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MP News: सतना में 20 बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटी, 2 बच्चों की हालत गंभीर; 15 सीटर वैन में सवार थे करीब 20 छात्र

सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिले में गुरुवार सुबह बच्चों से भरी स्कूल वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा जैतवारा थाना क्षेत्र के दुदुआर गांव के पास हुआ। वैन में ज्ञान स्थली स्कूल के करीब 19-20 बच्चे सवार थे। हादसे में कई बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पलटी हुई वैन से बच्चों को बाहर निकाला। घायलों को पहले कोठी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया।
15 सीटर वैन में करीब 20 बच्चे
स्थानीय लोगों के मुताबिक वैन की क्षमता 15 सीटों की थी, जबकि उसमें करीब 20 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद वैन में फंसे बच्चों को निकालने के लिए ग्रामीणों ने मदद की। घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के परिजन भी अस्पताल और घटनास्थल की ओर पहुंचे। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि ओवरलोडिंग ही हादसे का कारण थी, इसकी पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है।
हादसे की वजह अभी साफ नहीं
जैतवारा पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वैन की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक हादसा किस वजह से हुआ, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस वाहन की स्थिति, चालक और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। एक रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर सड़क पर अचानक कुत्ता आने के बाद चालक के नियंत्रण खोने की बात कही गई है, लेकिन पुलिस ने इसे भी अंतिम कारण नहीं माना है।
दो बच्चों की हालत गंभीर
हादसे में घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए कोठी अस्पताल पहुंचाया गया। दो बच्चों के सिर और हाथ में गंभीर चोटें बताई गई हैं। हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि स्कूल वैन में कितने बच्चे सवार थे, वाहन की निर्धारित क्षमता कितनी थी।
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MP Cabinet: प्रदेश में 25 सितंबर से फिर दौड़ेंगी बसें, 350 बसों से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत

भोपाल: मध्यप्रदेश में करीब दो दशक बाद यात्री बस परिवहन को नए मॉडल के साथ शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 25 सितंबर को भोपाल से होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के साथ अनुबंध के जरिए किया जाएगा।
सरकार ने वर्ष 2030-31 तक 14,981 बसों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा है। सेवा में इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। बसों में GPS, CCTV और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं रहेंगी।
निजी ऑपरेटर चलाएंगे बसें, सरकार करेगी मॉनिटरिंग
कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि करीब 20 साल से यात्री परिवहन की व्यवस्थित मॉनिटरिंग नहीं हो रही थी। नई व्यवस्था में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को शहरों और प्रमुख मार्गों से जोड़ने पर जोर रहेगा।
सरकार खुद बसों का संचालन करने के बजाय निजी बस ऑपरेटरों से अनुबंध करेगी। यात्रियों को उचित किराया, सही टिकट और सुरक्षित यात्रा मिले, इसकी निगरानी के लिए तकनीकी सिस्टम विकसित किया जाएगा।
CCTV, GPS और पैनिक बटन से होगी निगरानी
परिवहन व्यवस्था में करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित करने की योजना है। बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी। इलेक्ट्रिक और CNG बसों को भी प्राथमिकता देने की बात सामने आई है।
नए बस टर्मिनल PPP मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी योजना है।
हर विधानसभा में बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट ने प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 900 करोड़ रुपए की योजना में मौजूदा खेल सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।
खेल परिसरों में इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जरूरत के अनुसार हेलिपैड की व्यवस्था भी की जा सकेगी, ताकि आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके।
2,800 MW बिजली के लिए भी मंजूरी
प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट बिजली के पावर परचेज एग्रीमेंट की अनुमति दी है। सरकार का कहना है कि इससे आने वाले वर्षों में औद्योगिक और घरेलू बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सिंगरौली-रतलाम की हवाई पट्टियां एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी
कैबिनेट ने सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है। इससे दोनों क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश होगी।
इंदौर-भोपाल-जबलपुर कॉरिडोर पर उद्योगों को बढ़ावा
इंदौर, भोपाल और जबलपुर को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को औद्योगिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी चल रही है। इससे प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने और निवेश को बढ़ावा देने की योजना है। प्रस्तावित नेटवर्क को लेकर पहले भी औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब विकसित करने की चर्चा हो चुकी है।
कैबिनेट के अन्य फैसले
- इंदौर डेंटल कॉलेज में सीटें 63 से बढ़ाकर 100 करने की मंजूरी।
- करीब 9,061 करोड़ रुपए की योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की स्वीकृति।
- राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना समेत अन्य सिंचाई योजनाओं को मंजूरी।
- ग्राम न्यायालय योजना और विधिक सहायता सलाहकार बोर्ड को मंजूरी।
- मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में PHE विभाग के कार्यालय खोलने की स्वीकृति।
- रतलाम और सिंगरौली की हवाई पट्टियों के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जनवरी तक जनविश्वास अभियान का रोडमैप
कैबिनेट से पहले मंत्री चैतन्य काश्यप ने प्रदेश में दीप प्रज्ज्वलन और रक्तदान सहित विभिन्न अभियानों की जानकारी भी दी। जनविश्वास अभियान का जनवरी तक रोडमैप तैयार किया गया है। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी होने के कारण उस दिन का अभियान 26 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित बेंगलुरु रोड शो में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग फेस-2 के लिए निवेशकों से चर्चा भी की जाएगी।
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MP News: नलखेड़ा में बरसाती नाले में बही श्रद्धालुओं की कार, 3 बच्चों समेत 8 की मौत; बगलामुखी मंदिर दर्शन के लिए आए थे

