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MP News: खाद वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वाले भेजे जाएंगे जेल, शिकायतों पर सीएम शिवराज ने दिए सख्ती के निर्देश

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार शाम निवास कार्यालय में प्रदेश में खाद व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था करें कि कहीं भी खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लाइन न लगाना पड़े। उपलब्धता के बाद यह सुनिश्चित करें कि वितरण की व्यवस्था भी सही रहे। केन्द्र सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है। खाद की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चाहिए। कंट्रोल रूम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए। व्यवस्था में दोषी लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में खाद वितरण के 262 अतिरिक्त काउंटर प्रारंभ किए गए हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं। समय पर वितरण के साथ ही सोशल मीडिया से किसानों को आंकड़ों सहित वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला स्तर पर दी जाए। इसके लिए कलेक्टर्स आवश्यक व्यवस्थाएं करें। मुख्यमंत्री चौहान ने बोवनी कार्य की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके परिश्रम की पूरी कीमत मिलना चाहिए। विशेष रूप से मंडियों में आने वाले सब्जी उत्पादकों को बिचौलियों और व्यापारियों द्वारा अनुचित लाभ लेने से बचाने पर भी ध्यान दिया जाए।
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MP News: सिंधिया संपत्ति विवाद में नया मोड़, केंद्रीय मंत्री सिंधिया की बड़ी बुआ का दावा भी सुनवाई में शामिल

ग्वालियर: सिंधिया राजपरिवार की करीब ₹40 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में गुरुवार को नया मोड़ आया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी के दावे को मामले की सुनवाई में शामिल कर लिया गया है। कोर्ट ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए उन्हें अपने दावे और उसके आधार पर पक्ष रखने का अवसर दिया है।
हालांकि, आवेदन स्वीकार किए जाने का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट ने प्रतिमा देवी को संपत्ति में हिस्सा देने का फैसला कर दिया है। उनके अधिकार और हिस्सेदारी पर आगे होने वाली सुनवाई और कानूनी बहस के बाद ही निर्णय होगा।
दामाद ने कोर्ट में रखा प्रतिमा देवी का पक्ष
गुरुवार को प्रतिमा देवी की ओर से उनके दामाद प्रतीक कारकी कोर्ट में उपस्थित हुए और उनका पक्ष रखा। प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां पद्माराजे सिंधिया, सिंधिया राजपरिवार की बेटी थीं। इसी उत्तराधिकार के आधार पर उन्होंने संपत्ति में अपने हिस्से का दावा किया है। उनकी आपत्ति के बाद अब बंटवारे से जुड़े मामले में उनके दावे और अधिकार पर भी कानूनी बहस होगी।
वसीयत और दस्तावेज नहीं मिलने की आपत्ति
प्रतिमा देवी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उन्हें संपत्ति विवाद से जुड़े जरूरी दस्तावेज और वसीयत की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने इस आधार पर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले के नोटिस भेजे जाने के तरीके पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि वह काठमांडू में रहती हैं, जबकि कुछ नोटिस नेपालगंज के पते पर भेजे गए। उनका दावा है कि गलत पते पर नोटिस जाने के कारण उन्हें मामले की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
दूसरे पक्ष ने कहा- समझौते पर सहमति और हस्ताक्षर थे
प्रतिमा देवी की आपत्तियों पर दूसरे पक्ष की ओर से जवाब भी कोर्ट में पेश किया जा चुका है। इसमें दावा किया गया है कि संपत्ति के बंटवारे से जुड़े समझौते की प्रक्रिया में प्रतिमा देवी की सहमति थी और संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी हैं। यानी अब कोर्ट के सामने दो अहम सवाल हैं- प्रतिमा देवी को संपत्ति में कानूनी अधिकार कितना है और पहले तैयार किए गए समझौते में उनकी सहमति की स्थिति क्या थी।
पहले से चल रहा है संपत्ति बंटवारे का विवाद
सिंधिया परिवार की पैतृक और अन्य संपत्तियों को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। 2026 में परिवार के कई सदस्यों के बीच समझौते के जरिए विवाद खत्म करने की कोशिश भी हुई। रिपोर्टों के मुताबिक समझौते का मसौदा कोर्ट के सामने पेश किया गया था, लेकिन प्रतिमा देवी की आपत्ति के बाद मामला फिर कानूनी पेंच में फंस गया। विवाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे, उषा राजे और परिवार के अन्य सदस्य भी पक्षकार हैं।
7 अक्टूबर को अगली सुनवाई
गुरुवार की सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में 7 अक्टूबर को अगली तारीख तय की है। इस दिन संपत्ति के बंटवारे, प्रतिमा देवी के दावे और पहले हुए समझौते से जुड़े कानूनी मुद्दों पर आगे सुनवाई होने की संभावना है। फिलहाल प्रतिमा देवी का दावा सिर्फ सुनवाई के दायरे में आया है। संपत्ति में उनका वास्तविक अधिकार और हिस्सा कितना होगा, इस पर कोर्ट का अंतिम फैसला अभी बाकी है।
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सागर शराब कांड में मौतों का आंकड़ा बढ़ा: 22 लोगों की जान गई, 112 अस्पताल में भर्ती; 30 पर FIR, 10 गिरफ्तार

