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Mathura: यमुना एक्सप्रेस-वे पर 7 बसें और 3 कारें टकराईं, वाहनों में लगी आग में 13 जिंदा जले, 100 से अधिक घायल

Yamuna Expressway accident: यूपी के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे की वजह से बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 3:30 बजे बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए। मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि चार शवों की पहचान हो गई है, अन्य के शिनाख्त के लिए टीम जुटी हुई है। 17 बैग में कंकाल और जले हुए टुकड़े लाए गए हैं। हादसे में घायलों को जिला अस्पताल मथुरा, 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया है। 38 लोग जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका उपचार चल रहा है। 39 बलदेव सीएचसी पर हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के समय विजीबिलटी लगभग शून्य थी। कोहरे के चलते एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में धमाके के साथ आग लग गई। आग की लपटें उठते ही बसों में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को वाहनों से बाहर निकाला गया।
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UP News: ‘स्कूल में हिजाब की अनुमति नहीं’, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने छात्रा की याचिका खारिज की, कहा- तय यूनिफॉर्म का पालन जरूरी

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगने वाली नाबालिग छात्रा की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि स्कूल ने सभी विद्यार्थियों के लिए समान और भेदभाव रहित ड्रेस कोड तय किया है तो कोई छात्र अपनी व्यक्तिगत पसंद के आधार पर उसमें बदलाव की मांग नहीं कर सकता।
जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की डिविजन बेंच ने कहा कि यूनिफॉर्म का उद्देश्य विद्यार्थियों में समानता, अनुशासन और संस्थान की पहचान बनाए रखना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यूनिफॉर्म से अलग-अलग धार्मिक पहचान के आधार पर भेदभाव से मुक्त माहौल बनाए रखने में मदद मिलती है।
कोर्ट ने कहा- व्यक्तिगत आधार पर हिजाब की अनुमति नहीं
कोर्ट ने कहा कि किसी छात्र को व्यक्तिगत आधार पर हिजाब या कोई अन्य अतिरिक्त पहनावा जोड़ने की अनुमति देने से यूनिफॉर्म की अवधारणा प्रभावित होगी। इससे स्कूल के ड्रेस कोड और अनुशासन से जुड़े फैसले का अधिकार संस्थान के बजाय अलग-अलग छात्रों के हाथ में जाने की स्थिति बन सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि स्कूल अपनी यूनिफॉर्म नीति में बदलाव करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन जब तक तय ड्रेस कोड लागू है, उसका पालन करना होगा।
छात्रा ने मां के जरिए दाखिल की थी याचिका
मामला प्रयागराज के एक निजी स्कूल का है। नाबालिग छात्रा ने अपनी मां के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वह इसी स्कूल में कक्षा 6 से 10 तक पढ़ चुकी थी और कक्षा 11 में भी प्रवेश चाहती थी। छात्रा का कहना था कि वह कक्षा 6 से 10 तक स्कूल यूनिफॉर्म के साथ सिर पर स्कार्फ पहनती रही और इस दौरान स्कूल की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई। उसने अपनी बात के समर्थन में पुराने पहचान पत्र और स्कूल की ग्रुप फोटो भी अदालत में पेश की थी।
स्कूल ने कहा- सभी छात्रों के लिए एक जैसा ड्रेस कोड
कक्षा 11 में प्रवेश के समय स्कूल प्रबंधन ने स्कार्फ को निर्धारित ड्रेस कोड के खिलाफ बताते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। छात्रा की ओर से पहले जिला प्रशासन के सामने भी शिकायत की गई थी। स्कूल का पक्ष था कि संस्थान में सभी विद्यार्थियों के लिए समान ड्रेस कोड लागू है और किसी एक छात्रा को अलग छूट देने से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
छात्रा ने धार्मिक स्वतंत्रता का दिया तर्क
याचिका में छात्रा की ओर से तर्क दिया गया था कि हिजाब पहनना उसकी धार्मिक मान्यता से जुड़ा है। इसलिए उसे स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने से रोकना उसकी निजता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों को प्रभावित करता है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता रिकॉर्ड पर ऐसा पर्याप्त तथ्य या सामग्री पेश नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो कि सिर पर स्कार्फ पहनना इस्लाम की ऐसी आवश्यक धार्मिक प्रथा है, जिसके बिना आस्था प्रभावित होगी।
