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यूपी में 34 IAS अफसरों के तबादले, 14 जिलों के DM बदले, 5 मौजूदा DM को दूसरे जिलों की कमान

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 34 IAS अफसरों के तबादले किए। इनमें 14 जिलों के जिलाधिकारी शामिल हैं। तबादले के तहत 5 मौजूदा जिलाधिकारियों को दूसरे जिलों की कमान सौंपी गई है, जबकि 9 अफसरों को शासन और अन्य विभागों से हटाकर जिलों में डीएम की जिम्मेदारी दी गई है। नई तैनातियों में मुरादाबाद, हरदोई, कुशीनगर, कानपुर नगर, पीलीभीत, बलिया, एटा, संतकबीर नगर, अमेठी, बागपत, महोबा, हाथरस, हमीरपुर और बिजनौर शामिल हैं।

इन 5 IAS अफसरों को फिर जिला मिला

सरकार ने पांच ऐसे IAS अधिकारियों को दूसरे जिलों में जिलाधिकारी बनाकर भेजा है, जो पहले से ही डीएम के पद पर तैनात थे।

  1. अनुनय झा — हरदोई के डीएम से अब मुरादाबाद के डीएम बनाए गए।
  2. संजय चौहान — अमेठी के डीएम से अब कुशीनगर के डीएम बनाए गए।
  3. महेंद्र सिंह तंवर — कुशीनगर के डीएम से अब कानपुर नगर के डीएम बनाए गए।
  4. आलोक कुमार — संतकबीर नगर के डीएम से अब पीलीभीत के डीएम बनाए गए।
  5. ज्ञानेंद्र सिंह — पीलीभीत के डीएम से अब बलिया के डीएम बनाए गए।

इन 9 अफसरों को फील्ड में तैनाती

सरकार ने 9 IAS अधिकारियों को शासन, विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों से हटाकर जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है।

  1. राहुल पांडेय — विशेष सचिव, राज्य कर विभाग से हरदोई के डीएम।
  2. एम. अरुन्मोली — उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण से एटा की डीएम।
  3. अनुज मलिक — CEO, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण से संतकबीर नगर की डीएम।
  4. शशांक चौधरी — ACEO, इन्वेस्ट यूपी से अमेठी के डीएम।
  5. दिव्यांशु पटेल — नगर आयुक्त, मुरादाबाद नगर निगम से बागपत के डीएम।
  6. प्रभास कुमार — विशेष सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग से महोबा के डीएम।
  7. सत्य प्रकाश पटेल — विशेष सचिव, नगर विकास विभाग से हाथरस के डीएम।
  8. अशोक कुमार — विशेष सचिव, सिंचाई विभाग से हमीरपुर के डीएम।
  9. उमेश प्रताप सिंह — विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से बिजनौर के डीएम।

दिव्यांशु पटेल को पहली बार मिली जिले की कमान

इस तबादला सूची में दिव्यांशु पटेल की पोस्टिंग खास मानी जा रही है। वह अभी मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त थे। सरकार ने उन्हें पहली बार जिले की कमान देते हुए बागपत का जिलाधिकारी बनाया है। बागपत की डीएम अस्मिता लाल को हटाकर विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

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मुरादाबाद डीएम राजेंद्र पैंसिया की भी बदली तैनाती

मुरादाबाद के डीएम राजेंद्र पैंसिया को भी हटाया गया है। उन्हें विशेष सचिव, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह हरदोई के डीएम अनुनय झा को मुरादाबाद का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।

जसजीत कौर बनीं यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की MD

बिजनौर की डीएम जसजीत कौर को हटाकर उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वह 2012 बैच की यूपी कैडर की IAS अधिकारी हैं। वह शामली और सुल्तानपुर की डीएम रह चुकी हैं। इसके अलावा मेरठ में अपर आयुक्त के पद पर भी काम कर चुकी हैं।

