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UP News: कोहरे के चलते हादसों के बाद एक्सप्रेसवे पर चलने के बदले नियम, गुरुवार रात से लागू

Lucknow: उत्तर प्रदेश में घने कोहरे और धुंध ने एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान विजिबिलटी कम होने से कई हादसों में लोगों को जान गंवानी पड़ी है। इसको देखते हुए यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने बड़ा फैसला लिया है। अब अत्यधिक कोहरे की स्थिति में वाहन चालकों को कन्वॉय यानी संगठित समूह में चलने की सलाह दी गई है। यह व्यवस्था पुलिस और सुरक्षा टीम की निगरानी में लागू होगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। नई व्यवस्था को बृहस्पतिवार रात से लागू कर दिया गया है।
यूपीडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसपी शाही ने बताया कि आगरा–लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर तत्काल प्रभाव से विशेष सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए गए हैं। 50 मीटर से कम दृश्यता होने पर वाहनों को निकटतम टोल प्लाजा, वे-साइड सुविधा केंद्र, पेट्रोल पंप या भोजनालय पर रोका जाएगा और फिर कन्वॉय में एक साथ रवाना किया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर मानक कार्यविधि तैयार की गई है।
घटी हुई गति सीमा (तत्काल प्रभाव से 15 फरवरी या कोहरा कम होने तक लागू)
1. एम-1 प्रवर्ग (आठ सीट तक वाले निजी वाहन)
प्रातः 08:00 से रात्रि 08:00 बजे: 80 किमी प्रति घंटा
रात्रि 08:00 से प्रातः 08:00 बजे: 60 किमी प्रति घंटा
2. एम-2 व एम-3 प्रवर्ग (नौ या अधिक सीट वाले यात्री वाहन)
प्रातः 08:00 से रात्रि 08:00 बजे: 60 किमी प्रति घंटा
रात्रि 08:00 से प्रातः 08:00 बजे: 50 किमी प्रति घंटा
3. एन प्रवर्ग (मालवाहक वाहन)
प्रातः 08:00 से रात्रि 08:00 बजे: 50 किमी प्रति घंटा
रात्रि 08:00 से प्रातः 08:00 बजे: 40 किमी प्रति घंटा
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित यात्रा के लिए यात्रियों से अपील
घने कोहरे/धुंध में (50 मीटर से कम दृश्यता होने पर) वाहन निकटतम वे-साइड अमेनिटीज, टोल प्लाजा या पेट्रोल पंप पर सुरक्षित रूप से रोकें और दृश्यता सामान्य होने पर ही यात्रा प्रारंभ करें।
नींद या थकान महसूस होने पर तुरंत वाहन रोककर विश्राम करें।
19 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक एक्सप्रेसवे पर लागू पुनर्निर्धारित अधिकतम गति सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करें।
निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने पर एटीएमएस के माध्यम से चालान किया जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टि से टोल प्लाजा, वे-साइड अमेनिटीज, पेट्रोल पंप या रेस्टोरेंट पर रुककर कन्वॉय (Convoy) में यात्रा करने का प्रयास करें तथा यूपीडा सुरक्षा टीम का सहयोग लें।
यात्रा के दौरान वाहन की सभी इमरजेंसी इंडिकेटर लाइट जलाकर चलें तथा वाहन के आगे-पीछे रिफ्लेक्टिव टेप अवश्य लगवाएं।
चिन्हित स्थानों के अतिरिक्त एक्सप्रेसवे या उसके किनारे कहीं भी वाहन पार्क न करें, इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
किसी भी आपात स्थिति में यूपीडा के हेल्पलाइन नंबर 14449 पर तुरंत संपर्क करें।
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UP News: मुजफ्फरनगर में 50 हजार का इनामी अमजद ढेर, 25 मिनट मुठभेड़, एसपी-सीओ की जैकेट में लगी गोलियां

Muzaffarnagar:मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में 50 हजार का इनामी बदमाश अमजद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। करीब 25 मिनट चली इस कार्रवाई में बदमाश ने कार्बाइन और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की। एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ गजेंद्र सिंह और कोतवाल सुभाष अत्री बाल-बाल बचे, उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां धंसीं।
पुलिस के मुताबिक, तड़के करीब 3:30 बजे सूचना मिली थी कि अमजद अपने गांव की ओर आ रहा है। घेराबंदी के बाद उसे सरेंडर की चेतावनी दी गई, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। दरोगा संदीप चौधरी और सिपाही अशफाक के हाथ में गोली लगी। जवाबी कार्रवाई में अमजद को गोली लगी और वह गिर पड़ा। उसे बुढ़ाना सीएचसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
20 राउंड फायरिंग, वाहन क्षतिग्रस्त
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश ने करीब 20 राउंड फायर किए। पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए। पुलिसकर्मियों ने वाहन की आड़ लेकर जवाबी फायरिंग की। घटनास्थल से कार्बाइन, पिस्टल और बाइक बरामद हुई है।
40 मुकदमे, कई राज्यों में वारदात
40 वर्षीय अमजद मुजफ्फरनगर के शाहपुर का रहने वाला था। उस पर यूपी, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड में करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। 2021 में राजस्थान के चूरू में मुथूट फाइनेंस से 5 किलो सोना लूटने के मामले में भी वह वांछित था। बताया जाता है कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की वारदातें करता था। 2013 में उस पर गैंगस्टर एक्ट लगा। 2017 में लूट के प्रयास के दौरान एक युवक की हत्या के बाद वह सुर्खियों में आया था। अकेले मुजफ्फरनगर में उसके खिलाफ 21 केस दर्ज थे। पुलिस फरार साथी की तलाश में दबिश दे रही है।
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UP Budget: 2027 से पहले योगी का मेगा बजट, 9.12 लाख करोड़ का ऐलान, 10 लाख रोजगार और बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे ₹1 लाख