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली/अवैध शराब से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जबकि 112 लोगों का सागर और भोपाल के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि, मौतों के आंकड़े को लेकर प्रशासन और अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। प्रशासन की ओर से सभी 22 मौतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
पुलिस ने मामले में करीब 30 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें लाइसेंसी शराब ठेकेदार भी शामिल हैं। अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और शराब की सप्लाई के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
पिता-पुत्र समेत कई लोगों की मौत
सोमवार को इलाज के दौरान कई और मरीजों ने दम तोड़ दिया। महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी की मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर भोपाल ले जाए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार रात मौत हो गई थी। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हुई थी। राम प्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी अभी अस्पताल में भर्ती है। इसके अलावा गूगरा खुर्द के भगवान सिंह (35), खटोरा के गोपाल आदिवासी (40) और मुड़ना पैरा के देश कुमार लोधी समेत अन्य लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
112 मरीजों का अस्पतालों में इलाज
ताजा स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में बताए गए हैं। जिला अस्पताल और बंडा सिविल अस्पताल में भी प्रभावित लोगों का इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक मरीज को गंभीर स्थिति में एयरलिफ्ट कर भोपाल भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
मौतों की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी जैसीनगर एसडीएम को सौंपी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी, शराब कहां तैयार या उपलब्ध कराई गई, उसका भंडारण और वितरण किन लोगों ने किया और इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की कोई लापरवाही थी या नहीं। जांच अधिकारी को स्पष्ट अभिमत के साथ रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस की जांच में शराब की सप्लाई को लेकर उत्तर प्रदेश के ललितपुर से संभावित कनेक्शन की बात सामने आई है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि संदिग्ध शराब सागर के गांवों तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियां शराब के नमूनों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौतों की वजह की पुष्टि करने में जुटी हैं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों के शरीर में मेथेनॉल पाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि इस मामले में अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष जांच के बाद ही माना जाएगा।
30 लोगों पर FIR, ठेकेदार भी आरोपी
पुलिस ने बंडा और आसपास के थानों में दर्ज मामलों में करीब 30 लोगों को नामजद किया है। इनमें शराब की अवैध बिक्री और सप्लाई से जुड़े बताए जा रहे लोगों के साथ लाइसेंसी शराब कारोबारियों के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों में गिरफ्तारियों की संख्या 14 तक बताई गई है, इसलिए आधिकारिक पुलिस आंकड़ा आने तक संख्या में सावधानी बरतना जरूरी है। पुलिस की टीमें बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण कहां से हुआ।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तीन आबकारी अधिकारियों और दो पुलिसकर्मियों के निलंबन की भी जानकारी सामने आई है। फिलहाल प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर स्क्रीनिंग कर रही हैं। प्रशासन ने शराब का सेवन करने वाले लोगों से तबीयत खराब होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
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MP News: सागर में जहरीली शराब से 11 मौतें, 30+ अस्पताल पहुंचे, 3 गंभीर; शराब दुकानों पर कार्रवाई

सागर: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत की खबर है। चार गांवों के 30 से ज्यादा लोगों को अस्पताल लाया गया है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्क्रीनिंग शुरू कर दी है और शराब के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन और पुलिस के स्तर पर शराब को मौतों का अंतिम कारण अभी घोषित नहीं किया गया है। प्रारंभिक तौर पर संदिग्ध जहरीली शराब को वजह माना जा रहा है। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
घूघर, नौराज और बराज समेत चार गांवों में मामला
बताया गया है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज और आसपास के गांवों के कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। बीमार लोगों में से कई को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर किया गया है। तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है।
मरीजों के शरीर नीले पड़े, अकड़न की शिकायत
डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचाए गए कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें शरीर में अकड़न की शिकायत थी। घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम भेजकर स्क्रीनिंग शुरू कराई है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि यदि पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब पी है या जहरीली शराब से जुड़े लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत जांच कराएं। लोग स्थानीय मेडिकल टीम से संपर्क करने के अलावा बंडा सिविल अस्पताल पहुंचकर भी स्क्रीनिंग करा सकते हैं।
शराब दुकानों के सैंपल लिए जा रहे
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। इलाके की शराब दुकानों को सील कर नमूने लेने की कार्रवाई की गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में सील की गई दुकानों की संख्या पांच से छह बताई गई है, इसलिए आधिकारिक आंकड़ा आने के बाद इसे अपडेट किया जाना उचित होगा। अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की भी तलाश की जा रही है। प्रशासन ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
CM मोहन यादव ने दिए जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजने और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया जा रहा है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस शराब की सप्लाई, सेवन और मौतों के बीच संबंध की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और शराब के नमूनों की रिपोर्ट से मौतों की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
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MP News: मध्यप्रदेश में TET अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी, शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव का ऐलान; सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रही परीक्षा