ज्ञानेंद्र सिंह को बलिया की जिम्मेदारी

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पीलीभीत के डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को अब बलिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वह पीलीभीत में अपने कार्यकाल के दौरान ईंधन बचत की मुहिम को लेकर चर्चा में रहे थे। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव के दौरान ईंधन बचाने की अपील के बीच उन्होंने भी पहल की थी। उन्होंने अपनी सुरक्षा में लगा एस्कॉर्ट वाहन हटवा दिया था। इसके अलावा ऑफिसर्स कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों को कलेक्ट्रेट तक पैदल आने के निर्देश दिए थे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से ईंधन बचाने की अपील के बाद उठाया गया था।

इन जिलों में बदले गए जिलाधिकारी

जिलानए जिलाधिकारी
मुरादाबादअनुनय झा
हरदोईराहुल पांडेय
कुशीनगरसंजय चौहान
कानपुर नगरमहेंद्र सिंह तंवर
पीलीभीतआलोक कुमार
बलियाज्ञानेंद्र सिंह
एटाएम. अरुन्मोली
संतकबीर नगरअनुज मलिक
अमेठीशशांक चौधरी
बागपतदिव्यांशु पटेल
महोबाप्रभास कुमार
हाथरससत्य प्रकाश पटेल
हमीरपुरअशोक कुमार
बिजनौरउमेश प्रताप सिंह

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UP Police में 912 युवाओं को नियुक्ति, योगी बोले- पहले बिना आवेदन के भी मिल जाती थी नौकरी; अगले 6 महीने में 1 लाख नियुक्तियां देंगे

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लखनऊ: लोकभवन में रविवार को उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता दी गई है। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत पुलिस और शासन के अधिकारी मौजूद रहे।

इन नियुक्तियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत पूरी की गई।

योगी बोले- पहले भर्ती में भाई-भतीजावाद के आरोप लगते थे

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय कई भर्तियों में भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं। योगी ने कहा कि कुछ मामलों में ऐसे लोगों को भी नियुक्ति मिल जाती थी, जिन्होंने भर्ती के लिए आवेदन तक नहीं किया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्तियों में इंटरव्यू व्यवस्था खत्म की और चयन प्रक्रिया को बदलने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पद और मानवबल वही हैं, लेकिन काम करने के तरीके में बदलाव आया है।

कानून-व्यवस्था पर बोले- अब अपराधी परिणाम के बारे में सोचता है

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योगी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कई जगह दंगे और लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति रहती थी। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदली है और यूपी पुलिस के कामकाज के मॉडल की दूसरे राज्यों में भी चर्चा होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले माफिया का प्रभाव इतना था कि उनके काफिले के गुजरने के दौरान न्यायिक अधिकारियों तक के काफिले रोके जाते थे। उन्होंने कहा कि आज अपराध करने वाले को कार्रवाई के परिणाम का अंदाजा रहता है।

महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि छेड़खानी जैसी घटनाओं में शामिल होने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने संबोधन में अपराध करने वाले व्यक्ति के लिए ‘डेथ सेंटेंस पर खुद साइन करने’ वाली टिप्पणी भी की।

महाकुंभ का उदाहरण देकर व्यवस्था में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में करीब 66 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे और व्यवस्था को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही। यह आंकड़ा 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के आधिकारिक आंकड़ों से भी मेल खाता है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में दंगों और कर्फ्यू की स्थिति को लेकर चर्चा होती थी, जबकि अब पुलिस व्यवस्था और बड़े आयोजनों की सुरक्षा को लेकर अलग तरह की चर्चा हो रही है।

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पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता 60 हजार तक पहुंचने का दावा