आगर मालवा: मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मां बगलामुखी मंदिर के पास तेज बारिश के बाद उफनाए बरसाती नाले को पार करते समय श्रद्धालुओं से भरी कार तेज बहाव में बह गई। हादसे में 3 बच्चों, 2 महिलाओं और 3 पुरुषों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। सभी श्रद्धालु मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नाले में पानी का बहाव अचानक तेज हुआ और कार उसकी चपेट में आ गई।
रेस्क्यू टीम ने सभी शव बाहर निकाले
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में तलाशी अभियान चलाकर कार सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। रेस्क्यू टीम ने सभी 8 शव बरामद कर लिए हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों में प्रशासन को लेकर नाराजगी भी सामने आई और मौके पर नारेबाजी की गई।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर
हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस का अमला मौके पर मौजूद है। बचाव अभियान के साथ घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से नाले के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है। बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नालों और नदी-नालों को पार करने से बचने की सलाह दी गई है।
कार में कितने लोग थे?
हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में तीन बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। मृतकों की विस्तृत पहचान और उनके पते की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
नाले का पानी बना हादसे की वजह
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बारिश के बाद बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव काफी बढ़ गया था। इसी दौरान कार नाले को पार कर रही थी। तेज बहाव में वाहन असंतुलित होकर पानी में बह गया। मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे स्थित है और यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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MP Weather: MP में मानसून की विदाई से पहले फिर बारिश, 21 सितंबर तक बरसेंगे बादल, 47 जिलों में हुई बारिश; सबलगढ़ में 4 इंच पानी गिरा

भोपाल: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अंतिम चरण में है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में 21 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवा का दौर बना रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे सीमित होने की संभावना है। IMD के 17 सितंबर के बुलेटिन में भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 18 से 21 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार सुबह भोपाल के कोलार समेत कई इलाकों में बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 47 जिलों के करीब 190 शहरों और कस्बों में बारिश रिकॉर्ड की गई।
18 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 सितंबर के बीच प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। 22 सितंबर से बारिश अपेक्षाकृत कम हो सकती है। मानसून की विदाई की शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से होने का अनुमान है। इसके बाद यह मध्य प्रदेश से भी धीरे-धीरे विदा होगा। इस दौरान होने वाली बारिश से उन जिलों में बारिश का आंकड़ा सुधर सकता है, जहां अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है।
अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम से होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इन मौसमी सिस्टम के कारण मध्य भारत में नमी और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
इसके अलावा उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके आगे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने के संकेत हैं। इससे मध्य प्रदेश के मौसम में एक और बदलाव हो सकता है।
47 जिलों में बारिश, सबलगढ़ में 4 इंच
पिछले 24 घंटे में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और बैतूल समेत कई जिलों में बारिश हुई।
MP में अब तक 88.9% बारिश
प्रदेश में अब तक 842.1 मिमी यानी 33.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 905.3 मिमी यानी करीब 35.6 इंच से कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 7% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 2% और पश्चिमी हिस्से में करीब 11% कम बताई गई है।
32 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के कई जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। पूर्वी हिस्से में बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 25% तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी हिस्से में अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है।
पिछले एक सप्ताह में कई जिलों के बारिश के आंकड़ों में सुधार हुआ है। मानसून की विदाई से पहले होने वाली बारिश से इन जिलों में स्थिति और बेहतर हो सकती है।
आज के अलर्ट को लेकर जरूरी अपडेट
17 सितंबर को जारी IMD बुलेटिन के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 से 21 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए इस अवधि में ऐसी कोई व्यापक चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए स्थानीय पूर्वानुमानों में जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, वहां के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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MP में फिर बारिश का दौर: 17 से 19 सितंबर तक पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगी गतिविधि; 18 से 21 तक पूर्वी जिलों में भी बारिश के आसार