हाईकोर्ट ने कर्नाटक के फैसले का भी किया जिक्र
अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के पहले के फैसलों में हिजाब को इस्लाम की आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं माना गया है। कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के 2022 के फैसले का भी उल्लेख किया और कहा कि उसके विपरीत राय रखने का कोई आधार सामने नहीं आया।
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Raksha Bandhan: यूपी सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को दी बड़ी सौगात, 3 दिन रोडवेज बसों में कर सकेंगी फ्री यात्रा

लखनऊ: रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की महिलाओं को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक महिलाएं रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। महिला के साथ यात्रा करने वाले एक पुरुष सहयात्री को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा नगर विकास विभाग की 900 से ज्यादा बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रक्षाबंधन के दौरान परिवहन और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक में ये निर्देश दिए।
26 से 31 अगस्त तक अतिरिक्त बसें चलेंगी
रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम 26 से 31 अगस्त तक अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा। इस अवधि में परिवहन निगम की सभी बसें चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन है। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और घर जाएंगी। इसी को देखते हुए महिलाओं और उनके एक सहयात्री के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था की गई है।
निजी बस, टैक्सी और ऑटो में मनमाना किराया नहीं
CM योगी ने सभी जिलों में 25 अगस्त तक बस, टैक्सी और ऑटो-टेम्पो यूनियनों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने स्पष्ट कहा कि निजी वाहन संचालक यात्रियों से निर्धारित किराया ही लें। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, अधिक किराया वसूलने और यात्रियों से दुर्व्यवहार की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अयोध्या, मथुरा और वाराणसी समेत धार्मिक स्थलों पर खास इंतजाम
रक्षाबंधन के दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की जाएगी। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, वाराणसी, प्रयागराज और विंध्याचल समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बस स्टेशनों पर CCTV और पेयजल की व्यवस्था
सरकार ने सभी बस स्टेशनों पर यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है। यहां CCTV, साफ-सफाई, पेयजल और फर्स्ट एड की व्यवस्था रहेगी। वेटिंग रूम में लाइट और पंखे की व्यवस्था बेहतर करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की मदद के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम भी चालू रहेगा।
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UP News: यूपी में मिड-डे मील रसोइयों का मानदेय बढ़ा, अब हर महीने मिलेंगे ₹3 हजार, 3.53 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा

लखनऊ: योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले रसोइयों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने उनका मासिक मानदेय ₹2 हजार से बढ़ाकर ₹3 हजार कर दिया है। यानी रसोइयों को हर महीने ₹1 हजार ज्यादा मिलेंगे। इस फैसले का फायदा उत्तर प्रदेश के 3 लाख 53 हजार से ज्यादा रसोइयों को मिलेगा। मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को योगी सरकार ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी है।
योगी सरकार में तीसरी बार बढ़ा मानदेय
योगी सरकार के कार्यकाल में रसोइयों का मानदेय लगातार तीसरी बार बढ़ाया गया है।
- 2019: ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह
- अप्रैल 2022: ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह
- अगस्त 2026: ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह
रसोइयों को इसके अलावा हर साल ₹500 यूनिफॉर्म और ₹400 दस्तानों के लिए भी दिए जाते हैं।
5 साल से नहीं बढ़ा था मानदेय
प्रदेश में करीब 3.53 लाख रसोइए हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण इलाकों में काम करती है। उनका मानदेय पिछले 5 साल से नहीं बढ़ाया गया था और वे लगातार बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।
क्या होता है कैबिनेट बाई सर्कुलेशन?
