ख़बर यूपी / बिहार
UP News: यूपी STF के साथ मुठभेड़ में गैंगस्टर अनिल दुजाना ढेर, दुजाना के नाम दर्ज थे 60 से अधिक मुकदमे

UP News: उत्तरप्रदेश में एसटीएफ (UP STF) ने आज एक और कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना (Anil Dujana Encounter) उर्फ अनिल नागर को मिट्टी में मिला दिया। मेरठ में हुए इस एनकाउंटर में मारे गए अनिल दुजाना पर यूपी समेत अन्य राज्यों में 18 हत्या समेत लूट, रंगदारी, अपहरण, फिरौती के 60 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। दुजाना को मिलाकर यूपी एसटीएफ पिछले 6 साल में 184 एनकाउंटर कर चुकी है। अनिल दुजाना तीन साल से अयोध्या जेल में बंद था और जमानत मिलने के बाद से ही फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि एसटीएफ के साथ एनकाउंटर के समय सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर अनिल दुजाना बागपत से मुजफ्फरनगर साथियों से मिलने जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर भोला की झाल के पास एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
https://twitter.com/uppstf/status/1654155658558599168?s=20
https://twitter.com/AHindinews/status/1654083828078743553?s=20
प्रदेश सरकार की 66 गैंगस्टर की लिस्ट में शामिल था दुजाना
यूपी सरकार ने हाल ही में उत्तरप्रदेश के 66 गैंगस्टर की लिस्ट जारी की थी, उसमें सात गौतमबुद्धनगर के थे। इसमें सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, रणदीप भाटी, सिंहराज भाटी, अनिल कसाना, अनिल भाटी व मनोज उर्फ आसे का नाम शामिल था। सात में से एक गैंगस्टर अनिल दुजाना का आज अंत हो गया।
https://twitter.com/ANINewsUP/status/1654088867648278533?s=20
ख़बर उत्तरप्रदेश
80th Independence Day: योगी का युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, यूपी में जल्द आएगी यूथ पॉलिसी, AI से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग तक नए अवसर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही नई यूथ पॉलिसी लेकर आएगी। इसके जरिए युवाओं के कौशल विकास, नवाचार और रोजगार को एकीकृत तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा।
लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर युवा के हाथ में स्किल, इनोवेशन और एम्प्लॉयमेंट हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा ही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार देश के सबसे बड़े युवा वर्ग यानी डेमोग्राफिक डिविडेंड को विकास के इंजन में बदलने की दिशा में काम कर रही है।
AI, मशीन लर्निंग और डिफेंस सेक्टर में खुलेंगे नए अवसर
सीएम योगी ने कहा कि नई पीढ़ी, खासकर Gen-Z और Gen-Alpha, के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ब्याजमुक्त और गारंटी-मुक्त लोन भी उपलब्ध करा रही है।
सीएम योगी बोले- देश की चार मुख्य जातियां हैं
मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें गरीब, युवा, महिला और किसान को देश की चार मुख्य जातियां बताया गया है। योगी ने कहा कि देश को बांटने और कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। अगर इन चार वर्गों के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम किया जाए तो देश और समाज के विकास की रफ्तार और तेज होगी।
विधान भवन पर फहराया तिरंगा
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित विधान भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान योगी पगड़ी पहने नजर आए, जबकि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक धोती-कुर्ते में कार्यक्रम में पहुंचे। समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ तिरंगे रंग के गुब्बारे हवा में छोड़े।
पूरे यूपी में दिखा तिरंगे का रंग
स्वतंत्रता दिवस पर पूरे उत्तर प्रदेश में देशभक्ति का माहौल नजर आया। घरों, दुकानों और बड़ी इमारतों पर तिरंगा लहराया गया। सरकारी दफ्तरों और प्रमुख चौराहों को तिरंगे झंडों और झालरों से सजाया गया। आगरा में बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकाली, जबकि काशी में बाबा विश्वनाथ का विशेष तिरंगा श्रृंगार किया गया। प्रदेशभर में जगह-जगह ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
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Bihar: गयाजी में कुएं में जहरीली गैस का कहर, पिता-पुत्र समेत 4 की मौत