योगी ने कहा कि प्रदेश में पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता बढ़कर 60 हजार कर्मियों तक हो गई है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 44 हजार से अधिक होने का भी दावा किया। उन्होंने पुलिस की जमीन पर कथित कब्जे का एक प्रसंग भी सुनाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, फोरेंसिक संस्थान के लिए जमीन तलाशने के दौरान तत्कालीन डीजीपी ने बताया था कि पुलिस की जमीन पर माफिया का कब्जा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में FIR दर्ज की गई और संबंधित व्यक्ति ने बाद में आत्मसमर्पण कर दिया। मुख्यमंत्री ने पुलिस बैरकों के निर्माण, पुलिस लाइनों के विस्तार और PAC की क्षमता बढ़ाने का भी उल्लेख किया।

अगले 6 महीने में 1 लाख नियुक्तियों का ऐलान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस-होमगार्ड में करीब 77 हजार भर्तियों की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा UPSSSC और शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से भी हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 9.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।

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Jhansi: परवेज अली हत्याकांड का खुलासा, ड्रग्स की रकम वसूलने के लिए किया था अपहरण, सिपाही समेत 8 गिरफ्तार

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झांसी: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र परवेज अली की मौत के मामले का पुलिस ने वारदात के पांच दिन बाद खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, ड्रग्स तस्करी से जुड़ी रकम की वसूली के लिए परवेज को बुलाकर कार में बैठाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिपाही को निलंबित कर दिया है। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

150 से ज्यादा कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल खंगाली

एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, रविवार रात परवेज नगरा हाट मैदान में घायल हालत में मिला था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शरीर पर चोट के निशान और जांघ पर दांत से काटने का निशान मिला था। घटना की जांच में पुलिस ने चार दिनों तक सुकुवां-ढुकुवां से नगरा हाट तक 150 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले। इसके आधार पर पुलिस ने सात आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल तीन कार और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

सैंपल लेने के बहाने बुलाया, कार में बैठाकर ले गए

पुलिस के अनुसार, परवेज आरोपियों को पहले से जानता था। साहिल मिश्रा ने उसे ड्रग्स के सैंपल लेने के बहाने बुलाया। इसके बाद सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के बाहर से उसे लाल रंग की कार में बैठा लिया गया। दो अन्य कारों में भी आरोपी पीछे-पीछे चल रहे थे। पुलिस का कहना है कि परवेज उस समय नशे में था। रास्ते में उसे शक हुआ तो उसने कार में विरोध और शोर करना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसे काबू करने के लिए मारपीट की।तबीयत बिगड़ने पर आरोपी उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर भाग गए।

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पूछताछ में सामने आया सिपाही का नाम

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। आशीष मूल रूप से बांदा के तिंदवारी रोड का रहने वाला बताया गया है। पुलिस का दावा है कि आशीष घटना के समय आरोपियों के साथ मौजूद था और कथित साजिश में शामिल था। गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उसे निलंबित कर दिया है।

साहिल के फोन से 5 हजार रुपए के लेन-देन का सबूत

जांच में पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से डिजिटल सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, साहिल मिश्रा के फोन में परवेज को किए गए 5 हजार रुपए के भुगतान से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। CCTV फुटेज में भी परवेज को साहिल की कार में बैठते देखा गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, प्रयांश सोनी के खिलाफ पहले भी ड्रग्स से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं।

कार में बनाया था ढाई मिनट का वीडियो

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पुलिस की जांच में एक और अहम बात सामने आई है। आरोपियों ने परवेज को कार में ले जाने के दौरान उसका करीब दो से ढाई मिनट का वीडियो बनाया था। पुलिस के मुताबिक, वीडियो बनाए जाने पर परवेज ने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ने और मारपीट की बात सामने आई है। आरोपियों ने बाद में वीडियो मोबाइल से डिलीट कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं और अब डिलीट वीडियो को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियों के लिए यह वीडियो अहम डिजिटल सबूत हो सकता है।

तीन आरोपी अभी फरार

पुलिस ने मामले में सिपाही समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन वांछित आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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UP News: पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ा, अब 9 हजार रुपए; प्रधान-सचिव नहीं हटा सकेंगे