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर बनने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक व्यापक हो सकती हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर हुई है, लेकिन 19 सितंबर के बाद नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। इससे मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और दौर आ सकता है।
मंगलवार को धूप, बड़े शहरों में भी राहत
मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की गतिविधि के बावजूद किसी जिले में तेज बारिश दर्ज नहीं हुई। भोपाल में दिन में धूप खिली रही। इंदौर और उज्जैन में भी मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। हालांकि IMD के पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश दोनों में 17-18 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की संभावना दर्ज की गई है।
अब तक 33 इंच बारिश, सामान्य कोटे का 88.5% पूरा
प्रदेश में 1 जून से शुरू हुए मानसूनी सीजन में अब तक करीब 33 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य मौसमी बारिश करीब 37.3 इंच मानी गई है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 88.5% कोटा पूरा हो चुका है।
मानसून सीजन खत्म होने में करीब दो सप्ताह बाकी हैं। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े में और सुधार हो सकता है।
18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में आगे होने वाली बारिश मौजूदा सामान्य से अधिक आंकड़े को और बढ़ा सकती है।
37 जिलों में अभी बारिश का कोटा अधूरा
दूसरी ओर प्रदेश के 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इनमें इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख जिले भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा कमी वाले जिलों में आलीराजपुर शामिल है, जहां अब तक करीब 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है। इसके उलट निवाड़ी में सामान्य से करीब 49% ज्यादा बारिश हो चुकी है।
19 सितंबर के बाद भी बन सकता है नया सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 19 सितंबर के बाद प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। IMD ने देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत दिए हैं, लेकिन बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। यानी MP में मानसून की विदाई भले ही करीब है, लेकिन अगले कुछ दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए बारिश लेकर आ सकते हैं।
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मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 42,490 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर; शिक्षा के लिए 36 हजार करोड़, 1.27 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, सिंचाई, परिवहन और जनकल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने 42,490 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना की आगामी पांच वर्षों की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ रुपए का है। इसके अलावा परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़, उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ और तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,600 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक समग्र शिक्षा योजना को जारी रखने के लिए 36,006.22 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। योजना का उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना, सामाजिक एवं लैंगिक अंतर कम करना और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक 4 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों से जुड़ी शैक्षणिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
तीन सिंचाई परियोजनाओं पर 2,607 करोड़ से ज्यादा
जल संसाधन क्षेत्र में उज्जैन की चितावद, सिंगरौली की गौंड और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 2,607 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इससे 1.27 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।
- चितावद परियोजना- ₹1,846.05 करोड़
- गौंड परियोजना- ₹749.62 करोड़
- चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना – ₹11.49 करोड़
इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
परिवहन की 11 योजनाओं के लिए ₹1,166.60 करोड़
कैबिनेट ने परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को जारी रखने के लिए ₹1,166.60 करोड़ की मंजूरी दी है। इसमें उड़नदस्ता और चेक पॉइंट के लिए 377.41 करोड़, जिला स्थापना के लिए 361.89 करोड़, मुख्यालय के लिए 120.10 करोड़ और स्मार्ट कार्ड योजना के लिए 245.55 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके साथ सड़क सुरक्षा, ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र, ग्रामीण परिवहन नीति, नेक व्यक्ति पुरस्कार और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं भी जारी रहेंगी।
उद्यानिकी की 8 योजनाओं के लिए ₹491 करोड़
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाओं को 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹491 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसमें फल पौधरोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 100-100 करोड़, संरक्षित खेती के लिए 85 करोड़, फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण के लिए 53-53 करोड़ तथा कोल्ड चेन के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है। सरकार का फोकस फल, मसाला और प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि पर है।
तीन नए जिलों में खनिज कार्यालय, 21 पद मंजूर
नवगठित मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों में खनिज शाखा स्थापित करने के लिए 21 नए पदों को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक जिले में सात-सात पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे नए जिलों में खनिज प्रशासन और संबंधित कार्यों के संचालन के लिए अलग व्यवस्था मजबूत होगी।
अनूपपुर-शहडोल के 4 हाई स्कूलों के लिए 36 पद
अनूपपुर और शहडोल में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयित चार विद्यालयों के लिए 36 नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 4 प्राचार्य हाई स्कूल, 24 माध्यमिक शिक्षक, 4 प्राथमिक शिक्षक, 4 सहायक ग्रेड-3 के पद शामिल हैं। इन पदों की स्वीकृति से उन्नयित स्कूलों में शिक्षकीय और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
लाड़ली बहनों को ₹250 अतिरिक्त सहायता का अनुसमर्थन
कैबिनेट ने रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को अगस्त की नियमित सहायता राशि के साथ ₹250 की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता दिए जाने के मुख्यमंत्री के 20 अगस्त के आदेश का अनुसमर्थन किया। यह राशि रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष सहायता के रूप में दी गई थी।
मार्कफेड को ₹2,220 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 की खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि चुकाने के लिए मार्कफेड को ₹2,220.62 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया है। इस राशि का पुनर्भुगतान 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित किया जाना है।
विकास और जनकल्याण पर कैबिनेट का फोकस
मंगलवार की बैठक में शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े फैसले लिए गए। खास तौर पर समग्र शिक्षा योजना और सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी से शिक्षा के साथ कृषि क्षेत्र में भी आने वाले वर्षों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की 26 मई 2026 को हुई 64वीं साधिकार समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी भी ली।


