गयाजी: बिहार के गयाजी में शुक्रवार को एक पुराने कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव में हुआ। जानकारी के मुताबिक, एक ग्रामीण कुएं में लगी मोटर को ठीक करने के लिए नीचे उतरा था। कुएं के अंदर जाते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह पानी में छटपटाने लगा। उसे बचाने के लिए उसका बेटा भी कुएं में उतर गया। पिता-पुत्र को बचाने के प्रयास में दो अन्य लोग भी कुएं में उतरे, लेकिन बंद और गहरे कुएं में मौजूद गैस की चपेट में आने से चारों की जान चली गई।
रेस्क्यू के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मी भी बेहोश
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम गांव पहुंची। शेरघाटी एसडीओ, डोभी बीडीओ, सीओ और शेरघाटी डीएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।रेस्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया। हालांकि, कुएं के अंदर मौजूद गैस का असर इतना तेज बताया गया कि बचाव कार्य में लगे फायर ब्रिगेड कर्मचारी अजीत कुमार भी बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
कुआं करीब 30 फीट गहरा, SDRF की टीम बुलाई गई
कुआं करीब 30 फीट गहरा बताया जा रहा है। राहत एवं बचाव दल ने मशक्कत के बाद दो लोगों के शव बाहर निकाल लिए हैं, जबकि अन्य दो शवों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को भी बुलाया गया है।
कुएं में गैस कैसे बनती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने या बंद कुओं में जैविक पदार्थों के सड़ने-गलने से विभिन्न गैसें जमा हो सकती हैं। ऑक्सीजन की कमी और कुछ गैसों की मौजूदगी नीचे उतरने वाले व्यक्ति के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। हालांकि, इस घटना में किस गैस के कारण हादसा हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच या विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
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UP News: बागपत में 2 दोस्तों की हत्या, महंत ने मंदिर परिसर में दफनाए शव

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत में दो दोस्तों की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में दफनाने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शवों को मंदिर के पीछे जमीन में दबा दिया गया और किसी को शक न हो, इसके लिए ऊपर से सीमेंटेड टाइल्स लगवा दी गईं।
घटना के 19 दिन बाद गुरुवार तड़के करीब 3 बजे पुलिस ने दोनों शव बरामद किए। पुलिस के पहुंचने से पहले मंदिर का महंत फरार हो गया। उसके दो शिष्यों ने पूछताछ में हत्या और शव दफनाने की जानकारी दी, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर खुदाई कराई गई।
मृतकों की पहचान अंकित (25) और उसके दोस्त इसरार (32) के रूप में हुई है। अंकित दिव्यांग था। दोनों शव काफी खराब हालत में थे और उनकी पहचान कपड़ों व घड़ी के आधार पर की गई।
25 जुलाई को महंत को समझाने गए थे दोनों दोस्त
शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, अंकित की बहन और मंदिर के महंत के बीच संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था। अंकित अपने दोस्त इसरार के साथ 25 जुलाई को महंत से बात करने और उसे समझाने पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद महंत ने अपने शिष्यों के साथ मिलकर दोनों दोस्तों की हत्या कर दी। इसके बाद शवों को मंदिर के पीछे दफना दिया गया।
मंदिर पहुंची पुलिस तो फरार मिला महंत
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस मंदिर पहुंची, लेकिन तब तक महंत फरार हो चुका था। पुलिस ने उसके दोनों शिष्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मंदिर परिसर में खुदाई कराई। गड्ढे से दोनों दोस्तों के शव बरामद किए गए। मामला जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिगोली तगा गांव का है। पुलिस फरार महंत की तलाश कर रही है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
19 दिन में ऐसे खुला दोहरे हत्याकांड का राज
25 जुलाई: अंकित और इसरार महंत से बात करने मंदिर पहुंचे।
- विवाद के बाद दोनों की हत्या किए जाने का आरोप।
- शवों को मंदिर परिसर के पीछे गड्ढे में दफनाया गया।
- पहचान छिपाने और शक से बचने के लिए ऊपर सीमेंटेड टाइल्स लगाई गईं।
19 दिन बाद: शिष्यों से पूछताछ के बाद पुलिस को मिली जानकारी।
- गुरुवार तड़के 3 बजे खुदाई कर दोनों शव बरामद किए गए।
- महंत फरार, पुलिस तलाश में जुटी।
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भरत तिवारी एनकाउंटर केस: परिवार को आर्थिक मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी का ऐलान

