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Varanasi Encounter: 10 हत्याओं का आरोपी बनारसी यादव ढेर, 50 करोड़ की जमीन के लिए कॉलोनाइजर की करवाई थी हत्या

Varanasi Encounter: वाराणसी में सुपारी लेकर हत्या कराने वाले कुख्यात अपराधी बनारसी यादव को STF ने एनकाउंटर में मार गिराया। मंगलवार देर रात इनपुट के आधार पर STF टीम ने चौबेपुर रोड पर उसकी घेराबंदी की। इंस्पेक्टर ने उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन बनारसी ने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश की गोली से दो सिपाही बाल-बाल बच गए। इसके बाद STF ने जवाबी कार्रवाई की। आमने-सामने करीब 5 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो गोलियां बनारसी को लगीं। वह मौके पर गिर पड़ा। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एनकाउंटर के बाद बनारसी के पास से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। वह गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। बनारसी पर वाराणसी, गाजीपुर सहित कई जिलों में हत्या, रंगदारी और सुपारी किलिंग के कुल 21 मुकदमे दर्ज थे। इनमें 10 हत्याएं शामिल थीं। पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
50 करोड़ की जमीन के लिए दी गई थी सुपारी
करीब पांच महीने पहले गाजीपुर के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर योगेंद्र यादव ने 50 करोड़ रुपए की जमीन के विवाद में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या करवाई थी। इसके लिए योगेंद्र ने बनारसी यादव को 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। बनारसी ने फौजी अरविंद यादव और विशाल समेत तीन शूटरों को हायर किया। 21 अगस्त 2025 को बदमाशों ने दिनदहाड़े ऑफिस जा रहे कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले के खुलासे के बाद बनारसी यादव फरार हो गया था।
मोबाइल से दूरी, हुलिया बदलने में था माहिर
बनारसी यादव पूर्वांचल के सबसे शातिर शूटरों में गिना जाता था। वह कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और लगातार ठिकाने बदलता रहता था। हुलिया बदलने में माहिर होने की वजह से पुलिस के पास लंबे समय तक उसकी कोई पुख्ता तस्वीर भी नहीं थी। सारनाथ में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के बाद जब बनारसी का नाम सामने आया, तब पुलिस को उसके नेटवर्क और मौजूदगी के ठोस सुराग मिले। इसके बाद STF उसकी तलाश में जुटी थी।
दिनदहाड़े हुई थी कॉलोनाइजर की हत्या
महेंद्र गौतम बुद्धा सिटी के रहने वाले थे और उनका प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबार था। उनके पिता श्यामनाथ RTO अफसर रह चुके थे। महेंद्र ने अपने बेटे अरिहंत के नाम पर रिंग रोड के पास कॉलोनी विकसित की थी, जहां पहले फेज में 127 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी थी। 21 अगस्त 2025 को सुबह करीब साढ़े 8 बजे महेंद्र घर से ऑफिस के लिए निकले थे। ऑफिस से महज 150 मीटर पहले बाइक सवार तीन शूटरों ने उन्हें ओवरटेक कर बेहद नजदीक से फायरिंग की। गर्दन और कनपटी में गोली लगने से महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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UP News: ऊर्जा संकट पर योगी सरकार के 7 बड़े फैसले, मंत्री-अफसरों के काफिले आधे होंगे, हफ्ते में एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे

Lucknow: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा संकट और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई बड़े फैसले लिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और प्रधान सचिव मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग को लेकर 7 बड़े फैसले लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों के काफिले होंगे 50% कम
सरकार के फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या 50% तक घटाई जाएगी। इसके अलावा सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को हफ्ते में एक दिन सार्वजनिक परिवहन, बस या मेट्रो से यात्रा करनी होगी।
सरकारी बैठकों को किया जाएगा वर्चुअल
राज्य सरकार ने सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को वर्चुअल मोड में आयोजित करने का फैसला लिया है। सचिवालय की 50% बैठकें भी ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी।
कंपनियों के लिए वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के लिए एडवाइजरी जारी की जाए।
जनता से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी ईंधन और बिजली बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग हफ्ते में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाएं और अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचें। इसके अलावा जनता से अपील की गई, कि वो पेट्रोल-डीजल और बिजली की बचत करें, सजावटी लाइटों का कम उपयोग करें, बिना जरूरत सोना न खरीदें और
सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें।
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UP News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस

Lucknow: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 38 साल के थे। उन्हें सुबह करीब 6 बजे सिविल हॉस्पिटल लखनऊ लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के मुताबिक, जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया तब उनकी पल्स डाउन थी और हार्ट काम करना बंद कर चुका था। प्रतीक यादव को उनकी पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
असम में थीं पत्नी अपर्णा यादव
प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव उस समय असम में थीं। वह मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। सूचना मिलने के बाद वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 11 बजे भी प्रतीक यादव की तबीयत अचानक खराब हुई थी। तब उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन हालत में सुधार होने पर वह घर लौट आए थे। इससे पहले 30 अप्रैल को भी उन्हें गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
फेफड़ों की गंभीर बीमारी से थे पीड़ित
डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी में फेफड़ों की नसों में खून का थक्का फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो जाता है।
KGMU में हुआ पोस्टमॉर्टम
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम King George’s Medical University में कराया गया। इसके बाद शव को उनके आवास ले जाया गया।
मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी के बेटे थे प्रतीक
प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। साधना गुप्ता की पहली शादी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। बाद में तलाक के बाद उनकी नजदीकियां मुलायम सिंह यादव से बढ़ीं और वर्ष 2003 में दोनों ने शादी की थी। इसके बाद मुलायम सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रतीक को बेटे का दर्जा दिया था।
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UP News: ‘साइको किलर’ पुलिस एनकाउंटर में ढेर, 26 घंटे में ट्रेन और अस्पताल में की थीं 3 हत्याएं

