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Chhattisgarh: जनसमस्या निवारण शिविरों में शुरुआती 6 दिनों में मिले साढ़े 26 हजार आवेदन, करीब साढ़े 4 हजार मौके पर हुए निराकृत

Raipur: प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से प्रांरभ जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का बेहतर प्रतिसाद नागरिकों को मिल रहा है। पखवाड़ा के पहले छह दिनों (27 जुलाई से 1 अगस्त तक) में प्रदेश भर में कुल 26 हजार 513 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4442 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों की समस्याएं दूर की गई हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा की समीक्षा कर सभी आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को यथासंभव ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री साव ने प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में वार्डवार आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिविरों में प्राप्त आवेदनों का डॉटा-बेस तैयार करने को कहा है, ताकि इनकी निरंतर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को शिविर स्थलों का औचक निरीक्षण कर वहां नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में लोगों की समस्याओं का शीघ्रता से निराकरण नहीं हो रहा है, उन्हें चिन्हांकित कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश उन्होंने दिए हैं।
प्रदेश में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के शुरूआती छह दिनों में सफाई से संबंधित कुल 243 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 46 का तत्काल निराकरण किया गया है। पेयजल से जुड़ी 1715 आवेदनों में से 102 तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित 1447 में से 144 आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया है। वहीं सड़क व नाली मरम्मत के 90 और आवास से संबंधित 103 प्रकरण तुरंत निराकृत किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 54 प्रकरणों पर तत्काल सहमति प्रदान कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। राशन कॉर्ड के 983 और राजस्व के 249 प्रकरणों पर भी त्वरित कार्यवाही की गई है। शिविरों में 1607 शहरी लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी व आयुष्मान कॉर्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 1 अगस्त तक जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त 26 हजार 513 आवेदनों में से 4442 को मौके पर ही निराकृत किया गया है। शेष 22 हजार 71 आवेदनों को श्रेणीवार विभाजित कर निराकरण के लिए समय-सीमा दी गई है। जनसमस्या निवारण शिविरों के साथ ही वार्डों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के चलित वाहनों के माध्यम से चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बीपी, शुगर, बुखार, सर्दी-खांसी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज कर निःशुल्क दवाईयां दी जा रही हैं। सभी निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ आगामी 10 अगस्त तक चलने वाले इन शिविरों में अपनी उपस्थिति दे रहे हैं।
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Chhattisgarh: जशपुर में ₹11.83 करोड़ से बनेगा हाईटेक बस स्टैंड, एक साथ खड़ी होंगी 40 बसें

जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर में 11.83 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक बस स्टैंड बनाया जाएगा। करीब 3 एकड़ में विकसित होने वाले इस आधुनिक बस टर्मिनल में एक साथ 35 से 40 बसों के ठहराव की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर परियोजना को मंजूरी मिल गई है। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है।
नए बस स्टैंड से प्रतिदिन 5 हजार से अधिक यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। यहां वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर, लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और डिजिटल सूचना स्क्रीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पुराने मवेशी बाजार परिसर में होगा निर्माण
जशपुरनगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित पुराने मवेशी बाजार परिसर में बस टर्मिनल बनाया जाना प्रस्तावित है। इसकी स्वीकृत लागत 11 करोड़ 83 लाख 62 हजार रुपये है। जिला मुख्यालय के मौजूदा बस स्टैंड पर प्रतिदिन 100 से अधिक बसों का आवागमन होता है। यहां से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलावा झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित दूसरे राज्यों के लिए भी बसें चलती हैं। रोजाना 5 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए आधुनिक बस टर्मिनल की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
डिजिटल स्क्रीन, लिफ्ट और 40 दुकानों की सुविधा
प्रस्तावित बस स्टैंड में यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, लिफ्ट और शौचालय बनाए जाएंगे। बसों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी देने के लिए डिजिटल सूचना स्क्रीन लगाने की योजना है। परिसर में 40 दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे यात्रियों को जरूरी सामान और सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। आधुनिक सुविधाओं से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को भी सहूलियत होगी।
कुनकुरी और पत्थलगांव में भी बनेंगे आधुनिक बस स्टैंड
जशपुरनगर के अलावा कुनकुरी और पत्थलगांव में भी आधुनिक बस स्टैंड निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं, बंदरचुआ और दुलदुला में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा। बसों के व्यवस्थित ठहराव और संचालन से यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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Chhattisgarh: सहायक शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी मिलेगा आवेदन का मौका

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन किया गया है। उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने शुद्धि पत्र जारी किया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
भर्ती में ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1,497 पद शामिल हैं। इस तरह कुल 2,292 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। संबंधित दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तारीख छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अलग से घोषित करेगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद संशोधन
लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, सहायक शिक्षक भर्ती का विस्तृत विज्ञापन 24 जुलाई 2026 को जारी किया गया था। विज्ञापन में संशोधन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दायर याचिका क्रमांक WPS 6783/2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के पालन में किया गया है।
तीन श्रेणियों को किया गया शामिल
समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए उपयुक्त दिव्यांगता श्रेणियों में दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) और सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) को शामिल किया गया है। विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 5 के उपखंड (iv) को भी विलोपित किया गया है।
शुद्धि पत्र में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार और श्रेणीवार विवरण भी स्पष्ट किया गया है। इसमें दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित और बहुदिव्यांगता से संबंधित समूह शामिल हैं।
ई-संवर्ग में 795, टी-संवर्ग में 1,497 पद
भर्ती के संशोधित विवरण के अनुसार, ई-संवर्ग में 795 और टी-संवर्ग में 1,497 पद हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ और बिलासपुर जिले शामिल हैं। वहीं, टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद और बालोद जिले शामिल हैं।
आवेदन की तारीख अलग से होगी जारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन की तारीख कर्मचारी चयन मंडल अलग से जारी करेगा। 24 जुलाई को जारी मूल विज्ञापन की बाकी शर्तें और प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे।
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट: पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती को मंजूरी, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदला

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में अवसर देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक के 36 पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती को मंजूरी दी गई। इन पदों पर रिक्तियों के अनुसार भर्ती की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर चुकी है।
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलेगा
कैबिनेट ने आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के कार्य आवंटन नियमों में संशोधन किया जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के कार्यकाल और केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया।
सीएम साय बोले- नक्सलवाद का खात्मा छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ को सबसे बड़ा फायदा नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के रूप में हुआ है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा बना रहा। बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। साय के मुताबिक, केंद्र सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई हुई है और छत्तीसगढ़ अब इससे मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
गुजरात मॉडल और अर्थव्यवस्था का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल तक काम किया। इस दौरान गुजरात में विकास का एक मॉडल तैयार हुआ, जिसे गुजरात मॉडल के नाम से पहचान मिली। उन्होंने कच्छ में आए भीषण भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और वाइब्रेंट गुजरात जैसे आयोजनों का भी उल्लेख किया। साय ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक क्षेत्र में प्रगति की है। उन्होंने भारत के दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आगे बढ़ने का श्रेय प्रधानमंत्री की मेहनत और दूरदृष्टि को दिया।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना और अर्थव्यवस्था के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। साय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन किसी भी चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।
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नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पुलेला गोपीचंद, CM बोले- बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी

नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू की जाएगी। पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी और प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद इस अकादमी की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने क्लब के संस्थापकों और टीम को शुभकामनाएं दीं।
खेल सुविधाओं के लिए बजट में ₹100 करोड़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष खेलों के समग्र विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें पहचानने, तराशने और बेहतर अवसर देने की है। सरकार चाहती है कि शहरों के साथ दूरस्थ वनांचलों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा, खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं। इनसे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है। खेलों में निवेश युवाओं और प्रदेश के भविष्य में निवेश है।
गोपीचंद बोले- खेल और स्वास्थ्य को मिले प्राथमिकता
पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने नवा रायपुर के विकास की सराहना करते हुए कहा कि इलेशियम क्लब्स की पहल खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गोपीचंद ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में देश में खेलों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की जीत और तिरंगे का ऊंचा होना पूरे देश का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के साथ शारीरिक विकास पर भी समान ध्यान देने की जरूरत बताई। बच्चों को दौड़ने, कूदने, चढ़ने और अलग-अलग खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
2047 तक विकसित भारत के लिए स्वस्थ युवा जरूरी
गोपीचंद ने कहा कि खेलों में निवेश सिर्फ खिलाड़ी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज का निर्माण भी होता है। उन्होंने खेल सुविधाओं, उत्कृष्टता और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उनके मुताबिक, वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए ऐसी युवा पीढ़ी जरूरी है, जो शिक्षित होने के साथ स्वस्थ, सक्रिय और शारीरिक रूप से सक्षम भी हो।
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छत्तीसगढ़ में 18 IPS अधिकारियों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक बदली जिम्मेदारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 18 IPS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से जारी आदेश में 2021 से 2024 बैच तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना के साथ विभिन्न जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद शामिल हैं। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
पुलिस मुख्यालय में इन अधिकारियों को जिम्मेदारी
- झा अमनकुमार रमनकुमार: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पुलिस अधीक्षक (SIA)।
- अजय कुमार: नारायणपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (SIB), पुलिस मुख्यालय।
- आकाश श्रीमाल: कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी।
- अक्षय प्रमोद सबद्रा: ASP (ऑप्स), नारायणपुर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (योजना/प्रबंध)।
- आकाश कुमार शुक्ला: एसटीएफ बघेरा, दुर्ग से पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (ANTF)।
- रविन्द्र कुमार मीणा: बीजापुर में ASP (ऑप्स) से पुलिस अधीक्षक (चिटफंड एवं महिला विरुद्ध अपराध)।
- रोहित कुमार शाह: सुकमा में ASP (ऑप्स) से 15वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, बीजापुर के सेनानी।
इन पदस्थापनाओं के जरिए पुलिस मुख्यालय और विशेष इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
कई जिलों में ASP (ऑप्स) की नई पोस्टिंग
जिलों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई पदस्थापनाएं इस प्रकार हैं:
- सुमीतकुमार दत्ताहारी ASP (ऑप्स)- कांकेर
- ईशु अग्रवाल ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
- मयंक मिश्रा ASP (ऑप्स)- सुकमा
- वैशाली जैन ASP (ऑप्स)- जगदलपुर
- विमल कुमार पाठक ASP (ऑप्स)- नारायणपुर
- हर्षित मेहर ASP (ऑप्स)- कोंडागांव
- राहुल बंसल ASP (ऑप्स)- बीजापुर
इनमें सुमीतकुमार दत्ताहारी पहले जगदलपुर में नगर पुलिस अधीक्षक थे। ईशु अग्रवाल रायपुर में सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। मयंक मिश्रा रायगढ़, वैशाली जैन राजनांदगांव, विमल कुमार पाठक कोरबा, हर्षित मेहर दुर्ग और राहुल बंसल अंबिकापुर में पदस्थ थे।
प्रशिक्षु अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी
तबादला आदेश में प्रशिक्षु अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।
- अंशिका जैन: नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर।
- साकोर मानसी नानाभाउ: सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय।
- आदित्य कुमार: नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव।
- प्रतीक बंसोडे: नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर।
ये अधिकारी 2022 से 2024 बैच तक के हैं। नई पदस्थापनाओं के साथ उन्हें शहरी पुलिसिंग और जिलों में जिम्मेदारी संभालने का अवसर दिया गया है।
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