कैबिनेट बाई सर्कुलेशन में किसी प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए औपचारिक कैबिनेट बैठक जरूरी नहीं होती। प्रस्ताव की फाइल मंत्रियों के पास भेजी जाती है और उनकी सहमति के बाद फैसला मंजूर किया जाता है।
महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश में भी राहत
सरकार ने महिला कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रसूति अवकाश से जुड़ी 2 साल की बाध्यता भी खत्म कर दी है। अब दो प्रसूति अवकाश के बीच 2 साल का अंतर अनिवार्य नहीं होगा। पहले महिला कर्मचारियों को दूसरे प्रसूति अवकाश के लिए पहले अवकाश के बाद 2 साल का अंतर पूरा करना जरूरी था। अब इस शर्त को हटा दिया गया है।
ये प्रस्ताव भी मंजूर हुए
- विधानमंडल के मानसून सत्र के सत्रावसान को मंजूरी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तिरंगा अभियान के तहत लगाए गए 3 करोड़ झंडों का खर्च राज्य वित्त आयोग से वहन करने की मंजूरी।
- शहरी क्षेत्रों में लगाए गए 1 करोड़ झंडों के खर्च को भी राज्य वित्त आयोग से वहन करने की मंजूरी।
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UP News: यूपी में देर रात 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदले, संभल के SP केके बिश्नोई को बिजनौर भेजा; 23 नए IPS को भी मिली पहली पोस्टिंग

लखनऊ: योगी सरकार ने गुरुवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया। 9 जिलों के पुलिस कप्तान बदल दिए गए हैं। मेरठ के SSP अविनाश पांडेय को पुलिस मुख्यालय से अटैच किया गया है। उनकी जगह झांसी के SP बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP बनाया गया है। वहीं, सुल्तानपुर की SP चारू निगम को हटाकर UP-112 में SP की जिम्मेदारी दी गई है। संभल के चर्चित SP केके बिश्नोई को बिजनौर की कमान सौंपी गई है। उनकी जगह विकास चंद्र त्रिपाठी संभल के नए SP होंगे।
9 जिलों में पुलिस कप्तानों का फेरबदल
- मेरठ: बीबीजीटीएस मूर्ति बने SSP, अविनाश पांडेय पुलिस मुख्यालय से अटैच।
- सुल्तानपुर: चारू निगम को UP-112 भेजा गया, विनीत जायसवाल नए SP।
- गोंडा: बिजनौर के SP अभिषेक को कमान।
- बिजनौर: केके बिश्नोई नए SP।
- संभल: विकास चंद्र त्रिपाठी को जिम्मेदारी।
- झांसी: बलरामपुर के SP विकास कुमार को भेजा गया।
- बलरामपुर: मार्तंड प्रकाश सिंह नए SP बनाए गए।
मेरठ की कमान संभालेंगे बीबीजीटीएस मूर्ति
बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के IPS अधिकारी हैं और मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। उनकी गिनती तेजतर्रार और ईमानदार छवि वाले अधिकारियों में होती है। अब उन्हें मेरठ जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की कमान दी गई है।
हाथरस कांड के दौरान सुर्खियों में आए थे विनीत जायसवाल
2014 बैच के IPS अधिकारी विनीत जायसवाल को गोंडा से सुल्तानपुर भेजा गया है। वह हाथरस कांड के दौरान SP रहते हुए सुर्खियों में आए थे। वह करीब 2 साल 8 महीने तक गोंडा में तैनात रहे। विनीत मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले हैं और कंप्यूटर साइंस से B.Tech कर चुके हैं।
केके बिश्नोई संभालेंगे बिजनौर की कमान
2018 बैच के IPS अधिकारी केके बिश्नोई को संभल से बिजनौर भेजा गया है। कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों में सख्त रुख उनकी पुलिसिंग की पहचान रही है। राजस्थान के रहने वाले केके बिश्नोई 24 साल की उम्र में IPS बने थे। उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से मास्टर डिग्री भी की है।
विकास चंद्र त्रिपाठी बने संभल के नए SP
विकास चंद्र त्रिपाठी हाल ही में प्रमोशन पाकर PPS से IPS बने हैं। अभी वह बाराबंकी में ASP की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें संभल जिले की कमान सौंपी गई है।
अभिषेक को गोंडा, विकास कुमार को झांसी
2015 बैच के IPS अधिकारी अभिषेक को बिजनौर से गोंडा भेजा गया है। उनकी गिनती तेजतर्रार अधिकारियों में होती है। वहीं, 2017 बैच के IPS अधिकारी विकास कुमार को बलरामपुर से झांसी भेजा गया है। वह बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं और B.Tech हैं।
