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UP News: यूपी STF के साथ मुठभेड़ में गैंगस्टर अनिल दुजाना ढेर, दुजाना के नाम दर्ज थे 60 से अधिक मुकदमे

UP News: उत्तरप्रदेश में एसटीएफ (UP STF) ने आज एक और कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना (Anil Dujana Encounter) उर्फ अनिल नागर को मिट्टी में मिला दिया। मेरठ में हुए इस एनकाउंटर में मारे गए अनिल दुजाना पर यूपी समेत अन्य राज्यों में 18 हत्या समेत लूट, रंगदारी, अपहरण, फिरौती के 60 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। दुजाना को मिलाकर यूपी एसटीएफ पिछले 6 साल में 184 एनकाउंटर कर चुकी है। अनिल दुजाना तीन साल से अयोध्या जेल में बंद था और जमानत मिलने के बाद से ही फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि एसटीएफ के साथ एनकाउंटर के समय सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर अनिल दुजाना बागपत से मुजफ्फरनगर साथियों से मिलने जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर भोला की झाल के पास एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
https://twitter.com/uppstf/status/1654155658558599168?s=20
https://twitter.com/AHindinews/status/1654083828078743553?s=20
प्रदेश सरकार की 66 गैंगस्टर की लिस्ट में शामिल था दुजाना
यूपी सरकार ने हाल ही में उत्तरप्रदेश के 66 गैंगस्टर की लिस्ट जारी की थी, उसमें सात गौतमबुद्धनगर के थे। इसमें सुंदर भाटी, अनिल दुजाना, रणदीप भाटी, सिंहराज भाटी, अनिल कसाना, अनिल भाटी व मनोज उर्फ आसे का नाम शामिल था। सात में से एक गैंगस्टर अनिल दुजाना का आज अंत हो गया।
https://twitter.com/ANINewsUP/status/1654088867648278533?s=20
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योगी कैबिनेट के 23 बड़े फैसले: चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ₹1,008 करोड़ मंजूर; पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, 14,429 स्कूल बनेंगे स्मार्ट

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट बनाने, किसानों को रियायती ब्याज पर कर्ज, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ₹1,008.67 करोड़
कैबिनेट ने 15.172 किलोमीटर लंबे, प्रवेश नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी है। परियोजना का निर्माण EPC मोड पर कराया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत ₹1,008.67 करोड़ है। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड क्षेत्र और चित्रकूट धाम के बीच आवागमन आसान होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
14,429 परिषदीय स्कूल बनेंगे स्मार्ट
कैबिनेट ने प्रदेश के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए करीब ₹300 करोड़ का प्रावधान किया गया है और प्रत्येक स्कूल को लगभग ₹2.07 लाख की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
स्मार्ट स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और ICT से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य सरकारी प्राथमिक स्कूलों में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा देना और बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
किसानों को 6% ब्याज पर ₹6 लाख तक का कर्ज
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को ₹6 लाख तक का कर्ज 6% सालाना ब्याज पर दिया जाएगा। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर लंबी अवधि की वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
पूर्व अग्निवीरों को 20% क्षैतिज आरक्षण
कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) और कारागार विभाग में जेल वार्डर के पदों पर सीधी भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। चार साल की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों को इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा। जिस श्रेणी में अग्निवीर आता है, उसी श्रेणी के तहत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। साथ ही अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुल आरक्षण की सीमा 50% से अधिक नहीं होगी। इससे पहले पुलिस विभाग में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण का फैसला किया जा चुका है।
जेलों की सुरक्षा में पूर्व अग्निवीरों की भूमिका
पूर्व अग्निवीरों की जेल वार्डर के रूप में भर्ती से कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि चार साल की सैन्य सेवा से मिले अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा कौशल का उपयोग संवेदनशील कारागारों में किया जा सकेगा। इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार का एक और रास्ता खुलेगा।
PRD जवानों और परिवार को कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। इससे PRD जवानों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान होने वाले खर्च का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
यूपी खिलौना उद्योग को नई नीति से बढ़ावा