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के आंदोलन के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपए करने का ऐलान किया गया है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को लखनऊ में इसकी जानकारी दी। इस फैसले से प्रदेश के 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को फायदा मिलेगा।

सरकार ने केवल मानदेय बढ़ाने का फैसला नहीं किया है, बल्कि पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा, भुगतान व्यवस्था और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर भी राहत का ऐलान किया है।

प्रधान या सचिव मनमाने तरीके से नहीं हटा सकेंगे

अब किसी पंचायत सहायक को ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से सेवा से हटाने की प्रक्रिया नहीं कर सकेंगे। सेवा समाप्त करने से पहले जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी जांच करेगी। जांच के बाद ही सेवा समाप्ति पर फैसला लिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य पंचायत सहायकों को स्थानीय स्तर पर मनमाने तरीके से हटाए जाने से सुरक्षा देना है।

मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजने की तैयारी

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अभी पंचायत सहायकों के मानदेय के भुगतान की व्यवस्था राज्य वित्त आयोग से जुड़ी है। सरकार ने अब इसे DBT के जरिए सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था करने की बात कही है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी के बाद व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे भुगतान के लिए ग्राम प्रधान या पंचायत स्तर की मध्यस्थ प्रक्रिया खत्म करने की दिशा में कदम उठेगा।

आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस होंगे

राजभर ने कहा कि आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के दौरान जिन पंचायत सहायकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। आंदोलन के दौरान कार्रवाई के चलते जिन सहायकों को सेवा से हटाया गया है, उनकी बहाली की भी बात कही गई है।

पंचायत सहायकों की 5 प्रमुख मांगें

पंचायत सहायकों की ओर से मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा समेत कई मांगें रखी गई थीं। सरकार के ताजा ऐलान के बाद इनका स्वरूप इस तरह है-

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1. मानदेय बढ़ाने की मांग: पंचायत सहायकों की ओर से मानदेय को 20 से 25 हजार रुपए तक करने की मांग थी। सरकार ने फिलहाल इसे बढ़ाकर 9 हजार रुपए किया है।

2. नियमितीकरण की मांग: संविदा व्यवस्था खत्म कर स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग पर अभी फैसला नहीं हुआ है।

3. सीधे बैंक खाते में भुगतान: सरकार ने DBT के जरिए सीधे खाते में मानदेय भेजने की व्यवस्था की घोषणा की है। इसके लिए कैबिनेट प्रक्रिया पूरी की जानी है।

4. सेवा सुरक्षा: अब सेवा समाप्त करने से पहले जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी से जांच कराने की व्यवस्था की जाएगी।

5. आंदोलन से जुड़े मुकदमे: धरना-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने और कार्रवाई में हटाए गए सहायकों की बहाली का ऐलान किया गया है।

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57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को मिलेगा फायदा

सरकार के मुताबिक प्रदेश में 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक कार्यरत हैं। इनके मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी के बाद अब हर महीने ₹9,000 का मानदेय तय किया गया है। यह मौजूदा ₹6,000 की तुलना में 50% की वृद्धि है।

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योगी कैबिनेट के 23 बड़े फैसले: चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ₹1,008 करोड़ मंजूर; पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, 14,429 स्कूल बनेंगे स्मार्ट

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट बनाने, किसानों को रियायती ब्याज पर कर्ज, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ₹1,008.67 करोड़

कैबिनेट ने 15.172 किलोमीटर लंबे, प्रवेश नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी है। परियोजना का निर्माण EPC मोड पर कराया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत ₹1,008.67 करोड़ है। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड क्षेत्र और चित्रकूट धाम के बीच आवागमन आसान होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

14,429 परिषदीय स्कूल बनेंगे स्मार्ट

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कैबिनेट ने प्रदेश के 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए करीब ₹300 करोड़ का प्रावधान किया गया है और प्रत्येक स्कूल को लगभग ₹2.07 लाख की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

