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MP News: खाद वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वाले भेजे जाएंगे जेल, शिकायतों पर सीएम शिवराज ने दिए सख्ती के निर्देश

Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार शाम निवास कार्यालय में प्रदेश में खाद व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था करें कि कहीं भी खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को लाइन न लगाना पड़े। उपलब्धता के बाद यह सुनिश्चित करें कि वितरण की व्यवस्था भी सही रहे। केन्द्र सरकार से निरंतर आवंटन प्राप्त हो रहा है। खाद की कोई कमी नहीं है। वितरण का असंतुलन नहीं होना चाहिए। खाद वितरण के सुचारू प्रबंध मैदान में दिखना चाहिए। कंट्रोल रूम से निगाह रखते हुए प्रतिदिन की जानकारी सामने लाई जाए। व्यवस्था में दोषी लोगों को जेल भेजने की कार्यवाही हो। प्रदेश में खाद वितरण के 262 अतिरिक्त काउंटर प्रारंभ किए गए हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं। समय पर वितरण के साथ ही सोशल मीडिया से किसानों को आंकड़ों सहित वास्तविक स्थिति की जानकारी जिला स्तर पर दी जाए। इसके लिए कलेक्टर्स आवश्यक व्यवस्थाएं करें। मुख्यमंत्री चौहान ने बोवनी कार्य की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके परिश्रम की पूरी कीमत मिलना चाहिए। विशेष रूप से मंडियों में आने वाले सब्जी उत्पादकों को बिचौलियों और व्यापारियों द्वारा अनुचित लाभ लेने से बचाने पर भी ध्यान दिया जाए।
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MP में फिर बारिश का दौर: 17 से 19 सितंबर तक पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगी गतिविधि; 18 से 21 तक पूर्वी जिलों में भी बारिश के आसार

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर बनने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक व्यापक हो सकती हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर तक पूर्वी हिस्से में कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर हुई है, लेकिन 19 सितंबर के बाद नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। इससे मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और दौर आ सकता है।
मंगलवार को धूप, बड़े शहरों में भी राहत
मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र और मानसून ट्रफ की गतिविधि के बावजूद किसी जिले में तेज बारिश दर्ज नहीं हुई। भोपाल में दिन में धूप खिली रही। इंदौर और उज्जैन में भी मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। हालांकि IMD के पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश दोनों में 17-18 सितंबर तक गरज-चमक और आंधी की संभावना दर्ज की गई है।
अब तक 33 इंच बारिश, सामान्य कोटे का 88.5% पूरा
प्रदेश में 1 जून से शुरू हुए मानसूनी सीजन में अब तक करीब 33 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य मौसमी बारिश करीब 37.3 इंच मानी गई है। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 88.5% कोटा पूरा हो चुका है।
मानसून सीजन खत्म होने में करीब दो सप्ताह बाकी हैं। यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े में और सुधार हो सकता है।
18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में आगे होने वाली बारिश मौजूदा सामान्य से अधिक आंकड़े को और बढ़ा सकती है।
37 जिलों में अभी बारिश का कोटा अधूरा
दूसरी ओर प्रदेश के 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। इनमें इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख जिले भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा कमी वाले जिलों में आलीराजपुर शामिल है, जहां अब तक करीब 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है। इसके उलट निवाड़ी में सामान्य से करीब 49% ज्यादा बारिश हो चुकी है।
19 सितंबर के बाद भी बन सकता है नया सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 19 सितंबर के बाद प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। IMD ने देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत दिए हैं, लेकिन बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। यानी MP में मानसून की विदाई भले ही करीब है, लेकिन अगले कुछ दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए बारिश लेकर आ सकते हैं।
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मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 42,490 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर; शिक्षा के लिए 36 हजार करोड़, 1.27 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, सिंचाई, परिवहन और जनकल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने 42,490 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र प्रवर्तित समग्र शिक्षा योजना की आगामी पांच वर्षों की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ रुपए का है। इसके अलावा परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़, उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ और तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,600 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक समग्र शिक्षा योजना को जारी रखने के लिए 36,006.22 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। योजना का उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना, सामाजिक एवं लैंगिक अंतर कम करना और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक 4 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों से जुड़ी शैक्षणिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
तीन सिंचाई परियोजनाओं पर 2,607 करोड़ से ज्यादा
जल संसाधन क्षेत्र में उज्जैन की चितावद, सिंगरौली की गौंड और अशोकनगर की चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 2,607 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इससे 1.27 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।
- चितावद परियोजना- ₹1,846.05 करोड़
- गौंड परियोजना- ₹749.62 करोड़
- चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना – ₹11.49 करोड़
इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
परिवहन की 11 योजनाओं के लिए ₹1,166.60 करोड़
कैबिनेट ने परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को जारी रखने के लिए ₹1,166.60 करोड़ की मंजूरी दी है। इसमें उड़नदस्ता और चेक पॉइंट के लिए 377.41 करोड़, जिला स्थापना के लिए 361.89 करोड़, मुख्यालय के लिए 120.10 करोड़ और स्मार्ट कार्ड योजना के लिए 245.55 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके साथ सड़क सुरक्षा, ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र, ग्रामीण परिवहन नीति, नेक व्यक्ति पुरस्कार और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं भी जारी रहेंगी।
उद्यानिकी की 8 योजनाओं के लिए ₹491 करोड़
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाओं को 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹491 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसमें फल पौधरोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 100-100 करोड़, संरक्षित खेती के लिए 85 करोड़, फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण के लिए 53-53 करोड़ तथा कोल्ड चेन के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल है। सरकार का फोकस फल, मसाला और प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि पर है।
तीन नए जिलों में खनिज कार्यालय, 21 पद मंजूर
नवगठित मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों में खनिज शाखा स्थापित करने के लिए 21 नए पदों को मंजूरी दी गई है। प्रत्येक जिले में सात-सात पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे नए जिलों में खनिज प्रशासन और संबंधित कार्यों के संचालन के लिए अलग व्यवस्था मजबूत होगी।
अनूपपुर-शहडोल के 4 हाई स्कूलों के लिए 36 पद
अनूपपुर और शहडोल में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयित चार विद्यालयों के लिए 36 नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 4 प्राचार्य हाई स्कूल, 24 माध्यमिक शिक्षक, 4 प्राथमिक शिक्षक, 4 सहायक ग्रेड-3 के पद शामिल हैं। इन पदों की स्वीकृति से उन्नयित स्कूलों में शिक्षकीय और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
लाड़ली बहनों को ₹250 अतिरिक्त सहायता का अनुसमर्थन
कैबिनेट ने रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को अगस्त की नियमित सहायता राशि के साथ ₹250 की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता दिए जाने के मुख्यमंत्री के 20 अगस्त के आदेश का अनुसमर्थन किया। यह राशि रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष सहायता के रूप में दी गई थी।
मार्कफेड को ₹2,220 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
कैबिनेट ने रबी विपणन वर्ष 2024-25 की खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि चुकाने के लिए मार्कफेड को ₹2,220.62 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया है। इस राशि का पुनर्भुगतान 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित किया जाना है।
विकास और जनकल्याण पर कैबिनेट का फोकस
मंगलवार की बैठक में शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े फैसले लिए गए। खास तौर पर समग्र शिक्षा योजना और सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी से शिक्षा के साथ कृषि क्षेत्र में भी आने वाले वर्षों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की 26 मई 2026 को हुई 64वीं साधिकार समिति की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी भी ली।
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MP News: छात्रा की पिटाई का वायरल वीडियो मामला, 4 सहेलियों पर FIR, परिजन बोले- जिस युवक से माफी मंगवाई, उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?

