ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: ‘गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं’, सीएम योगी ने पूर्व सीएम अखिलेश पर कसा तंज

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के दीपोत्सव को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के दीपोत्सव वाले बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि उन्हें(अखिलेश यादव) अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर, देवी देवताओं, सनातन धर्म और दीपावली जैसे इसके पर्व-त्योहारों से भी नफरत है। उनका बयान प्रजापति समाज (कुम्हारों) का अपमान करने वाला है। उन्होंने अखिलेश पर यह भी तंज कसा कि गद्दी तो विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीपावली का विरोध करते हैं। सीएम योगी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष पर गोरखपुर विभाग द्वारा आयोजित विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन एवं ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सपा प्रमुख का बयान किसानों और कुम्हारों का अपमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अयोध्या साढ़े आठ वर्ष पूर्व वीरान थी, अब वहां का भव्य दीपोत्सव नई पहचान बन गया है। इस बार 26 लाख 17 हजार दीये जलाने का नया विश्व रिकॉर्ड बना है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख कहते हैं कि दीया जलाने की आवश्यकता क्या है, मोमबत्ती जला लेते। उनका यह बयान तिलहन की पैदावार कर दीयों को तेल देने वाले अन्नदाता किसानों और मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों का अपमान है। 2017 के पूर्व मिट्टी को लेकर कुम्हारों की पीड़ा को अगर समझा होता तो बबुआ (सपा प्रमुख अखिलेश यादव) बचकाना बयान नहीं देते।
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर भी साधा निशाना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभु राम और कृष्ण को नकारती थी। कांग्रेस ने अदालत में एफिडेविट देकर कहा था कि भगवान राम और कृष्ण मिथक हैं। सपा ने निर्ममता के साथ राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया अयोध्या में आकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर अभिभूत हो रही है। पिछले साल 6 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु राम का दर्शन किया। प्रयागराज में महाकुंभ के 66 करोड़ से अधिक लोग साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कांग्रेस के लोग इसमें शुरूआत से ही खोट निकाल रहे थे।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 18 घंटे में 64 IAS ट्रांसफर, 25 जिलों के DM बदले

Lucknow: योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 18 घंटे के भीतर 64 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस दौरान 25 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदल दिए गए हैं, जिससे पूरे प्रशासनिक ढांचे में हलचल मच गई है। सरकार ने 13 युवा IAS अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपी है। इसे प्रशासन में नई ऊर्जा और तेज निर्णय क्षमता लाने की कोशिश माना जा रहा है।
दो चरणों में जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट
पहली सूची रविवार रात 1 बजे जारी हुई, जिसमें 40 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए और 15 जिलों के DM बदले गए। दूसरी सूची सोमवार शाम 7 बजे जारी हुई, जिसमें 24 IAS अधिकारियों का तबादला कर 10 जिलों के DM बदले गए।
अयोध्या-बाराबंकी में बड़ा बदलाव
शशांक त्रिपाठी को अयोध्या का नया DM बनाया गया। वहीं ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के DM पदस्थ किए गए हैं। निखिल टीकाराम फुंडे को CM का विशेष सचिव बनाया गया।
महिला अफसरों को भी अहम जिम्मेदारी
इस फेरबदल में 20 से ज्यादा महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। दुर्गाशक्ति नागपाल को प्रमोशन देकर मंडलायुक्त बनाया गया है। बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का MD बनाया गया है।वहीं किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग में सचिव पदस्थ किया गया है। उनकी जगह आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया है।
इन DM को दूसरी जिलों की जिम्मेदारी
- सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल बने आगरा के DM
- अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर का डीएम बनाया गया।
- मैनपुरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बने लखीमपुर खीरी के DM
- औरेया के डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी का डीएम बनाया गया
- उन्नाव के जिलाधिकारी गौरांग राठी को झांसी का डीएम बनाया है।
- सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर का डीएम बनाया
- शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का डीएम बनाया
- हमीरपुर के जिलाधिकारी घनश्याम मीना बने उन्नाव के डीएम
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: संभल में मस्जिद की 35 फीट मीनार ढहाई, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई

Sambhal: संभल में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुबारकपुर बंद गांव में शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार गिरा दी गई। इसके बाद बुलडोजर से मस्जिद के बाकी हिस्सों को भी तोड़ने का काम जारी है। इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर बनी पांच दुकानों को भी ध्वस्त किया गया। मीनार गिराने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनों का इस्तेमाल किया। एक मजदूर ने मीनार पर चढ़कर रस्सी बांधी, जिसे मशीनों से खींचकर पूरी संरचना को गिरा दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, करीब 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मौके पर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में भीड़ जुटने की आशंका के चलते पुलिस ने लोगों को मौके से दूर रखा।
पहले टली थी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि 5 अप्रैल को भी कार्रवाई की कोशिश हुई थी, लेकिन बुलडोजर चालक ने मीनार गिराने से इनकार कर दिया था। उसका कहना था कि मीनार गिरने से मशीन को नुकसान हो सकता है। उस दिन मदरसा, मस्जिद का गेट और कुछ दुकानें आंशिक रूप से तोड़ी गई थीं।
क्या है पूरा मामला?
गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। बाद में यहां 150 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद के साथ पांच दुकानें और आठ मकान बना लिए गए। खास बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी मौजूद हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को नोटिस जारी किया था। 30 मार्च से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कुछ हिस्सों को स्थानीय लोगों ने खुद हटाया, लेकिन मस्जिद को हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: नोएडा में सैलरी को लेकर बवाल, पथराव के बाद सख्ती; सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, 300 से ज्यादा गिरफ्तार

Noida Protest: नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई और भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। हालांकि पुलिस ने जल्द ही हालात पर काबू पा लिया और प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ दिया।
इधर, प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा फैसला लेते हुए फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। यह फैसला हाईलेवल कमेटी और कर्मचारियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। रात करीब डेढ़ बजे आदेश जारी किया गया, जिसमें कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी गई। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
हालांकि, मजदूरी बढ़ाने के फैसले के बावजूद कर्मचारियों का गुस्सा तुरंत शांत नहीं हुआ, जिसके चलते मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन अब स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटा है।
भारी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी
स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च जारी है। CCTV और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए पीएसी और RAF की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही 26 अधिकारी (8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी) भी मौके पर तैनात किए गए हैं। हालात को देखते हुए कई कंपनियां बंद रखी गई हैं।
300 से ज्यादा गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भी एक्शन
राजीव कृष्ण लखनऊ के कंट्रोल रूम से हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपद्रव में हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से कराई जाएगी। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने वाले 50 सोशल मीडिया (X) अकाउंट्स की पहचान की गई है और कुछ लोग अलग-अलग जगहों पर सक्रिय पाए गए हैं।
ख़बर उत्तरप्रदेश
Vrindavan boat accident: वृंदावन नाव हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत, 22 रेस्क्यू; 4 लापता, यमुना में जारी सर्च ऑपरेशन

Vrindavan boat accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर 3 बजे केसी घाट पर हुए नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अभी 4 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। शनिवार को दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी समेत करीब 250 जवान 14 किलोमीटर के दायरे में यमुना नदी में सर्च अभियान चला रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक पलट गई। घाट बांके बिहारी मंदिर से करीब 2 किमी दूर है। यहां पानी की गहराई लगभग 25 फीट बताई गई है। हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की जान चली गई, जिनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा शामिल हैं।
क्यों नहीं मिल पा रहे लापता?
रेस्क्यू टीम के मुताबिक यमुना का बहाव तेज है। जिससे शव बहकर दूर जा सकते हैं। साथ ही उनके गाद और रेत में दबने की आशंका भी है। हालांकि 24 घंटे बाद शव ऊपर आ सकते हैं। देवरहा बाबा घाट के पास एक शव बरामद किया गया, जिसे देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
ख़बर उत्तरप्रदेश
UP News: UP में शिक्षा मित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ी, 9 साल बाद बड़ा फैसला, अब ₹18,000 तक मानदेय

Lucknow: उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार शाम सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। अब शिक्षा मित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है, जबकि बढ़ा हुआ वेतन 1 मई से खातों में आना शुरू होगा। करीब 9 साल बाद यह बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
कितनी बढ़ी सैलरी
शिक्षा मित्र: ₹10,000 से बढ़कर ₹18,000
अनुदेशक: ₹9,000 से बढ़कर ₹17,000
कितने लोगों को फायदा
प्रदेश में 1,42,229 शिक्षा मित्र, 24,717 अनुदेशक हैं, यानी कुल मिलाकर लगभग 1.67 लाख कर्मचारियों को सरकार के फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी
CM योगी ने पहले ही घोषणा की थी कि शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी किया जाएगा। परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद शासन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया।
