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश में खिलौना निर्माण से जुड़ा उद्योग विकसित करना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। नई नीति के जरिए खिलौना निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
सरकार का फोकस- इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार तक
कैबिनेट के फैसलों में एक्सप्रेसवे और स्कूलों से लेकर किसान, अग्निवीर, PRD जवान और उद्योग तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से एक तरफ बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। कैबिनेट के 23 फैसलों में न्यायिक व्यवस्था और अन्य विभागों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। इनमें अदालतों के विस्तार समेत कई प्रशासनिक फैसले लिए गए हैं।
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UP में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती, सहायक अध्यापक के 12,405 और प्रवक्ता संवर्ग के 2,607 पद शामिल, 16 सितंबर से आवेदन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती का रास्ता खुल गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े 15,012 शिक्षक पदों के लिए दो विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें सहायक अध्यापक के 12,405 और प्रवक्ता संवर्ग के 2,607 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के मुताबिक, अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था लागू की गई है। उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले OTR पूरा करना होगा।
12,405 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती
विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी के 897 पद और बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (शहरी) के 11,508 पद हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 तक आवेदन शुल्क जमा कर सकेंगे। आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
2,607 प्रवक्ता पदों पर भी मौका
आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ता संवर्ग के 2,607 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन संख्या 06/2026 जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर 2026 और आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रवक्ता संवर्ग की परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को होगी।
OTR के बिना आवेदन नहीं
आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की है। यानी उम्मीदवार को पहले अपना स्थायी प्रोफाइल/OTR तैयार करना होगा और इसके बाद संबंधित भर्ती के लिए आवेदन करना होगा। आयोग का OTR पोर्टल भी उम्मीदवारों को एक स्थायी प्रोफाइल बनाकर अलग-अलग परीक्षाओं के लिए उसी ID से आवेदन करने की सुविधा देता है।
आवेदन से पहले पात्रता जरूर जांचें
आयोग ने अभ्यर्थियों से कहा है कि आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और सूचना पुस्तिका ध्यान से पढ़ लें। शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करने के बाद ही आवेदन करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापित पदों की अर्हता और पात्रता के संबंध में अलग से व्यक्तिगत परामर्श नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी आवेदन और भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए UPESSC की वेबसाइट जरूर देखें।
नोट: अंतिम पात्रता, विषयवार पद, आरक्षण और अन्य शर्तों के लिए आयोग के मूल विज्ञापन को ही मान्य माना जाए।
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यूपी लेखपाल भर्ती में 28,409 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट, 7,994 पदों के लिए अब अभिलेख सत्यापन; जांच के बाद आएगा अंतिम परिणाम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लेखपाल के 7,994 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने मुख्य परीक्षा 2025 का परिणाम जारी करते हुए 28,409 अभ्यर्थियों को पात्रता और अभिलेख परीक्षण के लिए शॉर्टलिस्ट किया है।
आयोग ने अभिलेख परीक्षण के लिए कटऑफ भी जारी कर दी है। अब शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों की पात्रता और उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद ही 7,994 पदों के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी होगा।
7,994 पदों के लिए 28,409 अभ्यर्थी आगे
लेखपाल भर्ती के लिए 7,994 पद निर्धारित हैं। इनके मुकाबले 28,409 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए पात्र पाया गया है। यानी प्रत्येक पद के लिए औसतन करीब 3.55 अभ्यर्थी अंतिम प्रक्रिया में पहुंचे हैं। मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के आधार पर आयोग ने श्रेणीवार कटऑफ तय कर अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के लिए शॉर्टलिस्ट किया है।
यह अंतिम चयन सूची नहीं
UPSSSC ने स्पष्ट किया है कि 28,409 अभ्यर्थियों की यह सूची अंतिम चयन सूची नहीं है। इसमें नाम आने का मतलब सिर्फ इतना है कि अभ्यर्थी अगले चरण यानी पात्रता और अभिलेख परीक्षण के लिए योग्य पाया गया है।
आयोग के अनुसार अंतिम चयन का दावा अभिलेख परीक्षण से पहले नहीं किया जा सकता। पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा।
अब अभ्यर्थियों को क्या करना होगा?
शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अभिलेख परीक्षण से संबंधित तिथि, प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे UPSSSC की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक नोटिस नियमित रूप से देखते रहें, ताकि दस्तावेज अपलोड करने या सत्यापन से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण सूचना छूट न जाए।
वर्गवार कटऑफ भी जारी
आयोग ने अभिलेख परीक्षण के लिए अलग-अलग श्रेणियों की कटऑफ भी जारी की है। सामान्य वर्ग की कटऑफ 58.75 अंक, OBC की 55.75, EWS की 55.25 और SC की 51.25 अंक रही। ST वर्ग की कटऑफ 44 अंक रही।इसके अलावा महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांगजन और अन्य क्षैतिज आरक्षण श्रेणियों के लिए भी अलग-अलग कटऑफ जारी की गई है। यानी अभी 28,409 अभ्यर्थियों की दौड़ जारी है। अंतिम मंजिल 7,994 चयनित लेखपालों की सूची है, जो अभिलेख और पात्रता जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।
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मायावती भतीजी दीपिका को दे सकती हैं BSP की कमान, बोलीं- आकाश-ईशान को कोई राजनीतिक पद नहीं मिलेगा

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) में नेतृत्व को लेकर मायावती ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने अपनी भतीजी दीपिका आनंद को भविष्य में पार्टी की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई है। हालांकि, मायावती ने अभी दीपिका को अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है। मायावती ने कहा कि अगर उनके भाई आनंद कुमार को संगठनात्मक काम में मदद की जरूरत पड़ती है तो वह अपनी इकलौती बेटी दीपिका आनंद की मदद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि दीपिका की ईमानदारी और कार्यक्षमता को देखते हुए भविष्य में उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी दी जा सकती है। दीपिका की उम्र 19 साल है और वह फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं।
आकाश और ईशान को राजनीतिक पद नहीं देने का ऐलान
मायावती ने स्पष्ट किया कि उनके दोनों भतीजे आकाश आनंद और ईशान आनंद अब BSP में किसी राजनीतिक पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उनके बच्चों को भी पार्टी में कोई पद नहीं दिया जाएगा। मायावती ने परिवारवाद के मुद्दे पर कहा कि वह BSP संस्थापक कांशीराम की तरह परिवारवाद के खिलाफ अपनी नीति पर कायम रहेंगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब मायावती ने कुछ ही दिन पहले आकाश आनंद को पहले राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटाया और फिर पार्टी के सभी दायित्वों तथा प्राथमिक सदस्यता से भी मुक्त कर दिया।
दीपिका को आगे लाने के पीछे क्या रणनीति?
