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एससी-एसटी एक्ट में गिरफ्तारी से पहले नहीं मिलेगी अग्रिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के संशोधन को वैध माना

नई दिल्ली:अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन कानून 2018 की संवैधानिक वैधता पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर सरकार के फैसले को सही माना है। जस्टिस अरूण मिश्र, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस रवीन्द्र भट्ट की बेंच ने एससी-एसटी संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब एससी-एसटी संशोधन कानून के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज होगी और गिरफ्तारी होगी। इस कानून के तहत दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी से पहले अग्रिम जमानत भी नहीं मिल पाएगी। हालांकि अदालत ने कहा कि कोर्ट सिर्फ उन्हीं मामलों में अग्रिम जमानत दे सकती है, जहां पहली नजर में केस नहीं बनता दिख रहा है। बता दें कि मार्च 2018 में अदालत ने एससी-एसटी कानून के दुरुपयोग के मद्देनजर इसमें मिलने वाली शिकायतों को लेकर स्वत: एफआईआर और गिरफ्तारी के प्रावधान पर रोक लगा दी थी। इसके बाद संसद में अदालत के आदेश को पलटने के लिए कानून में संशोधन किया गया था। इसके बाद इस संशोधित कानून की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
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Petrol Price Hike: पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल एक्सपोर्ट महंगा, डीजल और ATF पर टैक्स घटा

Petrol Price Hike: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। देश में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर नया विंडफॉल टैक्स लागू कर दिया है।
सरकार ने तय किया है कि अब अगर कोई भारतीय तेल कंपनी पेट्रोल को देश में बेचने के बजाय विदेश भेजेगी, तो उसे ₹3 प्रति लीटर का अतिरिक्त टैक्स देना होगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पेट्रोल पर पहली बार इस तरह का टैक्स लगाया गया है।
क्यों लिया गया फैसला?
Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिका की सक्रियता के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। सरकार का मानना है कि कंपनियां ज्यादा मुनाफे के लिए पेट्रोल का निर्यात बढ़ा सकती हैं, जिससे घरेलू सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट को महंगा करने का फैसला लिया है, ताकि देश में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहे।
डीजल और ATF पर राहत
जहां पेट्रोल पर सख्ती बढ़ाई गई है, वहीं डीजल और हवाई जहाज के ईंधन (ATF) पर टैक्स कम कर दिया गया है।सरकार ने डीजल एक्सपोर्ट पर टैक्स ₹23 प्रति लीटर से घटाकर ₹16.5 प्रति लीटर कर दिया है। वहीं ATF पर टैक्स ₹33 से घटाकर ₹16 प्रति लीटर कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को घरेलू ईंधन सप्लाई संतुलित रखने और तेल कंपनियों के निर्यात व्यवहार को नियंत्रित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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NEET UG 2026: अगले सत्र से ऑनलाइन मोड में होगी परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने माना- 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ

NEET UG 2026: केंद्र सरकार ने नीट-यूजी 2026 को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक की घटना हुई थी। उन्होंने कहा कि किसी गलत उम्मीदवार का चयन न हो, इसलिए सरकार ने जिम्मेदारी के साथ परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब री-एग्जाम 21 जून, रविवार को आयोजित किया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद National Testing Agency (NTA) ने सरकार को रिपोर्ट दी। इसके बाद 12 मई को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
री-एग्जाम में छात्रों को मिलेगी सुविधा
शिक्षा मंत्री ने कहा कि री-एग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थी अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे। इससे पहले 3 मई को आयोजित परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में हुई थी। इसके लिए 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
राज्यों से करेंगे बात
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों के बावजूद यह गड़बड़ी कैसे हुई, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दोबारा ऐसी अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि मंत्री, अधिकारी और अभिभावक के तौर पर परीक्षा रद्द करने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन छात्रों के हित में यह जरूरी था। साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों के आने-जाने की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों से चर्चा की जाएगी।
पेपर लीक मामले में 7 गिरफ्तार
CBI ने NEET पेपर लीक मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान से मांगी लाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार शामिल हैं। सभी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 7 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया। इसके अलावा पुणे की मनीषा वाघमारे और नासिक के धनंजय लोखंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली कोर्ट ने लोखंडे को 6 दिन की CBI कस्टडी में भेजा है।
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SIR Phase 3: चुनाव आयोग का SIR फेज-3 शुरू, 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ वोटरों का होगा वेरिफिकेशन