Lucknow: 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का बजट सदन में रखा। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। पिछले साल के मुकाबले बजट में करीब 12% की बढ़ोतरी की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में बजट 8.7 लाख करोड़ रुपए था। सीएम योगी ने कहा, “पिछले 9 साल में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। प्रदेश ने अपना परसेप्शन बदला है। बजट तीन गुना तक बढ़ा है।”
युवाओं और महिलाओं पर बड़ा फोकस
सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का लोन बिना ब्याज और बिना गारंटी दिया जाएगा।
कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ेगी, नए केंद्र खुलेंगे और PPP मॉडल पर जॉब प्लेसमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे।
डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना भी शुरू की जाएगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और आसान बनाया जाएगा।
महिलाओं को साधने के लिए बड़ा ऐलान किया गया। अब बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख 1 हजार रुपए दिए जाएंगे।
मेधावी छात्राओं को 400 करोड़ की लागत से स्कूटी देने की घोषणा दोहराई गई, हालांकि पिछले साल इसका बजट प्रावधान होने के बावजूद वितरण नहीं हुआ था।
फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना के लिए 2374 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 25% बजट
34 हजार करोड़ से नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर: गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अब 2 की जगह 5 रनवे बनेंगे।
7 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 नई यूनिवर्सिटी।
मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण को 800 करोड़।
सरकार ने कृषि को 12%, शिक्षा को 12.5 से 15% और स्वास्थ्य को 6-8% बजट आवंटित किया है।
कृषि और एग्री-एक्सपोर्ट पर जोर
विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे।
छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो चुनाव में अहम मुद्दा रहता है।
निवेश और उद्योग
अब तक 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन।
15 लाख करोड़ के निवेश पर ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी।
10 लाख रोजगार संभावित।
देश के 65% मोबाइल फोन का उत्पादन यूपी में।
55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंचा।
धार्मिक पर्यटन के लिए अयोध्या और नैमिषारण्य को 100-100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बड़े मंदिरों के जीर्णोद्धार की भी योजना है।
बजट की 10 बड़ी बातें
- 9.12 लाख करोड़ का बजट
- 12% की बढ़ोतरी
- 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
- 10 लाख रोजगार का लक्ष्य
- बेटियों की शादी के लिए ₹1 लाख
- 14 नए मेडिकल कॉलेज
- 34 हजार करोड़ का नॉर्थ-ईस्ट कॉरिडोर
- 5 रनवे वाला जेवर एयरपोर्ट
- 2374 करोड़ से फ्री टैबलेट-स्मार्टफोन
- AI के लिए 225 करोड़
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UP News: रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे पर कहर, पैदल लौट रहीं 7 युवतियों को कार ने रौंदा, 4 की मौत

Rae Bareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रविवार शाम करीब 7 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जगतपुर थाना क्षेत्र के चूली गांव के पास निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कार ने पैदल चल रहीं 7 युवतियों-किशोरियों को रौंद दिया। हादसे में 4 युवतियों की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे में जान गंवाने वालों में कोडर गांव की शालिनी (20), भदोखर थाना क्षेत्र के अलीगंज की हिमांशी (22), आसमां (18) और रश्मि (15) शामिल हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, सभी युवतियां चूली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होकर प्रसाद खाने के बाद पैदल ही घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने एक-एक कर सभी को टक्कर मार दी।
घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने सभी घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया, जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया। जिला अस्पताल रेफर करने पर दो अन्य ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कार को कब्जे में लेकर हादसे की जांच की जा रही है।
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UP News: यूपी में SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ी, अब 6 मार्च तक दर्ज होंगे दावे-आपत्तियां, 10 अप्रैल को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

