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MP News: खाद वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वाले भेजे जाएंगे जेल, शिकायतों पर सीएम शिवराज ने दिए सख्ती के निर्देश

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Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार शाम निवास कार्यालय में प्रदेश में खाद व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था करें कि कहीं भी खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लाइन न लगाना पड़े। उपलब्धता के बाद यह सुनिश्चित करें कि वितरण की व्यवस्था भी सही रहे। केन्द्र सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है। खाद की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चाहिए। कंट्रोल रूम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए। व्यवस्था में दोषी लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में खाद वितरण के 262 अतिरिक्त काउंटर प्रारंभ किए गए हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं। समय पर वितरण के साथ ही सोशल मीडिया से किसानों को आंकड़ों सहित वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला स्तर पर दी जाए। इसके लिए कलेक्टर्स आवश्यक व्यवस्थाएं करें। मुख्यमंत्री चौहान ने बोवनी कार्य की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके परिश्रम की पूरी कीमत मिलना चाहिए। विशेष रूप से मंडियों में आने वाले सब्जी उत्पादकों को बिचौलियों और व्यापारियों द्वारा अनुचित लाभ लेने से बचाने पर भी ध्यान दिया जाए।

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MP News: प्रदेश में 24 घंटे खुल सकेंगे दुकान-मॉल और होटल, राज्यपाल ने नई श्रम संहिता को मंजूरी दी

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भोपाल: मध्य प्रदेश में अब दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुले रखे जा सकेंगे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ‘मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026’ को मंजूरी दे दी है। हालांकि, प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रहने का मतलब कर्मचारियों से लगातार काम कराना नहीं होगा। कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट में लगानी होगी और निर्धारित समय के बाद शिफ्ट बदलनी होगी।

हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं

नई व्यवस्था में कर्मचारियों के काम के घंटे तय रहेंगे। किसी कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा। अगर अतिरिक्त काम कराया जाता है तो इसके लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी। साथ ही ओवरटाइम का भुगतान भी तय नियमों के अनुसार करना होगा। इस व्यवस्था से लोगों को देर रात भी खरीदारी, होटल और रेस्टोरेंट जैसी सेवाएं मिल सकेंगी। खासकर बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे कारोबार करने का अवसर मिलेगा।

एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, बार-बार रिन्यूअल नहीं

नई संहिता में दुकानों और प्रतिष्ठानों के पंजीयन की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। अब बार-बार रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी। प्रतिष्ठान को एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसके बाद प्रमाण-पत्र और एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया जाएगा। भविष्य में प्रतिष्ठान की जानकारी में बदलाव होने पर उसे ऑनलाइन अपडेट करना होगा।

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कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मालिक की

नई व्यवस्था में कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। प्रतिष्ठान संचालकों को साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण, आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था करनी होगी। किसी हादसे या संभावित खतरे की स्थिति में संबंधित अधिकारी जांच कर कार्रवाई कर सकेंगे। महिला कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित कार्यस्थल और जरूरी सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

असंगठित कामगारों को भी मिलेगा योजनाओं का लाभ

नई संहिता में रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और अन्य असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। इन कामगारों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, परिवहन और अन्य सामाजिक सुरक्षा व कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

शिकायत और जांच की प्रक्रिया भी होगी आसान

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श्रमिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और समितियां बनाई जाएंगी। श्रम विभाग के अधिकारी जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठानों की जांच कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज मांग सकेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकेगी।

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MP News: मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन, CM मोहन यादव ने उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल रोकने के दिए आदेश

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भोपाल: महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की बैठक में इसके उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए। गुजरात रवाना होने से पहले हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में अब प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और असली दूध से बने पनीर को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

CM बोले- प्राकृतिक दूध से बनेगा पनीर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर हम प्रतिबंध लगा रहे हैं। जैसा अन्य राज्यों ने लगाया है। हम प्राकृतिक रूप से दुग्ध उत्पादन को बढ़ाएंगे और प्राकृतिक रूप से ही पनीर बनाएंगे।” सरकार के इस फैसले के बाद एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। कम कीमत होने के कारण इसकी बाजार में खपत तेजी से बढ़ी है। अब सरकार ने इसकी बड़ी खपत को देखते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

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रोज 300 से 400 क्विंटल खपत का अनुमान

मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की रोजाना आवक और बिक्री करीब 300 से 400 क्विंटल होने का अनुमान है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल, यानी 900 से 1200 टन एनालॉग पनीर की खपत हो रही है।बड़ी मात्रा में बिक्री और खपत को देखते हुए राज्य सरकार ने अब इस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।

महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद MP का फैसला

मध्य प्रदेश से पहले महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी एनालॉग पनीर को लेकर कार्रवाई और प्रतिबंध के फैसले किए जा चुके हैं। अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एनालॉग पनीर के उत्पादन से लेकर बिक्री और इस्तेमाल तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

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MP Cabinet: भोपाल-विदिशा रोड होगा फोरलेन, 1,757.55 करोड़ रुपए की परियोजना को कैबिनेट मंजूरी; 3 बायपास भी बनेंगे

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भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की कुल लागत 1,757 करोड़ 55 लाख रुपए होगी। मौजूदा 44.83 किमी लंबे टू-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन किया जाएगा। यह सड़क भोपाल-कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में काम करेगी।