मायावती के इस बयान को BSP के भविष्य के नेतृत्व को लेकर महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। पार्टी में पहले आकाश आनंद को आगे बढ़ाया गया था और बाद में ईशान आनंद को संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई। इससे परिवारवाद को लेकर पार्टी और मायावती की आलोचना भी हुई। अब मायावती ने दोनों भतीजों को राजनीतिक पद से दूर रखने की बात कही है। ऐसे में दीपिका का नाम सामने आना BSP की भावी रणनीति में महिला नेतृत्व को लेकर संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दीपिका को निकट भविष्य में कोई औपचारिक संगठनात्मक पद मिलेगा या वह अभी अपने पिता आनंद कुमार की मदद तक सीमित रहेंगी।
मायावती बोलीं- दीपिका तैयार नहीं हुईं तो मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी
बसपा सुप्रीमो ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी का भविष्य केवल परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, यदि दीपिका पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार नहीं होती हैं, तो किसी दलित समाज के मिशनरी कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा। मायावती ने कहा कि वह परिवारवाद से पार्टी को बचाए रखने के लिए अपनी नीति में कोई समझौता नहीं करेंगी।
‘महिला होने के कारण भाई आनंद को साथ रखना पड़ा’
मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि अगर वह खुद महिला नहीं होतीं तो शायद भाई-बहनों को अपने साथ नहीं रखतीं। सुरक्षा और दूसरी परेशानियों से बचने तथा सम्मान के साथ पार्टी में काम करने के लिए उन्होंने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को अपने साथ रखा। अब उन्होंने संकेत दिया है कि आनंद कुमार को संगठनात्मक काम में सहयोग की जरूरत होने पर उनकी बेटी दीपिका उनकी मदद कर सकती हैं।
ईशान को संगठन में जिम्मेदारी, लेकिन राजनीतिक पद नहीं
मायावती ने भले ही ईशान आनंद को राजनीतिक पद देने से इनकार किया है, लेकिन हाल में उन्हें संगठनात्मक काम की जिम्मेदारी दी गई थी। ईशान को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर अन्य राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब मायावती के ताजा बयान के बाद यह साफ हो गया है कि यह जिम्मेदारी राजनीतिक पद या उत्तराधिकार की घोषणा नहीं मानी जाएगी।
BSP में लगातार बदल रहा नेतृत्व का समीकरण
पिछले कुछ दिनों में BSP में नेतृत्व को लेकर तेजी से बदलाव हुए हैं। 3 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी के सभी दायित्वों और प्राथमिक सदस्यता से भी मुक्त कर दिया गया। अब मायावती ने दोनों भतीजों को राजनीतिक पद न देने की बात कहते हुए दीपिका आनंद का नाम सामने रखा है। ऐसे में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले BSP की भविष्य की नेतृत्व रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।
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UP News: बारिश-बाढ़ से खराब सड़कों की होगी जल्द मरम्मत, CM योगी ने PWD को दिए सर्वे के निर्देश; त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्ग दुरुस्त करने पर जोर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को जल्द ठीक कराया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेशभर में क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा, इसलिए प्रमुख मार्गों पर आवाजाही में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ पैचवर्क तक सीमित न रहे। जहां सड़क ज्यादा खराब है, वहां तत्काल उसे आवागमन के योग्य बनाया जाए। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्गों पर फोकस
आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्गों को चिन्हित किया गया है। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान ज्यादा भीड़ और आवागमन वाले रास्ते शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कें अभियान में
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गड्ढामुक्ति अभियान के दायरे में 9 विभागों की करीब 4.36 लाख किमी सड़कें शामिल हैं। मौजूदा अभियान में करीब 50 हजार किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 5,751 किमी मार्गों पर काम पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बारिश-बाढ़ के अलावा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे जैसी निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण खराब हुई सड़कों का भी विभागवार सर्वे कराने को कहा है। सर्वे के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों की स्थिति के आधार पर प्रत्येक विभाग के लिए गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा।
30 हजार किमी सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य
सड़क नवीनीकरण और विशेष मरम्मत की भी समीक्षा की गई। विभाग के मुताबिक करीब 30 हजार किमी सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से करीब 14 हजार किमी पर काम पूरा हो चुका है। वहीं, करीब 5 हजार किमी मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्कूल-अस्पताल और बाजारों की सड़कें पहले सुधरेंगी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार, सरकारी कार्यालय और अधिक यातायात वाले मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें सीधे आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हैं। इसलिए मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। खराब सड़कों पर तत्काल काम शुरू कराया जाए।
भारी वाहनों की आवाजाही से भी सड़कें खराब
समीक्षा में सामने आया कि बारिश और अतिवृष्टि के अलावा निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से भी कई मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसी सड़कों को अलग से चिन्हित कर उनकी मरम्मत और जरूरत के अनुसार नवीनीकरण की योजना तैयार की जा रही है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय समेत 8 विभागों की योजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी सड़क संबंधी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की सड़क योजनाओं की समीक्षा की गई। योगी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सड़क मरम्मत के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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