स्मार्ट स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और ICT से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य सरकारी प्राथमिक स्कूलों में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा देना और बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

किसानों को 6% ब्याज पर ₹6 लाख तक का कर्ज

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को ₹6 लाख तक का कर्ज 6% सालाना ब्याज पर दिया जाएगा। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर लंबी अवधि की वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

पूर्व अग्निवीरों को 20% क्षैतिज आरक्षण

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कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) और कारागार विभाग में जेल वार्डर के पदों पर सीधी भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। चार साल की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों को इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा। जिस श्रेणी में अग्निवीर आता है, उसी श्रेणी के तहत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। साथ ही अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुल आरक्षण की सीमा 50% से अधिक नहीं होगी। इससे पहले पुलिस विभाग में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण का फैसला किया जा चुका है।

जेलों की सुरक्षा में पूर्व अग्निवीरों की भूमिका

पूर्व अग्निवीरों की जेल वार्डर के रूप में भर्ती से कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि चार साल की सैन्य सेवा से मिले अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा कौशल का उपयोग संवेदनशील कारागारों में किया जा सकेगा। इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार का एक और रास्ता खुलेगा।

PRD जवानों और परिवार को कैशलेस इलाज

कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है। इससे PRD जवानों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान होने वाले खर्च का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

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यूपी खिलौना उद्योग को नई नीति से बढ़ावा

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश में खिलौना निर्माण से जुड़ा उद्योग विकसित करना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। नई नीति के जरिए खिलौना निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

सरकार का फोकस- इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार तक

कैबिनेट के फैसलों में एक्सप्रेसवे और स्कूलों से लेकर किसान, अग्निवीर, PRD जवान और उद्योग तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से एक तरफ बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। कैबिनेट के 23 फैसलों में न्यायिक व्यवस्था और अन्य विभागों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। इनमें अदालतों के विस्तार समेत कई प्रशासनिक फैसले लिए गए हैं।

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UP में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती, सहायक अध्यापक के 12,405 और प्रवक्ता संवर्ग के 2,607 पद शामिल, 16 सितंबर से आवेदन

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती का रास्ता खुल गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े 15,012 शिक्षक पदों के लिए दो विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें सहायक अध्यापक के 12,405 और प्रवक्ता संवर्ग के 2,607 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के मुताबिक, अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था लागू की गई है। उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले OTR पूरा करना होगा।

12,405 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती

विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी के 897 पद और बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (शहरी) के 11,508 पद हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 तक आवेदन शुल्क जमा कर सकेंगे। आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है।

2,607 प्रवक्ता पदों पर भी मौका

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आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ता संवर्ग के 2,607 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन संख्या 06/2026 जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर 2026 और आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रवक्ता संवर्ग की परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को होगी।

OTR के बिना आवेदन नहीं

आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू की है। यानी उम्मीदवार को पहले अपना स्थायी प्रोफाइल/OTR तैयार करना होगा और इसके बाद संबंधित भर्ती के लिए आवेदन करना होगा। आयोग का OTR पोर्टल भी उम्मीदवारों को एक स्थायी प्रोफाइल बनाकर अलग-अलग परीक्षाओं के लिए उसी ID से आवेदन करने की सुविधा देता है।

आवेदन से पहले पात्रता जरूर जांचें

आयोग ने अभ्यर्थियों से कहा है कि आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और सूचना पुस्तिका ध्यान से पढ़ लें। शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करने के बाद ही आवेदन करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापित पदों की अर्हता और पात्रता के संबंध में अलग से व्यक्तिगत परामर्श नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी आवेदन और भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए UPESSC की वेबसाइट जरूर देखें।

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नोट: अंतिम पात्रता, विषयवार पद, आरक्षण और अन्य शर्तों के लिए आयोग के मूल विज्ञापन को ही मान्य माना जाए।

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