सतना: मध्यप्रदेश के सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक छात्रा को सुनसान जगह पर ले जाकर पीटने और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर पीड़िता के परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के पीछे जिस युवक श्रवण सेन की भूमिका होने की बात सामने आ रही है, उसका नाम शिकायत और पीड़िता के बयान में आने के बावजूद पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है।
पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ BNS की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। परिजनों का सवाल है कि यदि जांच में युवक की भूमिका स्पष्ट है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस किस स्तर के और सबूत का इंतजार कर रही है?
सुनसान जगह ले जाकर छात्रा को पीटा, वीडियो भी बनाया
पीड़िता के मुताबिक उसकी सहेलियां उसे नगर वन के पास एक सुनसान जगह पर लेकर गई थीं। वहां चार छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया। बताया जा रहा कि आरोपियों ने बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक घटना के करीब 38 दिन बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और इसके बाद कोलगवां थाना पुलिस ने FIR दर्ज की। पुलिस ने वायरल वीडियो की भी जांच शुरू की है।
परिजनों का आरोप- विवाद की जड़ में श्रवण सेन
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि पूरे विवाद में श्रवण सेन नाम के युवक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनका दावा है कि पीड़िता के बयान और उसके मोबाइल में मौजूद चैट से भी इस युवक से जुड़े तथ्य सामने आते हैं। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि आरोपी छात्राओं में से एक उससे झाली निवासी श्रवण सेन से बात करने के लिए कह रही थी। पीड़िता के इनकार करने के बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
वीडियो कॉल पर युवक से माफी मांगने का आरोप
पीड़िता के मुताबिक मारपीट के दौरान श्रवण सेन को वीडियो कॉल से जोड़ा गया। आरोप है कि उससे श्रवण से माफी मांगने के लिए कहा गया। पीड़िता का दावा है कि जब तक उसने माफी नहीं मांगी, तब तक उसे छोड़ा नहीं गया। उसे यह धमकी भी दी गई कि यदि उसने युवक से बात नहीं की या घटना के बारे में किसी को बताया तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। बाद में वीडियो के वायरल होने की बात सामने आई।
पुलिस की कार्रवाई पर सबसे बड़ा सवाल
मामले में पुलिस ने चार छात्राओं के खिलाफ धाराएं लगाकर FIR तो दर्ज कर ली, लेकिन परिजन सवाल उठा रहे हैं कि वीडियो कॉल में जिस युवक को कथित तौर पर जोड़े जाने और माफी मंगवाने की बात सामने आई है, उसके खिलाफ FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? परिजनों का कहना है कि जब शिकायत में युवक का नाम और उससे जुड़ी कथित चैट का जिक्र है, तो पुलिस ने अभी तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
पुलिस बोली- जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
कोलगवां थाना पुलिस के मुताबिकप गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप में चार छात्राओं के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो का परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच जारी है।पुलिस का कहना है कि युवक की भूमिका जांच में सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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MP पुलिस में बड़ा फेरबदल: 10 IPS समेत 136 अफसरों के तबादले; भोपाल-इंदौर में भी बदली जिम्मेदारी