SIR Phase 3: चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे फेज की घोषणा कर दी। इस चरण में हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली समेत 16 राज्यों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, तीसरे फेज के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन तीन क्षेत्रों में मौसम और जनगणना के दूसरे चरण को देखते हुए बाद में शेड्यूल जारी किया जाएगा।
3.94 लाख BLO करेंगे घर-घर वेरिफिकेशन
आयोग ने बताया कि तीसरे फेज में 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए जाएंगे। इनके साथ राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। दिल्ली में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
पहले दो फेज में 59 करोड़ वोटर कवर
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश जारी किया था। अब तक दो चरणों में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जा चुका है।
पहले चरण में बिहार में SIR हुआ था। वहीं दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में प्रक्रिया पूरी की गई।
आयोग के अनुसार, पहले दो चरणों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया गया। इस दौरान 6.3 लाख BLO और 9.2 लाख BLA प्रक्रिया में शामिल हुए।
क्या है SIR प्रक्रिया?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। इसमें घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए जाते हैं। इस प्रक्रिया में 18 साल से ऊपर के नए वोटरों को जोड़ा जाता है।
मृत या दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं। नाम, पता और अन्य जानकारी में हुई गलतियों को सुधारा जाता है। आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा सटीक और अपडेट रखना है।
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Kerala CM: वीडी सतीशन होंगे केरलम के नए मुख्यमंत्री, 10 दिन बाद नाम पर लगी मुहर

Kerala CM: केरल में विधानसभा चुनाव नतीजों के 10 दिन बाद कांग्रेस ने आखिरकार मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर दिया। वीडी सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। पार्टी ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। 61 वर्षीय सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं और लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख विपक्षी चेहरे माने जाते रहे हैं।
कांग्रेस नेता दीपा दासमुंशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 7 मई को तिरुवनंतपुरम में हुई बैठक और बाद में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा राहुल गांधी से चर्चा के बाद सतीशन के नाम पर सहमति बनी। नाम के ऐलान के बाद सतीशन ने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को निजी उपलब्धि नहीं, बल्कि “दैवीय कृपा” मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला समेत सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलेंगे।
CM रेस में तीन बड़े चेहरे
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नाम प्रमुख रूप से सामने थे। चुनाव परिणाम आने के बाद केरल कांग्रेस अलग-अलग गुटों में बंटी नजर आई। एक धड़ा सतीशन के समर्थन में था, जिन्हें युवा नेतृत्व और आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है। वहीं दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और चेन्निथला के पक्ष में सक्रिय था। चर्चा थी कि कई विधायक वेणुगोपाल के समर्थन में थे, क्योंकि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व का करीबी माना जाता है।
हालांकि सतीशन का मजबूत जनाधार और कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रियता उनके पक्ष में भारी पड़ी। इस दौरान वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री न बनाए जाने की मांग को लेकर पोस्टरबाजी भी हुई।
वायनाड में लगे पोस्टर
कांग्रेस समर्थकों ने वायनाड में सतीशन के समर्थन में पोस्टर लगाए थे। पोस्टरों में हाईकमान को चेतावनी देते हुए लिखा गया था कि अगर केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया गया तो इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुछ पोस्टरों में “वायनाड अगला अमेठी होगा” जैसे संदेश भी लिखे गए थे।
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India Oil Reserve: भारत के पास 60 दिन का तेल स्टॉक, पेट्रोलियम मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं, PM की अपील का गलत मतलब न निकालें

India Oil Reserve: देश में ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि फिलहाल ईंधन सप्लाई को लेकर कोई खतरा नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की LNG और 45 दिन की LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
दिल्ली में आयोजित CII एनुअल बिजनेस समिट में पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचत की अपील को लेकर बेवजह अफरा-तफरी मचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पीएम की बातों का मनगढ़ंत मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
PM मोदी ने लगातार 2 दिन की थी अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार दो दिन लोगों से पेट्रोल-डीजल और अन्य संसाधनों का सीमित उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जहां संभव हो, लोग मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। साथ ही अनावश्यक विदेशी यात्राओं से भी बचें।
तेल कंपनियों को रोज 1000 करोड़ का नुकसान
हरदीप पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है, लेकिन सरकार ने इसका बोझ सीधे आम जनता पर नहीं आने दिया। उन्होंने बताया कि तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
पुरी ने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही तो कुल घाटा 1.98 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 64-65 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है।
होर्मुज स्ट्रेट संकट से बढ़ी चिंता
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। भारत के कच्चे तेल आयात का 85% हिस्सा भी इसी रूट से आता था। इसके अलावा घरेलू LPG जरूरत का लगभग 60% हिस्सा भी इसी रास्ते से आता था। उन्होंने कहा कि संकट बढ़ने के बाद सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम किए और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर फोकस किया।
LPG उत्पादन में बड़ा इजाफा
पुरी ने बताया कि संकट से पहले देश में रोजाना 35-36 हजार मीट्रिक टन LPG का उत्पादन होता था। अब इसे बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है। उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे घरेलू गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है।
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