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Raipur News: RTO ऑफिस के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, 6 सेवाओं के लिए मिली छूट

Raipur News:आम नागरिक को कई बार छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाना बोझ लगने लगता है। ऐसे मे सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिसमें आम जनता का सरकारी कार्यालयों से वास्ता कम पड़े। अब परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराने, ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड ख़राब हो जाने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म कर दी है। तकनीकी रूप से समाधान निकालते हुए ऐसे सभी आवेदन जो आधार प्रमाणीकरण के साथ आवेदन कर रहे हैं, उन आवेदनों का सॉफ़्टवेयर के द्वारा स्वतः ही ऑटो अप्रूवल हो जायेगा। जिससे आरटीओ स्टाफ का वेरिफिकेशन और आरटीओ की अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होगी। ऑटो अप्रूवल होते ही आवेदक के मोबाइल में एसएमएस आ जाएगा और अगले दिन ड्राइविंग लाइसेंस को स्पीड पोस्ट से आवेदक के दिए गए पते पर भेज दिया जाएगा।
परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने राज्य में विभिन्न तरह के वाहनों पर ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराने, ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड खराब हो जाने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन विभाग के नये फॉर्मेट में QR कोड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए नवीन तकनीकी का उपयोग करते हुए आम जनता को सुविधा मुहैया कराने की पहल की गई है, जिसका लाभ लेकर ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित 6 सेवाओं के लिए आरटीओ कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म हो गई हैं। आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आम जनता घर बैठे या परिवहन सुविधा केंद्र के माध्यम से इन 6 सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने बताया कि परिवहन सुविधा केंद्रों के माध्यम से जनता को दी जा रही सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। बिना कार्यालय आये इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा। वर्तमान में इन सुविधाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सारे दस्तावेज अपलोड करना पड़ता था और ऑनलाइन फ़ीस का भुगतान कर आरटीओ कार्यालय में आना पड़ता था, कार्यालय में स्टाफ के द्वारा समस्त दस्तावेज का वेरिफिकेशन किया जाता था उसके बाद ही आरटीओ के द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस को अप्रूव किया जाता था।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि पूर्व में आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा भी आवेदकों को प्रदान की गई थी, जिसके तहत आवेदन को आधार के माध्यम से प्रमाणीकरण कराया जाता है, तो आरटीओ कार्यालय आने की अनिवार्यता नहीं थी। परंतु ऐसे आधार प्रमाणित प्रकरण में भी आरटीओ स्टाफ के द्वारा वेरिफिकेशन और आरटीओ के द्वारा अप्रूवल किया जाता था। इस प्रक्रिया में शासन की मंशा थी कि लोगों को घर पहुंच सुविधा मिले, परंतु डेटा एनालिसिस करने में यह पता चला कि आधार ऑथेंटिकेशन करने के बाद भी, आरटीओ कार्यालय में पूर्ण रूप से आधार ऑथेंटिकेटेड आवेदनों को वेरिफिकेशन के नाम से रोक दिया जाता था और तब तक अप्रूवल नहीं किया जाता था जब तक आवेदक के द्वारा कार्यालय में संपर्क नहीं किया जाता है। इन समस्यों का तकनीकी रूप से समाधान निकालते हुए ऐसे सभी आवेदन जो आधार प्रमाणीकरण के साथ आवेदन कर रहे हैं, उन आवेदनों का सॉफ्टवेयर के द्वारा स्वतः ही ऑटो अप्रूवल हो जायेगा, जिससे आरटीओ स्टाफ का वेरिफिकेशन और आरटीओ के अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होगी।
परिवहन आयुक्त काबरा ने बताया कि ऑटो अप्रूवल के कार्य में कोई भी मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा और यह आवेदन करते ही तत्काल अप्रूव हो जाएगा। ऑटो अप्रूवल होते ही आवेदक के मोबाइल में एसएमएस आ जाएगा और अगले दिन ड्राइविंग लाइसेंस को स्पीड पोस्ट से आवेदक के दिये गये पते में स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया जाएगा। आवेदक को एसएमएस और वाट्सऐप के माध्यम से सूचना दी जाएगी। सूचना में ड्राइविंग लाइसेंस और स्पीड पोस्ट के ट्रैकिंग आईडी संबंधित विवरण होंगे, जिससे कि आवेदक पोस्ट ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस पहुंचने की स्थिति पता कर सकेगा।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि आधार एथेंटेकेशन के द्वारा आवेदन कर ऑटो अप्रूवल की सुविधा का लाभ उठाने के लिये आवेदक के पास आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। आधार की जानकारी को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक करने के लिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा जो आवेदक स्वयं ओटीपी के माध्यम से कर सकता है या किसी भी निकट परिवहन सुविधा केंद्र में जाकर बायोमेट्रिक देकर भी कर सकता है। आधार ऑथेंटिकेशन के तहत आवेदन करने से आवेदक को दस्तावेज अपलोड करने की भी आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि आधार से समस्त जानकारी प्राप्त हो जाएगी।
यदि आवेदक का उम्र 40 वर्ष से अधिक है, तो ऐसे प्रकरण में आवेदक को परिवहन विभाग में पंजीकृत एमबीबीएस डॉक्टर से फॉर्म 1A में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की पूर्ण प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। इसमें डॉक्टर के द्वारा परिवहन विभाग के पोर्टल में सीधे एंट्री कर दी जाती है और किसी फिजिकल पेपर की आवश्यकता नहीं होती है।
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Raipur: ‘सरकारी वाहन चरणबद्ध तरीके से होंगे EV में तब्दील’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान

Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर बड़ा संदेश दिया है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना हर नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।
‘ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रनिर्माण में योगदान’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बचत की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है।
सरकारी कारकेड में कम होंगे वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उनके आधिकारिक दौरों में केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी सरकारी वाहनों और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील की गई है।
सरकारी वाहन बनेंगे इलेक्ट्रिक
राज्य सरकार ने सरकारी परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी है। सीएम साय ने कहा कि शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदला जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
जनता से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक निजी वाहनों के इस्तेमाल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर बड़े सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से जुड़ें लोग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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Raipur: छत्तीसगढ़ SI और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 12 जुलाई को, 63 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल

Raipur:छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। यह परीक्षा 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए राज्य के 33 जिलों से कुल 1 लाख 37 हजार 323 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण के बाद 63 हजार 342 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया है।
33 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्र
प्रारंभिक परीक्षा के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव और कोरबा समेत अन्य जिले शामिल हैं।
परीक्षा से 15 दिन पहले जारी होंगे एडमिट कार्ड
CGPSC के मुताबिक परीक्षा के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से 15 दिन पहले जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उम्मीदवार को अलग से SMS या डाक के जरिए प्रवेश पत्र नहीं भेजे जाएंगे।
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Chhattisgarh: दुर्ग में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, सरकार देगी 5-5 लाख की सहायता

Durg: दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र स्थित खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे में होमदास वैष्णव (40), लक्ष्मी वैष्णव (18), चांदनी वैष्णव (17) और 2 साल की मासूम गोपिका वैष्णव की मौके पर ही जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गजेंद्र यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने मौके का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से चर्चा कर पूरी घटना की जानकारी ली।
प्रत्येक मृतक के परिजनों को 9-9 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत 4-4 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। घटनास्थल पर कई जनप्रतिनिधि समेत जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
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Raipur: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ के पदनाम बदले, ‘नर्सिंग सिस्टर’ अब कहलाएंगी ‘सीनियर नर्सिंग ऑफिसर’

Raipur: अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग संवर्ग के पदनाम में बड़ा बदलाव किया है।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” कहा जाएगा।
रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में हुई घोषणा
यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
‘नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़’
स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होती हैं और मरीजों की देखभाल में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ दिन-रात समर्पण और सेवा भाव से मरीजों की सेवा करता है। कोविड काल में नर्सों की भूमिका को याद करते हुए मंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ ने अद्भुत सेवा भावना दिखाई थी।
‘नर्स का दर्जा मां के समान’
मंत्री जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा सेवा में नर्स मां के समान होती है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं। उन्होंने नर्सिंग पेशे को मानवीय संवेदनाओं और सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और लंबे समय से लंबित व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है।
नर्सिंग अधिकारियों का किया सम्मान
कार्यक्रम में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित कई नर्सिंग अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
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Chhattisgarh: सीएम साय ने हटकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित महादेव घाट के हटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महादेव घाट स्थित मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर मीनल चौबे और जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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