भोपाल: मध्यप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोजित की जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में भी होगी। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की। परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में यह घोषणा की। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया गया।
डेढ़ लाख शिक्षकों ने पास नहीं की TET परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश में सेवारत उन शिक्षकों के लिए TET आयोजित की जा रही है, जिन्होंने अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं की है। परीक्षा के दायरे में करीब डेढ़ लाख शिक्षक आने की संभावना बताई गई है। परीक्षा अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित है। ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प उन शिक्षकों के लिए खास तौर पर राहत माना जा रहा है, जिन्हें कंप्यूटर आधारित परीक्षा देने में परेशानी हो सकती है।
आवेदन की तारीख भी बढ़ाई गई
TET के लिए आवेदन की अंतिम तारीख अब 18 सितंबर 2026 कर दी गई है। आवेदन में संशोधन की सुविधा 20 सितंबर तक रहेगी। इससे पहले आवेदन की अंतिम तारीख 4 सितंबर थी।
CM बोले- शिक्षा व्यवस्था मजबूत करना लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्कूल की कक्षाओं में ही देश का भविष्य तैयार होता है और शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ जीवन की दिशा भी देते हैं।
उन्होंने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश बोर्ड की मेरिट सूची में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी स्थान बना रहे हैं। यह शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
शिक्षकों को बेहतर अवसर देने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों के हित में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में TET को ऑफलाइन कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना, शिक्षकों को सम्मान और बेहतर अवसर देना तथा हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
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MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश से बिगड़े हालात, मंदाकिनी उफनी, बरगी बांध के 5 गेट खुले; कई जिलों में अलर्ट

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि जबलपुर के बरगी बांध में जलभराव 93% से ज्यादा पहुंचने के बाद पांच गेट करीब एक-एक मीटर खोले गए हैं। इससे नर्मदा के निचले इलाकों में जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ने की संभावना है।
चित्रकूट में लगातार करीब 72 घंटे से बारिश होने के कारण मंदाकिनी का जलस्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह दी है। रामघाट-हनुमान धारा को जोड़ने वाला पुल पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है और बाढ़ का पानी अन्य हिस्सों तक पहुंच रहा है।
बरगी बांध 93% से ज्यादा भरा, 5 गेट खोले
जबलपुर के बरगी बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ रही है। 2 सितंबर की सुबह बांध का जलस्तर 421.85 मीटर और जलभराव करीब 93.33% दर्ज किया गया था। इसके बाद 3 सितंबर को पांच गेट करीब एक मीटर तक खोले गए। करीब 760 क्यूमेक पानी छोड़े जाने से नर्मदा के घाटों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर जाने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चित्रकूट में बाढ़ का खतरा, पर्यटन स्थल लगभग बंद
मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर का असर चित्रकूट के घाटों और पर्यटन स्थलों पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर पानी पहुंचने के कारण पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें। IMD ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बताया है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह शामिल हैं।
2 जिलों में रेड, 6 में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। 4 सितंबर को कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 5 और 6 सितंबर को भी खासकर मध्य और उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक 11% कम बारिश
बारिश का दौर तेज होने के बावजूद पूरे मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य से कम है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा इससे अधिक होना चाहिए था। कुल मिलाकर बारिश करीब 11% कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। करीब 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। कुछ जिलों में कमी 2 से 51% तक है, जबकि पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में यह अंतर 53% तक बताया गया है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
इसके उलट प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।
प्रशासन अलर्ट, नदी किनारे जाने से बचने की अपील
लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल सक्रिय हैं। लोगों को विशेष रूप से नदी, नालों, पुलों और घाटों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए अगले कुछ दिन मध्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खासकर पूर्वी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है।
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