मार्तंड प्रकाश सिंह संभालेंगे बलरामपुर
मार्तंड प्रकाश सिंह साल 2000 में PPS अधिकारी बने थे। हाल ही में प्रमोशन के बाद वह IPS बने हैं। अब उन्हें बलरामपुर का SP नियुक्त किया गया है।
इससे पहले 23 नए IPS अधिकारियों को मिली पहली पोस्टिंग
पुलिस कप्तानों के तबादले से पहले गुरुवार शाम करीब 6 बजे 23 नए IPS अधिकारियों को रेगुलर पोस्टिंग दी गई। इनमें 2023 बैच के 12 और 2024 बैच के 11 अधिकारी शामिल हैं। सभी अधिकारी हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद लौटे हैं। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में ASP और ACP के पद पर तैनात किया गया है।
IITian दिनेश गोदारा अयोध्या में ASP बने
2023 बैच के IPS अधिकारी दिनेश गोदारा को अयोध्या भेजा गया है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 150वीं रैंक हासिल की थी। राजस्थान के बीकानेर जिले के नगरासर गांव के रहने वाले दिनेश ने IIT गुवाहाटी से केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में B.Tech किया है।
शुभम जैन वाराणसी, सृष्टि जैन अलीगढ़ भेजी गईं
दिल्ली के रहने वाले शुभम जैन को वाराणसी में तैनाती मिली है। वहीं, मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली सृष्टि जैन को अलीगढ़ भेजा गया है। सृष्टि जैन ट्रेनिंग के दौरान जौनपुर में सेवाएं दे चुकी हैं।
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UP News: लखनऊ में SBI अफसर ने पत्नी और बहन को गोली मारी, फिर खुद भी कर लिया सुसाइड

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में SBI के एक फील्ड ऑफिसर ने गुरुवार को पहले अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद 2 किमी दूर घर पहुंचकर बहन को गोली मार दी और फिर खुद को भी गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने तत्परता से मौके पर पहुंच पूरे मामले की जांच शुरू कर रही है।
वारदात गोमतीनगर थाना क्षेत्र की है। आरोपी मानस बाजपेई कार से ICICI बैंक पहुंचा था। उसने फोन कर पत्नी दिव्या मिश्रा को बैंक से बाहर बुलाया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई, इसके बाद मानस ने दिव्या को गोली मार दी और वहां से भाग गया।
पत्नी की हत्या के बाद मानस सीधे हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने घर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घर के अंदर जाने के बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज आई। पड़ोसी पहुंचे और दरवाजा तोड़ा तो अंदर मानस और उसकी बहन सीबा की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। कमरे में टीवी पर तेज आवाज में हनुमान चालीसा चल रही थी।
सुसाइड से पहले लगाया था WhatsApp स्टेटस
पुलिस के मुताबिक, मानस ने घटना से पहले WhatsApp पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाया था और खुद तथा अपनी बहन को मारने की बात लिखी थी। उसने दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उनके पति भरत यादव का भी स्टेटस में जिक्र किया था।
पत्नी ने एक साल पहले तलाक के लिए कोर्ट में अपील की थी
दिव्या मिश्रा (33) ICICI बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थीं। उनकी शादी करीब 12 साल पहले मानस बाजपेई (35) से हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं थी। दिव्या ने करीब एक साल पहले मानस से तलाक के लिए कोर्ट में अपील दायर की थी। इसके बाद वह आलमबाग में अलग रह रही थीं।
मानस SBI की इंजीनियरिंग कॉलेज ब्रांच में फील्ड ऑफिसर था। वह हुसड़िया चौराहे के पास किराए के मकान में अपनी बहन सीबा (28) के साथ रहता था। मानस के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मानस की बहन सीबा मानसिक रूप से बीमार थीं।
दिव्या, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं
दिव्या मिश्रा, यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं। प्रज्ञा ‘उल्टा चश्मा’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती हैं। उनके पति भरत यादव भी यूट्यूब से जुड़े हैं। प्रज्ञा और भरत ने 26 फरवरी 2020 को लव मैरिज की थी।
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