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MP News: खाद वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वाले भेजे जाएंगे जेल, शिकायतों पर सीएम शिवराज ने दिए सख्ती के निर्देश

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार शाम निवास कार्यालय में प्रदेश में खाद व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था करें कि कहीं भी खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लाइन न लगाना पड़े। उपलब्धता के बाद यह सुनिश्चित करें कि वितरण की व्यवस्था भी सही रहे। केन्द्र सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है। खाद की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चाहिए। कंट्रोल रूम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए। व्यवस्था में दोषी लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में खाद वितरण के 262 अतिरिक्त काउंटर प्रारंभ किए गए हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं। समय पर वितरण के साथ ही सोशल मीडिया से किसानों को आंकड़ों सहित वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला स्तर पर दी जाए। इसके लिए कलेक्टर्स आवश्यक व्यवस्थाएं करें। मुख्यमंत्री चौहान ने बोवनी कार्य की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके परिश्रम की पूरी कीमत मिलना चाहिए। विशेष रूप से मंडियों में आने वाले सब्जी उत्पादकों को बिचौलियों और व्यापारियों द्वारा अनुचित लाभ लेने से बचाने पर भी ध्यान दिया जाए।
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MP News: मध्य प्रदेश में 9 साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर में वोटिंग की तैयारी

भोपाल/ जबलपुर: मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में करीब नौ साल बाद छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे हैं। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सितंबर महीने में छात्रसंघ चुनाव कराने की जानकारी दी है। इसके साथ ही 2017 के बाद पहली बार छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव होगा।
जबलपुर निवासी छात्र अदनान अंसारी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से चुनाव की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सुनवाई के दौरान सरकार ने सितंबर में चुनाव कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी थी तय तारीख
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के रवैये पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि केवल आश्वासन और बहानों से काम नहीं चलेगा। सरकार को चुनाव की निश्चित तारीख और पूरी कार्ययोजना बतानी होगी। इसके बाद सरकार ने कोर्ट में शैक्षणिक कैलेंडर पेश करते हुए सितंबर में चुनाव कराने की जानकारी दी।
2017 के बाद नहीं हुए चुनाव
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि 2017 के बाद पहले कोरोना महामारी और फिर अन्य कारणों का हवाला देकर छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए गए। इससे वर्षों से छात्रसंघों का गठन नहीं हो सका। याचिकाकर्ता अदनान अंसारी ने यह भी दावा किया कि छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के बावजूद विश्वविद्यालय लगातार छात्रों से चुनाव शुल्क वसूलते रहे हैं। उन्होंने इस राशि का पूरा हिसाब भी कोर्ट के समक्ष पेश करने की मांग की है।
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MP News: कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडलिस्ट यामिनी और अजय बाबू को 25-25 लाख और सरकारी नौकरी

भोपाल: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाले मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों को राज्य सरकार ने बड़ा सम्मान देने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश सरकार दोनों खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि के साथ सरकारी नौकरी भी देगी।
राज्य के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जूडो खिलाड़ी यामिनी और भारोत्तोलक अजय बाबू ने अपने शानदार प्रदर्शन से मध्य प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
यामिनी ने जूडो, अजय बाबू ने भारोत्तोलन में जीता रजत
यामिनी ने जूडो स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। वहीं अजय बाबू ने भारोत्तोलन में शानदार प्रदर्शन के दम पर सिल्वर मेडल जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
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MP News: मध्यप्रदेश में मकान बनाना हुआ आसान, बिल्डिंग परमिशन के लिए कई विभागों की NOC खत्म, पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति (बिल्डिंग परमिशन) की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब मकान या अन्य भवन बनाने के लिए कई विभागों से अलग-अलग अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। साथ ही पूरी भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को ऑनलाइन और डिजिटल कर दिया गया है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य भवन अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
इन विभागों की NOC से मिली राहत
नई व्यवस्था के तहत अब हाउसिंग सोसायटी, सहकारिता विभाग, गृह निर्माण सहकारी समितियां, नजूल और बिजली विभाग से कई मामलों में NOC लाने की जरूरत नहीं होगी। रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में भी आवेदकों को स्वयं NOC लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
यदि किसी प्रकरण में संबंधित विभाग की राय जरूरी होगी तो सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के 7 दिन के भीतर मामला संबंधित विभाग को भेजेगा। विभाग को 21 दिन के भीतर जवाब देना होगा। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर भवन अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाएगी।
किन मामलों में अब भी NOC जरूरी रहेगी?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) और हेरिटेज क्षेत्र से जुड़े मामलों में NOC केवल वहीं आवश्यक होगी, जहां ऑनलाइन GIS जांच में भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में पाया जाएगा।
पर्यावरण और फायर नियमों में भी बदलाव
बड़े भवनों और परियोजनाओं के लिए ही पर्यावरणीय स्वीकृति आवश्यक होगी। वहीं, वृक्ष कटाई की अनुमति केवल उन्हीं मामलों में लेनी होगी, जहां वास्तव में पेड़ों की कटाई की जानी हो। अग्निशमन (फायर) संबंधी नियम राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुसार पहले की तरह लागू रहेंगे। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से आम नागरिकों के साथ-साथ बिल्डर्स, निवेशकों और निर्माण एजेंसियों को भी राहत मिलेगी तथा भवन निर्माण की स्वीकृति पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी।
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MP News: राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने शिलॉन्ग कोर्ट में किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी जमानत

इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए मेघालय के शिलॉन्ग स्थित संबंधित अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत पहुंचकर सरेंडर करने के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी जमानत
शीर्ष अदालत ने जमानत रद्द करते हुए सोनम रघुवंशी को संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। आदेश के बाद उसने शिलॉन्ग कोर्ट में पेश होकर सरेंडर कर दिया।
अब ट्रायल की कार्रवाई होगी तेज
सोनम के सरेंडर के बाद अब अदालत में ट्रायल की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा, जबकि बचाव पक्ष भी अपनी दलीलें पेश करेगा। आगे की सुनवाई में अदालत आरोप तय करने और साक्ष्यों के परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
देशभर में चर्चा में रहा मामला
राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी हर सुनवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है। अब अदालत में होने वाली आगामी कार्यवाही इस चर्चित मामले की दिशा तय करेगी।
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MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में 8 IAS अधिकारियों के तबादले, मिशा सिंह की पोस्टिंग बदली, अब भोपाल में रहेंगी

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 8 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह की पोस्टिंग को लेकर हुआ है। दो दिन पहले जारी आदेश में उन्हें शहडोल कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन संशोधित आदेश में उनकी पदस्थापना अपर आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल कर दी गई है। मिशा सिंह प्रेग्नेंट हैं, इसी वजह से उन्होंने भोपाल या इंदौर में पदस्थापना का अनुरोध किया था, जिसके बाद सरकार ने आदेश में संशोधन किया।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
दिनेश जैन को अपर सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से हटाकर ओएसडी सह संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं अपर सचिव, उपभोक्ता संरक्षण विभाग बनाया गया है। गिरीश शर्मा को परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अंकित अस्थाना को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है। उन्हें संचालक, कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
स्वरोचिष सोमवंशी को अतिरिक्त जिम्मेदारी
सरकार ने स्वरोचिष सोमवंशी को आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के साथ सचिव, राज्य योजना आयोग और संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया है। इससे पहले यह अतिरिक्त जिम्मेदारी ऋषि गर्ग के पास थी।
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