पटना: बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर हुए विवाद के बीच सरकार ने उसके परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
यह मामला भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में मौत के बाद विवादों में आया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि भरत ने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी। मामले में राजनीतिक दलों ने भी सवाल उठाए थे, जिसके बाद न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।
क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव की है। पुलिस का दावा है कि 17 जून को भरत तिवारी ने उसे गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर अवैध हथियार से फायरिंग की थी।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें भरत तिवारी घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं, भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाए। परिवार का आरोप था कि भरत तिवारी ने पहले ही सरेंडर कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था। इसके बावजूद उसे गोली मारी गई।
विवाद बढ़ने के बाद हुई न्यायिक जांच
परिजनों के आरोपों और राजनीतिक विवाद के बाद मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया गया था। अब अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा चुकी है। भोजपुर एसपी कार्यालय के अनुसार, भरत तिवारी की मां की शिकायत के आधार पर तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ, तत्कालीन शाहपुर थाना प्रभारी और घटना में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले में हाल ही में भरत तिवारी पर गोली चलाने के आरोपी STF जवान को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। गिरफ्तार जवान की पहचान अक्षय के रूप में बताई गई है।
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UP News: अतीक के बेटे उमर अहमद के काफिले की 30 गाड़ियों पर FIR, प्रयागराज और प्रतापगढ़ पुलिस ने की कार्रवाई

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे मोहम्मद उमर अहमद के प्रयागराज आने के दौरान उसके काफिले में शामिल गाड़ियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रयागराज और प्रतापगढ़ पुलिस ने काफिले की गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रयागराज में रविवार को 28 गाड़ियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जबकि इससे करीब दो घंटे पहले प्रतापगढ़ में दो गाड़ियों पर केस दर्ज किया गया था।
मामला नवाबगंज के भदरी टोल प्लाजा का है। पुलिस के मुताबिक काफिले की कई गाड़ियों ने टोल पर बैरियर तोड़कर निकलने की कोशिश की। टोल कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, धमकी और वाहन चढ़ाने की कोशिश के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले में 28 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
4 साल बाद पैरोल पर प्रयागराज आया था उमर
उमर अहमद लखनऊ जेल में बंद है। छोटे भाई अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे शर्तों के साथ पैरोल दी थी। शनिवार को पुलिस वैन से उसे लखनऊ से प्रयागराज लाया गया था। अबान की मौत सड़क हादसे में हुई थी और उसे प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने दिए सबूत
नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर ने पुलिस को घटना से जुड़े सबूत उपलब्ध कराए। इसके आधार पर नवाबगंज थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस अब काफिले में शामिल गाड़ियों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों और ड्राइवरों की पहचान कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
प्रतापगढ़ में भी 2 गाड़ियों पर केस
प्रयागराज से पहले प्रतापगढ़ पुलिस ने भी काफिले में शामिल दो गाड़ियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस तरह उमर के प्रयागराज आने के दौरान काफिले से जुड़ी गाड़ियों पर अलग-अलग जिलों में कार्रवाई हुई है। पुलिस का कहना है कि टोल प्लाजा की घटना के वीडियो और दूसरे सबूतों की जांच की जा रही है।
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