UP Voter List: चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़े दावे और आपत्तियां 6 मार्च 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। यह जानकारी यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ के लोक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
राजनीतिक दलों की मांग पर बढ़ी तारीख
नवदीप रिणवा ने बताया कि 27 जनवरी को राजनीतिक दलों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में दलों ने दावे और आपत्तियों के लिए करीब एक महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। इस मांग के आधार पर प्रस्ताव केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई।
फील्ड फीडबैक: कई लोग फॉर्म नहीं भर सके
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फील्ड से यह फीडबैक मिला था कि बड़ी संख्या में लोग अब तक फॉर्म-6 (नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने), फॉर्म-8 (संशोधन) नहीं भर सके हैं। इसी को देखते हुए समय-सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया।
3.26 करोड़ मतदाताओं को भेजे जा रहे नोटिस
चुनाव विभाग के मुताबिक, SIR के दौरान बड़ी संख्या में गड़बड़ियां सामने आई हैं। करीब 1 करोड़ 40 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में था, लेकिन मैपिंग नहीं हुई। वहीं 2 करोड़ 22 लाख मतदाताओं ने मैपिंग कराई, लेकिन उसमें त्रुटियां पाई गईं। इन सभी मामलों में कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं। अब तक 2 करोड़ 37 लाख नोटिस जारी हो चुके हैं। 86 लाख 27 हजार नोटिस मतदाताओं को मिल चुके हैं। करीब 30 लाख मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
BLO रोज 2 घंटे बूथ पर रहेंगे
मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अब हर कार्यदिवस सुबह 10 से 12 बजे तक बूथ पर मौजूद रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने साफ किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना जांच नहीं काटा जाएगा। हर दावा और आपत्ति की पूरी जांच के बाद ही फैसला होगा। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और युवाओं के बड़ी संख्या में नाम अभी मतदाता सूची में नहीं हैं, जिन्हें जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नाम की स्पेलिंग को लेकर अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की कि आधार कार्ड में जैसा नाम (हिंदी/इंग्लिश) लिखा हो, फॉर्म में भी वैसा ही भरें, ताकि भविष्य में ऑनलाइन संशोधन आसानी से घर बैठे किया जा सके।
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Varanasi Encounter: 10 हत्याओं का आरोपी बनारसी यादव ढेर, 50 करोड़ की जमीन के लिए कॉलोनाइजर की करवाई थी हत्या

Varanasi Encounter: वाराणसी में सुपारी लेकर हत्या कराने वाले कुख्यात अपराधी बनारसी यादव को STF ने एनकाउंटर में मार गिराया। मंगलवार देर रात इनपुट के आधार पर STF टीम ने चौबेपुर रोड पर उसकी घेराबंदी की। इंस्पेक्टर ने उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन बनारसी ने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश की गोली से दो सिपाही बाल-बाल बच गए। इसके बाद STF ने जवाबी कार्रवाई की। आमने-सामने करीब 5 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो गोलियां बनारसी को लगीं। वह मौके पर गिर पड़ा। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एनकाउंटर के बाद बनारसी के पास से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। वह गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। बनारसी पर वाराणसी, गाजीपुर सहित कई जिलों में हत्या, रंगदारी और सुपारी किलिंग के कुल 21 मुकदमे दर्ज थे। इनमें 10 हत्याएं शामिल थीं। पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
50 करोड़ की जमीन के लिए दी गई थी सुपारी
करीब पांच महीने पहले गाजीपुर के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर योगेंद्र यादव ने 50 करोड़ रुपए की जमीन के विवाद में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या करवाई थी। इसके लिए योगेंद्र ने बनारसी यादव को 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। बनारसी ने फौजी अरविंद यादव और विशाल समेत तीन शूटरों को हायर किया। 21 अगस्त 2025 को बदमाशों ने दिनदहाड़े ऑफिस जा रहे कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले के खुलासे के बाद बनारसी यादव फरार हो गया था।
मोबाइल से दूरी, हुलिया बदलने में था माहिर
बनारसी यादव पूर्वांचल के सबसे शातिर शूटरों में गिना जाता था। वह कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और लगातार ठिकाने बदलता रहता था। हुलिया बदलने में माहिर होने की वजह से पुलिस के पास लंबे समय तक उसकी कोई पुख्ता तस्वीर भी नहीं थी। सारनाथ में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के बाद जब बनारसी का नाम सामने आया, तब पुलिस को उसके नेटवर्क और मौजूदगी के ठोस सुराग मिले। इसके बाद STF उसकी तलाश में जुटी थी।
दिनदहाड़े हुई थी कॉलोनाइजर की हत्या
महेंद्र गौतम बुद्धा सिटी के रहने वाले थे और उनका प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबार था। उनके पिता श्यामनाथ RTO अफसर रह चुके थे। महेंद्र ने अपने बेटे अरिहंत के नाम पर रिंग रोड के पास कॉलोनी विकसित की थी, जहां पहले फेज में 127 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी थी। 21 अगस्त 2025 को सुबह करीब साढ़े 8 बजे महेंद्र घर से ऑफिस के लिए निकले थे। ऑफिस से महज 150 मीटर पहले बाइक सवार तीन शूटरों ने उन्हें ओवरटेक कर बेहद नजदीक से फायरिंग की। गर्दन और कनपटी में गोली लगने से महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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