UP psycho killer: उत्तर प्रदेश के चंदौली में 26 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याएं करने वाला आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश कर रहा था। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और बाद में जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
पुलिस अफसर की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात आरोपी गुरप्रीत सिंह को घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिस अधिकारी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके सिर और सीने में गोली लगी। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
26 घंटे में 3 हत्याएं, एक जैसा पैटर्न
45 साल के गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में बेहद कम समय में तीन लोगों की हत्या की थी। तीनों मामलों में हत्या का तरीका लगभग एक जैसा था। आरोपी ने पीड़ितों की कनपटी पर गोली मारी थी।
ट्रेन में की दो हत्याएं
पहली वारदात रविवार सुबह करीब 7 बजे हुई। आरोपी ने पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे एक युवक को गोली मार दी।इसके बाद रविवार रात करीब 2 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में बाथरूम गए एक अन्य युवक की गोली मारकर हत्या कर दी।
अस्पताल में महिला की हत्या
तीसरी वारदात सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे हुई। आरोपी एक प्राइवेट अस्पताल में घुसा और बेड पर भर्ती महिला की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या के बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को लोगों ने पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पूछताछ में बोला आरोपी- ‘मैं मन का राजा हूं’
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा, “मैं मन का राजा हूं। शराब पीने के बाद होश में नहीं रहता। जो मन में आता है, करता हूं।” उसने यह भी कबूल किया कि वह पहले ही दो-तीन लोगों की हत्या कर चुका है।
आर्मी से रिटायर था आरोपी
गुरप्रीत सिंह मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था। वह करीब छह साल पहले सेना से रिटायर हुआ था।पुलिस के अनुसार, उसका कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। वह शादीशुदा था, लेकिन उसने अपने परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
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UP News: यूपी में कल होगा योगी कैबिनेट विस्तार, आधा दर्जन नए मंत्री ले सकते हैं शपथ, कई के विभागों में बदलाव संभव

Lucknow: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का विस्तार रविवार को होने जा रहा है। रविवार शाम करीब 3:30 बजे राजभवन में 5-6 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है।
राज्यपाल से मिले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम करीब 6:30 बजे राजभवन पहुंचे, जहां उनकी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी ने नए मंत्रियों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है।
कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार सिर्फ नए चेहरों को मौका नहीं मिलेगा, बल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या 6 से ज्यादा भी हो सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
योगी 2.0 का दूसरा विस्तार
यह योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार होगा। इससे पहले पहला विस्तार 5 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किया गया था। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत उत्तर प्रदेश सरकार में कुल 54 मंत्री हैं। संवैधानिक प्रावधानों के तहत अभी 6 और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की तैयारी
माना जा रहा है कि इस विस्तार में भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर फोकस कर सकती है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिम यूपी के नेताओं को प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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UP News: अंबेडकरनगर में दिल दहला देने वाली वारदात, मां ने 4 बच्चों की हत्या की, पति के सऊदी में दूसरी शादी करने से थी नाराज

Ambedkar Nagar: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपने ही चार मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति पिछले चार साल से सऊदी अरब में रह रहा था और उसने वहां दूसरी शादी कर ली थी। इसी तनाव के चलते महिला ने कथित तौर पर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
घटना अकबरपुर के मीरानपुर इलाके की है। शनिवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि एक घर अंदर से बंद है और बच्चों से संपर्क नहीं हो पा रहा। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। इसके बाद टीम पहली मंजिल की बालकनी के रास्ते घर में दाखिल हुई। कमरे के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ हालत में पड़े मिले।
मृत बच्चों में शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और 8 वर्षीय बेटी बयान उर्फ सादिया शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बच्चों की मां गासिया खातून घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
पति ने सऊदी में कर ली दूसरी शादी
पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला का पति नियाज पिछले चार साल से सऊदी अरब में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान उसने वहां एक पाकिस्तानी महिला से दूसरा निकाह कर लिया। इसके बाद से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। एसपी प्राची सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पारिवारिक तनाव को घटना की बड़ी वजह माना जा रहा है।
जहरीला पदार्थ खिलाने की आशंका
फोरेंसिक जांच में कमरे की दीवारों और बिस्तर पर खून के छींटे मिले हैं। बच्चों के उल्टी करने के निशान भी पाए गए हैं। पुलिस को शक है कि पहले बच्चों को खाने में कोई जहरीला पदार्थ दिया गया, फिर उनके सिर पर भारी वस्तु से हमला किया गया। हालांकि घटनास्थल से ईंट या हथौड़ा बरामद नहीं हुआ है।
कई सवाल अब भी बरकरार
पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हैं। अगर बच्चों को जहरीला पदार्थ दिया गया तो बचा हुआ खाना कहां गया? बर्तन साफ क्यों मिले? महिला घर से कैसे फरार हुई? क्या किसी और ने उसकी मदद की? इन सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
मायके पक्ष से पूछताछ
घटना के बाद पुलिस ने महिला के मायके में भी दबिश दी और परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक, महिला का निकाह उसकी बुआ के लड़के नियाज से हुआ था। परिवार और गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस ने चारों शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं और फरार महिला की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं।
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