3 बायपास भी बनेंगे

परियोजना में कुल 8.25 किमी के तीन बायपास बनाए जाएंगे। इससे आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़क हादसों की आशंका घटेगी। यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। इस मार्ग पर मौजूदा यातायात करीब 10,975 पैसेंजर कार यूनिट है, जो फोरलेन सड़क के निर्धारित 10 हजार के मानक से अधिक है।

सांची-उदयगिरि की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

फोरलेन बनने से सांची स्तूप, अशोक स्तंभ, संग्रहालय और उदयगिरि की गुफाओं जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे पर्यटन के साथ होटल, परिवहन, गाइड और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

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कैबिनेट के दूसरे बड़े फैसले

  • सीहोर में सोयाबीन रिसर्च यूनिट: इछावर के भाऊखेड़ी में 20 हेक्टेयर जमीन पर रिसर्च सेंटर स्थापित होगा।
  • रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार: पुरस्कार राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की गई।
  • देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: न्यायिक जांच आयोग के गठन का अनुसमर्थन।
  • 3 औद्योगिक सुरक्षा बल: प्रदेश में तीन SISF बटालियन गठित होंगी, शुरुआत खंडवा से होगी।
  • पुलिस में 27,534 पदोन्नतियां: 58 संवर्गों के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया।
  • किसानों को 10 घंटे बिजली: सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने पर जोर।
  • सांची ब्रांड: उत्पादन हिस्सेदारी को 12% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य।
  • होम स्टे: पर्यटन विभाग के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • वनोपज समितियां: स्थानीय स्तर पर लाभांश वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
  • भोपाल बायपास: पिछले दो साल में 145.87 करोड़ रुपए का टोल राजस्व मिलने की जानकारी दी गई।
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MP Police Recruitment: MP पुलिस में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी: 9,751 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी; 3 SISF बटालियन भी बनेंगी

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भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस में बड़ी भर्ती की तैयारी है। पुलिस विभाग के नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार समारोह में DGP कैलाश मकवाना ने बताया कि वर्ष 2026 में पुलिस विभाग के 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी मिली है। वहीं विभिन्न संवर्गों में 14,704 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। फिलहाल 9,751 से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

8 साल से SI-सूबेदार की भर्ती नहीं हुई थी

DGP कैलाश मकवाना ने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद विभाग की समीक्षा में करीब 20 हजार पद खाली मिले थे। सब इंस्पेक्टर और सूबेदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर करीब 8 साल से भर्ती नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि रिक्तियों का असर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पड़ रहा था। भर्ती नियमों से जुड़ी आपत्तियों का समाधान करने के बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई।

27,534 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन

मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 में पुलिस विभाग के 58 संवर्गों के 27,534 अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। इनमें 30 रक्षित निरीक्षक पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक बने। CM ने कहा कि विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक प्रमोशन अटके रहे। 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति के रिटायर हुए, जिसका उन्हें मलाल है।

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MP में बनेंगी SISF की 3 बटालियन

मुख्यमंत्री ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) की 3 नई बटालियन बनाने की घोषणा की। इनमें से एक बटालियन खंडवा में बनेगी, जबकि दो अन्य के स्थान बाद में तय किए जाएंगे। SISF में बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की अलग-अलग कंपनियां गठित करने की भी बात कही गई, ताकि इन समुदायों के युवाओं को रोजगार और सुरक्षा बल में प्रतिनिधित्व मिल सके।

नक्सल विरोधी अभियान के लिए 1,207 नए पद

DGP ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान को मजबूत करने के लिए हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद मंजूर किए गए हैं। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। पुलिस बैंड और FSL की भर्तियां अगले चरण में होंगी।

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MP News: राजगढ़ में नाले में बही ईको वैन, 7 की मौत, SDRF बाकी लोगों की तलाश में जुटी

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राजगढ़: मध्यप्रदेश के राजगढ़ में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे के पास 11 लोगों से भरी ईको वैन उफनते नाले में बह गई। हादसे में अब तक 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 3 पुरुष, 2 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। SDRF की टीम बाकी लोगों की तलाश में जुटी है। हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। वैन में सवार सभी लोग देवास के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वे सतवास से कड़लावद गांव जा रहे थे। कार सतवास के धांसड़ गांव निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर रजिस्टर्ड है और वही इसे चला रहा था।

अधूरे पुल पर चढ़ी कार, तेज बहाव में बही

पड़ाना के पास झिरी नाले पर करीब 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है। लगातार बारिश के कारण नाले का पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान ईको वैन वहां पहुंची और पानी के तेज बहाव में बह गई। हादसे के बाद ड्राइवर मुकेश सिंह चौहान और उसके चाचा हुकुम सिंह किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए। बाकी लोग पानी में बह गए।

पहले 4 मौतों की जानकारी, रेस्क्यू में संख्या बढ़ी

हादसे की शुरुआती जानकारी में 4 लोगों की मौत की बात सामने आई थी। रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई। सभी बरामद शवों को सारंगपुर लाया गया है। SDERF की टीम नाले और आसपास के इलाके में बाकी लोगों की तलाश कर रही है।

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क्रेन से निकाली कार, अंदर कोई नहीं मिला

सूचना मिलते ही SDM रोहित बम्होरे और SDOP अरविंद सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से नाले में बही ईको वैन को बाहर निकाला गया। कार की तलाशी लेने पर उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला। रेस्क्यू टीम अब पानी के बहाव की दिशा में बाकी लोगों की तलाश कर रही है।

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