भोपाल: मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। गृह विभाग ने 10 IPS और 126 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों समेत कुल 136 पुलिस अफसरों के तबादले किए हैं। नई पदस्थापनाएं तत्काल प्रभाव से लागू मानी गई हैं। तबादला सूची में SDOP, नगर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस आयुक्त और सहायक सेनानी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। कई अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से मैदानी पदों पर भेजा गया है, जबकि कई मैदानी अधिकारियों की नई जगह पदस्थापना की गई है।
आलोक कुमार वर्मा को रीवा CSP की जिम्मेदारी
तबादला सूची के मुताबिक आलोक कुमार वर्मा को देवास से नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) रीवा बनाया गया है। इसी तरह मनीष भारद्वाज को साइबर पुलिस मुख्यालय से ACP कोतवाली, नगरीय इंदौर की जिम्मेदारी दी गई है। मनोज कुमार को ACP MP नगर, नगरीय भोपाल पदस्थ किया गया है।
पुलिस विभाग के इस फेरबदल में कई SDOP की भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं। वैभव प्रिया को रतलाम से SDOP नेपानगर, शुभम सिंह ठाकुर को जबलपुर से SDOP गाडरवारा, अमित कुमार को खंडवा से SDOP सिंगरौली भेजा गया है। इसके अलावा सूची में सहायक पुलिस आयुक्त और सहायक सेनानी स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
मैदानी पुलिसिंग पर फोकस
तबादला आदेश में पुलिस मुख्यालय और अन्य इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को मैदानी जिम्मेदारियां दिए जाने के साथ कई SDOP और नगर पुलिस अधीक्षकों को भी दूसरी जगह भेजा गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक इस सूची में 10 IPS और 126 DSP स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इससे जिलों और नगरीय पुलिस इकाइयों में स्थानीय स्तर की कमान में बदलाव हुआ है।
गणेश चतुर्थी से पहले पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव
यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है, जब प्रदेश में गणेश चतुर्थी समेत आगामी पर्वों को लेकर पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी है। नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
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चित्रकूट: बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आया रामानंद मिशन, 1000 परिवारों और साधु-संतों तक पहुंचाई जाएगी राहत सामग्री; राशन, कपड़े और जरूरी सामान शामिल

सतना: तीर्थक्षेत्र चित्रकूट में हाल में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए श्री तुलसीपीठ सेवा न्यास और रामानंद मिशन ने राहत अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित करीब 1,000 जरूरतमंद परिवारों और आश्रमों में रहने वाले साधु-संतों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
रामानंद मिशन के कार्यकर्ताओं और धर्मयोद्धाओं की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत सामग्री वितरित कर रही हैं। संस्था के मुताबिक, बाढ़ के कारण जिन परिवारों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता दी जा रही है।
राहत किट में रोजमर्रा की जरूरत का सामान
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तैयार की गई राहत किट में दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुएं शामिल की गई हैं। इनमें गद्दा, रजाई, मच्छरदानी, चादर, दरी और चटाई, बाथरूम एवं स्वच्छता किट, थाली, गिलास और राशन सामग्री के अलावा पहनने योग्य आवश्यक कपड़े समेत अन्य सामग्री शामिल हैं।
साधु-संतों के लिए भी विशेष सहायता
राहत अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ आसपास की पहाड़ी और जंगली इलाकों में निवास करने वाले साधु-संतों तक भी सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। संस्था के अनुसार, बाढ़ के कारण साधना में आ रही परेशानियों को कम करने के उद्देश्य से साधु-संतों को भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। यह सामग्री श्री तुलसीपीठ के उत्तराधिकारी आचार्य रामचन्द्र दास जी महाराज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने श्रद्धापूर्वक सौंपी।
‘सेवा ही साधना है, सेवा ही समर्पण’
आचार्य रामचन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन परिवारों की दैनिक आवश्यकताएं प्रभावित हुई हैं, उनके जीवन में दोबारा आशा, सम्मान और सहारा पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने आमजन से भी राहत एवं सेवा कार्यों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “सेवा ही साधना है, सेवा ही समर्पण है।” रामानंद मिशन के मुताबिक, राहत अभियान के माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें इस कठिन परिस्थिति में सामाजिक और मानवीय सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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