुख
नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर दलाई लामा ने भी दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के लिए प्रार्थना करते हुए प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाएं जलवायु परिवर्तन या अन्य कारणों से पैदा होने वाली बड़ी समस्याओं का संकेत हो सकती हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है।
NDRF की टीमें स्टैंडबाय पर
नेपाल में तबाही के बाद भारत ने राहत और बचाव के लिए NDRF की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है। NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला के मुताबिक, फिलहाल भारत की कोई NDRF टीम नेपाल नहीं भेजी गई है। नेपाल सरकार की ओर से मदद का अनुरोध आने और भारत सरकार की मंजूरी मिलने पर टीमें तुरंत रवाना की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री लेकर दो विमान भेजे हैं। इनमें जरूरी दवाइयां और अन्य राहत सामग्री शामिल है।
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India Russia Relations: पुतिन बोले- भारत के साथ रूस का कारोबार बढ़ा, जयशंकर से मुलाकात में कहा- इस साल व्यापार में तेजी आई

मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि इस साल रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा है। उन्होंने सोमवार को मॉस्को स्थित क्रेमलिन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान यह बात कही। पुतिन ने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के कारोबार में कुछ कमी आई थी, लेकिन इस साल इसमें फिर बढ़ोतरी हो रही है।
पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को दशकों पुराना और मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और आधुनिक तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग जारी रखे हुए हैं।
जयशंकर ने पुतिन को PM मोदी का संदेश दिया
मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पुतिन के लिए व्यक्तिगत संदेश भी सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी SCO समिट में पुतिन से मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद मोदी भारत में होने वाले BRICS समिट में पुतिन का स्वागत करेंगे। जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं की सालाना बैठक भी आपसी सुविधा के मुताबिक आगे आयोजित की जाएगी।
सितंबर में भारत आ सकते हैं पुतिन
जयशंकर का रूस दौरा ऐसे समय हुआ है, जब पुतिन के 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले दोनों नेताओं की SCO समिट के दौरान भी मुलाकात प्रस्तावित है। पुतिन ने जयशंकर से बातचीत में मोदी से जल्द मिलने की उम्मीद भी जताई।
मंटुरोव से भी मिले जयशंकर
जयशंकर ने सोमवार को रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। दोनों ने भारत-रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर रूस के दो दिवसीय दौरे पर हैं और उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। इस बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
व्यापार और आर्थिक रिश्तों पर जोर
भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग लगातार चर्चा के केंद्र में है। मंटुरोव के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में 8% की बढ़ोतरी हुई है। जयशंकर ने भी कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग काफी महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा है। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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Bangladesh: हिंदू परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत, बंद घर से रिटायर्ड शिक्षक, पत्नी, बेटी और 12 साल के बेटे के शव मिले

Bangladesh: बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्य संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले हैं। मृतकों में रिटायर्ड स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और 12 साल का बेटा शामिल है। चारों के शव शनिवार रात दासपाड़ा इलाके स्थित उनके बंद घर से बरामद किए गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ CID और डिटेक्टिव ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
गुरुवार से बंद थे चारों के फोन
परिजनों के मुताबिक, प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने परिवार से गुरुवार दोपहर आखिरी बार बात की थी। इसके बाद गुरुवार रात से परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद हो गए। शनिवार रात जब परिजन दासपाड़ा स्थित घर पहुंचे तो मुख्य गेट बंद था। घर के अंदर भी सभी लाइटें बंद थीं। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर का ताला तोड़ा और अंदर से चारों के शव बरामद किए।
अलग-अलग जगह मिले शव
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के अधिकारी सुबीर चौधरी के मुताबिक, गणपति चक्रवर्ती का शव छत पर मिला। उनकी पत्नी प्रीतिलता और बेटी आगमी के शव सीढ़ियों के पास मिले। वहीं, 12 साल के बेटे प्रियम का शव बिस्तर के नीचे मिला।परिजनों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि परिवार को किसने और क्यों निशाना बनाया। गणपति की भतीजी सोमा चक्रवर्ती के मुताबिक, उनके चाचा का किसी से विवाद या दुश्मनी नहीं थी।
बेटी ने इसी साल पूरी की थी मास्टर्स की पढ़ाई
मृतकों की पहचान गणपति चक्रवर्ती (65), पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है। गणपति रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक थे और पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथी का काम कर रहे थे।
पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच जांच में जुटी
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी के मुताबिक, पुलिस के अलावा CID और डिटेक्टिव ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चारों की मौत कब और कैसे हुई और इसके पीछे क्या वजह थी। फिलहाल मौत का सही कारण और घटना का पूरा क्रम सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
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Trump Iran sanctions: ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ ‘इकोनॉमिक डी-डे’ का ऐलान किया, मदद करने वाले देशों, बैंकों और कंपनियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी

Trump Iran sanctions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान किया है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने समझौते का मौका गंवा दिया है, इसलिए अब उसे आर्थिक तौर पर दुनिया से अलग-थलग करने की कोशिश की जाएगी।
ट्रम्प ने चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने वाले देशों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके दायरे में बैंक, कंपनियां, एयरपोर्ट और सरकारी संस्थाएं भी आ सकती हैं।
उन्होंने ईरान के तेल तस्करी नेटवर्क को निशाना बनाने के साथ ही कैश ट्रांसफर, करेंसी एक्सचेंज, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और फर्जी कंपनियों के जरिए मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकने की बात कही।
ट्रम्प बोले- ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान
ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के कई सैन्य कारखाने भी तबाह हो चुके हैं। ट्रम्प ने ईरान की आर्थिक स्थिति को लेकर भी दावा किया कि देश की मुद्रा कमजोर हो चुकी है और ईरान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने नई आर्थिक कार्रवाई को ‘इकोनॉमिक डी-डे’ बताया। आसान शब्दों में इसका मतलब है कि अमेरिका अब ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा बड़ा आर्थिक दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है। ट्रम्प ने अन्य देशों से भी ईरान की मदद बंद करने और इस अभियान में अमेरिका का साथ देने की अपील की।
तेल कारोबार और पैसे के लेनदेन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
अमेरिका की नई कार्रवाई का सबसे बड़ा असर ईरान के तेल कारोबार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन पर पड़ सकता है। ईरान की अर्थव्यवस्था में तेल निर्यात की अहम भूमिका है। अगर दूसरे देश, बैंक और कंपनियां अमेरिकी कार्रवाई या प्रतिबंधों के डर से ईरान के साथ कारोबार कम करती हैं, तो उसके लिए तेल बेचना और विदेशों से भुगतान हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
तेल तस्करी और फर्जी कंपनियों पर भी शिकंजा
ट्रम्प प्रशासन ने ईरान के उन नेटवर्क पर कार्रवाई की बात कही है, जिनके जरिए कथित तौर पर तेल की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन किया जाता है। फर्जी कंपनियों, जहाजों के रजिस्ट्रेशन और वैकल्पिक वित्तीय माध्यमों पर सख्ती बढ़ने से ईरान के लिए प्रतिबंधों से बचकर कारोबार करना मुश्किल हो सकता है। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश करेगा।
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Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 5 लोगों की मौत, इमारतें गिरीं

Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। तेज झटकों के बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों व इमारतों से बाहर निकल आए। अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक उस समय सो रहे थे, जब भूकंप के तेज झटकों से इमारतों का मलबा उनके ऊपर गिर गया।
भूकंप के बाद लगातार आए आफ्टरशॉक
मुख्य भूकंप के बाद इलाके में कई तेज आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए। इनमें 6.1, 5.9 और 5.6 तीव्रता के झटके शामिल हैं। लगातार झटकों के कारण लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शुरुआत में कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि, कुछ घंटे बाद इसे वापस ले लिया गया। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
वीडियो में दिखीं क्षतिग्रस्त इमारतें
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में इमारतों को गिरते और क्षतिग्रस्त होते देखा जा सकता है। कई लोग भूकंप के बाद अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन कर रही हैं। मृतकों और नुकसान का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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